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भाजपा के कद्दावर ब्राह्मण चेहरे अखिलेश पाठक ने थामा सपा का दामन, लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन के साथ ली सदस्यता शाहाबाद सीट से चुनाव लड़ चुके पाठक का बड़ा सियासी दांव टिकट न मिलने की नाराजगी बनी दल बदल की वजह Akhilesh Yadav की मौजूदगी में शामिल, चांदी का मुकुट पहनाकर किया सम्मान शाहाबाद या सवायजपुर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज जिला संवाददाता अवधेश कुमार हरदोई हरदोई। जिले की राजनीति में एक बड़ा और असरदार घटनाक्रम सामने आया है, जिसने स्थानीय सियासी समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। भाजपा के पूर्व नेता और ब्राह्मण समाज में मजबूत पकड़ रखने वाले Akhilesh Pathak ने समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक राजनीतिक वजन दे दिया। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान अखिलेश पाठक ने अखिलेश यादव को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया। यह दृश्य न केवल प्रतीकात्मक रूप से सम्मान का परिचायक था, बल्कि इसे सपा द्वारा पाठक को दिए जा रहे महत्व के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर चर्चा है कि आने वाले समय में उन्हें संगठन या चुनावी राजनीति में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अखिलेश पाठक का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वर्ष 2012 में उन्होंने शाहाबाद (155) विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। भले ही उस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई और ब्राह्मण चेहरे के रूप में उभरे। इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए जिला उपाध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। हालांकि, वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से उनकी नाराजगी लगातार बढ़ती गई। खासतौर पर 2022 में उन्होंने बागी तेवर अपनाते हुए चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। अब सपा में शामिल होकर उन्होंने अपने राजनीतिक करियर को नई दिशा देने का प्रयास किया है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश पाठक आगामी विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर शाहाबाद (155) सीट से दावेदारी पेश कर सकते हैं। इसके अलावा सवायजपुर विधानसभा सीट से भी उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं। यदि ऐसा होता है तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है और जिले की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाठक का सपा में शामिल होना पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, खासकर ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिहाज से। सपा लंबे समय से सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश में जुटी है, और ऐसे में अखिलेश पाठक जैसे चेहरे का शामिल होना पार्टी को मजबूती दे सकता है। वहीं, भाजपा के लिए इसे एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि पाठक संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और क्षेत्र में उनका अपना जनाधार भी है। उनके सपा में जाने से स्थानीय स्तर पर भाजपा की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल, अखिलेश पाठक के इस फैसले ने हरदोई जिले के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में उनकी भूमिका, टिकट की स्थिति और चुनावी रणनीति को लेकर और भी तस्वीर साफ होगी। लेकिन इतना तय है कि इस एक कदम ने जिले की राजनीति में नए समीकरणों की नींव रख दी है और सभी दल अब अपनी-अपनी रणनीतियों को नए सिरे से तैयार करने में जुट गए

3 hrs ago
user_Journalist,Abdheshkumar
Journalist,Abdheshkumar
Graphic designer Shahabad, Hardoi•
3 hrs ago

भाजपा के कद्दावर ब्राह्मण चेहरे अखिलेश पाठक ने थामा सपा का दामन, लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन के साथ ली सदस्यता शाहाबाद सीट से चुनाव लड़ चुके पाठक का बड़ा सियासी दांव टिकट न मिलने की नाराजगी बनी दल बदल की वजह Akhilesh Yadav की मौजूदगी में शामिल, चांदी का मुकुट पहनाकर किया सम्मान शाहाबाद या सवायजपुर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज जिला संवाददाता अवधेश कुमार हरदोई हरदोई। जिले की राजनीति में एक बड़ा और असरदार घटनाक्रम सामने आया है, जिसने स्थानीय सियासी समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। भाजपा के पूर्व नेता और ब्राह्मण समाज में मजबूत पकड़ रखने वाले Akhilesh Pathak ने समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक राजनीतिक वजन दे दिया। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान अखिलेश पाठक ने अखिलेश यादव को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया। यह दृश्य न केवल प्रतीकात्मक रूप से सम्मान का परिचायक था, बल्कि इसे सपा द्वारा पाठक को दिए जा रहे महत्व के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर चर्चा है कि आने वाले समय में उन्हें संगठन या चुनावी राजनीति में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अखिलेश पाठक का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वर्ष 2012 में उन्होंने शाहाबाद (155) विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। भले ही उस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई और ब्राह्मण चेहरे के रूप में उभरे। इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए जिला उपाध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। हालांकि, वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से उनकी

