महाराजा बिजली पासी के नाम पर हो देवरिया बाईपास: पासी समाज का महाआंदोलन, हुंकार से गूंजा गोरखपुर गोरखपुर के देवरिया बाईपास चौराहे का नामकरण महान शासक और वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के नाम पर करने की मांग को लेकर पासी समाज ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। महाराजा बिजली पासी के नाम पर हो देवरिया बाईपास: पासी समाज का महाआंदोलन, हुंकार से गूंजा गोरखपुर गोरखपुर के देवरिया बाईपास चौराहे का नामकरण महान शासक और वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के नाम पर करने की मांग को लेकर पासी समाज ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट होकर समाज के लोगों ने अपने आत्मसम्मान और गौरवशाली विरासत की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की। आत्मसम्मान और पहचान की लड़ाई प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक चौराहे के नामकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पासी समाज के गौरवशाली इतिहास और अस्मिता से जुड़ा विषय है। वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के बलिदान और योगदान को पहचान दिलाने के लिए समाज लंबे समय से प्रयासरत है। प्रशासनिक लेटलतीफी पर जताया रोष आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस मांग को लेकर ज्ञापन और अपील की जा रही है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस उपेक्षा से नाराज होकर समाज के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। महाआंदोलन में भारी जनसैलाब देवरिया बाईपास पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में तिरंगा, बैनर और महाराजा बिजली पासी के चित्र लेकर हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि जब तक चौराहे का नाम आधिकारिक रूप से महाराजा बिजली पासी चौक घोषित नहीं किया जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
महाराजा बिजली पासी के नाम पर हो देवरिया बाईपास: पासी समाज का महाआंदोलन, हुंकार से गूंजा गोरखपुर गोरखपुर के देवरिया बाईपास चौराहे का नामकरण महान शासक और वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के नाम पर करने की मांग को लेकर पासी समाज ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। महाराजा बिजली पासी के नाम पर हो देवरिया बाईपास: पासी समाज का महाआंदोलन, हुंकार से गूंजा गोरखपुर गोरखपुर के देवरिया बाईपास चौराहे का नामकरण महान शासक और वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के नाम पर करने की मांग को लेकर पासी समाज ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट होकर समाज के लोगों ने अपने आत्मसम्मान और गौरवशाली विरासत की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की। आत्मसम्मान और पहचान की लड़ाई प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक चौराहे के नामकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पासी समाज के गौरवशाली इतिहास और अस्मिता से जुड़ा विषय है। वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के बलिदान और योगदान को पहचान दिलाने के लिए समाज लंबे समय से प्रयासरत है। प्रशासनिक लेटलतीफी पर जताया रोष आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस मांग को लेकर ज्ञापन और अपील की जा रही है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस उपेक्षा से नाराज होकर समाज के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। महाआंदोलन में भारी जनसैलाब देवरिया बाईपास पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में तिरंगा, बैनर और महाराजा बिजली पासी के चित्र लेकर हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि जब तक चौराहे का नाम आधिकारिक रूप से महाराजा बिजली पासी चौक घोषित नहीं किया जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
- उन्नाव: पशुक्रूरता अधिनियम की धज्जियां उड़ाने का आरोप, छोटे वाहनों से पशुओं का ट्रांसपोर्ट। सभी मानकों को ताक पर रखकर छोटे वाहनों में ठूंसकर पशुओं को ले जाने का दावा। एक छोटे वाहन में 6 पशु लदे होने की तस्वीरें पशु परिवहन के इंतजामों पर सवाल खड़े कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, स्लॉटर हाउस पहुंचने वाले करीब 80% छोटे वाहन सीधे AOV स्लॉटर हाउस में दाखिल होते हैं। आरोप है कि प्रवेश के दौरान पशुओं के दस्तावेज, उम्र, स्वास्थ्य और खरीद संबंधी कागजात की जांच नहीं होती। वाहनों की जांच व्यवस्था पर भी सवाल—आखिर जिम्मेदारों की निगरानी में नियमों की अनदेखी कैसे? अनादि TV1
- ‼️जगदलपुर में शराब का ओवररेट खेल! चांदनी चौक की दुकान पर आरोप, आबकारी विभाग की निगरानी पर उठे सवाल‼️ जगदलपुर के केवरामुंडा-चांदनी चौक क्षेत्र की शराब दुकान पर निर्धारित कीमत से ज्यादा में शराब बेचने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई और जांच की मांग उठाई है। अब सवाल है—शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं? मामले में आबकारी विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है। स्वागत जिंदगी से संवाददाता कमल साय के साथ सोनिया मूर्ति की खास रिपोर्ट।1
- RSS की कसौटी पास,,तभी टिकट की आस, संघ ने संभाली यूपी चुनाव की कमान1
