मुंबई के मीरा रोड स्थित एक सोसाइटी में बकरीद से ठीक पहले उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब हिंदू संगठन के कुछ लोग सूअर लेकर वहां पहुंचे। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह वही 'नया भारत' है, जहां एक ओर देश भाईचारे, संविधान और लोकतंत्र की बात करता है, वहीं दूसरी ओर त्योहारों के मौके पर लगातार नफरत फैलाने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। मीरा रोड में माहौल खराब करने की यह कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताई गई है। यह घटना इस बात पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि देश के मुसलमान अपने ही वतन में डर और तनाव के बीच जीने को क्यों मजबूर हैं, और क्यों हर त्योहार से पहले नफरत की राजनीति शुरू हो जाती है। इसके साथ ही, सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाया गया है कि क्या उनकी जिम्मेदारी केवल तमाशा देखने तक ही सीमित रह गई है। जहां देश को रोजगार, शिक्षा, महंगाई और विकास की जरूरत है, वहीं जनता को धार्मिक विवादों में उलझाया जा रहा है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपेक्षा की गई है कि वे देश की एकता और सामाजिक सौहार्द पर खुलकर अपनी बात रखें। यह दोहराया गया है कि भारत की ताकत हमेशा 'एकता में विविधता' में रही है, न कि डर और नफरत की राजनीति में, और हर नागरिक को संविधान के अनुसार अपने धर्म और त्योहारों को शांति से मनाने का पूरा अधिकार है।
मुंबई के मीरा रोड स्थित एक सोसाइटी में बकरीद से ठीक पहले उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब हिंदू संगठन के कुछ लोग सूअर लेकर वहां पहुंचे। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह वही 'नया भारत' है, जहां एक ओर देश भाईचारे, संविधान और लोकतंत्र की बात करता है, वहीं दूसरी ओर त्योहारों के मौके पर लगातार नफरत फैलाने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। मीरा रोड में माहौल खराब करने की यह कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताई गई है। यह घटना इस बात पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि देश के मुसलमान अपने ही वतन में डर और तनाव के बीच जीने को क्यों मजबूर हैं, और क्यों हर त्योहार से पहले नफरत की राजनीति शुरू हो जाती है। इसके साथ ही, सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाया गया है कि क्या उनकी जिम्मेदारी केवल तमाशा देखने तक ही सीमित रह गई है। जहां देश को रोजगार, शिक्षा, महंगाई और विकास की जरूरत है, वहीं जनता को धार्मिक विवादों में उलझाया जा रहा है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपेक्षा की गई है कि वे देश की एकता और सामाजिक सौहार्द पर खुलकर अपनी बात रखें। यह दोहराया गया है कि भारत की ताकत हमेशा 'एकता में विविधता' में रही है, न कि डर और नफरत की राजनीति में, और हर नागरिक को संविधान के अनुसार अपने धर्म और त्योहारों को शांति से मनाने का पूरा अधिकार है।
- NEWS 2 INDIAसदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेशइनके उपर कब। होगी कार्रवाई19 hrs ago
- फारबिसगंज के वार्ड नंबर 9 के निवासियों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें मुख्य रूप से सड़क का न होना शामिल है, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी होती है। इसके अलावा, वार्ड में पानी का जमाव, साफ-सफाई की कमी और कचरा उठाने वाले वाहनों का न आना जैसी दिक्कतें भी हैं। इन समस्याओं के कारण क्षेत्र में सांप, मच्छर, बिच्छू और कीड़े-मकोड़ों का आतंक बढ़ गया है। इन सभी प्रकार की समस्याओं को उजागर करने के उद्देश्य से एक वीडियो बनाकर यह पोस्ट जारी की गई है। पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी को इस वीडियो से कोई आपत्ति है, तो वे उनसे सीधे बात कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से कंधे से कंधा मिलाकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाने और उनका साथ देने की अपील भी की है। वार्ड संख्या 9, फारबिसगंज के लोग साफ-सफाई के अभाव, जलजमाव और सांप, मच्छर, बिच्छू के आतंक के कारण अत्यधिक चिंतित हैं।1
- गुरुवार को अररिया जिले में बकरीद पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय के बीच अत्यधिक उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही शहर की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में भारी भीड़ जुटने लगी, जहां हजारों की संख्या में लोगों ने नमाज अदा कर पर्व की रौनक बढ़ाई। शहर के प्रमुख ईदगाहों के साथ-साथ खलीलाबाद मस्जिद, आजाद एकेडमी मस्जिद, इस्लाम नगर ईदगाह और बैरगाछी नया ईदगाह समेत अन्य क्षेत्रों की मस्जिदों में सुबह-सुबह ही नमाज का सिलसिला शुरू हो गया था। नमाज के समापन के बाद, लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर "बकरीद मुबारक" कहकर शुभकामनाएं दीं। इस खुशी के अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी आयु वर्ग के लोग इस पर्व की उमंग में शामिल होते दिखे।1
- अररिया जिले में एक लॉज के भीतर घुसकर एक छात्र पर हमला किया गया है। इस घटना के संबंध में SDPO ने जानकारी दी है कि इस मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।1