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नाराजगी लगातार बढ़ती गई। खासतौर पर 2022 में उन्होंने बागी तेवर अपनाते हुए चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। अब सपा में शामिल होकर उन्होंने अपने राजनीतिक करियर को नई दिशा देने का प्रयास किया है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश पाठक आगामी विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर शाहाबाद (155) सीट से दावेदारी पेश कर सकते हैं। इसके अलावा सवायजपुर विधानसभा सीट से भी उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं। यदि ऐसा होता है तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है और जिले की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाठक का सपा में शामिल होना पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, खासकर ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिहाज से। सपा लंबे समय से सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश में जुटी है, और ऐसे में अखिलेश पाठक जैसे चेहरे का शामिल होना पार्टी को मजबूती दे सकता है। वहीं, भाजपा के लिए इसे एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि पाठक संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और क्षेत्र में उनका अपना जनाधार भी है। उनके सपा में जाने से स्थानीय स्तर पर भाजपा की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल, अखिलेश पाठक के इस फैसले ने हरदोई जिले के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में उनकी भूमिका, टिकट की स्थिति और चुनावी रणनीति को लेकर और भी तस्वीर साफ होगी। लेकिन इतना तय है कि इस एक कदम ने जिले की राजनीति में नए समीकरणों की नींव रख दी है और सभी दल अब अपनी-अपनी रणनीतियों को नए सिरे से तैयार करने में जुट गए

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  • *थाना कोतवाली शहर से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल खबर के संबंध में अवगत कराना है कि रविकांत मिश्रा पुत्र अम्बिका प्रसाद मिश्रा निवासी पचकोहरों पुरवा थाना कोतवाली देहात जनपद हरदोई द्वारा थाना कोतवाली शहर पर अपने साथ ठगी करने के संबंध में 06 व्यक्तियों के विरूद्ध प्रार्थना पत्र दिया गया था । इस संबंध में थाना कोतवाली शहर पर सुंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया तथा गुण-दोष व वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर विवेचनात्मक की कार्यवाही की गयी। इस अभियोग में विवेचक द्वारा समुचित धाराओं में आरोप-पत्र किता कर सम्पूर्ण केस डायरी को मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, रविकांत उपरोक्त द्वारा पुलिस पर कार्यवाही न करने के संबंध में लगाये गये आरोप निराधार व असत्य पाये गये है । उक्त प्रकरण के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री अंकित मिश्रा की बाइट*
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    user_रवि प्रकाश शुक्ला
    रवि प्रकाश शुक्ला
    Shahabad, Hardoi•
    28 min ago
  • दर्दनाक हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से दंपति की मौत, 3 माह की मासूम शवों के पास रोती मिली 😢
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    दर्दनाक हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से दंपति की मौत, 3 माह की मासूम शवों के पास रोती मिली 😢
    user_Om Bajpai
    Om Bajpai
    Newspaper publisher शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • शाहाबाद सीट से चुनाव लड़ चुके पाठक का बड़ा सियासी दांव टिकट न मिलने की नाराजगी बनी दल बदल की वजह Akhilesh Yadav की मौजूदगी में शामिल, चांदी का मुकुट पहनाकर किया सम्मान शाहाबाद या सवायजपुर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज जिला संवाददाता अवधेश कुमार हरदोई हरदोई। जिले की राजनीति में एक बड़ा और असरदार घटनाक्रम सामने आया है, जिसने स्थानीय सियासी समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। भाजपा के पूर्व नेता और ब्राह्मण समाज में मजबूत पकड़ रखने वाले Akhilesh Pathak ने समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक राजनीतिक वजन दे दिया। