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फर्रुखाबाद नगरपालिका एक ओर बड़े-बड़े विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। शहर में नगरपालिका द्वारा लगाए गए तथाकथित आरओ वाटर प्लांटों से शुद्ध और फिल्टर्ड पानी की जगह केवल सादा और खारा पानी आ रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के मुताबिक, महावीरगंज और नई बस्ती सहित कई घनी आबादी वाले इलाकों में लगे आरओ वाटर प्लांटों का बुरा हाल है। लोगों का साफ कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनी इन मशीनों से कोई फिल्टरेशन नहीं हो रहा है और ये सिर्फ सादा तथा खारा पानी ही सप्लाई कर रही हैं। यह मशीनें 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए अब 'सफेद हाथी' साबित हो रही हैं। इन मशीनों के कारण प्रतिदिन 100 से 200 राहगीर, मजदूर और स्थानीय लोग प्यास बुझाने में असफल रहते हैं, क्योंकि पानी इतना खराब और खारा है कि उसे पीना बिल्कुल दूभर हो गया है। मजबूरन लोगों को या तो प्यासा रहना पड़ रहा है या पैसे खर्च कर बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है। यह बदहाली सिर्फ एक-दो नहीं, बल्कि शहर की कई जगहों पर है, जो नगरपालिका की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर सीधे गंभीर सवाल खड़े करती है। इस बदहाली के बीच नगरपालिका चेयरमैन का एक बयान खबरों में खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे 'बनिया के बच्चे हैं' और जनता को दिया गया पैसा 'ब्याज सहित वापस लौटाते हैं'। अब जनता चेयरमैन के इसी बयान को लेकर उनके दावों को घेर रही है। महावीरगंज और नई बस्ती सहित अन्य इलाकों के लोगों का साफ कहना है कि अगर आप जनता का कर्ज ब्याज सहित चुका रहे हैं, तो क्या विकास के नाम पर फर्रुखाबाद की जनता को आरओ की जगह यह सादा और खारा पानी ही दिया जा रहा है? जनता इस बात पर भी आक्रोशित है कि विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि आखिर इस बुनियादी समस्या पर आँखें क्यों मूँद कर बैठे हैं। जनता की मांग है कि नगरपालिका जिसे 'विकास की ओर बढ़ता कदम' बता रही है, वह केवल कागजी दावा है। लोगों ने महावीरगंज, नई बस्ती और अन्य सभी जगहों पर लगी इन वाटर मशीनों की तुरंत मरम्मत कराने, बोरिंग की जांच करने और इनके फिल्टर बदलने की मांग की है, ताकि लोगों को इस सादे और खारे पानी से निजात मिले और शुद्ध व ठंडा पेयजल उपलब्ध हो सके। विकास के नाम पर किए गए दावों की खुलती हुई पोल लोगों में आक्रोश का कारण बन रही है।

6 hrs ago
user_अनुराग दुबे
अनुराग दुबे
फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

फर्रुखाबाद नगरपालिका एक ओर बड़े-बड़े विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। शहर में नगरपालिका द्वारा लगाए गए तथाकथित आरओ वाटर प्लांटों से शुद्ध और फिल्टर्ड पानी की जगह केवल सादा और खारा पानी आ रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के मुताबिक, महावीरगंज और नई बस्ती सहित कई घनी आबादी वाले इलाकों में लगे आरओ वाटर प्लांटों का बुरा हाल है। लोगों का साफ कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनी इन मशीनों से कोई फिल्टरेशन नहीं हो रहा है और ये सिर्फ सादा तथा खारा पानी ही सप्लाई कर रही हैं। यह मशीनें 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए अब 'सफेद हाथी' साबित हो रही हैं। इन मशीनों के कारण प्रतिदिन 100 से 200 राहगीर, मजदूर और स्थानीय लोग प्यास बुझाने में असफल रहते हैं, क्योंकि पानी इतना खराब और खारा है कि उसे पीना बिल्कुल दूभर हो गया है। मजबूरन लोगों को या तो प्यासा रहना पड़ रहा है या पैसे खर्च कर बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है। यह बदहाली सिर्फ एक-दो नहीं, बल्कि शहर की कई जगहों पर है, जो नगरपालिका की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर सीधे गंभीर सवाल खड़े करती है। इस बदहाली के बीच नगरपालिका चेयरमैन का एक बयान खबरों में खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे 'बनिया के बच्चे हैं' और जनता को दिया गया पैसा 'ब्याज सहित वापस लौटाते हैं'। अब जनता चेयरमैन के इसी बयान को लेकर उनके दावों को घेर रही है। महावीरगंज और नई बस्ती सहित अन्य इलाकों के लोगों का साफ कहना है कि अगर आप जनता का कर्ज ब्याज सहित चुका रहे हैं, तो क्या विकास के नाम पर फर्रुखाबाद की जनता को आरओ की जगह यह सादा और खारा पानी ही दिया जा रहा है? जनता इस बात पर भी आक्रोशित है कि विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि आखिर इस बुनियादी समस्या पर आँखें क्यों मूँद कर बैठे हैं। जनता की मांग है कि नगरपालिका जिसे 'विकास की ओर बढ़ता कदम' बता रही है, वह केवल कागजी दावा है। लोगों ने महावीरगंज, नई बस्ती और अन्य सभी जगहों पर लगी इन वाटर मशीनों की तुरंत मरम्मत कराने, बोरिंग की जांच करने और इनके फिल्टर बदलने की मांग की है, ताकि लोगों को इस सादे और खारे पानी से निजात मिले और शुद्ध व ठंडा पेयजल उपलब्ध हो सके। विकास के नाम पर किए गए दावों की खुलती हुई पोल लोगों में आक्रोश का कारण बन रही है।

