उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में नगरपालिका के विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत जनता के गले नहीं उतर पा रही है। शहर में लगाए गए कथित आरओ (RO) वाटर प्लांट जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन रहे हैं। आरोप है कि इन मशीनों से शुद्ध और फिल्टर्ड पानी के बजाय केवल सादा और खारा पानी ही मिल रहा है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, महावीरगंज और नई बस्ती जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में स्थिति बेहद खराब है। लाखों की लागत से बने इन आरओ मशीनों से कोई फिल्टरेशन नहीं हो रहा है, और इनसे लगातार सादा व खारा पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। ये मशीनें अब 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए सफेद हाथी साबित हो रही हैं। अलग-अलग इलाकों की इन मशीनों से रोज 100 से 200 राहगीर, मजदूर और स्थानीय लोग प्यास बुझाने आते हैं, लेकिन पानी का स्वाद इतना खराब और खारा है कि इसे पीना मुश्किल हो गया है। लोगों को मजबूरन प्यासा रहना पड़ता है या पैसे खर्च कर बाहर से पानी खरीदना पड़ता है। यह स्थिति शहर की कई जगहों पर है, जो नगरपालिका की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस बदहाली के बीच नगरपालिका चेयरमैन का एक बयान खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे जनता को दिया गया पैसा 'ब्याज सहित' लौटाते हैं और जनता के समर्थन से ही विकास कर रहे हैं। अब जनता इसी बयान को लेकर उनके दावों को घेर रही है। महावीरगंज और नई बस्ती सहित अन्य इलाकों के लोगों का साफ कहना है कि अगर चेयरमैन जनता का कर्ज ब्याज सहित चुका रहे हैं, तो क्या यह सादा और खारा पानी ही फर्रुखाबाद की जनता को विकास के नाम पर दिया जा रहा है? जनता यह भी सवाल उठा रही है कि विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि आखिर इस बुनियादी समस्या पर आँखें मूंदकर क्यों बैठे हैं? जनता चेयरमैन के 'विकास की ओर बढ़ते कदम' के दावों को केवल कागजी मान रही है। लोगों की मांग है कि महावीरगंज, नई बस्ती और अन्य सभी जगहों पर लगी इन वाटर मशीनों की तुरंत मरम्मत कराई जाए, बोरिंग की जांच हो और इनके फिल्टर बदले जाएं, ताकि लोगों को शुद्ध व ठंडा पेयजल मिल सके और इस सादे व खारे पानी से निजात मिले।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में नगरपालिका के विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत जनता के गले नहीं उतर पा रही है। शहर में लगाए गए कथित आरओ (RO) वाटर प्लांट जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन रहे हैं। आरोप है कि इन मशीनों से शुद्ध और फिल्टर्ड पानी के बजाय केवल सादा और खारा पानी ही मिल रहा है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, महावीरगंज और नई बस्ती जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में स्थिति बेहद खराब है। लाखों की लागत से बने इन आरओ मशीनों से कोई फिल्टरेशन नहीं हो रहा है, और इनसे लगातार सादा व खारा पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। ये मशीनें अब 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए सफेद हाथी साबित हो रही हैं। अलग-अलग इलाकों की इन मशीनों से रोज 100 से 200 राहगीर, मजदूर और स्थानीय लोग प्यास बुझाने आते हैं, लेकिन पानी का स्वाद इतना खराब और खारा है कि इसे पीना मुश्किल हो गया है। लोगों को मजबूरन प्यासा रहना पड़ता है या पैसे खर्च कर बाहर से पानी खरीदना पड़ता है। यह स्थिति शहर की कई जगहों पर है, जो नगरपालिका की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस बदहाली के बीच नगरपालिका चेयरमैन का एक बयान खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे जनता को दिया गया पैसा 'ब्याज सहित' लौटाते हैं और जनता के समर्थन से ही विकास कर रहे हैं। अब जनता इसी बयान को लेकर उनके दावों को घेर रही है। महावीरगंज और नई बस्ती सहित अन्य इलाकों के लोगों का साफ कहना है कि अगर चेयरमैन जनता का कर्ज ब्याज सहित चुका रहे हैं, तो क्या यह सादा और खारा पानी ही फर्रुखाबाद की जनता को विकास के नाम पर दिया जा रहा है? जनता यह भी सवाल उठा रही है कि विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि आखिर इस बुनियादी समस्या पर आँखें मूंदकर क्यों बैठे हैं? जनता चेयरमैन के 'विकास की ओर बढ़ते कदम' के दावों को केवल कागजी मान रही है। लोगों की मांग है कि महावीरगंज, नई बस्ती और अन्य सभी जगहों पर लगी इन वाटर मशीनों की तुरंत मरम्मत कराई जाए, बोरिंग की जांच हो और इनके फिल्टर बदले जाएं, ताकि लोगों को शुद्ध व ठंडा पेयजल मिल सके और इस सादे व खारे पानी से निजात मिले।
- आज फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सक्रिय इन्फ्लुएंसर पूनम पांडे के साथ एक विशेष बातचीत की गई। यह बातचीत कुछ खास मुद्दों पर केंद्रित रही।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद से आ रही हर छोटी-बड़ी खबर और महत्वपूर्ण जानकारी आप तक पहुंचाई जा रही है।1