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान अखिलेश पाठक ने अखिलेश यादव को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया। यह दृश्य न केवल प्रतीकात्मक रूप से सम्मान का परिचायक था, बल्कि इसे सपा द्वारा पाठक को दिए जा रहे महत्व के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर चर्चा है कि आने वाले समय में उन्हें संगठन या चुनावी राजनीति में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अखिलेश पाठक का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वर्ष 2012 में उन्होंने शाहाबाद (155) विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। भले ही उस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई और ब्राह्मण चेहरे के रूप में उभरे। इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए जिला उपाध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। हालांकि, वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से उनकी नाराजगी लगातार बढ़ती गई। खासतौर पर 2022 में उन्होंने बागी तेवर अपनाते हुए चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। अब सपा में शामिल होकर उन्होंने अपने राजनीतिक करियर को नई दिशा देने का प्रयास किया है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश पाठक आगामी विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर शाहाबाद (155) सीट से दावेदारी पेश कर सकते हैं। इसके अलावा सवायजपुर विधानसभा सीट से भी उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं। यदि ऐसा होता है तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है और जिले की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाठक का सपा में शामिल होना पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, खासकर ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिहाज से। सपा लंबे समय से सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश में जुटी है, और ऐसे में अखिलेश पाठक जैसे चेहरे का शामिल होना पार्टी को मजबूती दे सकता है। वहीं, भाजपा के लिए इसे एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि पाठक संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और क्षेत्र में उनका अपना जनाधार भी है। उनके सपा में जाने से स्थानीय स्तर पर भाजपा की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल, अखिलेश पाठक के इस फैसले ने हरदोई जिले के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में उनकी भूमिका, टिकट की स्थिति और चुनावी रणनीति को लेकर और भी तस्वीर साफ होगी। लेकिन इतना तय है कि इस एक कदम ने जिले की राजनीति में नए समीकरणों की नींव रख दी है और सभी दल अब अपनी-अपनी रणनीतियों को नए सिरे से तैयार करने में जुट गए
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    शाहाबाद सीट से चुनाव लड़ चुके पाठक का बड़ा सियासी दांव
टिकट न मिलने की नाराजगी बनी दल बदल की वजह
Akhilesh Yadav की मौजूदगी में शामिल, चांदी का मुकुट पहनाकर किया सम्मान
शाहाबाद या सवायजपुर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज
जिला संवाददाता अवधेश कुमार हरदोई 
हरदोई। जिले की राजनीति में एक बड़ा और असरदार घटनाक्रम सामने आया है, जिसने स्थानीय सियासी समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। भाजपा के पूर्व नेता और ब्राह्मण समाज में मजबूत पकड़ रखने वाले Akhilesh Pathak ने समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक राजनीतिक वजन दे दिया।
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान अखिलेश पाठक ने अखिलेश यादव को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया। यह दृश्य न केवल प्रतीकात्मक रूप से सम्मान का परिचायक था, बल्कि इसे सपा द्वारा पाठक को दिए जा रहे महत्व के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर चर्चा है कि आने वाले समय में उन्हें संगठन या चुनावी राजनीति में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
अखिलेश पाठक का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वर्ष 2012 में उन्होंने शाहाबाद (155) विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। भले ही उस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई और ब्राह्मण चेहरे के रूप में उभरे। इसके बाद उन्होंने भाजपा संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए जिला उपाध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
हालांकि, वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से उनकी नाराजगी लगातार बढ़ती गई। खासतौर पर 2022 में उन्होंने बागी तेवर अपनाते हुए चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।
अब सपा में शामिल होकर उन्होंने अपने राजनीतिक करियर को नई दिशा देने का प्रयास किया है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश पाठक आगामी विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर शाहाबाद (155) सीट से दावेदारी पेश कर सकते हैं। इसके अलावा सवायजपुर विधानसभा सीट से भी उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं। यदि ऐसा होता है तो यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है और जिले की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाठक का सपा में शामिल होना पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, खासकर ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिहाज से। सपा लंबे समय से सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश में जुटी है, और ऐसे में अखिलेश पाठक जैसे चेहरे का शामिल होना पार्टी को मजबूती दे सकता है।
वहीं, भाजपा के लिए इसे एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि पाठक संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और क्षेत्र में उनका अपना जनाधार भी है। उनके सपा में जाने से स्थानीय स्तर पर भाजपा की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल, अखिलेश पाठक के इस फैसले ने हरदोई जिले के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में उनकी भूमिका, टिकट की स्थिति और चुनावी रणनीति को लेकर और भी तस्वीर साफ होगी। लेकिन इतना तय है कि इस एक कदम ने जिले की राजनीति में नए समीकरणों की नींव रख दी है और सभी दल अब अपनी-अपनी रणनीतियों को नए सिरे से तैयार करने में जुट गए
