गाजियाबाद की लिंक रोड पुलिस टीम ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चेकिंग के दौरान की गई इस कार्रवाई में उनके कब्जे से चोरी की गई दो चार पहिया गाड़ियाँ बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, 06 जून 2026 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में रहने वाले श्री श्यामबीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 04 जून 2026 की शाम को उनके घर A-39, रामपुरी (सूर्य नगर) के सामने से उनकी ग्रे रंग की स्विफ्ट कार (पंजीकरण संख्या DL-12-CS-7174) चोरी हो गई थी। इस शिकायत पर लिंक रोड थाने में आईपीसी की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जाँच के क्रम में, 17 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दो आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान मेरठ के सफीराबाद लोटी निवासी कामयराब (लगभग 50 वर्ष) और गाजियाबाद के दौलतपुरा निवासी सहदेव (मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के मंझौल गाँव का निवासी, लगभग 39 वर्ष) के रूप में हुई। हालांकि, मेरठ के सफीराबाद लोटी निवासी कासिम मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से मारुति स्विफ्ट और मारुति अर्टिगा ब्रांड की दो चोरी की गाड़ियाँ बरामद कीं, जिनमें से अर्टिगा दिल्ली राज्य से चोरी हुई थी। अब आरोपियों के खिलाफ धारा 317(2)/3(5) बीएनएस जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों कामयराब और सहदेव ने स्वीकार किया कि बरामद दोनों वाहन चोरी के हैं। उन्होंने बताया कि स्विफ्ट कार लगभग 10-11 दिन पहले गाजियाबाद के रामपुरी से चोरी की थी, जबकि अर्टिगा गाड़ी 8-9 दिन पहले दिल्ली के यमुना विहार से चुराई थी। पकड़े जाने के डर से उन्होंने वाहनों की नंबर प्लेट हटाकर फेंक दी थी। उन्होंने स्विफ्ट का पंजीकरण नंबर DL 12CS 7174 और अर्टिगा का पंजीकरण नंबर DL 5CS 0523 बताया, जिनकी जाँच करने पर संबंधित चेसिस और इंजन नंबर सही पाए गए। आरोपियों ने पैसों की कमी और कर्ज के चलते वाहन चोरी करने की बात कबूल करते हुए माफी माँगी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रामपुरी से स्विफ्ट कार उन्होंने सहारनपुर जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र निवासी नूर कमर उर्फ लंगड़ा (जिसकी डिजायर कार पंजीकरण संख्या UK 07BX 1383 है) के साथ मिलकर चुराई थी। वे दिल्ली से चुराई गई अर्टिगा को मेरठ जिले के किला परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र निवासी हसीन को बेचने की फिराक में थे, तभी पकड़े गए। नूर कमर उर्फ लंगड़ा और हसीन उनके गिरोह के सदस्य हैं, जिन्हें वे पहले भी चोरी के वाहन बेच चुके हैं। इस मामले में मेरठ निवासी कासिम, सहारनपुर निवासी नूर कमर उर्फ लंगड़ा, और मेरठ निवासी हसीन अभी भी फरार चल रहे हैं और पुलिस को उनकी तलाश है।
गाजियाबाद की लिंक रोड पुलिस टीम ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चेकिंग के दौरान की गई इस कार्रवाई में उनके कब्जे से चोरी की गई दो चार पहिया गाड़ियाँ बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, 06 जून 2026 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में रहने वाले श्री श्यामबीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 04 जून 2026 की शाम को उनके घर A-39, रामपुरी (सूर्य नगर) के सामने से उनकी ग्रे रंग की स्विफ्ट कार (पंजीकरण संख्या DL-12-CS-7174) चोरी हो गई थी। इस शिकायत पर लिंक रोड थाने में आईपीसी की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जाँच के क्रम में, 17 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दो आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान मेरठ के सफीराबाद लोटी निवासी कामयराब (लगभग 50 वर्ष) और गाजियाबाद के दौलतपुरा निवासी सहदेव (मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के मंझौल गाँव का निवासी, लगभग 39 वर्ष) के रूप में हुई। हालांकि, मेरठ के सफीराबाद लोटी निवासी कासिम मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से