बारिश के बीच जलती चिता का वीडियो वायरल, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल एक तरफ विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर बदहाली की यह झकझोर देने वाली तस्वीर। मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है, जहां तेज बारिश के बीच एक मासूम के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना शुक्रवार की है, जहां धार जिले के दसई स्थित अनाज मंडी परिसर में आदिवासी समाज के एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई थी। इसके बाद जब परिजन और समाज के लोग बालक का अंतिम संस्कार करने पहुंचे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट पर पक्के शेड और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिजनों को जलती चिता को भीगने से बचाने के लिए खुद हाथों में तिरपाल तानकर खड़े रहना पड़ा। किसी ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। एक तरफ सरकार द्वारा आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए करोड़ों रुपये की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाने का दावा किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ, धरातल पर सामने आ रही ऐसी तस्वीरें यह बयां करती हैं कि आज भी इस वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। समाज के एक व्यक्ति के अनुसार, क्षेत्र में आदिवासी समाज के लिए श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था नहीं है और स्थानीय सरपंच द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर शेड उपलब्ध होने चाहिए ताकि शोक संतप्त परिजनों को परेशानी का सामना न करना पडे इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार स्थलों पर स्थायी शेड और आवश्यक व्यवस्थाएं होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिवार को दुख की इस घड़ी में ऐसी लाचारी का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दसई में जल्द ही एक सर्वसुविधायुक्त श्मशान घाट का निर्माण हो पाएगा
बारिश के बीच जलती चिता का वीडियो वायरल, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल एक तरफ विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर बदहाली की यह झकझोर देने वाली तस्वीर। मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है, जहां तेज बारिश के बीच एक मासूम के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना शुक्रवार की है, जहां धार जिले के दसई स्थित अनाज मंडी परिसर में आदिवासी समाज के एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई थी। इसके बाद जब परिजन और समाज के लोग
बालक का अंतिम संस्कार करने पहुंचे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट पर पक्के शेड और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिजनों को जलती चिता को भीगने से बचाने के लिए खुद हाथों में तिरपाल तानकर खड़े रहना पड़ा। किसी ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। एक तरफ सरकार द्वारा आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए करोड़ों रुपये की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाने का दावा किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ, धरातल पर सामने आ रही ऐसी तस्वीरें यह बयां करती हैं कि आज भी इस वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। समाज के एक व्यक्ति के अनुसार, क्षेत्र में आदिवासी समाज के लिए श्मशान घाट की समुचित
व्यवस्था नहीं है और स्थानीय सरपंच द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर शेड उपलब्ध होने चाहिए ताकि शोक संतप्त परिजनों को परेशानी का सामना न करना पडे इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार स्थलों पर स्थायी शेड और आवश्यक व्यवस्थाएं होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिवार को दुख की इस घड़ी में ऐसी लाचारी का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दसई में जल्द ही एक सर्वसुविधायुक्त श्मशान घाट का निर्माण हो पाएगा
- gram punasala tahsil jila khargon MP 45 1331 hamari samasya hamare hamare gaon ichchapur Se punasala jaane ki sivana jaane ke liye rasta bandh pakka nahin Hai clear rasta nahin Hai pakka road nahin Hai Nadi mein puliya nahin Hai School Wale bacchon Ko aane jaane mein bahut samasya Hoti Hai Nadi paar karvane bapu Jana padta hai hamari samasya yahi hai iska Samadhan Karen MP Shivraj Singh Shivraj Singh landline 181 per main yah request kar raha hun Naam Raghunath Gram ichchapur Gram punasala tahsil jila khargon MP Madhya Pradesh Naka court 4513 311
