*सात कोठड़ी महादेव मित्र मंडल ने लगाए दो विशाल साइन बोर्ड* *अब श्रद्धालुओं के लिए प्राचीन सिद्ध शिवधाम तक पहुंचना होगा आसान* *सात कोठड़ी महादेव मित्र मंडल ने लगाए दो विशाल साइन बोर्ड* *अब श्रद्धालुओं के लिए प्राचीन सिद्ध शिवधाम तक पहुंचना होगा आसान* राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/सावन माह के प्रथम दिवस पर ऐतिहासिक नगरी मांडू स्थित पांडवकालीन प्राचीन सिद्ध शिवधाम सात कोठड़ी महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं मंदिर के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सात कोठड़ी महादेव मित्र मंडल धार द्वारा दो बड़े दिशा-सूचक साइन बोर्ड स्थापित किए गए। एक बोर्ड मुख्य मार्ग पर तथा दूसरा मंदिर परिसर के समीप लगाया गया, जिससे आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक अब सहजता से इस पावन धाम तक पहुंच सकेंगे। लोकमान्यताओं के अनुसार यह प्राचीन मंदिर महाभारत काल में पांडवों द्वारा अज्ञातवास के दौरान स्थापित किया गया था। वर्षों से यह स्थान शिव भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र रहा है। मान्यता है कि यहां स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर गर्भगृह से वर्षभर प्राकृतिक जलधारा प्रवाहित होती रहती है, मानो स्वयं प्रकृति भगवान शिव का अखंड जलाभिषेक कर रही हो। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से यहां की गई प्रार्थना एवं मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं, इसलिए यह मंदिर क्षेत्र में सिद्ध एवं चमत्कारी शिवधाम के रूप में विख्यात है। सात कोठड़ी महादेव मित्र मंडल के सदस्य राजीव जोशी, श्रीजीत तोमर, बंटी डोड, त्रिलोक डोडिया, एडवोकेट मनोज सिंह सिसोदिया, श्याम बाबा एवं भूपेंद्र चौहान विगत चार वर्षों से इस पावन धाम से जुड़े हुए हैं। सावन के प्रत्येक अवसर पर यहां दर्शन एवं सेवा कार्य करने आने वाले इन शिवभक्तों ने कुछ समय पूर्व मंदिर की पहचान बढ़ाने, श्रद्धालुओं की सुविधा उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सुधार कार्यों का संकल्प लिया था। उसी संकल्प की पहली कड़ी के रूप में यह साइन बोर्ड लगाए गए। मित्र मंडल के सदस्य श्रीजीत तोमर ने बताया कि सात कोठड़ी महादेव मंदिर मांडू की प्राकृतिक वादियों में स्थित वास्तव में एक सिद्ध एवं चमत्कारी शिवधाम है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। साइन बोर्ड लगाए जाने पर आसपास के ग्रामीण श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। स्थानीय ग्रामीण जितेंद्र वास्केल एवं जितेंद्र भाभर ने इस बोर्डों की देखरेख का दायित्व भी स्वीकार किया। उन्होंने मंदिर तक जाने वाले मार्ग के शीघ्र सुधार की मांग भी रखी। इस अवसर पर राजीव जोशी ने बताया कि मंदिर पहुंच मार्ग के निर्माण एवं विकास के संबंध में स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर से चर्चा की गई है। उन्होंने इस पवित्र कार्य को प्राथमिकता से कराने का सकारात्मक आश्वासन दिया है। मित्र मंडल का उद्देश्य केवल साइन बोर्ड लगाना नहीं, बल्कि इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को प्रदेश और देशभर के श्रद्धालुओं तक पहुंचाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्राचीन सिद्ध शिवधाम के दर्शन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