- अररिया में एक लॉज के अंदर घुसकर एक छात्र पर हमला किया गया है। इस घटना के संबंध में SDPO ने बयान दिया है कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।1
- बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को डोमचांच में फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च शाम 6 बजे डोमचांच थाना क्षेत्र के डोमचांच बाजार, बगड़ो, बगरिडीह, पचगावां और नावाडीह सहित विभिन्न गांवों में आयोजित किया गया। इस दौरान बीडीओ भोला पाण्डेय, सीओ रविंद्र पाण्डेय और थाना प्रभारी अभिमन्यु पड़िहारी के साथ पुलिस बल भी मौजूद था। अधिकारियों ने क्षेत्र के लोगों से आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचने की सलाह भी दी गई। पुलिस प्रशासन ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- आज दिनांक 27 मई 2026 को सुपौल के जिला पदाधिकारी, श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, ने त्रिवेणीगंज के बघेली और पथरागौरधाय पंचायत तथा छातापुर प्रखंड बाजार में फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने सभी एफआर आईडी उपयोगकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे पंचायत अंतर्गत सभी रैयत भू-धारकों के एफआर आईडी बनाना सुनिश्चित करें और व्यक्तिगत रूप से मिलकर यह कार्य पूरा करें। उन्हें आवंटित कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने का भी आदेश दिया गया। साथ ही, वहाँ के जनप्रतिनिधियों को इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए भी निर्देशित किया गया। निरीक्षण के समय अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज, प्रखंड कृषि पदाधिकारी त्रिवेणीगंज व छातापुर, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार उपस्थित रहे। सभी रैयत भू-धारकों को भी निर्देश दिया गया कि वे अपने पंचायत स्तरीय कर्मी से संपर्क करें और नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर अपना एफआर आईडी बनवाएं।3
- अररिया नगर परिषद क्षेत्र में स्वच्छता अभियान को मजबूत करने के उद्देश्य से खरीदी गईं लाखों रुपये की सूखा व गीला कचरा संग्रहण बाल्टियाँ (डस्टबिन) महीनों से अशोक सम्राट भवन में धूल फांक रही हैं। इन बाल्टियों को होल्डिंग धारकों के घर-घर वितरित कर डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाना था, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं हो रहा है और यह योजना विफल रही है। नगर परिषद ने लगभग लाखों रुपये की लागत से इन बाल्टियों को इस मकसद से खरीदा था कि शहरवासियों को सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखने की आदत डाली जा सके। योजना के अनुसार, नगर परिषद के कर्मचारियों को इन बाल्टियों से एकत्रित कचरा सीधे घरों से उठाकर ले जाना था। हालांकि, खरीदारी के कई महीने बीत जाने के बाद भी अधिकांश बाल्टियाँ अशोक सम्राट भवन में ही पड़ी हुई हैं। इस स्थिति पर स्थानीय लोगों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि टैक्सपेयर्स के पैसे से खरीदी गई ये चीजें बिना किसी उपयोग के पड़ी हुई हैं, जबकि शहर में कचरा प्रबंधन की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर होल्डिंग धारकों को ये सूखा-गीला कचरा बाल्टियाँ कब मिलेंगी।1
- सतगांवा प्रखंड सभागार में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों और युवाओं को बेहतर करियर मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से बुधवार दोपहर 12 बजे एक करियर काउंसिलिंग एवं मार्गदर्शन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नीति आयोग के डेवलपमेंट पार्टनर और जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन (जे.आर.सी) के सहयोगी संगठन एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (ए.वी.ए) द्वारा किया गया। कार्यशाला में प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री ओम प्रकाश बड़ाईक, थाना प्रभारी श्री बबलू कुमार, शिक्षा विभाग के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री अशोक कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक और महिला पर्यवेक्षिका सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने शिरकत की। इन अधिकारियों ने बच्चों और युवाओं को करियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास, उच्च शिक्षा और सरकारी सेवाओं में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के समापन पर सभी 120 प्रतिभागियों को शिक्षा जारी रखने, बाल विवाह का विरोध करने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए एक सामूहिक शपथ दिलाई गई। कुल 120 बच्चों एवं युवाओं ने इस कार्यशाला में भाग लेकर लाभ प्राप्त किया।1
- बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर तीसरी पीढ़ी की राजनीतिक तैयारी को लेकर एक नई चर्चा ने जोर पकड़ा है। यह बहस 'इराज' के एक बर्थडे कार्ड के बाद शुरू हुई है, जिसने लोगों के बीच उत्सुकता जगा दी है। इस घटनाक्रम से यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या लालू और तेजस्वी के बाद, अब इराज पार्टी में अगली पीढ़ी के नेतृत्वकर्ता के तौर पर उभरेंगे।1