17 जुलाई का दिन भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है, जब देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के सक्षम नेतृत्व में हरियाणा इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। यह सिर्फ एक ट्रेन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह देश को हरित, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने का अवसर है। आने वाले वर्षों में जब भी इस हरित विकास क्रांति की चर्चा होगी, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का नाम हमेशा प्रमुखता से लिया जाएगा, जिन्होंने घोषणाओं से आगे बढ़कर तेज़ गति और पूरी पारदर्शिता के साथ इसे धरातल पर उतारा है। यह ऐतिहासिक ट्रेन जींद–सोनीपत रेलखंड पर संचालित की जाएगी, जो डबल इंजन सरकार के शानदार समन्वय और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त उदाहरण है। तकनीकी रूप से यह ट्रेन अत्याधुनिक फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न की जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल है, जिसमें कोई कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और केवल जलवाष्प निकलती है। इसके अलावा, यह तकनीक उन रेलमार्गों पर भी अत्यधिक कारगर साबित होगी जहाँ ओवरहेड बिजली लाइनें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक किफायती और हरित रेल सेवा का विस्तार मुमकिन होगा। जींद से चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन देश की पटरियों पर दौड़ने के साथ ही विकसित भारत के संकल्प, नई तकनीक और नए आत्मविश्वास को नई गति प्रदान करेगी, जो भारत के हरित और आधुनिक भविष्य की एक नई शुरुआत का प्रतीक बनेगी।
17 जुलाई का दिन भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है, जब देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के सक्षम नेतृत्व में हरियाणा इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। यह सिर्फ एक ट्रेन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह देश को हरित, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने का अवसर है। आने वाले वर्षों में जब भी इस हरित विकास क्रांति की चर्चा होगी, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का नाम हमेशा प्रमुखता से लिया जाएगा, जिन्होंने घोषणाओं से आगे बढ़कर तेज़ गति और पूरी पारदर्शिता के साथ इसे धरातल पर उतारा है। यह ऐतिहासिक ट्रेन जींद–सोनीपत रेलखंड पर संचालित की जाएगी, जो डबल इंजन सरकार के शानदार समन्वय और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त उदाहरण है। तकनीकी रूप से यह ट्रेन अत्याधुनिक फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न की जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल है, जिसमें कोई कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और केवल जलवाष्प निकलती है। इसके अलावा, यह तकनीक उन रेलमार्गों पर भी अत्यधिक कारगर साबित होगी जहाँ ओवरहेड बिजली लाइनें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक किफायती और हरित रेल सेवा का विस्तार मुमकिन होगा। जींद से चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन देश की पटरियों पर दौड़ने के साथ ही विकसित भारत के संकल्प, नई तकनीक और नए आत्मविश्वास को नई गति प्रदान करेगी, जो भारत के हरित और आधुनिक भविष्य की एक नई शुरुआत का प्रतीक बनेगी।
- 17 जुलाई का दिन भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है, जब देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के सक्षम नेतृत्व में हरियाणा इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। यह सिर्फ एक ट्रेन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह देश को हरित, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने का अवसर है। आने वाले वर्षों में जब भी इस हरित विकास क्रांति की चर्चा होगी, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का नाम हमेशा प्रमुखता से लिया जाएगा, जिन्होंने घोषणाओं से आगे बढ़कर तेज़ गति और पूरी पारदर्शिता के साथ इसे धरातल पर उतारा है। यह ऐतिहासिक ट्रेन जींद–सोनीपत रेलखंड पर संचालित की जाएगी, जो डबल इंजन सरकार के शानदार समन्वय और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त उदाहरण है। तकनीकी रूप से यह ट्रेन अत्याधुनिक फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न की जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल है, जिसमें कोई कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और केवल जलवाष्प निकलती है। इसके अलावा, यह तकनीक उन रेलमार्गों पर भी अत्यधिक कारगर साबित होगी जहाँ ओवरहेड बिजली लाइनें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक किफायती और हरित रेल सेवा का विस्तार मुमकिन होगा। जींद से चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन देश की पटरियों पर दौड़ने के साथ ही विकसित भारत के संकल्प, नई तकनीक और नए आत्मविश्वास को नई गति प्रदान करेगी, जो भारत के हरित और आधुनिक भविष्य की एक नई शुरुआत का प्रतीक बनेगी।1
- पंचकुला के पिंजौर मैंगो फेस्टिवल में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह खुद सड़क पर उतरे। इस दौरान पुलिस द्वारा बुजुर्गों को पुलिस वाहनों से मेला ग्राउंड पहुंचाया गया।1