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  • उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में नगरपालिका के विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत जनता के गले नहीं उतर पा रही है। शहर में लगाए गए कथित आरओ (RO) वाटर प्लांट जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन रहे हैं। आरोप है कि इन मशीनों से शुद्ध और फिल्टर्ड पानी के बजाय केवल सादा और खारा पानी ही मिल रहा है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, महावीरगंज और नई बस्ती जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में स्थिति बेहद खराब है। लाखों की लागत से बने इन आरओ मशीनों से कोई फिल्टरेशन नहीं हो रहा है, और इनसे लगातार सादा व खारा पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। ये मशीनें अब 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए सफेद हाथी साबित हो रही हैं। अलग-अलग इलाकों की इन मशीनों से रोज 100 से 200 राहगीर, मजदूर और स्थानीय लोग प्यास बुझाने आते हैं, लेकिन पानी का स्वाद इतना खराब और खारा है कि इसे पीना मुश्किल हो गया है। लोगों को मजबूरन प्यासा रहना पड़ता है या पैसे खर्च कर बाहर से पानी खरीदना पड़ता है। यह स्थिति शहर की कई जगहों पर है, जो नगरपालिका की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस बदहाली के बीच नगरपालिका चेयरमैन का एक बयान खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे जनता को दिया गया पैसा 'ब्याज सहित' लौटाते हैं और जनता के समर्थन से ही विकास कर रहे हैं। अब जनता इसी बयान को लेकर उनके दावों को घेर रही है। महावीरगंज और नई बस्ती सहित अन्य इलाकों के लोगों का साफ कहना है कि अगर चेयरमैन जनता का कर्ज ब्याज सहित चुका रहे हैं, तो क्या यह सादा और खारा पानी ही फर्रुखाबाद की जनता को विकास के नाम पर दिया जा रहा है? जनता यह भी सवाल उठा रही है कि विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि आखिर इस बुनियादी समस्या पर आँखें मूंदकर क्यों बैठे हैं? जनता चेयरमैन के 'विकास की ओर बढ़ते कदम' के दावों को केवल कागजी मान रही है। लोगों की मांग है कि महावीरगंज, नई बस्ती और अन्य सभी जगहों पर लगी इन वाटर मशीनों की तुरंत मरम्मत कराई जाए, बोरिंग की जांच हो और इनके फिल्टर बदले जाएं, ताकि लोगों को शुद्ध व ठंडा पेयजल मिल सके और इस सादे व खारे पानी से निजात मिले।
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    उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में नगरपालिका के विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत जनता के गले नहीं उतर पा रही है। शहर में लगाए गए कथित आरओ (RO) वाटर प्लांट जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन रहे हैं। आरोप है कि इन मशीनों से शुद्ध और फिल्टर्ड पानी के बजाय केवल सादा और खारा पानी ही मिल रहा है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, महावीरगंज और नई बस्ती जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में स्थिति बेहद खराब है। लाखों की लागत से बने इन आरओ मशीनों से कोई फिल्टरेशन नहीं हो रहा है, और इनसे लगातार सादा व खारा पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। ये मशीनें अब 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए सफेद हाथी साबित हो रही हैं।

अलग-अलग इलाकों की इन मशीनों से रोज 100 से 200 राहगीर, मजदूर और स्थानीय लोग प्यास बुझाने आते हैं, लेकिन पानी का स्वाद इतना खराब और खारा है कि इसे पीना मुश्किल हो गया है। लोगों को मजबूरन प्यासा रहना पड़ता है या पैसे खर्च कर बाहर से पानी खरीदना पड़ता है। यह स्थिति शहर की कई जगहों पर है, जो नगरपालिका की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

इस बदहाली के बीच नगरपालिका चेयरमैन का एक बयान खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे जनता को दिया गया पैसा 'ब्याज सहित' लौटाते हैं और जनता के समर्थन से ही विकास कर रहे हैं। अब जनता इसी बयान को लेकर उनके दावों को घेर रही है। महावीरगंज और नई बस्ती सहित अन्य इलाकों के लोगों का साफ कहना है कि अगर चेयरमैन जनता का कर्ज ब्याज सहित चुका रहे हैं, तो क्या यह सादा और खारा पानी ही फर्रुखाबाद की जनता को विकास के नाम पर दिया जा रहा है? जनता यह भी सवाल उठा रही है कि विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि आखिर इस बुनियादी समस्या पर आँखें मूंदकर क्यों बैठे हैं?

