उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में पहली बार एक विशेष पहल के तहत 56 लोकोमोटर दिव्यांग रेल कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी वितरित की गई हैं। झांसी के सीनियर रेल संस्थान में आयोजित एक गरिमामय समारोह में स्टाफ बेनिफिट फंड (SBF) द्वारा इन वाहनों का वितरण किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग कर्मचारियों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके दैनिक आवागमन को अधिक सुरक्षित, सरल और सम्मानजनक बनाना है। लाभार्थी कर्मचारियों ने इस सुविधा के लिए भारतीय रेल और स्टाफ बेनिफिट फंड के प्रति आभार जताया है। समारोह के दौरान झांसी के मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार ने सभी 56 लाभार्थी कर्मचारियों को स्कूटी की चाबियाँ सौंपकर उन्हें बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय रेल अपने कर्मचारियों के कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। दिव्यांग कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी प्रदान करना उनके आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और कार्यक्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए स्कूटी चलाने का आग्रह किया। वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी एवं स्टाफ बेनिफिट फंड के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार शर्मा ने समावेशी कार्य संस्कृति को संस्थान की वास्तविक शक्ति बताया। उन्होंने जानकारी दी कि कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूटियों में ARAI अनुमोदित रेट्रोफिटेड किट लगाई गई है और सभी वाहनों का RTO पंजीकरण व बीमा भी कराया गया है। इसके साथ ही श्री राजेश कुमार शर्मा ने स्टाफ बेनिफिट फंड द्वारा चलाई जा रही अन्य कल्याणकारी योजनाओं जैसे गंगटोक भ्रमण, ग्रुप 'डी' रेस्ट हाउस का पुनर्विकास, चित्रकूट एवं खजुराहो हॉलीडे होम, पेंशनर्स सेवा कक्ष, चिकित्सा सुविधाएं, बीमारी अनुदान और मेधावी बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के समापन पर मंडल कार्मिक अधिकारी श्री जी. पी. मिश्रा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) श्री पी.पी. शर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्री नंदीश शुक्ला, विभिन्न शाखा अधिकारी, मान्यता प्राप्त यूनियनों व एसोसिएशनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी मौजूद रहे।
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में पहली बार एक विशेष पहल के तहत 56 लोकोमोटर दिव्यांग रेल कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी वितरित की गई हैं। झांसी के सीनियर रेल संस्थान में आयोजित एक गरिमामय समारोह में स्टाफ बेनिफिट फंड (SBF) द्वारा इन वाहनों का वितरण किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग कर्मचारियों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके दैनिक आवागमन को अधिक सुरक्षित, सरल और सम्मानजनक बनाना है। लाभार्थी कर्मचारियों ने इस सुविधा के लिए भारतीय रेल और स्टाफ बेनिफिट
फंड के प्रति आभार जताया है। समारोह के दौरान झांसी के मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार ने सभी 56 लाभार्थी कर्मचारियों को स्कूटी की चाबियाँ सौंपकर उन्हें बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय रेल अपने कर्मचारियों के कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। दिव्यांग कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी प्रदान करना उनके आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और कार्यक्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए स्कूटी चलाने का
आग्रह किया। वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी एवं स्टाफ बेनिफिट फंड के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार शर्मा ने समावेशी कार्य संस्कृति को संस्थान की वास्तविक शक्ति बताया। उन्होंने जानकारी दी कि कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूटियों में ARAI अनुमोदित रेट्रोफिटेड किट लगाई गई है और सभी वाहनों का RTO पंजीकरण व बीमा भी कराया गया है। इसके साथ ही श्री राजेश कुमार शर्मा ने स्टाफ बेनिफिट फंड द्वारा चलाई जा रही अन्य कल्याणकारी योजनाओं जैसे गंगटोक भ्रमण, ग्रुप 'डी' रेस्ट
हाउस का पुनर्विकास, चित्रकूट एवं खजुराहो हॉलीडे होम, पेंशनर्स सेवा कक्ष, चिकित्सा सुविधाएं, बीमारी अनुदान और मेधावी बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के समापन पर मंडल कार्मिक अधिकारी श्री जी. पी. मिश्रा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) श्री पी.पी. शर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्री नंदीश शुक्ला, विभिन्न शाखा अधिकारी, मान्यता प्राप्त यूनियनों व एसोसिएशनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी मौजूद रहे।
- झांसी मंडल में पहली बार 56 दिव्यांग रेल कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी प्रदान की गई है। स्टाफ बेनिफिट फंड की इस विशेष पहल से लोकोमोटिव दिव्यांग कर्मचारियों को अब सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। इस पूरे कार्यक्रम से संबंधित एक वीडियो और मंडल रेल प्रबंधक का वक्तव्य (बाइट) भी सामने आया है।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी में सट्टे में रकम हारने के बाद एक सटोरिये ने पुलिस के साथ मिलकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया है। सटोरिये ने सट्टे में अपनी रकम गंवा दी थी, जिसके बाद उसने खुद पुलिस के साथ मिलकर इस डकैती को अंजाम डाला।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी में घर के बाहर का हिस्सा कच्चा होने के कारण वहां बहुत ज्यादा गंदगी फैल रही है। इसके साथ ही घर के बाहर की नाली भी बेकार स्थिति में है, जिससे यहां गंदगी की समस्या और भी अधिक बढ़ गई है।1
