मथुरा में विभिन्न नागरिक और व्यापारिक समस्याओं से परेशान व्यापारियों ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। सड़कों की खुदाई, जलभराव, अवैध वसूली और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से नाराज व्यापारियों ने नगर निगम का घेराव करने का निर्णय लिया था। शहर के प्रमुख मार्गों, जैसे पुराना बस स्टैंड से होलीगेट और कृष्णपुरी चौराहे से होलीगेट पर एक साथ सड़कों की खुदाई होने से आवागमन और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। व्यापारियों ने नगर निगम के सचल दल पर अवैध वसूली और व्यापारियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया था। इसके अतिरिक्त, नालों की समय पर सफाई न होने के कारण जलभराव और दुकानों के डूबने का खतरा बना हुआ था। जवाहर हाट के विस्थापितों की दुकानों और आवासों के कर जमा करने की समस्या भी व्यापारियों द्वारा उठाई जा रही थी। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में होलीगेट से नगर निगम तक विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन नगर आयुक्त जंग प्रवेश और अपर नगर आयुक्त के साथ वार्ता के बाद आश्वासन मिलने पर आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने सड़क निर्माण के मलबे को हटाने और जलभराव की स्थिति न बनने देने का आश्वासन दिया है।
मथुरा में विभिन्न नागरिक और व्यापारिक समस्याओं से परेशान व्यापारियों ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। सड़कों की खुदाई, जलभराव, अवैध वसूली और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से नाराज व्यापारियों ने नगर निगम का घेराव करने का निर्णय लिया था। शहर के प्रमुख मार्गों, जैसे
पुराना बस स्टैंड से होलीगेट और कृष्णपुरी चौराहे से होलीगेट पर एक साथ सड़कों की खुदाई होने से आवागमन और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। व्यापारियों ने नगर निगम के सचल दल पर अवैध वसूली और व्यापारियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया था। इसके अतिरिक्त, नालों की समय पर सफाई
न होने के कारण जलभराव और दुकानों के डूबने का खतरा बना हुआ था। जवाहर हाट के विस्थापितों की दुकानों और आवासों के कर जमा करने की समस्या भी व्यापारियों द्वारा उठाई जा रही थी। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में होलीगेट से नगर निगम तक विरोध प्रदर्शन का
ऐलान किया था, लेकिन नगर आयुक्त जंग प्रवेश और अपर नगर आयुक्त के साथ वार्ता के बाद आश्वासन मिलने पर आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने सड़क निर्माण के मलबे को हटाने और जलभराव की स्थिति न बनने देने का आश्वासन दिया है।
- आज मथुरा में रजिस्ट्री ऑफिस के निजीकरण के विरोध में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को लक्षित करते हुए एक प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से 'काला कानून' वापस लेने की पुरजोर मांग की, जो रजिस्ट्री ऑफिस फ्रंट के निजीकरण से संबंधित है। इस दौरान, 'इंकलाब ज़िंदाबाद' जैसे नारे भी लगाए गए, जो आंदोलन की क्रांतिकारी भावना को दर्शाते हैं।4
- मथुरा में दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकार एक महिला और उसकी बहन (साली) ने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें आए दिन दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है और इसी क्रम में उनके साथ मारपीट भी की गई है। अपनी आपबीती लेकर जब वे स्थानीय थाने पहुंचीं, तो वहां उनकी फरियाद नहीं सुनी गई। इसके बाद मजबूरन, दोनों महिलाओं को न्याय की गुहार लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख करना पड़ा।2
- आज ही एक युवक ने यूट्यूब की मदद से बाइक चलाना सीखा था, लेकिन उसी दिन एक जबरदस्त एक्सीडेंट का शिकार हो गया।1
- मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र की महाविद्या कॉलोनी में सोमवार रात पुलिस की एक कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हत्या के प्रयास (धारा 307) के एक मुकदमे में नामजद आरोपी की तलाश में पहुंची पुलिस पर घर में तोड़फोड़ करने और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना का एक वीडियो क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे गोविंद नगर पुलिस आरोपी की तलाश में उसके घर पहुंची थी। परिवार का आरोप है कि आरोपी के घर नहीं मिलने पर पुलिसकर्मियों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे, पानी की टंकी, समरसेबल और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। परिवार की महिलाओं का कहना है कि कुछ समय पहले उनके पति का क्षेत्र के एक पार्षद से विवाद हुआ था, जिसके बाद रंजिशन उनके पति के खिलाफ धारा 307 का मुकदमा दर्ज कराया गया। उनका दावा है कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि दबिश के दौरान पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार किया और मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और लगाए गए आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पीड़ित परिवार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।4