मारुति स्विफ्ट और मारुति अर्टिगा ब्रांड की दो चोरी की गाड़ियाँ बरामद कीं, जिनमें से अर्टिगा दिल्ली राज्य से चोरी हुई थी। अब आरोपियों के खिलाफ धारा 317(2)/3(5) बीएनएस जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों कामयराब और सहदेव ने स्वीकार किया कि बरामद दोनों वाहन चोरी के हैं। उन्होंने बताया कि स्विफ्ट कार लगभग 10-11 दिन पहले गाजियाबाद के रामपुरी से चोरी की थी, जबकि अर्टिगा गाड़ी 8-9 दिन पहले दिल्ली के यमुना विहार से चुराई थी। पकड़े जाने के डर से उन्होंने वाहनों की नंबर प्लेट हटाकर फेंक दी थी। उन्होंने स्विफ्ट का पंजीकरण नंबर DL 12CS 7174 और अर्टिगा का पंजीकरण नंबर DL 5CS 0523 बताया, जिनकी जाँच करने पर संबंधित चेसिस और इंजन नंबर सही पाए गए। आरोपियों ने पैसों की कमी और कर्ज के चलते वाहन चोरी करने की बात कबूल करते हुए माफी माँगी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रामपुरी से स्विफ्ट कार उन्होंने सहारनपुर जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र निवासी नूर कमर उर्फ लंगड़ा (जिसकी डिजायर कार पंजीकरण संख्या UK 07BX 1383 है) के साथ मिलकर चुराई थी। वे दिल्ली से चुराई गई अर्टिगा को मेरठ जिले के किला परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र निवासी हसीन को बेचने की फिराक में थे, तभी पकड़े गए। नूर कमर उर्फ लंगड़ा और हसीन उनके गिरोह के सदस्य हैं, जिन्हें वे पहले भी चोरी के वाहन बेच चुके हैं। इस मामले में मेरठ निवासी कासिम, सहारनपुर निवासी नूर कमर उर्फ लंगड़ा, और मेरठ निवासी हसीन अभी भी फरार चल रहे हैं और पुलिस को उनकी तलाश है।
- दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी सफलता मानव बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश1
- गाजियाबाद की लिंक रोड पुलिस टीम ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चेकिंग के दौरान की गई इस कार्रवाई में उनके कब्जे से चोरी की गई दो चार पहिया गाड़ियाँ बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, 06 जून 2026 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में रहने वाले श्री श्यामबीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 04 जून 2026 की शाम को उनके घर A-39, रामपुरी (सूर्य नगर) के सामने से उनकी ग्रे रंग की स्विफ्ट कार (पंजीकरण संख्या DL-12-CS-7174) चोरी हो गई थी। इस शिकायत पर लिंक रोड थाने में आईपीसी की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जाँच के क्रम में, 17 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दो आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान मेरठ के सफीराबाद लोटी निवासी कामयराब (लगभग 50 वर्ष) और गाजियाबाद के दौलतपुरा निवासी सहदेव (मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के मंझौल गाँव का निवासी, लगभग 39 वर्ष) के रूप में हुई। हालांकि, मेरठ के सफीराबाद लोटी निवासी कासिम मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से मारुति स्विफ्ट और मारुति अर्टिगा ब्रांड की दो चोरी की गाड़ियाँ बरामद कीं, जिनमें से अर्टिगा दिल्ली राज्य से चोरी हुई थी। अब आरोपियों के खिलाफ धारा 317(2)/3(5) बीएनएस जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों कामयराब और सहदेव ने स्वीकार किया कि बरामद दोनों वाहन चोरी के हैं। उन्होंने बताया कि स्विफ्ट कार लगभग 10-11 दिन पहले गाजियाबाद के रामपुरी से चोरी की थी, जबकि अर्टिगा गाड़ी 8-9 दिन पहले दिल्ली के यमुना विहार से चुराई थी। पकड़े जाने के डर से उन्होंने वाहनों की नंबर प्लेट हटाकर फेंक दी थी। उन्होंने स्विफ्ट का पंजीकरण नंबर DL 12CS 7174 और अर्टिगा का पंजीकरण नंबर DL 5CS 0523 बताया, जिनकी जाँच करने पर संबंधित चेसिस और इंजन नंबर सही पाए गए। आरोपियों ने पैसों की कमी और कर्ज के चलते वाहन चोरी करने की बात कबूल करते हुए माफी माँगी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रामपुरी से स्विफ्ट कार उन्होंने सहारनपुर जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र निवासी नूर कमर उर्फ लंगड़ा (जिसकी डिजायर कार पंजीकरण संख्या UK 07BX 1383 है) के साथ मिलकर चुराई थी। वे दिल्ली से चुराई गई अर्टिगा को मेरठ जिले के किला परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र निवासी हसीन को बेचने की फिराक में थे, तभी पकड़े गए। नूर कमर उर्फ लंगड़ा और हसीन उनके गिरोह के सदस्य हैं, जिन्हें वे पहले भी चोरी के वाहन बेच चुके हैं। इस मामले में मेरठ निवासी कासिम, सहारनपुर निवासी नूर कमर उर्फ लंगड़ा, और मेरठ निवासी हसीन अभी भी फरार चल रहे हैं और पुलिस को उनकी तलाश है।1