- हरियाणा के अंबाला में कपड़ा मार्केट की सड़क बनने की वजह से कामकाज ठप हो गया है। इस निर्माण कार्य के कारण लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- अंबाला के मुलाना क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने से हेमामाजरा गांव सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां देर रात करीब 11 बजे नदी का पानी अचानक रिहायशी इलाके में घुस गया। पानी घुसने के कारण गांव के पवन कुमार, सुखबीर, अमरनाथ, नराता राम, डिंपल, कर्मचंद, मितलेश, वंदना और राजा राम सहित अन्य ग्रामीणों के घरों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों को पूरी रात जागकर अपना कीमती सामान जैसे बिस्तर, टीवी और अलमारियां सुरक्षित स्थानों पर पहुंचानी पड़ीं। कई घरों में रखा गेहूं और अन्य खाने-पीने का सामान पानी की चपेट में आकर बर्बाद हो गया। इसके अलावा, नदी का पानी अब होली गांव तक भी पहुंच गया है। इस आपदा के बीच प्रभावित ग्रामीणों का गुस्सा प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही पर फूट पड़ा है। मितलेश, वंदना और पवन कुमार का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि हर साल उन्हें इसी दंश को झेलना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन को पहले से पता होता है कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर घरों में पानी घुसेगा, फिर भी बचाव के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए नदी के किनारे पक्की पटरी बनाने की मांग की है।2
- चंडीगढ़ के इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम में प्रदेश स्तरीय 'नवा मुक्त हरियाणा' कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। इस विशेष कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक यमुनानगर की ओर से साढ़ौरा की 'सही राह' टीम को आमंत्रित किया गया था। साढ़ौरा से सर्वश्री सतपाल शर्मा, नरेश कुमार बक्शी, कुलविंद्र सिंह चड्डा, चमनलाल सैनी, शिवम् अग्रवाल एवं मण्डल महामंत्री मंगत राम सैनी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। कार्यक्रम के बाद माननीय मुख्यमंत्री जी ने साढ़ौरा की 'सही राह' टीम को मंच पर आमंत्रित किया, जहां टीम के सदस्यों को मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने का गौरवपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के सभी कस्बों और गांवों में नशा विरोधी टास्क फोर्स टीम गठित करने के कड़े आदेश दिए। जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के दिशा-निर्देशों के तहत इस 'सही राह' टीम ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की।1
- हरियाणा के यमुनानगर स्थित जगाधरी में सुबह की चिलचिलाती धूप के बाद दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादलों के आने और तेज हवाओं के चलने के साथ ही रिमझिम तेज बरसात शुरू हो गई, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। क्षेत्र में बादलों का आना-जाना लगातार लगा रहा, जिसके बाद बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ रिमझिम बरसात की शुरुआत हुई।1
- पंचकूला में अपनी इनोवा गाड़ी में अवैध सायरन और रेड-ब्लू बत्ती लगाकर घूम रहे एक बिल्डर को पंचकूला पुलिस ने कड़ा सबक सिखाया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी का ₹33 हजार का भारी-भरकम चालान काटा है और उसकी गाड़ी को तुरंत इंपाउंड कर थाने में खड़ा करवा दिया है। इस युवक का पहले से भी ऐसा ही रिकॉर्ड रहा है। इस रसूखदार युवक के खिलाफ चंडीगढ़ और पंचकूला में पहले से ही 20 चालान पेंडिंग पड़े हैं।1
- शिमला के संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में शनिवार तड़के करीब तीन बजे एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ है। इस हादसे से इलाके में भारी दहशत का माहौल बन गया है, क्योंकि घटना के समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन सड़क के नीचे का ढंगा ढहकर नीचे बने रिहायशी मकानों की ओर आने से तीन से चार इमारतों पर गिरने का खतरा मंडराने लगा है। हादसे के कारण संजौली कॉलेज मार्ग के साथ-साथ मकानों तक जाने वाला मुख्य रास्ता भी पूरी तरह से टूट चुका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में एक निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी खुदाई और लगातार हो रही बारिश के कारण यह जगह बेहद कमजोर हो गई है। भूधंसाव के कारण पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पाइपलाइनें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे हो रहा पानी का निरंतर रिसाव मिट्टी को और कमजोर कर रहा है और जमीन लगातार नीचे खिसक रही है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग सुबह चार बजे से ही अपने घरों से बाहर निकल आए और बारिश के बीच खुले में खड़े होकर मदद का इंतजार करते रहे। स्थानीय निवासी पूनम ने बताया कि इस हादसे से तीन से चार घरों को सीधा खतरा पैदा हो गया है और मुख्य रास्ता बंद होने से स्कूली बच्चों सहित सभी निवासियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सुशीला का कहना है कि पिछले वर्ष भी मलबे के कारण लोग घरों में फंस गए थे, लेकिन बार-बार शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासी रमेश दिप्टा ने बताया कि मुख्य मार्ग टूटने के बाद लोगों ने आवाजाही के लिए वैकल्पिक तौर पर एक अन्य भवन के लेंटर का उपयोग करना शुरू किया था, लेकिन बीती रात वह अस्थायी रास्ता भी पूरी तरह जमींदोज हो गया। वर्तमान में प्रभावित लोगों के पास आने-जाने के लिए कोई भी सुरक्षित मार्ग शेष नहीं बचा है। क्षेत्र के निवासियों ने सरकार और जिला प्रशासन से पुरजोर गुहार लगाई है कि पानी के रिसाव को तुरंत रोका जाए और मुख्य रास्ते का निर्माण युद्धस्तर पर करवाया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े जान-माल के नुकसान को टाला जा सके।4