    user_Journalist,Abdheshkumar
    Journalist,Abdheshkumar
    Graphic designer Shahabad, Hardoi•
    3 hrs ago
  • Post by Harshdeep Mishra
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    Post by Harshdeep Mishra
    user_Harshdeep Mishra
    Harshdeep Mishra
    Advertising agency शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • गोसाईगंज क्षेत्र में दो समुदायों के बीच विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर ब्राह्मण परिवार ने खुद को एससी-एसटी के आतंक से परेशान बताते हुए पलायन की चेतावनी दी है और न्याय की गुहार लगाई है, वहीं दूसरी ओर एससी समाज के लोगों ने पलटवार करते हुए छप्पर जलाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ब्राह्मण परिवार का कहना है कि बीते कुछ समय से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनके साथ मारपीट व उत्पीड़न की घटनाएं हुई हैं। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें गांव छोड़ने को मजबूर होना पड़ेगा। दूसरी तरफ एससी समाज के लोगों का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। उनका आरोप है कि विवाद के दौरान उनके छप्पर में आग लगा दी गई, जिससे उन्हें नुकसान हुआ। उन्होंने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।
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    गोसाईगंज क्षेत्र में दो समुदायों के बीच विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर ब्राह्मण परिवार ने खुद को एससी-एसटी के आतंक से परेशान बताते हुए पलायन की चेतावनी दी है और न्याय की गुहार लगाई है, वहीं दूसरी ओर एससी समाज के लोगों ने पलटवार करते हुए छप्पर जलाने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित ब्राह्मण परिवार का कहना है कि बीते कुछ समय से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनके साथ मारपीट व उत्पीड़न की घटनाएं हुई हैं। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें गांव छोड़ने को मजबूर होना पड़ेगा।
दूसरी तरफ एससी समाज के लोगों का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। उनका आरोप है कि विवाद के दौरान उनके छप्पर में आग लगा दी गई, जिससे उन्हें नुकसान हुआ। उन्होंने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।
    user_विवेक मिश्र
    विवेक मिश्र
    Voice of people शाहजहाँपुर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ब्लॉक कार्यालय सिंधौली में हंगामे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 गिरफ्तार
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    ब्लॉक कार्यालय सिंधौली में हंगामे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 गिरफ्तार
    user_पंकज यादव
    पंकज यादव
    पत्रकार शाहजहाँपुर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सुषमा इंडस्ट्रीज आप को हर प्रकार के पाइप की सुविधा उपलब्ध है
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    सुषमा इंडस्ट्रीज आप को हर प्रकार के पाइप की सुविधा उपलब्ध है
    user_Suchit dixit
    Suchit dixit
    Electrician सवायाजपुर, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पाली में संदिग्ध आग से मकान में भारी नुकसान! पाली थाना क्षेत्र के ग्राम बैराजपुर में एक बड़ा मामला सामने आया है 😮 👉 21 अप्रैल 2026 सुबह करीब 8 बजे मकान में आग लग गई 👉 जानकारी पीड़िता को करीब 12 बजे मिली पीड़िता नारायण देवी (पत्नी स्व. महेंद्र कुमार बाजपेई), निवासी बेनीगंज, पाली ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगाई, जिससे मकान के दरवाजे, खिड़की और छप्पर जलकर नष्ट हो गए 🔥 📄 पीड़िता ने थाना पाली में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है ❗ अब बड़ा सवाल—आखिर आग लगी कैसे? हादसा या साजिश? 📢 ऐसी ही अपडेट के लिए पेज फॉलो करें 🔁 शेयर करें, ताकि सच सामने आ सके #पाली #हरदोई #BreakingNews #FireIncident #UPNews #ViralNews #Justice
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    पाली में संदिग्ध आग से मकान में भारी नुकसान!
पाली थाना क्षेत्र के ग्राम बैराजपुर में एक बड़ा मामला सामने आया है 😮
👉 21 अप्रैल 2026 सुबह करीब 8 बजे मकान में आग लग गई
👉 जानकारी पीड़िता को करीब 12 बजे मिली
पीड़िता नारायण देवी (पत्नी स्व. महेंद्र कुमार बाजपेई), निवासी बेनीगंज, पाली ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगाई, जिससे मकान के दरवाजे, खिड़की और छप्पर जलकर नष्ट हो गए 🔥
📄 पीड़िता ने थाना पाली में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है
❗ अब बड़ा सवाल—आखिर आग लगी कैसे? हादसा या साजिश?
📢 ऐसी ही अपडेट के लिए पेज फॉलो करें
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#पाली #हरदोई #BreakingNews #FireIncident #UPNews #ViralNews #Justice
    user_Om Bajpai
    Om Bajpai
    Newspaper publisher शाहबाद, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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