- आषाढ़ के महीने में मीरा बाबा की जात किस प्रकार लगाई जाती है और उन्हें भेंट कैसे अर्पित की जाती है, इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। इस बारे में विवरण प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति व्हाट्सएप नंबर 8527233646 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- थाना फेस-3 पुलिस और साइबर सेल ने दिनांक 18.06.2026 को बीट पुलिसिंग और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया ऐप (फेसबुक, इंस्टाग्राम) के माध्यम से लॉटरी के नाम पर ठगी करने वाले 10 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में एलन एंटनी पुत्र वी0जे एंटनी, अंकित कुमार पुत्र जयशंकर प्रसाद, राहुल पुत्र मनोज प्रसाद, शकील पुत्र मइमुद्दीन, राजशेखर पुत्र मणिक्यम, गुरु प्रसाद पुत्र शिव शरण अप्पा, विनय डीपी पुत्र परमेश्वर, विनोद कुमार पुत्र मुनीरेड्डी और संतोष पुत्र मनोहर शामिल हैं। इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 20 मोबाइल फोन और ₹10,200/- नकद बरामद किए गए हैं।1
- गाजियाबाद के लोनी में एक व्यक्ति को लोगों की मदद करना भारी पड़ गया है। उन्हें फोन कॉल के जरिए लगातार बदतमीजी का सामना करना पड़ रहा है।1
- NEET UG 2026 की री-नीट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने 21 जून को होने वाली इस परीक्षा के लिए सभी उम्मीदवारों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में होने वाली परेशानियों को कम करना है। यह सुविधा सरकारी बसों के साथ-साथ निगम द्वारा संचालित निजी बसों में भी उपलब्ध होगी। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए, उम्मीदवारों को बस कंडक्टर को अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपना नाम, पता, परीक्षा केंद्र और मोबाइल नंबर भी कंडक्टर को बताना होगा। यह व्यवस्था सभी प्रकार की बसों, जैसे एसी, नॉन-एसी, डीलक्स, लग्जरी, इलेक्ट्रिक और पिंक बसों में उपलब्ध रहेगी। अन्य राज्यों और जिलों से आने वाले छात्रों की सुविधा के लिए यह व्यवस्था 20 जून से ही शुरू कर दी जाएगी और परीक्षा के बाद वापस लौटने के लिए भी उम्मीदवारों को मुफ्त बस सुविधा मिलेगी। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश सरकार ने भी NEET UG परीक्षार्थियों को मुफ्त बस सेवा देने का फैसला किया है। राज्य के परिवहन मंत्री एम. रामप्रसाद रेड्डी ने घोषणा की है कि आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में परीक्षा देने जा रहे छात्रों से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। हालांकि, आंध्र प्रदेश में यह सुविधा केवल 21 जून को ही मिलेगी, और इसके लिए छात्रों को बस में चढ़ते समय अपना NEET UG एडमिट कार्ड दिखाना होगा।1
- डॉ. नीतू मान जी, बबलू कठेरिया जी और शुभम एडवोकेट जी ने डीएमआरसी से संबंधित एक जमीन घोटाले में भ्रष्टाचार की पोल खोली है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस पूरे मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि सरकारों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे न्यायिक हस्तक्षेप के लिए अदालत का रुख करेंगे।1
- दिल्ली के साउथ वेस्ट जिले के कापासेड़ा थाना टीम ने एक व्यापारी से हुई लूट के मामले में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि इस संबंध में एक लूट का मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गई थीं। कापासेड़ा पुलिस की टीम ने इन तीनों अपराधियों को धर दबोचा।1