- मथुरा के थाना रिफाइनरी क्षेत्र के आंगनपुरा में एक निर्माण स्थल पर काम कर रहे राजमिस्त्री राजू ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें वी.के. हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि यह हादसा दबंग मकान स्वामी संजय की लापरवाही और जल्दबाजी के कारण हुआ, और अब पुलिस भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जानकारी के अनुसार, राजू मिस्त्री संजय आंगनपुरा के मकान पर छत डालने का काम कर रहे थे। काम के दौरान, जब राजू मिस्त्री एक भारी पत्थर ऊपर खींच रहे थे, तो मकान मालिक के परिवार वालों ने जल्दबाजी दिखाई, जिससे सही तालमेल बिगड़ गया। पत्थर हाथ में न आने के कारण राजू मिस्त्री का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे छत से नीचे कंक्रीट और जमीन पर जा गिरे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद घायल राजू मिस्त्री वी.के. हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि दबंग मकान स्वामी संजय ने घायल मजदूर को इलाज के लिए कोई भी सुविधा शुल्क या आर्थिक मदद नहीं दी है। पीड़ित परिवार बेहद गरीब है और अपनी सारी जमापूंजी खर्च कर निजी पैसों से राजू का इलाज कराने को मजबूर है। इस गंभीर मामले में पीड़ित परिवार ने क्षेत्रीय थाना रिफाइनरी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस दबंग मकान स्वामी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।4
- मथुरा की धर्मनगरी वृंदावन में इन दिनों बंदरों का आतंक अपने चरम पर पहुँच गया है। दूर-दूर से दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को बंदरों की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि यहाँ वानर पलक झपकते ही उनके मोबाइल फोन और चश्मे छीनकर ले जाते हैं। एक बार सामान छीनने के बाद, भले ही श्रद्धालु कितना भी खाना डालें, बंदरों द्वारा उसे वापस करना उनके मूड पर निर्भर करता है। इस गंभीर समस्या पर नगर निगम का भी कोई ध्यान नहीं है, जिससे श्रद्धालुओं की दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।1
- एक पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाया है कि तय रकम से कई गुना अधिक भुगतान करने के बावजूद उन्हें अपनी जमीन का कब्जा नहीं मिल रहा है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने यह जमीन तीन लाख रुपये में खरीदी थी, जिसके एवज में पैंतीस लाख रुपये की रकम लौटाई जा चुकी है। इसके बावजूद, उन्हें अभी तक अपनी जमीन पर कब्जेदारी नहीं मिली है और जमीन खाली करने से इनकार किया जा रहा है।1
- राधे श्याम कॉलोनी के निवासी गौरव राजपूत ने प्रशासन से तत्काल सहायता की अपील की है, आरोप है कि तपन पंडित और उसके कुछ अज्ञात साथी कॉलोनी के तिराहे पर सरकारी लाइट बंद करके खुलेआम गांजा और अफीम बेचते हैं। गौरव राजपूत के अनुसार, ये लोग रात में तिराहे पर नंगे होकर घूमते हैं और वहाँ के निवासियों को गाली-गलौच करते हैं, कई बार मना करने पर भी वे नहीं मानते हैं। गौरव राजपूत ने बताया कि उनकी फास्ट फूड कैंटीन है, जहाँ से आरोपी उनके लगभग 17 वर्षीय भतीजे को जान से मारने की धमकी देकर जबरन पैसे ले जाते हैं और मुफ्त में खाना खाते हैं। दिनांक 16-06-2026 को भी ऐसी ही घटना हुई, जब गौरव राजपूत ने उनसे लाइट बंद करने से रोका तो उन्हें गाली दी गई। इसके बाद आरोपियों ने उनसे गाली-गलौच और मारपीट की। मारपीट के तुरंत बाद, तपन पंडित ने खुद ही अपना सिर दीवार में मारकर फोड़ लिया और गौरव राजपूत को धमकी दी कि वह पुलिस केस बनवाकर उसे जेल भिजवा देगा। गौरव राजपूत ने स्पष्ट किया है कि उन्हें तपन पंडित और उसके साथियों से जान का बहुत खतरा है, जिसके कारण उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।1
- मथुरा के थाना सुरीर इलाके के नगला नाहरिया गाँव में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें करीब चार लोग घायल हुए। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर पथराव किया गया, जिससे ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए अपने-अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए। यह घटना मल्हा समाज के दो पक्षों के बीच हुई, जो इंस्टाग्राम पर बने एक समाज के ग्रुप से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार, इंस्टाग्राम ग्रुप पर एक-दूसरे के खिलाफ की गई टिप्पणियों के बाद शुरू हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस मारपीट, पथराव और फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद पुलिस ने एक पक्ष के दो लोगों को हिरासत में लिया है।2