खाद वितरण व्यवस्था पर बढ़ा विवाद, किसानों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन शक्तिफार्म। कृषि विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद क्षेत्र में उर्वरक (खाद) वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। किसान सेवा सहकारी समिति शक्तिफार्म के सचिव को दिये गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नई व्यवस्था के चलते किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 23 अप्रैल 2026 को कृषि निदेशालय द्वारा जारी आदेश के तहत यूरिया एवं डीएपी खाद के नियंत्रण, मिश्रण और वितरण की व्यवस्था लागू की गई, लेकिन इसके बाद से किसानों को समय पर पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। इससे खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और किसानों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और किसानों ने संयुक्त रूप से किसान सेवा सहकारी समिति पर तालाबंदी कर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने सरकार और कृषि विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि नई व्यवस्था किसानों के हितों के विपरीत है। प्रदर्शन कर रहे किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पूर्व की व्यवस्था को बहाल किया जाए, ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग उठाई कि उर्वरक की मात्रा बढ़ाई जाए, क्योंकि वर्तमान में मिल रही खाद किसानों की खपत के लिए पर्याप्त नहीं है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन को महज 15 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान समिति के अध्यक्ष के.पी. मण्डल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देते हुए बताया कि उक्त विषय की जानकारी कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को दे दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर बलवंत बोहरा, नवतेजपाल सिह,विष्णु तरफदार,महानंद विश्वास,शिव मण्डल,सपना ओझा,सुकुमार चक्रवर्ती,भगवान पांडेय,रविन्द्र वाइन,श्रीकांत मिस्त्री,लक्ष्मी चौधरी,शशि भूषण,विश्वजीत, जगदीश मण्डल,रंजीत मण्डल,सुनील हालदार,विनय विश्वास आदि थे।
खाद वितरण व्यवस्था पर बढ़ा विवाद, किसानों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन शक्तिफार्म। कृषि विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद क्षेत्र में उर्वरक (खाद) वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। किसान सेवा सहकारी समिति शक्तिफार्म के सचिव को दिये गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नई व्यवस्था के चलते किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 23 अप्रैल 2026 को कृषि निदेशालय द्वारा जारी आदेश के तहत यूरिया एवं डीएपी खाद के नियंत्रण, मिश्रण और वितरण की व्यवस्था लागू की गई, लेकिन इसके बाद से किसानों को समय पर पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। इससे खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और
किसानों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और किसानों ने संयुक्त रूप से किसान सेवा सहकारी समिति पर तालाबंदी कर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने सरकार और कृषि विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि नई व्यवस्था किसानों के हितों के विपरीत है। प्रदर्शन कर रहे किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पूर्व की व्यवस्था को बहाल किया जाए, ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग उठाई कि उर्वरक की मात्रा बढ़ाई जाए, क्योंकि वर्तमान में मिल रही खाद किसानों की खपत
के लिए पर्याप्त नहीं है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन को महज 15 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान समिति के अध्यक्ष के.पी. मण्डल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देते हुए बताया कि उक्त विषय की जानकारी कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को दे दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर बलवंत बोहरा, नवतेजपाल सिह,विष्णु तरफदार,महानंद विश्वास,शिव मण्डल,सपना ओझा,सुकुमार चक्रवर्ती,भगवान पांडेय,रविन्द्र वाइन,श्रीकांत मिस्त्री,लक्ष्मी चौधरी,शशि भूषण,विश्वजीत, जगदीश मण्डल,रंजीत मण्डल,सुनील हालदार,विनय विश्वास आदि थे।
