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"प्राकृतिक खेती अपनाओ रे" के तर्ज पर सोनू चौधरी ने गीत प्रस्तुत कर प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित...
Sumit Singh Chandel
"प्राकृतिक खेती अपनाओ रे" के तर्ज पर सोनू चौधरी ने गीत प्रस्तुत कर प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित...
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- Post by Sumit Singh Chandel1
- Post by Angad Tiwari1
- @ajay.namdeo,9826055307 शहडोल । शहडोल से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां चार्जिंग में लगी एक ई-स्कूटी अचानक आग का गोला बन गई और देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया,कुछ ही दिनों बाद बेटी की शादी होनी थी, लेकिन उससे पहले ही आग ने घर, जेवर, कैश और शादी की सारी तैयारियों को राख कर दिया, आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया, इस हादसे में घर में खड़ी दो बाइक, एक ई-स्कूटी, लाखों रुपये के जेवरात, करीब दो लाख रुपये नकद और बेटी की शादी का पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया, इंदौर जैसी घटना की तर्ज पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर ई-वाहनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं... मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड की तर्ज पर अब शहडोल जिले में एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ अमलाई थाना क्षेत्र के धनपुरी नगर पालिका अंतर्गत वार्ड नंबर 12 में स्थित महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर सुनीता रजक के निवास पर बीती रात ई-स्कूटी में हुए जोरदार धमाके ने पूरे घर को श्मशान बना दिया,21 अप्रैल को होने वाली बेटी की शादी की तैयारियों के बीच इस हादसे ने परिवार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, श्रीमती सुनीता रजक और उनका परिवार रात में गहरी नींद में था। घर के आंगन में खड़ी इलेक्ट्रिक ई-स्कूटी चार्जिंग पर लगी थी, रात के सन्नाटे में अचानक ई-स्कूटी की बैटरी में जोरदार ब्लास्ट हुआ और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने घर के इलेक्ट्रिक मीटर और मुख्य द्वार को अपनी चपेट में ले लिया, दीवार लांघकर बचाई जान, मौत के मुंह से निकला परिवार आग की तपिश और धुएं से जब परिवार की नींद खुली, तो बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका था, जान बचाने की जद्दोजहद में सुपरवाइजर सुनीता रजक, उनके पति और बेटी ने घर की पिछली दीवार लांघकर पड़ोसी के घर में शरण ली, इस दौरान किचन में रखे दो गैस सिलेंडर आग की जद में आ गए थे, गनीमत रही कि मोहल्ले वासियों और परिवार ने अदम्य साहस दिखाते हुए समय रहते जलते घर के अंदर से सिलेंडरों को बाहर निकाला, वरना एक बड़ा विस्फोट पूरे मोहल्ले को तबाह कर सकता था... इस भीषण आग में नुकसान का मंजर देख प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांप गई,हादसे में वाहन,घर में खड़ी दो पल्सर बाइक और एक ई-स्कूटी पूरी तरह जलकर कंकाल बन गई, 21 अप्रैल को होने वाली बेटी की शादी के लिए जुटाए गए लाखों के जेवरात, दो लाख रुपये नकद और गृहस्थी का कीमती फर्नीचर स्वाहा हो गया, आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर में रखा एक्वेरियम भी नहीं बच सका और उसमें मौजूद मछलियां तक जलकर मर गईं, वहीं, घर के मंदिर में रखी भगवान की प्रतिमाएं और इलेक्ट्रिक मीटर भी आग की चपेट में आ गए... घटना के दौरान दमकल विभाग की बड़ी चूक सामने आई, मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी का पाइप छोटा पड़ गया, जिससे आग बुझाने में बाधा आई। अंततः पड़ोसियों ने 5 घंटे तक बाल्टियों और बर्तनों से पानी डालकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था... वही इस पूरे मामले अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना क्षेत्र के अमराडंडी में एक महिला के घर अज्ञात कारणों से आग लगी थी, आगजनी कायम कर मामले की जांच की जा रही है।1
