डीएफसीसी का सामान लेकर जा रहे ट्रक चालक की रास्ते में तबीयत बिगड़ी, सीएचसी झींझक में चिकित्सक ने किया मृत घोषित न्यू भाऊपुर स्टेशन से डीएफसीसी लाइन का सामान लादकर जसवंतनगर (इटावा) जा रहे ट्रक चालक की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई। एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) झींझक ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान राजवीर सिंह (37) पुत्र सर्वेश नारायण यादव, निवासी ग्राम गढ़िया छिनकोरा, थाना बेवर, जिला मैनपुरी के रूप में हुई है। बताया गया कि सोमवार को वह ट्रेलर ट्रक से न्यू भाऊपुर से डीएफसीसी का सामान लेकर जसवंतनगर जा रहा था। झींझक नगर के समीप रूरा रोड पर राघव गेस्ट हाउस के सामने करीब सुबह 11:15 बजे उसने अपने लेबर को सीने में तेज दर्द और जलन होने की शिकायत की। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर उसे सीएचसी झींझक ले जाया गया, जहां मौजूद चिकित्सक डॉ. जे.पी. सिंह ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर चौकी इंचार्ज झींझक सुधीर भारद्वाज अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी सीता देवी, भाई दीपक यादव तथा दो पुत्र—अर्वित (11 वर्ष) और गर्वित (7 वर्ष)—को छोड़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
डीएफसीसी का सामान लेकर जा रहे ट्रक चालक की रास्ते में तबीयत बिगड़ी, सीएचसी झींझक में चिकित्सक ने किया मृत घोषित न्यू भाऊपुर स्टेशन से डीएफसीसी लाइन का सामान लादकर जसवंतनगर (इटावा) जा रहे ट्रक चालक की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई। एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) झींझक ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान राजवीर सिंह (37) पुत्र सर्वेश नारायण यादव, निवासी ग्राम गढ़िया छिनकोरा, थाना बेवर, जिला मैनपुरी के रूप में हुई है। बताया गया कि सोमवार को वह ट्रेलर ट्रक से न्यू भाऊपुर से डीएफसीसी का सामान लेकर जसवंतनगर जा रहा था। झींझक नगर के समीप रूरा रोड पर राघव गेस्ट हाउस के सामने करीब सुबह 11:15 बजे उसने अपने लेबर को सीने में तेज दर्द और जलन होने की शिकायत की। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर उसे सीएचसी झींझक ले जाया गया, जहां मौजूद चिकित्सक डॉ. जे.पी. सिंह ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर चौकी इंचार्ज झींझक सुधीर भारद्वाज अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी सीता देवी, भाई दीपक यादव तथा दो पुत्र—अर्वित (11 वर्ष) और गर्वित (7 वर्ष)—को छोड़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
- डीएफसीसी का सामान लेकर जा रहे ट्रक चालक की रास्ते में तबीयत बिगड़ी, सीएचसी झींझक में चिकित्सक ने किया मृत घोषित न्यू भाऊपुर स्टेशन से डीएफसीसी लाइन का सामान लादकर जसवंतनगर (इटावा) जा रहे ट्रक चालक की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई। एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) झींझक ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान राजवीर सिंह (37) पुत्र सर्वेश नारायण यादव, निवासी ग्राम गढ़िया छिनकोरा, थाना बेवर, जिला मैनपुरी के रूप में हुई है। बताया गया कि सोमवार को वह ट्रेलर ट्रक से न्यू भाऊपुर से डीएफसीसी का सामान लेकर जसवंतनगर जा रहा था। झींझक नगर के समीप रूरा रोड पर राघव गेस्ट हाउस के सामने करीब सुबह 11:15 बजे उसने अपने लेबर को सीने में तेज दर्द और जलन होने की शिकायत की। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर उसे सीएचसी झींझक ले जाया गया, जहां मौजूद चिकित्सक डॉ. जे.पी. सिंह ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर चौकी इंचार्ज झींझक सुधीर भारद्वाज अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी सीता देवी, भाई दीपक यादव तथा दो पुत्र—अर्वित (11 वर्ष) और गर्वित (7 वर्ष)—को छोड़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।1