*सात कोठड़ी महादेव मित्र मंडल ने लगाए दो विशाल साइन बोर्ड* *अब श्रद्धालुओं के लिए प्राचीन सिद्ध शिवधाम तक पहुंचना होगा आसान* *सात कोठड़ी महादेव मित्र मंडल ने लगाए दो विशाल साइन बोर्ड* *अब श्रद्धालुओं के लिए प्राचीन सिद्ध शिवधाम तक पहुंचना होगा आसान* राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/सावन माह के प्रथम दिवस पर ऐतिहासिक नगरी मांडू स्थित पांडवकालीन प्राचीन सिद्ध शिवधाम सात कोठड़ी महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं मंदिर के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सात कोठड़ी महादेव मित्र मंडल धार द्वारा दो बड़े दिशा-सूचक साइन बोर्ड स्थापित किए गए। एक बोर्ड मुख्य मार्ग पर तथा दूसरा मंदिर परिसर के समीप लगाया गया, जिससे आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक अब सहजता से इस पावन धाम तक पहुंच सकेंगे। लोकमान्यताओं के अनुसार यह प्राचीन मंदिर महाभारत काल में पांडवों द्वारा अज्ञातवास के दौरान स्थापित किया गया था। वर्षों से यह स्थान शिव भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र रहा है। मान्यता है कि यहां स्थित स्वयंभू
शिवलिंग पर गर्भगृह से वर्षभर प्राकृतिक जलधारा प्रवाहित होती रहती है, मानो स्वयं प्रकृति भगवान शिव का अखंड जलाभिषेक कर रही हो। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से यहां की गई प्रार्थना एवं मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं, इसलिए यह मंदिर क्षेत्र में सिद्ध एवं चमत्कारी शिवधाम के रूप में विख्यात है। सात कोठड़ी महादेव मित्र मंडल के सदस्य राजीव जोशी, श्रीजीत तोमर, बंटी डोड, त्रिलोक डोडिया, एडवोकेट मनोज सिंह सिसोदिया, श्याम बाबा एवं भूपेंद्र चौहान विगत चार वर्षों से इस पावन धाम से जुड़े हुए हैं। सावन के प्रत्येक अवसर पर यहां दर्शन एवं सेवा कार्य करने आने वाले इन शिवभक्तों ने कुछ समय पूर्व मंदिर की पहचान बढ़ाने, श्रद्धालुओं की सुविधा उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सुधार कार्यों का संकल्प लिया था। उसी संकल्प की पहली कड़ी के रूप में यह साइन बोर्ड लगाए गए। मित्र मंडल के सदस्य श्रीजीत तोमर ने बताया कि सात कोठड़ी महादेव मंदिर मांडू की प्राकृतिक वादियों में
स्थित वास्तव में एक सिद्ध एवं चमत्कारी शिवधाम है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। साइन बोर्ड लगाए जाने पर आसपास के ग्रामीण श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। स्थानीय ग्रामीण जितेंद्र वास्केल एवं जितेंद्र भाभर ने इस बोर्डों की देखरेख का दायित्व भी स्वीकार किया। उन्होंने मंदिर तक जाने वाले मार्ग के शीघ्र सुधार की मांग भी रखी। इस अवसर पर राजीव जोशी ने बताया कि मंदिर पहुंच मार्ग के निर्माण एवं विकास के संबंध में स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर से चर्चा की गई है। उन्होंने इस पवित्र कार्य को प्राथमिकता से कराने का सकारात्मक आश्वासन दिया है। मित्र मंडल का उद्देश्य केवल साइन बोर्ड लगाना नहीं, बल्कि इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को प्रदेश और देशभर के श्रद्धालुओं तक पहुंचाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्राचीन सिद्ध शिवधाम के दर्शन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
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- नंबर प्लेट की जगह बजरंग दल हिंदू परिषद लिखा हुआ है यह गुंडागर्दी की मिसाल है इंदौर मध्य प्रदेश में उसके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए1
