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जयपुर में प्रांतीय वैष्णव समाज के पदाधिकारियों के बीच चल रहे विवाद ने अब काफी तूल पकड़ लिया है। इस गहराते विवाद के बीच प्रांतीय समाज भवन पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष के चयन पर कड़ा विरोध जताया गया, जिससे पदाधिकारियों के बीच का अंतर्विरोध खुलकर सामने आ गया है।
Rakesh Kumar Swami
जयपुर में प्रांतीय वैष्णव समाज के पदाधिकारियों के बीच चल रहे विवाद ने अब काफी तूल पकड़ लिया है। इस गहराते विवाद के बीच प्रांतीय समाज भवन पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष के चयन पर कड़ा विरोध जताया गया, जिससे पदाधिकारियों के बीच का अंतर्विरोध खुलकर सामने आ गया है।
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- जयपुर में प्रांतीय वैष्णव समाज के पदाधिकारियों के बीच चल रहे विवाद ने अब काफी तूल पकड़ लिया है। इस गहराते विवाद के बीच प्रांतीय समाज भवन पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष के चयन पर कड़ा विरोध जताया गया, जिससे पदाधिकारियों के बीच का अंतर्विरोध खुलकर सामने आ गया है।1
- हरिद्वार में राजस्थानियों को मोक्ष दिलाने वाले ठेकेदार गोपाल तुम्बडीवाल के भाड़े के आदमियों की बेरहमी का एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। जयपुर के जमवारामगढ़ की रहने वाली एक बेबस बुजुर्ग महिला अपने जवान बेटे की अस्थियां हाथ में लेकर पैसे कम कराने के लिए गिड़गिड़ाती नजर आ रही है। इस बेबस मां ने कुछ ही दिनों पहले अपने पति को खोया था और अब जवान बेटे की मौत के बाद वह अस्थि विसर्जन के लिए हाथ जोड़कर मिन्नतें कर रही है, लेकिन इन ठेकेदारों को किसी की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है। हरिद्वार में इन लोगों का ऐसा खौफ है कि वहां कोई भी व्यक्ति ₹6,000 से ₹7,000 से कम में अस्थि विसर्जन नहीं कर सकता। इन गुर्गों को इससे कोई मतलब नहीं है कि सामने वाले के घर में किसका देहांत हुआ है। इनका रोजाना का कलेक्शन ₹10 लाख से ₹12 लाख का है और इनके कई तरह के व्यापार चल रहे हैं। करोड़ों रुपये की दैनिक आमदनी वाले इन लोगों के नियंत्रण में हरिद्वार का पूरा शासन-प्रशासन है। जवान बेटे की मौत के बाद एक बूढ़ी मां को सिर्फ पैसे कम होने की वजह से अस्थि विसर्जन के लिए हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाना पड़े, इससे बड़ी और कोई पीड़ा नहीं हो सकती।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत के मामले को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस घटना की जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम भेजी गई है। मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दोषियों को बचाना नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का भरोसा दिलाया।1
- जयपुर में आरटीओ अधिकारियों द्वारा लाइव ₹200 की रिश्वत ली गई है। इस मामले में आरटीओ अधिकारियों को सीधे तौर पर ₹200 की रिश्वत लेते हुए लाइव पकड़ा गया है।1
- मध्यप्रदेश में दिनदहाड़े ट्रक चालकों से कथित अवैध वसूली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बैरिकेड्स लगाकर ट्रक चालकों से ₹200 की मांग की जा रही थी और पैसे नहीं देने पर चालान करने की धमकी दी जाती थी। इसी दौरान एक ट्रक चालक ने अपना मोबाइल कैमरा चालू कर संबंधित व्यक्ति से सीधे पूछा कि साफ-साफ बताइए क्या चाहिए। कैमरा ऑन होते ही वहां का माहौल बदल गया और वीडियो में कथित तौर पर लोग बैरिकेड्स हटाते हुए नजर आए। इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था और सड़क पर होने वाली कथित अवैध वसूली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और संबंधित विभाग की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इससे आम नागरिकों और ट्रक चालकों का कानून व्यवस्था पर भरोसा बना रहेगा और सड़क पर होने वाली किसी भी तरह की अवैध वसूली पर रोक लग सकेगी।1
- जयपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना किसी व्यापक चर्चा और संवाद के फैसले ले रही है, जिससे आम जनता परेशान हो रही है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति का विरोध करते हुए पायलट ने दावा किया कि इससे दोपहिया वाहनों के इंजन और माइलेज पर बुरा असर पड़ रहा है और ऑटो कंपनियां भी इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का जिक्र करते हुए कहा कि इस नीति के कारण उनकी पहल भी प्रभावित हुई है और जनता में इसे लेकर असंतोष बढ़ रहा है। पायलट ने केंद्र सरकार पर अहंकार में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा योजना को सीधे बंद करने के बजाय धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के पास रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां गांव, गरीब और युवाओं के हितों के बजाय केवल निजीकरण और कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि जनता इन सभी मुद्दों पर कड़ी नजर रखे हुए है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।1
- जयपुर ग्रामीण के जोबनेर कस्बे में दिनदहाड़े एक अस्पताल परिसर के बाहर खड़ी कार का शीशा तोड़कर बाइक सवार दो बदमाश ₹2 लाख की नकदी लेकर फरार हो गए। यह पूरी वारदात राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पीड़ित दौलत राम अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए जोबनेर अस्पताल आया था और उसने अपनी कार बाहर खड़ी की थी। बताया जा रहा है कि पीड़ित दौलत राम ने घटना से कुछ ही देर पहले बैंक से ₹2 लाख की नकदी निकाली थी। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने बैंक से ही पीड़ित की रेकी की थी और अस्पताल के बाहर मौका मिलते ही कार का शीशा तोड़कर वारदात को अंजाम दे दिया। जब दौलत राम अस्पताल से बाहर आया, तब उसे शीशा टूटा होने और चोरी होने की जानकारी मिली। यह घटना सोमवार की बताई जा रही है। चोरी की सूचना मिलने पर जोबनेर थाना प्रभारी हनुमान सहाय पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, जिसमें बाइक सवार दो संदिग्ध बदमाश दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस बैंक से लेकर अस्पताल तक के मार्ग के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के प्रयासों में जुटी है।1
- फिल्म '3 इडियट्स' में जिसे लूजर दिखाया गया था, वह असल जिंदगी में हीरो निकला है और फिल्म का हीरो असल जिंदगी में लूजर साबित हुआ है। दुनिया के लिए अब यह साफ तौर पर कहना पड़ता है कि '3 इडियट्स' का लूजर ही असल जिंदगी का असली हीरो है, जबकि फिल्म का हीरो असल जिंदगी में लूजर बन चुका है।1