जनता चेयरमैन के 'विकास की ओर बढ़ते कदम' के दावों को केवल कागजी मान रही है। लोगों की मांग है कि महावीरगंज, नई बस्ती और अन्य सभी जगहों पर लगी इन वाटर मशीनों की तुरंत मरम्मत कराई जाए, बोरिंग की जांच हो और इनके फिल्टर बदले जाएं, ताकि लोगों को शुद्ध व ठंडा पेयजल मिल सके और इस सादे व खारे पानी से निजात मिले।
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • ओबीसी मोर्चा ने राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग से आंकड़े जुटाने की पुरजोर मांग उठाई है।
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    ओबीसी मोर्चा ने राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग से आंकड़े जुटाने की पुरजोर मांग उठाई है।
    user_CITY NEWS
    CITY NEWS
    Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    13 hrs ago
  • फर्रुखाबाद में स्थित एक हनुमान मंदिर में मूर्ति की स्थापना की गई है।
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    फर्रुखाबाद में स्थित एक हनुमान मंदिर में मूर्ति की स्थापना की गई है।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    13 hrs ago
  • सामने आई जानकारी के अनुसार, वीर शहीद भारत सिंह का फेक एनकाउंटर हुआ है। इसी तरह, बिहार में भारत तिवारी का भी फर्जी एनकाउंटर किया गया है, ऐसा बताया जा रहा है।
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    सामने आई जानकारी के अनुसार, वीर शहीद भारत सिंह का फेक एनकाउंटर हुआ है। इसी तरह, बिहार में भारत तिवारी का भी फर्जी एनकाउंटर किया गया है, ऐसा बताया जा रहा है।
    user_Dev Chaudhary
    Dev Chaudhary
    Carpenter फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • यह सीधा और कटाक्षपूर्ण सवाल उठाया गया है कि वे सभी 'अंधभक्त दलाल' अब कहाँ चले गए हैं, जो अमेरिका को अपना 'बाप' मानते थे। यह टिप्पणी उन लोगों पर निशाना साधती है जिनकी अमेरिकी के प्रति निष्ठा थी, और जो अब किसी अनकही परिस्थिति के चलते चुप हो गए हैं, या जिनके विचारों को वर्तमान स्थिति ने गलत साबित कर दिया है।
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    यह सीधा और कटाक्षपूर्ण सवाल उठाया गया है कि वे सभी 'अंधभक्त दलाल' अब कहाँ चले गए हैं, जो अमेरिका को अपना 'बाप' मानते थे। यह टिप्पणी उन लोगों पर निशाना साधती है जिनकी अमेरिकी के प्रति निष्ठा थी, और जो अब किसी अनकही परिस्थिति के चलते चुप हो गए हैं, या जिनके विचारों को वर्तमान स्थिति ने गलत साबित कर दिया है।
    user_Sahil kumar
    Sahil kumar
    छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • सरकार से लखनऊ और देहरादून के बीच एक दूसरी ट्रेन चलाने का अनुरोध किया गया है। यह अपील जनता एक्सप्रेस के संदर्भ में की गई है, जिसमें एचडी वीडियो का भी उल्लेख है।
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    सरकार से लखनऊ और देहरादून के बीच एक दूसरी ट्रेन चलाने का अनुरोध किया गया है। यह अपील जनता एक्सप्रेस के संदर्भ में की गई है, जिसमें एचडी वीडियो का भी उल्लेख है।
    user_Sukveer Rathore
    Sukveer Rathore
    सवायाजपुर, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली से संबंधित हर खबर अब तक दर्शकों तक पहुँचाई जा रही है। शूरू प्लेटफॉर्म पर बरेली जिले की सभी नई खबरों को देखते रहने की अपील की गई है।
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    उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली से संबंधित हर खबर अब तक दर्शकों तक पहुँचाई जा रही है। शूरू प्लेटफॉर्म पर बरेली जिले की सभी नई खबरों को देखते रहने की अपील की गई है।
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन पर तंज कसते हुए, उन्हें 'जनता का सेवक' बताया गया है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि पुलिस प्रशासन जांच के समय मौज-मस्ती में लीन था।
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    उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन पर तंज कसते हुए, उन्हें 'जनता का सेवक' बताया गया है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि पुलिस प्रशासन जांच के समय मौज-मस्ती में लीन था।
    user_Sahil kumar
    Sahil kumar
    छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • फर्रुखाबाद में एक अधिवक्ता ट्रेन की चपेट में आने से घायल हो गए।
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    फर्रुखाबाद में एक अधिवक्ता ट्रेन की चपेट में आने से घायल हो गए।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
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