- फर्रुखाबाद में ईंट भट्टा मजदूरों ने अपनी मजदूरी का भुगतान न मिलने के कारण जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति को एक होटल में किसी दूसरी महिला के साथ देख लिया। इस घटना के बाद मौके पर काफी हंगामा हुआ, जिसका वीडियो इंटरनेट पर खूब साझा किया जा रहा है। इस वायरल वीडियो ने रिश्तों, विश्वास और पारिवारिक मूल्यों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। आजकल एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, शक, बेवफाई और आपसी विवाद जैसी घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामले सिर्फ दो लोगों को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर गहरा असर डालते हैं। दरअसल, किसी भी रिश्ते की नींव विश्वास, सम्मान और संवाद पर टिकी होती है। जब बातचीत और आपसी भरोसा कमजोर पड़ने लगता है, तो विवाद और गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं। इसी संदर्भ में, यह सवाल उठता है कि एक मजबूत रिश्ते के लिए सबसे जरूरी क्या है — प्यार, विश्वास, सम्मान या संवाद।1
- बिहार के क्रांतिकारी भारत सिंह तिवारी जी का फर्जी एनकाउंटर किए जाने का दावा किया गया है। इस मामले को लेकर लोगों से समर्थन की आवश्यकता जताई गई है।1
- फर्रुखाबाद नगरपालिका एक ओर बड़े-बड़े विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। शहर में नगरपालिका द्वारा लगाए गए तथाकथित आरओ वाटर प्लांटों से शुद्ध और फिल्टर्ड पानी की जगह केवल सादा और खारा पानी आ रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के मुताबिक, महावीरगंज और नई बस्ती सहित कई घनी आबादी वाले इलाकों में लगे आरओ वाटर प्लांटों का बुरा हाल है। लोगों का साफ कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनी इन मशीनों से कोई फिल्टरेशन नहीं हो रहा है और ये सिर्फ सादा तथा खारा पानी ही सप्लाई कर रही हैं। यह मशीनें 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए अब 'सफेद हाथी' साबित हो रही हैं। इन मशीनों के कारण प्रतिदिन 100 से 200 राहगीर, मजदूर और स्थानीय लोग प्यास बुझाने में असफल रहते हैं, क्योंकि पानी इतना खराब और खारा है कि उसे पीना बिल्कुल दूभर हो गया है। मजबूरन लोगों को या तो प्यासा रहना पड़ रहा है या पैसे खर्च कर बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है। यह बदहाली सिर्फ एक-दो नहीं, बल्कि शहर की कई जगहों पर है, जो नगरपालिका की कार्यप्रणाली और रखरखाव पर सीधे गंभीर सवाल खड़े करती है। इस बदहाली के बीच नगरपालिका चेयरमैन का एक बयान खबरों में खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे 'बनिया के बच्चे हैं' और जनता को दिया गया पैसा 'ब्याज सहित वापस लौटाते हैं'। अब जनता चेयरमैन के इसी बयान को लेकर उनके दावों को घेर रही है। महावीरगंज और नई बस्ती सहित अन्य इलाकों के लोगों का साफ कहना है कि अगर आप जनता का कर्ज ब्याज सहित चुका रहे हैं, तो क्या विकास के नाम पर फर्रुखाबाद की जनता को आरओ की जगह यह सादा और खारा पानी ही दिया जा रहा है? जनता इस बात पर भी आक्रोशित है कि विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि आखिर इस बुनियादी समस्या पर आँखें क्यों मूँद कर बैठे हैं। जनता की मांग है कि नगरपालिका जिसे 'विकास की ओर बढ़ता कदम' बता रही है, वह केवल कागजी दावा है। लोगों ने महावीरगंज, नई बस्ती और अन्य सभी जगहों पर लगी इन वाटर मशीनों की तुरंत मरम्मत कराने, बोरिंग की जांच करने और इनके फिल्टर बदलने की मांग की है, ताकि लोगों को इस सादे और खारे पानी से निजात मिले और शुद्ध व ठंडा पेयजल उपलब्ध हो सके। विकास के नाम पर किए गए दावों की खुलती हुई पोल लोगों में आक्रोश का कारण बन रही है।1
- फर्रुखाबाद जनपद के कादरी गेट थाना क्षेत्र में रविवार देर रात आवास विकास स्थित एक अंग्रेजी शराब की दुकान पर जमकर विवाद हो गया। यहां दबंगों ने सेल्समैन पर हमला कर उसे बुरी तरह पीटा, जिसमें बीच-बचाव करने आए उन्नाव निवासी ठेका मालिक भी घायल हो गए। घायल सेल्समैन को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्नाव निवासी शुभम जायसवाल की पत्नी के नाम पर चल रही इस दुकान पर रविवार रात कुछ युवा पहुंचे थे। उन्होंने उन्नाव निवासी दुकान मैनेजर दीपक कुमार से सेल्समैन को तत्काल हटाने की मांग की। मैनेजर ने उन्हें सोमवार सुबह तक हटाने का आश्वासन दिया, लेकिन कुछ ही देर में बात बढ़ गई। दबंग युवकों ने सेल्समैन को पकड़कर खींचा और लात-घूसों व थप्पड़ों से बुरी तरह मारपीट की। बीच-बचाव करने के दौरान शुभम जायसवाल के चेहरे पर भी चोटें आईं। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि सेल्समैन ने फोन कर उन्हें सूचना दी थी कि कुछ लोग बिक्री नहीं करने दे रहे और मशीन भी उठा ली है। मौके पर पहुंचने पर भीड़ लगी थी और लोगों ने सेल्समैन को हटाने की बात कही, जिस पर उन्होंने सोमवार को हटाने का आश्वासन दिया। मैनेजर के अनुसार, हमलावरों ने उनसे भी हाथापाई की कोशिश की, गला पकड़ने का प्रयास किया, दुकान में तोड़फोड़ भी की, और बाद में 6-7 लोगों ने सेल्समैन तथा उनसे भी मारपीट की। मामले की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली, जिसमें आरोपी हमला करते हुए दिख रहे हैं। आवास विकास चौकी इंचार्ज ने बताया कि मारपीट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और सीसीटीवी फुटेज भी देखी गई है, लेकिन अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस हमलावरों की पहचान करने में जुटी है।4