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“सालों तक परिवारवाद का विरोध, लेकिन जाते-जाते वही परिवारवाद हावी… क्या यह राजनीति का दोहरा चेहरा है?” देश और प्रदेश की राजनीति में अक्सर परिवारवाद को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। कई नेता खुद को परिवारवाद के खिलाफ लड़ने वाला बताते हैं। लेकिन सवाल तब खड़ा हो जाता है जब वही नेता अपने कार्यकाल के आख़िरी समय में अपने परिवार के लोगों को आगे बढ़ाने लगते हैं। राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा तेज़ है कि जो नेता वर्षों से परिवारवाद के खिलाफ आवाज़ उठाते रहे, वही अब जाते-जाते परिवारवाद की छाप छोड़कर जा रहे हैं। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या परिवारवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ़ भाषणों तक ही सीमित थी। विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतंत्र में योग्यता और कार्य के आधार पर अवसर मिलना चाहिए, लेकिन जब राजनीति में परिवारवाद हावी होता है तो कार्यकर्ताओं और युवाओं के लिए आगे बढ़ने के रास्ते सीमित हो जाते हैं। अब देखना यह होगा कि जनता इस मुद्दे को किस नज़र से देखती है और आने वाले समय में इसका राजनीति पर क्या असर पड़ता है। 📱 सोशल मीडिया कैप्शन

2 hrs ago
user_Vandebharat news bihar sarif nalanda
Vandebharat news bihar sarif nalanda
Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
2 hrs ago

“सालों तक परिवारवाद का विरोध, लेकिन जाते-जाते वही परिवारवाद हावी… क्या यह राजनीति का दोहरा चेहरा है?” देश और प्रदेश की राजनीति में अक्सर परिवारवाद को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। कई नेता खुद को परिवारवाद के खिलाफ लड़ने वाला बताते हैं। लेकिन सवाल तब खड़ा हो जाता है जब वही नेता अपने कार्यकाल के आख़िरी समय में अपने परिवार के लोगों को आगे बढ़ाने लगते हैं। राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा तेज़ है कि जो नेता वर्षों से परिवारवाद के खिलाफ आवाज़ उठाते रहे, वही अब जाते-जाते परिवारवाद की छाप छोड़कर जा रहे हैं। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या परिवारवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ़ भाषणों तक ही सीमित थी। विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतंत्र में योग्यता और कार्य के आधार पर अवसर मिलना चाहिए, लेकिन जब राजनीति में परिवारवाद हावी होता है तो कार्यकर्ताओं और युवाओं के लिए आगे बढ़ने के रास्ते सीमित हो जाते हैं। अब देखना यह होगा कि जनता इस मुद्दे को किस नज़र से देखती है और आने वाले समय में इसका राजनीति पर क्या असर पड़ता है। 📱 सोशल मीडिया कैप्शन