- झांसी के कोतवाली थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज लूट की घटना का सफल अनावरण किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरक्षी (पुलिसकर्मियों) सहित कुल छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लूटे गए ₹24,50,000 (चौबीस लाख पचास हजार रुपये) नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार को भी बरामद कर लिया गया है। यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक (कानपुर जोन) श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ और पुलिस महानिरीक्षक (झांसी परिक्षेत्र) श्री आकाश कुलहरि के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (झांसी) श्री बीबीजीटीएस मूर्ति के कुशल निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। इस लूट कांड में कोतवाली थाने पर मु0अ0सं0 192/2026, धारा 310(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दतिया (मध्य प्रदेश) का 26 वर्षीय गौरव यादव, झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र का करीब 20 वर्षीय सूर्याश यादव, प्रेमनगर थाना क्षेत्र का 24 वर्षीय सुखबीर और 24 वर्षीय सूरज सिंह शामिल हैं। इनके अलावा जालौन जनपद की पुलिस लाइन में तैनात दो आरक्षी—ललितपुर निवासी 30 वर्षीय ए०पी० राघवेन्द्र राजपूत और 29 वर्षीय ए०पी० मनोज को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी अभियुक्तों को 24 घंटे के अंदर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। फिलहाल, सभी गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।4
- उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में पहली बार एक विशेष पहल के तहत 56 लोकोमोटर दिव्यांग रेल कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी वितरित की गई हैं। झांसी के सीनियर रेल संस्थान में आयोजित एक गरिमामय समारोह में स्टाफ बेनिफिट फंड (SBF) द्वारा इन वाहनों का वितरण किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग कर्मचारियों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके दैनिक आवागमन को अधिक सुरक्षित, सरल और सम्मानजनक बनाना है। लाभार्थी कर्मचारियों ने इस सुविधा के लिए भारतीय रेल और स्टाफ बेनिफिट फंड के प्रति आभार जताया है। समारोह के दौरान झांसी के मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार ने सभी 56 लाभार्थी कर्मचारियों को स्कूटी की चाबियाँ सौंपकर उन्हें बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय रेल अपने कर्मचारियों के कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। दिव्यांग कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी प्रदान करना उनके आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और कार्यक्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए स्कूटी चलाने का आग्रह किया। वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी एवं स्टाफ बेनिफिट फंड के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार शर्मा ने समावेशी कार्य संस्कृति को संस्थान की वास्तविक शक्ति बताया। उन्होंने जानकारी दी कि कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूटियों में ARAI अनुमोदित रेट्रोफिटेड किट लगाई गई है और सभी वाहनों का RTO पंजीकरण व बीमा भी कराया गया है। इसके साथ ही श्री राजेश कुमार शर्मा ने स्टाफ बेनिफिट फंड द्वारा चलाई जा रही अन्य कल्याणकारी योजनाओं जैसे गंगटोक भ्रमण, ग्रुप 'डी' रेस्ट हाउस का पुनर्विकास, चित्रकूट एवं खजुराहो हॉलीडे होम, पेंशनर्स सेवा कक्ष, चिकित्सा सुविधाएं, बीमारी अनुदान और मेधावी बच्चों के लिए छात्रवृत्ति की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के समापन पर मंडल कार्मिक अधिकारी श्री जी. पी. मिश्रा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) श्री पी.पी. शर्मा, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्री नंदीश शुक्ला, विभिन्न शाखा अधिकारी, मान्यता प्राप्त यूनियनों व एसोसिएशनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी मौजूद रहे।4
- पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की आंखों से आंसू छलक पड़े, जिसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें संभाला। इस दौरान प्रमेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।1
- उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में पहली बार स्टाफ बेनिफिट फंड (SBF) की पहल पर 56 लोकोमोटर दिव्यांग रेल कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी वितरित की गई है। सीनियर रेल संस्थान, झांसी में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान इन कर्मचारियों को स्कूटी दी गई, जिसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांग कर्मचारियों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके दैनिक आवागमन को अधिक सुरक्षित, सरल एवं सम्मानजनक बनाना है। इस अवसर पर झांसी के मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि भारतीय रेल अपने कर्मचारियों के कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने दिव्यांग कर्मचारियों को थ्री-व्हीलर स्कूटी उपलब्ध कराने को उनके आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और कार्यक्षमता को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने सभी लाभार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने की सलाह देते हुए खुद अपने हाथों से सभी 56 दिव्यांग रेल कर्मचारियों को स्कूटी की चाबियां सौंपीं और उन्हें शुभकामनाएं दीं।4
- झांसी की कोतवाली थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर 24.90 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में दो सिपाहियों सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1