- जालौन जगम्मनपुर के बाबा साहेब मन्दिर के महंत श्री सुमेरु वन जी महराज से पंचनद से जुड़ी कुछ खास चर्चा2
- *ब्रेकिंग न्यूज़ औरैया* रिपोर्ट - रवि वर्मा मो - 7520287010 प्रयागराज में ज्योतिर्मठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ घटी घटना पर बोले महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज यह घटना निन्दनीय व अशोभनीय। यह शंकराचार्य जी का ही नही बल्कि साधु-संतों, ब्राह्मणों, सनातन व शिखा चोटी धारण करने वालों का अपमान है। स्वामी जी के आदेश पर कपाट खोले व बन्द किये जाते है - महामंडलेश्वर इसके साथ ही महामंडलेश्वर शिबम जी महाराज ने कहा कि गाय को राष्ट माता घोषित किया जाए। माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे हंगामा हुआ और शंकराचार्य ने महास्नान का बहिष्कार कर दिया था। महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज ने प्रशासन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था किए जाने की अपील की। औरैया सदर में पीताम्बरेश्वर सरकार दरबार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राजेन्द्र दास जी महाराज चित्रकूट धाम भी रहे मौजूद। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी केवल एक संत नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र हैं। उनके सम्मान से ही सनातन धर्म की मर्यादा जुड़ी हुई है। *वाइट-* महामंडलेश्वर श्री शिवम जी महाराज4
- प्रयागराज माघ मेला में शंकराचार्य के साथ हुए दुर्व्यवहार से पूरा संत समाज आक्रोशित है:महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ प्रशासन की ओर से हुई कथित अभद्रता को लेकर संत समाज में आक्रोश फैल गया है। अंतर्राष्ट्रीय सप्त ऋषि अखाड़ा परिषद के महामंडलेश्वर पीतांब्रेश्वर सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। औरैया शहर स्थित एक मंदिर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज ने कहा कि प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य और उनके अनुयायियों के साथ प्रशासन द्वारा की गई अभद्रता निंदनीय एवं अपमानजनक है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शंकराचार्य की पालकी और रथ को रोक दिया, शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की, एक शिष्य को घसीटकर चौकी में ले जाकर पीटा गया, जिससे पूरा संत समाज आक्रोशित है। शिवम जी महाराज ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जताई और कहा कि यह धार्मिक परंपराओं का अपमान है। उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। संत समाज ने चेतावनी दी है कि यदि सम्मानजनक प्रोटोकॉल सुनिश्चित नहीं किया गया तो आगे आंदोलन तेज हो सकता है। यह घटना माघ मेले की शांतिपूर्ण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।1
- नगर जालौन के समाजसेवियों द्वारा लोटृस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के समस्त स्टाफ को किया गया सम्मानित जनपद जालौन के नगर जालौन के कोंच रोड स्थित लोटृस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय कार्य कर रहा है। हाल ही में अस्पताल में 3.30 किलोग्राम की स्वस्थ बच्ची का सफल नॉर्मल डिलीवरी के माध्यम से जन्म हुआ। इस उपलब्धि को लेकर नगर जालौन के समाजसेवियों द्वारा अस्पताल के चिकित्सकों एवं समस्त स्टाफ को सम्मानित किया गया। इस सम्मान कार्यक्रम में प्रमुख रूप से समाजसेवी जाकिर सिद्दीकी एवं अशफाक राइन सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समाजसेवियों ने कहा कि लोटृस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अनुभवी चिकित्सकों, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और समर्पित नर्सिंग स्टाफ के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। वर्तमान समय में जहाँ अनावश्यक ऑपरेशन और जटिलताएँ बढ़ रही हैं, वहीं लोटृस अस्पताल द्वारा प्राकृतिक, सुरक्षित और भरोसेमंद नॉर्मल डिलीवरी को बढ़ावा देना समाज के हित में एक सराहनीय पहल है। इस अवसर पर मौलाना हकीम रहमानी (समाजसेवी) की ओर से अस्पताल के प्रमुख एवं चिकित्सक: प्रबंधक डॉक्टर मोहम्मद मुख्तार खान, डॉक्टर बी.