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  • midiya ko ye sab video ka aprubal nahi deni chahiye ye galat hai aaise logo ko arrest karna chahiye ish se public pe kya asar padega
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    midiya ko ye sab video ka aprubal nahi deni chahiye ye galat hai aaise logo ko arrest karna chahiye ish se public pe kya asar padega
    user_Aarav raj
    Aarav raj
    Interior designer बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    59 min ago
  • मोरा तालाब से औंगारी धाम तक छठ घाटों पर लाखों श्रद्धालु, डूबते सूर्य को अर्घ्य, खुशहाली और विकास के लिए विधायक ने भगवान सूर्य से की प्रार्थना, एंकर, चैती छठ पूजा को लेकर नालंदा जिले के विभिन्न छठ घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पहले अर्घ्य के मौके पर छठव्रतियों की भारी भीड़ देखने को मिली। नालंदा जिला के रहुई प्रखंड अंतर्गत मोरा तालाब, बाबा मणिराम अखाड़ा, सोहसराय सूर्य मंदिर तालाब, औंगारी धाम और बड़गांव छठ घाट समेत कई घाटों पर पहले अर्घ्य को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। छठव्रतियों ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। व्रती पूजा कुमारी, सरिता देवी, जुली कुमारी, जयंती देवी, अंशु सिंह और दिव्या देवी ने बताया कि छठ पूजा आस्था का महापर्व है और इस पर्व को लेकर सभी व्रती पूरी श्रद्धा के साथ पूजा कर रहे हैं। छठ घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पानी की गहराई को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग की गई थी। वहीं किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों की तैनाती भी की गई थी, ताकि छठव्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा छठ घाटों पर व्रती माताओं के लिए कपड़ा चेंजिंग रूम और मेडिकल की भी व्यवस्था की गई थी। इस दौरान राजगीर के जदयू विधायक कौशल किशोर और जदयू प्रवक्ता भवानी सिंह भी मोरा तालाब छठ घाट पहुंचे और डूबते हुए भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया। जेडीयू विधायक कौशल किशोर उन्होंने कहा कि छठ पर्व हिंदू धर्म का सबसे महान और पवित्र त्योहार है, जो साल में दो बार कार्तिक और चैत माह में मनाया जाता है। चैती छठ का अपना विशेष महत्व है। उन्होंने भगवान सूर्य से बिहार की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए प्रदेश के विकास की प्रार्थना की। छठ घाटों पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला और पूरा माहौल छठ मइया के गीतों से भक्तिमय बना रहा
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    मोरा तालाब से औंगारी धाम तक छठ घाटों पर लाखों श्रद्धालु, डूबते सूर्य को अर्घ्य, खुशहाली और विकास के लिए विधायक ने भगवान सूर्य से की प्रार्थना,
एंकर, चैती छठ पूजा को लेकर नालंदा जिले के विभिन्न छठ घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पहले अर्घ्य के मौके पर छठव्रतियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
नालंदा जिला के रहुई प्रखंड अंतर्गत मोरा तालाब, बाबा मणिराम अखाड़ा, सोहसराय सूर्य मंदिर तालाब, औंगारी धाम और बड़गांव छठ घाट समेत कई घाटों पर पहले अर्घ्य को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 
छठव्रतियों ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
व्रती पूजा कुमारी, सरिता देवी, जुली कुमारी, जयंती देवी, अंशु सिंह और दिव्या देवी ने बताया कि छठ पूजा आस्था का महापर्व है और इस पर्व को लेकर सभी व्रती पूरी श्रद्धा के साथ पूजा कर रहे हैं।
छठ घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पानी की गहराई को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग की गई थी। वहीं किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों की तैनाती भी की गई थी, ताकि छठव्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अलावा छठ घाटों पर व्रती माताओं के लिए कपड़ा चेंजिंग रूम और मेडिकल की भी व्यवस्था की गई थी।
इस दौरान राजगीर के जदयू विधायक कौशल किशोर और जदयू प्रवक्ता भवानी सिंह भी मोरा तालाब छठ घाट पहुंचे और डूबते हुए भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया।
जेडीयू विधायक कौशल किशोर
उन्होंने कहा कि छठ पर्व हिंदू धर्म का सबसे महान और पवित्र त्योहार है, जो साल में दो बार कार्तिक और चैत माह में मनाया जाता है। चैती छठ का अपना विशेष महत्व है। उन्होंने भगवान सूर्य से बिहार की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए प्रदेश के विकास की प्रार्थना की।
छठ घाटों पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला और पूरा माहौल छठ मइया के गीतों से भक्तिमय बना रहा
    user_National nalanda news
    National nalanda news
    पत्रकार बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    1 hr ago
  • Post by VN News Bihar
    1
    Post by VN News Bihar
    user_VN News Bihar
    VN News Bihar
    Bihar Sharif, Nalanda•
    1 hr ago
  • देश और प्रदेश की राजनीति में अक्सर परिवारवाद को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। कई नेता खुद को परिवारवाद के खिलाफ लड़ने वाला बताते हैं। लेकिन सवाल तब खड़ा हो जाता है जब वही नेता अपने कार्यकाल के आख़िरी समय में अपने परिवार के लोगों को आगे बढ़ाने लगते हैं। राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा तेज़ है कि जो नेता वर्षों से परिवारवाद के खिलाफ आवाज़ उठाते रहे, वही अब जाते-जाते परिवारवाद की छाप छोड़कर जा रहे हैं। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या परिवारवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ़ भाषणों तक ही सीमित थी। विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतंत्र में योग्यता और कार्य के आधार पर अवसर मिलना चाहिए, लेकिन जब राजनीति में परिवारवाद हावी होता है तो कार्यकर्ताओं और युवाओं के लिए आगे बढ़ने के रास्ते सीमित हो जाते हैं। अब देखना यह होगा कि जनता इस मुद्दे को किस नज़र से देखती है और आने वाले समय में इसका राजनीति पर क्या असर पड़ता है। 📱 सोशल मीडिया कैप्शन
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    देश और प्रदेश की राजनीति में अक्सर परिवारवाद को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। कई नेता खुद को परिवारवाद के खिलाफ लड़ने वाला बताते हैं। लेकिन सवाल तब खड़ा हो जाता है जब वही नेता अपने कार्यकाल के आख़िरी समय में अपने परिवार के लोगों को आगे बढ़ाने लगते हैं।
राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा तेज़ है कि जो नेता वर्षों से परिवारवाद के खिलाफ आवाज़ उठाते रहे, वही अब जाते-जाते परिवारवाद की छाप छोड़कर जा रहे हैं। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या परिवारवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ़ भाषणों तक ही सीमित थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोकतंत्र में योग्यता और कार्य के आधार पर अवसर मिलना चाहिए, लेकिन जब राजनीति में परिवारवाद हावी होता है तो कार्यकर्ताओं और युवाओं के लिए आगे बढ़ने के रास्ते सीमित हो जाते हैं।
अब देखना यह होगा कि जनता इस मुद्दे को किस नज़र से देखती है और आने वाले समय में इसका राजनीति पर क्या असर पड़ता है।
📱 सोशल मीडिया कैप्शन
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Vandebharat news bihar sarif nalanda
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    2 hrs ago
  • “जिस परिवारवाद के खिलाफ पूरी ज़िंदगी लड़ाई लड़ते रहे, जाते-जाते उसी पर परिवारवाद का ठप्पा लगाकर जा रहे हैं।”
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    “जिस परिवारवाद के खिलाफ पूरी ज़िंदगी लड़ाई लड़ते रहे, जाते-जाते उसी पर परिवारवाद का ठप्पा लगाकर जा रहे हैं।”
    user_Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
    Local News Reporter बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    2 hrs ago
  • छठी माय के करब बरतिया 🌺🌞🥀🙏
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    छठी माय के करब बरतिया 🌺🌞🥀🙏
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    Consultant Bihar Sharif, Nalanda•
    3 hrs ago
  • बिहार शरीफ के सदानंद कॉलेज के आंतरिक कलह से बच्चों का भविष्य अंधकार में नालंदा
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    बिहार शरीफ के सदानंद कॉलेज के आंतरिक कलह से बच्चों का भविष्य अंधकार में
नालंदा
    user_Hello Nalanda
    Hello Nalanda
    Electronic engineer बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    6 hrs ago
  • उगा हे सूरज देव 🌿🥀🌞🌄🙏
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    उगा हे सूरज देव 🌿🥀🌞🌄🙏
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    Consultant Bihar Sharif, Nalanda•
    3 hrs ago
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