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हर गांव कि समस्या है ये ऐसा कोई गांव नहीं जहा ऐसी समस्या नहीं हर गांव कि समस्या है ये ऐसा कोई गांव नहीं जहा ये समस्या नहीं
Vikram Bhadana vlog
हर गांव कि समस्या है ये ऐसा कोई गांव नहीं जहा ऐसी समस्या नहीं हर गांव कि समस्या है ये ऐसा कोई गांव नहीं जहा ये समस्या नहीं
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- हर गांव कि समस्या है ये ऐसा कोई गांव नहीं जहा ऐसी समस्या नहीं हर गांव कि समस्या है ये ऐसा कोई गांव नहीं जहा ये समस्या नहीं1
- सवाई माधोपुर के विकास और प्रशासन की तैयारियों को लेकर 'SWM STORY' पर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन श्री सुनील तिलकर जी के साथ एक एक्सक्लूसिव बातचीत की गई है। इस चर्चा में सवाई माधोपुर की दुर्दशा को लेकर बिना किसी लाग-लपेट के सीधे सवाल पूछे गए, जिसमें सीवर के ऊंचे चेंबर, खस्ताहाल सड़कों और आम जनता की परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। इस खास बातचीत में शहर की बुनियादी समस्याओं और सीवर संकट को 6 महीने के भीतर सुलझाने के वादे की सच्चाई टटोली गई। इसके साथ ही, पिछले कुछ सालों में रुके हुए विकास कार्यों को रफ्तार देने और साल 2027 तक सवाई माधोपुर को एक आधुनिक व स्मार्ट टूरिस्ट सिटी के रूप में तब्दील करने के विजन पर भी सवाल किए गए। 'SWM STORY' ने इसे प्रशासन के वादों का रिपोर्ट कार्ड बताते हुए जनता से अपनी राय कमेंट बॉक्स में देने और चैनल को सब्सक्राइब करने की अपील की है।1
- सवाई माधोपुर के जिला अस्पताल में आम लोगों को चौबीसों घंटे बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीणा के अनुसार, 16 जुलाई को अस्पताल में कुल 2 हजार 219 मरीजों को ओपीडी और 96 मरीजों को आईपीडी सेवाएं दी गईं। इसी दिन अस्पताल में कुल 17 संस्थागत प्रसव संपन्न कराए गए, जिनमें 14 सामान्य प्रसव तथा 3 सिजेरियन (सी-सेक्शन) प्रसव शामिल हैं। अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्थाओं के तहत ब्लड बैंक में 93 यूनिट रक्त उपलब्ध रहा। इसी दिन 2 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार के साथ-साथ 6 नवजात शिशुओं को विशेष चिकित्सा सेवाएं दी गईं। विशेषज्ञ डॉक्टरों, एनेस्थीसिया टीम, नर्सिंग स्टाफ और ब्लड बैंक के आपसी तालमेल से 3 जटिल हाई रिस्क सिजेरियन ऑपरेशन और 2 गंभीर प्रसूति जटिलताओं का भी सफल प्रबंधन किया गया। डॉ. मीणा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से समय पर पंजीकरण कराने, नियमित जांच कराने और केवल सरकारी या अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों में ही प्रसव कराने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी किसी भी शिकायत या सुझाव पर विभाग द्वारा गंभीरता से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- भगवान श्री जगन्नाथ जी की पावन रथ यात्रा हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और सेवा का एक दिव्य उत्सव है। यह पवित्र यात्रा हमें धर्म, कर्तव्य और मानवता के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा देती है। भगवान श्री जगन्नाथ जी, श्री बलभद्र जी और देवी सुभद्रा जी की असीम कृपा से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि के साथ-साथ उत्तम स्वास्थ्य का संचार हो। जय जगन्नाथ!1
- टोंक जिले के उनियारा कस्बे में गुरुवार को ओडिशा के पुरी की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा अत्यंत हर्षोल्लास, पारंपरिक श्रद्धा और धूमधाम के साथ संपन्न हुई। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में सुबह से ही भारी उत्साह देखा गया और भगवान के दर्शनों के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। रथयात्रा का विधि-विधान से शुभारंभ सुबह ठीक 8 बजे गढ़ रोड स्थित ऐतिहासिक श्री चारभुजा नाथ मंदिर से हुआ। श्री चारभुजा जी मंदिर विकास एवं प्रबंधन समिति के केशियर सत्यनारायण खंडेलवाल ने बताया कि सुबह भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना व महाआरती की गई, जिसके बाद भगवान को भव्य रूप से सजाए गए रथ पर विराजमान किया गया। यात्रा के रवाना होते ही पूरा परिसर 'जय जगन्नाथ' और 'हरे कृष्णा' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालु भजनों पर नाचते-गाते हुए रथ के आगे चल रहे थे। कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रथयात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। श्री चारभुजा नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर रथयात्रा सबसे पहले कटला गेट पहुंची, जहां व्यापारियों ने पुष्प वर्षा की। इसके बाद मुख्य बाजार और न्यू मार्केट होते हुए यात्रा आगे बढ़ी, जहां सरदार सिंह सर्किल पर भारी संख्या में मौजूद स्थानीय निवासियों ने भगवान की आरती उतारी। मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं द्वारा शीतल जल, शरबत और फलों की व्यवस्था की गई थी। इसके पश्चात रथयात्रा नैनवा रोड स्थित शिव मंदिर पहुंची, जहां भगवान के रथ को कुछ समय के लिए विश्राम दिया गया। यहाँ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और मन्नतें मांगी। विश्राम के पश्चात रथयात्रा पुनः उसी पारंपरिक मार्ग से होते हुए मुख्य श्री चारभुजा नाथ मंदिर के लिए रवाना हुई। मंदिर प्रांगण में रथयात्रा के सकुशल पहुंचने पर विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद भगवान की अंतिम महाआरती उतारी गई और सभी भक्तों के बीच प्रसादी का वितरण किया गया। रथयात्रा के शांतिपूर्ण और भव्य समापन पर मंदिर समिति ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया है।1
- करौली के गांव फुले की झोपड़ी में आपसी जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी झड़प हो गई। इस हिंसक संघर्ष में दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। टकराव के दौरान अशोक सिंह नामक व्यक्ति की मौत हो गई है। वहीं, भूरसिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है।1