एस. बघेल, डॉक्टर यू.के. बघेल, महिला चिकित्सा रुचि लक्ष्मी, नर्स निधि वर्मा, शायना, मेडिकल स्टाफ एवं हॉस्पिटल स्टाफ: शिवम कुमार, ओमप्रकाश, दीपक, महेंद्र सिंह (बी-फार्मा), आरिफ खान तथा लोटृस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के समस्त नर्सिंग एवं सहायक स्टाफ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं। समाजसेवियों ने कहा कि लोटृस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल न केवल बेहतर और सटीक इलाज उपलब्ध करा रहा है, बल्कि आमजन को अनावश्यक भय, गलत उपचार और स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अस्पताल की सेवाओं से नगर जालौन सहित आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो रही है। कार्यक्रम के अंत में नागरिकों से अपील की गई कि वे सुरक्षित, भरोसेमंद और बेहतर चिकित्सा सेवाओं के लिए कोंच रोड स्थित लोटृस मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर विश्वास करें, ताकि माताएँ सुरक्षित रहें, बच्चे स्वस्थ जन्म लें और समाज और अधिक सशक्त बन सके।1
- “#बसंत_पाल_के_हत्यारों_को_फांसी_दो” — उरई की सड़कों पर गूंजी हुंकार... #उरई आज गवाह बना उस #जनआक्रोश का, जिसे अब रोका नहीं जा सकता। #बसंत_पाल के निर्मम #हत्याकांड के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब सिर्फ भीड़ नहीं था, वह अन्याय के खिलाफ समाज की खुली #चेतावनी थी। हजारों लोगों की एक ही मांग थी—हत्यारों को तुरंत #गिरफ्तार करो, #फांसी दो। यह #प्रदर्शन किसी दल या #संगठन का नहीं, बल्कि उस समाज का था जो अब चुप रहने को तैयार नहीं है। इस आंदोलन और समाज के #मजबूत_नेतृत्व ने साफ संदेश दे दिया है— हम किसी से कम नहीं हैं। हमें दबाने की हर कोशिश का जवाब #सड़क से #सत्ता तक दिया जाएगा। आज जो #जनसैलाब दिखा, वह केवल एक शुरुआत है। अगर न्याय को टालने की साजिश जारी रही, अगर दोषियों को संरक्षण मिलता रहा, तो बहुत जल्द उरई नहीं, पूरा #प्रदेश_गूंजेगा। यह लड़ाई बसंत पाल की नहीं, #न्याय और #सम्मान की है। और याद रखिए— जब समाज जाग जाता है, तो #इतिहास बदल जाता है। #न्याय_में_देरी_न्याय_से_इंकार #अब_चुप_नहीं_रहेगा_पाल_समाज1
- TTN24 National Broadcastsl Live 24x7 जिला संवाददाता श्याम करण फ़ोन न0 9452652551 विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें1
- प्राचीन डिलेश्वर मंदिर के जीर्णोद्धार पर विवाद, प्रशासन ने संभाला मोर्चा—बुधवार को तहसील में होगी दोनों पक्षों की सुनवाई मंगलपुर थाना क्षेत्र के डिलवल गांव में स्थित प्राचीन डिलेश्वर मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बन गई है। गांव निवासी राकेश चंद्र बाजपेई द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, लेकिन इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया। विरोध से आहत राकेश चंद्र बाजपेई ने मंगलपुर थाने पहुंचकर विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया और मामले की जानकारी उपजिलाधिकारी सिकंदरा प्रदुमन कुमार को दी। मंगलवार को उपजिलाधिकारी के निर्देश पर करीब दोपहर 1 बजे तहसीलदार राकेश चंद्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद को शांत कराने का प्रयास किया। तहसीलदार ने दोनों पक्षों को बुधवार को सुबह 11 बजे तहसील में उपजिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपनी-अपनी बात रखने के निर्देश दिए, ताकि मामले का समाधान किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि डिलेश्वर मंदिर वर्षों पुराना धार्मिक स्थल है और सरकारी अभिलेखों में भी मंदिर की भूमि आबादी की श्रेणी में दर्ज है। फिलहाल प्रशासन की पहल पर स्थिति सामान्य बनी हुई1