- वीडियो बनाते रहे लोग, खतरे को नजरअंदाज करता प्रबंधन , क्या हादसे का इंतजार कर रहा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व? उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) जिले में एक बार फिर लापरवाही का बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मानपुर रोड स्थित मगधी गेट के पास शनिवार सुबह एक डीएम बाघ को सड़क पार करते हुए देखा गया। हैरानी की बात यह रही कि जहां एक ओर बाघ जंगल की ओर जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाने में जुटे रहे। वायरल हो रहे वीडियो में साफ नजर आता है कि कई लोग अपने वाहन रोककर खड़े हैं, तो कुछ लोग वाहन से उतरकर सड़क पर ही बाघ के बेहद करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्थिति किसी भी वक्त गंभीर हादसे में बदल सकती थी। सौभाग्य से बाघ बिना किसी घटना के जंगल की ओर चला गया, लेकिन सवाल यह है कि अगर कुछ अनहोनी हो जाती तो जिम्मेदार कौन होता? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इस मार्ग पर कई बार बाघों की आवाजाही देखी जा चुकी है। इसके बावजूद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का प्रबंधन पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। न तो यहां पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम किए गए हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि जिस इलाके में वन्यजीवों की सक्रियता लगातार बनी हुई है, वहां न तो ट्रैफिक कंट्रोल है और न ही लोगों को जागरूक करने का कोई प्रयास दिखता है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ अक्सर ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में बिना किसी रोक-टोक के पहुंच जाती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। यह घटना सीधे तौर पर प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है। सवाल उठता है कि क्या अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं? क्या किसी इंसानी जान या वन्यजीव के नुकसान के बाद ही कार्रवाई होगी? जरूरत इस बात की है कि तत्काल प्रभाव से इस क्षेत्र में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए, वाहनों की गति सीमित की जाए और लोगों को ऐसे खतरनाक व्यवहार से रोका जाए। वरना अगली बार यह वीडियो नहीं, बल्कि हादसा बन सकता है।1
- *हिंदू मुस्लिम एकता मंच के सदस्य खेर माता रमपुरी जवारा जूलूस में हुए शामिल दिया एकता का संदेश* *एकता और भाईचारे की मिसाल बना जवारा जुलूस कार्यक्रम,* उमरिया - दिनांक 28 मार्च 2026 को उमरिया के खेर माता रमपुरी में आयोजित जवारा विसर्जन कार्यक्रम इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र बना, जब हिंदू मुस्लिम एकता मंच उमरिया द्वारा मां काली का भव्य स्वागत किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, भक्ति और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां काली की प्रतिमा के आगमन पर मंच के सदस्यों ने पुष्प वर्षा माल्यार्पण कर स्वागत किया। जय मां काली के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और भक्तिमय माहौल ने सभी को भावविभोर कर दिया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि धर्म चाहे अलग-अलग हों, लेकिन दिलों में एकता और प्रेम होना ही सच्ची ताकत है। जवारा विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और उत्साह के बीच पूरा नगर एक उत्सव में तब्दील नजर आया।यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक सुंदर मिसाल बनकर सामने आया। इस अवसर पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल कार्यक्रम में शामिल होना नहीं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश फैलाना है। धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। ऐसे आयोजन हमें एक-दूसरे के और करीब लाते हैं और समाज को मजबूत बनाते हैं। इस अवसर पर हिंदू मुस्लिम एकता मंच संयोजक राजेंद्र कोल ने कहा कि हिंदू मुस्लिम एकता मंच हमेशा सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। हमारा लक्ष्य समाज में प्रेम, शांति और सौहार्द बनाए रखना है। इस तरह के आयोजन आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं और समाज को एकजुट करते हैं। इस कार्यक्रम में मंच के सक्रिय सदस्य हनीफ खान, मो. मंसूर, राजेंद्र कुशवाहा, कृष्ण कांत तिवारी, आकाश पंडित सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी के सहयोग और सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।4
- "प्राकृतिक खेती अपनाओ रे" के तर्ज पर श्रीमती सोनू चौधरी ने गीत प्रस्तुत कर प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया।1
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631
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