- सनावद पुलिस की बड़ी सफलता 50 लाख रुपएकी 51 मोटरसाइकिल जप्त *सनावद पुलिस की बड़ी सफलता: 50 लाख रुपये की मोटरसाइकिलों के साथ अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, 3 आरोपी गिरफ्तार*। रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान सनावद (खरगोन): पुलिस अधीक्षक खरगोन रवींद्र वर्मा के निर्देशों के परिपालन में थाना सनावद पुलिस की टीम ने वाहन चोरी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजिला मोटरसाइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग ₹50 लाख कीमत की चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। विगत कुछ समय से खरगोन जिले के सनावद, कोतवाली, बड़वाह, भीकनगांव, भगवानपुरा और चैनपुर क्षेत्र के भीड़भाड़ वाले इलाकों में दिन-दहाड़े वाहन चोरी की वारदातें बढ़ रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी बड़वाह श्रीमती अर्चना रावत के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी सनावद उप-निरीक्षक धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। मास्टर चाबी और 5 मिनट का खेल: यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में खड़ी गाड़ियों के खराब या ढीले लॉक की पहचान करते थे और महज 5 मिनट के भीतर मोटरसाइकिल चुराकर रफूचक्कर हो जाते थे। चोरी की गाड़ियों को वे ग्रामीण इलाकों की भोली-भाली जनता को यह झांसा देकर सस्ते में बेच देते थे कि "2-4 दिन में गाड़ी के ओरिजिनल कागजात मिल जाएंगे।" गिरफ्तार आरोपी: बंटी पिता छोटेलाल साहू (45 वर्ष), निवासी ग्राम पिपराना (बुरहानपुर), हाल मुकाम मोरघड़ी (खंडवा)। बादल पिता समेर वर्मा (22 वर्ष), निवासी रहीमपुरा (खरगोन), हाल मुकाम पुनर्वास सनावद। मनोहर पिता हौसीलाल मोरी (55 वर्ष), निवासी एलआईजी कॉलोनी, पंधाना (खंडवा)। गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है। इस सराहनीय कार्रवाई में सनावद पुलिस टीम के उप-निरीक्षक सुरेंद्र पवार, उप निरीक्षक संदीप कुशवाह राजन चौहान, करण सिंह डाबर, बहादुर सिंह राजेंद्र चौहान विनोद गौड़ श्री कृष्णा बिरला सुनील कुमार सरदार निगम अरुण मीणा राहुल गुर्जर विजय सिसोदिया साइबर सेल से कपिल करोसिया सचिन चौधरी अभिलाष डोंगरे इन सभी का सहयोग रहा�1
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- निवाली में उल्टी-दस्त और बुखार के बढ़ते मामलों पर नगर परिषद की कार्रवाई, सभी वार्डों में कराया फॉगिंग* 1. निवाली में उल्टी-दस्त और बुखार के बढ़ते मामलों पर नगर परिषद की कार्रवाई, सभी वार्डों में कराया फॉगिंग* *2. बीमारियों से बचाव को लेकर निवाली नगर परिषद सक्रिय, फॉगिंग मशीन से किया धुंआ* *3. निवाली: संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर फॉगिंग, CMO ने लिया जायजा समाचार *निवाली, बड़वानी 31 जुलाई शुक्रवार (स्वतंत्र पत्रकार सुनील सोनी) :* नगर में उल्टी, दस्त, सर्दी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद नगर परिषद ने बीमारियों से बचाव के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। ज्ञात हो कि नगर में बड़ी संख्या में मरीज शासकीय अस्पताल एवं निजी दवाखानों में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। स्थिति को देखते हुए नगर परिषद द्वारा कल गुरुवार शाम को नगर के सभी वार्डों में *फॉगिंग मशीन* चलाकर धुंआ किया गया। *नगर परिषद CMO श्री आर.एस. सोलंकी* एवं *राजस्व उप निरीक्षक श्री केतराम ब्राम्हण* के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। फॉगिंग का मुख्य उद्देश्य मच्छरों एवं संक्रमण को खत्म कर बीमारियों पर नियंत्रण करना है। CMO श्री सोलंकी ने बताया कि जो स्थान छूट गए हैं वहां भी जल्द ही फॉगिंग मशीन से धुंआ कराया जाएगा। साथ ही आगे भी समय-समय पर पूरे नगर में फॉगिंग कराई जाती रहेगी ताकि नागरिक बीमारियों से सुरक्षित रह सकें। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, पानी को ढककर रखें और बुखार, उल्टी-दस्त के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।2
- वाइरल वीडियो में स्कूली छात्राओं ने अपने माता पिता से सन्देश के माध्यम से बच्चो को मोबाइल न देने की एक मार्मिक अपील1
- बारिश के बीच जलती चिता का वीडियो वायरल, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल एक तरफ विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे हैं, तो दूसरी तरफ जमीन पर बदहाली की यह झकझोर देने वाली तस्वीर। मध्य प्रदेश के धार जिले से सामने आई एक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है, जहां तेज बारिश के बीच एक मासूम के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना शुक्रवार की है, जहां धार जिले के दसई स्थित अनाज मंडी परिसर में आदिवासी समाज के एक बालक की सर्पदंश से मौत हो गई थी। इसके बाद जब परिजन और समाज के लोग बालक का अंतिम संस्कार करने पहुंचे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट पर पक्के शेड और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिजनों को जलती चिता को भीगने से बचाने के लिए खुद हाथों में तिरपाल तानकर खड़े रहना पड़ा। किसी ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। एक तरफ सरकार द्वारा आदिवासियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए करोड़ों रुपये की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाने का दावा किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ, धरातल पर सामने आ रही ऐसी तस्वीरें यह बयां करती हैं कि आज भी इस वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। समाज के एक व्यक्ति के अनुसार, क्षेत्र में आदिवासी समाज के लिए श्मशान घाट की समुचित व्यवस्था नहीं है और स्थानीय सरपंच द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसे स्थानों पर शेड उपलब्ध होने चाहिए ताकि शोक संतप्त परिजनों को परेशानी का सामना न करना पडे इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार स्थलों पर स्थायी शेड और आवश्यक व्यवस्थाएं होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिवार को दुख की इस घड़ी में ऐसी लाचारी का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के संज्ञान में आने के बाद स्थानीय प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या दसई में जल्द ही एक सर्वसुविधायुक्त श्मशान घाट का निर्माण हो पाएगा3