- कानपुर: ख्योरा-जमुनानगर-मकड़ीखेड़ा में जलभराव से जनता बेहाल | अधिकारी मौके पर, राहत का इंतजार ब्रेकिंग न्यूज़—कानपुर से इस वक्त की बड़ी तस्वीरें सामने आ रही हैं। ख्योरा, जमुनानगर और मकड़ीखेड़ा समेत आसपास के इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगह सड़कें पानी में डूबी नजर आ रही हैं और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी और कीचड़ के कारण बच्चों, बुजुर्गों और रोज काम पर जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों की मांग है कि प्रभावित इलाकों से तत्काल पानी निकालने के साथ-साथ स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था की जाए। हालात को देखते हुए संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और जलनिकासी व राहत व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। इससे पहले मकड़ीखेड़ा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान हाईपावर पंपों के जरिए जलनिकासी तेज करने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन जनता का सवाल अब भी सीधा है—अगर हर बारिश में यही हाल होना है, तो स्थायी समाधान कब होगा? लोग प्रशासन और सरकार से मांग कर रहे हैं कि केवल पानी निकालने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि नालों की सफाई, जलनिकासी मार्गों की क्षमता और भविष्य में जलभराव रोकने की स्थायी व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाए। ख्योरा से जमुनानगर और मकड़ीखेड़ा तक—जनता राहत चाहती है और अब जवाब भी चाहती है। कैमरे के साथ, Current Time News।1
- कानपुर जिलाधिकारी ने एएचएम-डफरिन और यूएचएम जिला अस्पताल का निरीक्षण किया कानपुर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने एएचएम-डफरिन और यूएचएम जिला अस्पताल का निरीक्षण किया डीएम ने अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। डफरिन में इमरजेंसी, ट्रायेज, प्रसूति वार्ड और एसएनसीयू का निरीक्षण किया। एमएलसीयू, स्तनपान प्रबंधन इकाई, फार्मेसी और ओपीडी की व्यवस्थाएं भी देखीं। मॉडल टीकाकरण केंद्र और एनीमिया प्रबंधन इकाई की भी जानकारी ली। यूएचएम अस्पताल में ओपीडी, ब्लड बैंक और डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। दवाओं, उपकरणों और मशीनों की उपलब्धता व संचालन की जानकारी ली। खराब उपकरणों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। अस्पतालों में कमियों और गैप को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने को कहा। सुधार संबंधी बिंदुओं की सूची तैयार कर DHS बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।1
- आम जनता को सबाल पूछना हुआ भारी बीजेपी विधायक ने जड़ा थप्पड़ सवाल पूछना जनता का हक़ है, थप्पड़ मारना सत्ता का अधिकार नहीं। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा पर दौरे के दौरान एक युवा को थप्पड़ मारने का आरोप सामने आया है। सत्ता का अहंकार चाहे जितना बढ़ जाए, जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।1
- आधार कार्ड देने के बाद भी नाम नहीं जुड़ा, मोबाइल तोड़ने का आरोप—प्राथमिक विद्यालय का वीडियो वायरल आधार कार्ड देने के बाद भी नाम नहीं जुड़ा, मोबाइल तोड़ने का आरोप—प्राथमिक विद्यालय का वीडियो वायरल वायरल वीडियो में प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में एक महिला द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि आधार कार्ड दो बार दिए जाने के बावजूद बच्चे का नाम दर्ज नहीं किया जा रहा है। वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्कूल के एक कर्मचारी/शिक्षक द्वारा पकड़े जाने के बाद बच्चे के भाई का मोबाइल फोन तोड़ दिया गया। साथ ही वीडियो में स्कूल में पढ़ाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और दावा किया जा रहा है कि शिक्षक आपस में बातचीत में व्यस्त रहते हैं। वीडियो में स्कूल परिसर और वहां मौजूद कुछ लोगों को भी देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब सवाल यह है कि अगर आरोप सही हैं तो बच्चे का नाम दर्ज करने में आखिर इतनी परेशानी क्यों हुई? मोबाइल तोड़े जाने का आरोप कितना सही है और स्कूल में पढ़ाई की वास्तविक स्थिति क्या है? शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच और तथ्य सामने लाने की मांग उठ रही है।1
- महाराजा बिजली पासी के नाम पर हो देवरिया बाईपास: पासी समाज का महाआंदोलन, हुंकार से गूंजा गोरखपुर गोरखपुर के देवरिया बाईपास चौराहे का नामकरण महान शासक और वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के नाम पर करने की मांग को लेकर पासी समाज ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। महाराजा बिजली पासी के नाम पर हो देवरिया बाईपास: पासी समाज का महाआंदोलन, हुंकार से गूंजा गोरखपुर गोरखपुर के देवरिया बाईपास चौराहे का नामकरण महान शासक और वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के नाम पर करने की मांग को लेकर पासी समाज ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट होकर समाज के लोगों ने अपने आत्मसम्मान और गौरवशाली विरासत की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की। आत्मसम्मान और पहचान की लड़ाई प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक चौराहे के नामकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पासी समाज के गौरवशाली इतिहास और अस्मिता से जुड़ा विषय है। वीर शिरोमणि महाराजा बिजली पासी के बलिदान और योगदान को पहचान दिलाने के लिए समाज लंबे समय से प्रयासरत है। प्रशासनिक लेटलतीफी पर जताया रोष आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इस मांग को लेकर ज्ञापन और अपील की जा रही है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस उपेक्षा से नाराज होकर समाज के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। महाआंदोलन में भारी जनसैलाब देवरिया बाईपास पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में तिरंगा, बैनर और महाराजा बिजली पासी के चित्र लेकर हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि जब तक चौराहे का नाम आधिकारिक रूप से महाराजा बिजली पासी चौक घोषित नहीं किया जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।1