मथुरा के थाना जैत क्षेत्र से पुलिस भ्रष्टाचार का एक गंभीर आरोप सामने आया है। उपनिरीक्षक हरेन्द्र सिंह, जो मु०अ०सं० 0469/25 की विवेचना कर रहे हैं, पर आरोप है कि उन्होंने मुकदमे के वादी से कथित रूप से 70 हजार रुपये लिए। यह धनराशि आरोपपत्र दाखिल कराने और अभियुक्तों की गिरफ्तारी कराने के नाम पर ली गई थी। शिकायतकर्ता छैल बिहारी के अनुसार, विवेचक ने उनके पिता, जो इस मुकदमे के वादी हैं, से यह रकम ली थी। हालांकि, शिकायतकर्ता का दावा है कि रकम लेने के बावजूद न तो अभी तक आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है और न ही अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। छैल बिहारी ने यह भी बताया कि उनके पास एक फोन रिकॉर्डिंग है जिसमें विवेचक ने पैसे लेने की बात स्वीकार की है। अब पीड़ित पक्ष ने उच्च अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने, रकम वापस दिलाने और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस विभाग द्वारा मामले की जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता सामने आ पाएगी।
मथुरा के थाना जैत क्षेत्र से पुलिस भ्रष्टाचार का एक गंभीर आरोप सामने आया है। उपनिरीक्षक हरेन्द्र सिंह, जो मु०अ०सं० 0469/25 की विवेचना कर रहे हैं, पर आरोप है कि उन्होंने मुकदमे के वादी से कथित रूप से 70 हजार रुपये लिए। यह धनराशि आरोपपत्र दाखिल कराने और अभियुक्तों की गिरफ्तारी कराने के नाम पर ली गई थी। शिकायतकर्ता छैल बिहारी के अनुसार, विवेचक ने उनके पिता, जो इस मुकदमे के वादी हैं, से यह रकम ली थी। हालांकि, शिकायतकर्ता का दावा है कि रकम लेने के बावजूद न तो अभी तक आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है और न ही अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। छैल बिहारी ने यह भी बताया कि उनके पास एक फोन रिकॉर्डिंग है जिसमें विवेचक ने पैसे लेने की बात स्वीकार की है। अब पीड़ित पक्ष ने उच्च अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने, रकम वापस दिलाने और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस विभाग द्वारा मामले की जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता सामने आ पाएगी।
- उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों में कातिब और मुंशी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। यह हड़ताल ऑनलाइन सिस्टम लागू किए जाने के विरोध में की जा रही है, जिसके चलते सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में काम पूरी तरह ठप हो गया है।1
- मथुरा में विभिन्न नागरिक और व्यापारिक समस्याओं से परेशान व्यापारियों ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। सड़कों की खुदाई, जलभराव, अवैध वसूली और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से नाराज व्यापारियों ने नगर निगम का घेराव करने का निर्णय लिया था। शहर के प्रमुख मार्गों, जैसे पुराना बस स्टैंड से होलीगेट और कृष्णपुरी चौराहे से होलीगेट पर एक साथ सड़कों की खुदाई होने से आवागमन और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। व्यापारियों ने नगर निगम के सचल दल पर अवैध वसूली और व्यापारियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया था। इसके अतिरिक्त, नालों की समय पर सफाई न होने के कारण जलभराव और दुकानों के डूबने का खतरा बना हुआ था। जवाहर हाट के विस्थापितों की दुकानों और आवासों के कर जमा करने की समस्या भी व्यापारियों द्वारा उठाई जा रही थी। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में होलीगेट से नगर निगम तक विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन नगर आयुक्त जंग प्रवेश और अपर नगर आयुक्त के साथ वार्ता के बाद आश्वासन मिलने पर आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने सड़क निर्माण के मलबे को हटाने और जलभराव की स्थिति न बनने देने का आश्वासन दिया है।4
- मथुरा के महावन तहसील के ग्राम पंचायत जरोठा के अंतर्गत आने वाले नगलाबख्शी गांव में एक पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उनकी तीन बीघा जमीन पर जबरन बाउंड्री का निर्माण कराया गया है। पीड़ित का कहना है कि यह बाउंड्री राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में की गई, जिससे उन्हें मदद की गुहार लगानी पड़ी है।1