- पीलीभीत। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गांधी सभागार में श्रृमवीर गौरव समारोह का आयोजन किया गया जिसमें लखनऊ से लाईव प्रसारण भी देखा गया इस दौरान श्रृमिकों को डीएम ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।1
- ⛽ चुनाव खत्म, महंगाई शुरू: जनता की जेब पर एक और 'सर्जिकल स्ट्राइक' 💸 5 राज्यों में वोटिंग क्या रुकी, महंगाई का तांडव शुरू हो गया! 30 अप्रैल तक जो कॉमर्शियल LPG सिलेंडर ₹2106 का था, आज 1 मई से उसकी कीमत ₹3099 हो गई है। असर की गणित समझिए: एक झटके में ₹993 की भारी बढ़ोतरी! छोटे दुकानदार (चाय, ढाबा, होटल) अगर महीने में 4 सिलेंडर जलाते हैं, तो उन पर ₹3972/महीना का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सालाना नुकसान लगभग ₹47,664। नतीजा क्या होगा? जब दुकानदार की लागत बढ़ेगी, तो आपकी चाय ₹10 से ₹15 और समोसा ₹20 से ₹30 का होगा ही। आखिर वह अपनी जेब से कब तक भरेगा? कड़वा सच: चुनाव तक 'अच्छे दिनों' के भाषण चलते हैं और चुनाव खत्म होते ही 'वसूली' का नया अर्थशास्त्र लागू हो जाता है। तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए जनता को महज एक ATM समझ लिया गया है। अगली बार जब विकास का गीत सुनाई दे, तो गैस की रसीद देख लीजिएगा—असली हाल वहीं लिखा है। 🧾🔥 #Inflation #LPGPriceHike #LPG #Economy #CommonMan #LPGPrice #SocialIssue #PostElection #BusinessNews1
- Post by Jagdish Ballabh Sharma2
- Post by समाचार Crime News1
- इस वीडियो में राजीव भाई ने स्वदेशी अपनाना और देश को मजबूत बनाने का संदेश दिया है। भक्ति के साथ-साथ समाज को जागरूक करने की बात भी कही गई है। ऐसे विचार हमें अपने जीवन में अपनाने चाहिए ताकि देश और समाज दोनों का भला हो सके।"1
- बिलासपुर में सपाईयों ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में शनिवार को तहसील भवन पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा, जिसमें पुरानी मीटर व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई,तो स्मार्ट मीटर उखाड़कर भाजपा नेताओं के घरों के आगे फेंके जाएंगे।तराई किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ सपा नेता तजिंदर सिंह विर्क के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील गेट के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने जुलूस निकालकर तहसील परिसर में प्रवेश किया और मुख्य भवन के सामने स्मार्ट मीटर तथा भाजपा सरकार के विरोध में नारे लगाए।कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में लिखे नारों वाली तख्तियां भी लहराईं।प्रदर्शन के दौरान उप जिलाधिकारी अरुण कुमार संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित थे।उन्होंने तहसीलदार शिव कुमार शर्मा को ज्ञापन लेने के लिए भेजा।तहसीलदार ने सपा नेता विर्क से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को निरस्त कर पुरानी पोस्टपेड मीटर व्यवस्था बहाल करने की मांग कीगई है।सपा नेता विर्क ने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था भारतीय जनमानस के विरुद्ध, अव्यवहारिक और विद्युत उपभोक्ता नियमों के प्रतिकूल है।उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी बनाने की बजाय घर-घर स्मार्ट मीटर लगाकर जनता को लूटा जा रहा है।विर्क ने कहा कि बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा करने वाली सरकार में स्मार्ट मीटर बुलेट से भी तेज चल रहे हैं।विर्क ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुरानी पोस्टपेड मीटर व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो जनता स्मार्ट मीटरों को उखाड़कर भाजपा नेताओं के घरों के आगे फेंक देगी।इस दौरान सपा नेता मोहम्मद याकूब खां और व्यापार मंडल के नगराध्यक्ष मोहम्मद अनस खां ने कहा कि यह मीटर गरीब-निर्धनों के लिए परेशानियों का सबब बने हुए हैं जबकि लगातार इन्हें बदलवाने की शिकायती की जा रही,तथा जनता सड़कों पर है, परन्तु कोई समाधान नही होना सरकार की तानाशाही का सबूत है।प्रदर्शन में सांसद प्रतिनिधि अथर अली खां,साहब सिंह कोटिया,प्रेमशंकर दिवाकर, नदीमयार खां,नजीब खां, सद्दाम पाशा, हरदीप सिंह, पंकज यादव सहित लगभग दो सौ कार्यकर्ता शामिल थे।4
- Post by Vikram Singh1
- पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम सम्सी द्वारा करोड़ों रुपए के हेरफेर के चलते पुलिस ने इल्हाम की पत्नी समेत कुल 7 रिश्तेदार महिलाओं को गिरफ्तार किया है।1
- Post by Jagdish Ballabh Sharma4