- इंदौर के बेटे मेजर हमज़ा आरिफ का राजस्थान में सड़क दुर्घटना में दुखद निधनड्यूटी के दौरान लौटते समय सेना के वाहन की ऊँट से हुई टक्कर मेजर हमज़ा हुए बलिदान दो अन्य जवान घायल। केट एरिया इन्दौर इंदौर के राजेंद्र नगर क्षेत्र के निवासी सेना में मेजर हमज़ा आरिफ गुरुवार की रात राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में बलिदान हो गए । 31 वर्षीय मेजर हमज़ा अपने साथी सैन्य कर्मियों के साथ सेना के वाहन से ड्यूटी से वापस आ रहे थे इस दौरान उनका वाहन सड़क से गुजर रहे ऊंट से टकरा कर पलट गया । मेजर हमज़ा बलिदान हुए जबकि उनके दो अन्य साथी गंभीर घायल हुए हैं। मेजर हमज़ा का शव संभवतः शनिवार दोपहर तक इंदौर पहुंचेगा उसके बाद पूर्ण सम्मान के साथ उन्हें दफनाया जाएगा। मेजर आरिफ हमजा सेना में रहकर विगत 9 वर्षों से देश की सेवा कर रहे थे। अभी 1 माह पूर्व ही उनका विवाह हुआ था। परिवार में माता पिता और तीन बहने हैं। पिता आर आर कैट से सेवानिवृत हो कर राजेंद्र नगर क्षेत्र में ही निवास कर रहे थे। मेजर हमज़ा के निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। राऊ विधायक मधु वर्मा, स्थानीय पार्षद प्रशांत बडवे, नवनीत हार्डिया सहित अनेक लोगों ने उनके घर पहुंच कर परिवार को सांत्वना दी एवं विश्वास दिलाया कि शोक की घड़ी में पूरा देश परिवार के साथ खड़ा है।.1
- VIRAL VIDEO की निकली अलग कहानी! जिसे पति बताया गया, वह निकला पूर्व मालिक... पीड़िता ने किया बड़ा खुलासा इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में महिला से मारपीट के वायरल वीडियो मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़ित महिला ने दावा किया है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति उसका पति नहीं, बल्कि उसका पूर्व मालिक है। महिला का आरोप है कि वह लंबे समय से उसे परेशान करता था, मारपीट करता था और बदनाम करने की धमकी देता था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले ने सोशल मीडिया पर वायरल दावों की सत्यता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- वाइरल वीडियो में स्कूली छात्राओं ने अपने माता पिता से सन्देश के माध्यम से बच्चो को मोबाइल न देने की एक मार्मिक अपील1
- बारिश के बीच जलती चिता का वीडियो वायरल, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल एक तरफ विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर बदहाली की यह झकझोर देने वाली तस्वीर। मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है, जहां तेज बारिश के बीच एक मासूम के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना शुक्रवार की है, जहां धार जिले के दसई स्थित अनाज मंडी परिसर में आदिवासी समाज के एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई थी। इसके बाद जब परिजन और समाज के लोग बालक का अंतिम संस्कार करने पहुंचे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट पर पक्के शेड और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिजनों को जलती चिता को भीगने से बचाने के लिए खुद हाथों में तिरपाल तानकर खड़े रहना पड़ा। किसी ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। एक तरफ सरकार द्वारा आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए करोड़ों रुपये की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाने का दावा किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ, धरातल पर सामने आ रही ऐसी तस्वीरें यह बयां करती हैं कि आज भी इस वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। समाज के एक व्यक्ति के अनुसार, क्षेत्र में आदिवासी समाज के लिए श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था नहीं है और स्थानीय सरपंच द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर शेड उपलब्ध होने चाहिए ताकि शोक संतप्त परिजनों को परेशानी का सामना न करना पडे इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार स्थलों पर स्थायी शेड और आवश्यक व्यवस्थाएं होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिवार को दुख की इस घड़ी में ऐसी लाचारी का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दसई में जल्द ही एक सर्वसुविधायुक्त श्मशान घाट का निर्माण हो पाएगा3