- मथुरा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित श्री हरिमुख लाइब्रेरी में देर रात चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। चोर लाइब्रेरी का ताला तोड़कर लाखों रुपए का माल उड़ा ले गए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, लाइब्रेरी संचालक राहुल कुमार ने 16 जून 2026 की रात करीब 11 बजे लाइब्रेरी बंद की थी। इसके बाद रात लगभग 1 बजे कुछ अज्ञात बदमाश शटर का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। सीसीटीवी फुटेज में चोर अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए दिखाई दिए और वे करीब 15 मिनट तक लाइब्रेरी के अंदर मौजूद रहे। चोरों ने लाइब्रेरी से सीसीटीवी का डीवीआर, दो लैपटॉप, एक एसी, 32 इंच की एलईडी टीवी, और यूपी85 एई 1768 नंबर की पैशन प्रो मोटरसाइकिल चुरा ली। पीड़ित ने इस संबंध में थाना मंडी में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। राहुल कुमार ने पुलिस से चोरी गए सामान की जल्द बरामदगी और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।4
- आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र के पूठपुरा गांव में सोमवार शाम एक सड़क हादसे के बाद हुए बवाल और पुलिस पर पथराव के मामले में आगरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। तेज रफ्तार थार की टक्कर से एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने फतेहाबाद-फिरोजाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया था। इस दौरान, कुछ उपद्रवियों ने जाम खुलवाने पहुंची पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें पुलिस की मोबाइल वैन का शीशा टूट गया और एक दरोगा की वर्दी भी फट गई। घटना के बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देशन में पुलिस ने वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इस कार्रवाई में लगभग 250 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, और अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार, पथराव करने वाले उपद्रवियों ने 'साहब, गलती हो गई' कहकर माफी भी मांगी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे तथा बाकी उपद्रवियों की तलाश जारी है। फिलहाल, इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया जा रहा है।1
- आज मथुरा में रजिस्ट्री ऑफिस के निजीकरण के विरोध में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को लक्षित करते हुए एक प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से 'काला कानून' वापस लेने की पुरजोर मांग की, जो रजिस्ट्री ऑफिस फ्रंट के निजीकरण से संबंधित है। इस दौरान, 'इंकलाब ज़िंदाबाद' जैसे नारे भी लगाए गए, जो आंदोलन की क्रांतिकारी भावना को दर्शाते हैं।4
- मथुरा में दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकार एक महिला और उसकी बहन (साली) ने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें आए दिन दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है और इसी क्रम में उनके साथ मारपीट भी की गई है। अपनी आपबीती लेकर जब वे स्थानीय थाने पहुंचीं, तो वहां उनकी फरियाद नहीं सुनी गई। इसके बाद मजबूरन, दोनों महिलाओं को न्याय की गुहार लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख करना पड़ा।2
- मथुरा रोड स्थित वर्मा हॉस्पिटल में एक नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जानकारी के अनुसार, रंगजी की छावनी निवासी पूनम यादव को प्रसव के लिए वर्मा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि सोमवार शाम करीब 5:30 बजे अस्पताल के संचालक डॉ. प्रवीण वर्मा द्वारा सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से डिलीवरी कराई गई थी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ी और उचित उपचार न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। मृतक नवजात के पिता विनोद यादव ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद से डॉ. प्रवीण वर्मा पिछले दो दिनों से अस्पताल से अनुपस्थित हैं। अस्पताल में केवल नर्सिंग स्टाफ मौजूद है और मरीजों को देखने के लिए कोई अन्य डॉक्टर उपलब्ध नहीं है, जिससे भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई है और बताया है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ था।2