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मथुरा के थाना सुरीर इलाके के नगला नाहरिया गाँव में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें करीब चार लोग घायल हुए। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर पथराव किया गया, जिससे ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए अपने-अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए। यह घटना मल्हा समाज के दो पक्षों के बीच हुई, जो इंस्टाग्राम पर बने एक समाज के ग्रुप से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार, इंस्टाग्राम ग्रुप पर एक-दूसरे के खिलाफ की गई टिप्पणियों के बाद शुरू हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस मारपीट, पथराव और फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद पुलिस ने एक पक्ष के दो लोगों को हिरासत में लिया है।
Manish Sharma Anb News
मथुरा के थाना सुरीर इलाके के नगला नाहरिया गाँव में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें करीब चार लोग घायल हुए। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर पथराव किया गया, जिससे ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए अपने-अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए। यह घटना मल्हा समाज के दो पक्षों के बीच हुई, जो इंस्टाग्राम पर बने एक समाज के ग्रुप से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार, इंस्टाग्राम ग्रुप पर एक-दूसरे के खिलाफ की गई टिप्पणियों के बाद शुरू हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस मारपीट, पथराव और फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद पुलिस ने एक पक्ष के दो लोगों को हिरासत में लिया है।
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- मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र की महाविद्या कॉलोनी में सोमवार रात पुलिस की एक कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हत्या के प्रयास (धारा 307) के एक मुकदमे में नामजद आरोपी की तलाश में पहुंची पुलिस पर घर में तोड़फोड़ करने और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना का एक वीडियो क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे गोविंद नगर पुलिस आरोपी की तलाश में उसके घर पहुंची थी। परिवार का आरोप है कि आरोपी के घर नहीं मिलने पर पुलिसकर्मियों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे, पानी की टंकी, समरसेबल और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। परिवार की महिलाओं का कहना है कि कुछ समय पहले उनके पति का क्षेत्र के एक पार्षद से विवाद हुआ था, जिसके बाद रंजिशन उनके पति के खिलाफ धारा 307 का मुकदमा दर्ज कराया गया। उनका दावा है कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि दबिश के दौरान पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार किया और मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और लगाए गए आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पीड़ित परिवार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।4
- राधे श्याम कॉलोनी के निवासी गौरव राजपूत ने प्रशासन से तत्काल सहायता की अपील की है, आरोप है कि तपन पंडित और उसके कुछ अज्ञात साथी कॉलोनी के तिराहे पर सरकारी लाइट बंद करके खुलेआम गांजा और अफीम बेचते हैं। गौरव राजपूत के अनुसार, ये लोग रात में तिराहे पर नंगे होकर घूमते हैं और वहाँ के निवासियों को गाली-गलौच करते हैं, कई बार मना करने पर भी वे नहीं मानते हैं। गौरव राजपूत ने बताया कि उनकी फास्ट फूड कैंटीन है, जहाँ से आरोपी उनके लगभग 17 वर्षीय भतीजे को जान से मारने की धमकी देकर जबरन पैसे ले जाते हैं और मुफ्त में खाना खाते हैं। दिनांक 16-06-2026 को भी ऐसी ही घटना हुई, जब गौरव राजपूत ने उनसे लाइट बंद करने से रोका तो उन्हें गाली दी गई। इसके बाद आरोपियों ने उनसे गाली-गलौच और मारपीट की। मारपीट के तुरंत बाद, तपन पंडित ने खुद ही अपना सिर दीवार में मारकर फोड़ लिया और गौरव राजपूत को धमकी दी कि वह पुलिस केस बनवाकर उसे जेल भिजवा देगा। गौरव राजपूत ने स्पष्ट किया है कि उन्हें तपन पंडित और उसके साथियों से जान का बहुत खतरा है, जिसके कारण उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।1
- मथुरा जनपद में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के पावन अवसर पर 17 मई से 15 जून तक चले धार्मिक अनुष्ठान के दौरान, मथुरा पुलिस द्वारा देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के लिए कुशल सुरक्षा व्यवस्था और सुगमता के विशेष प्रबंध किए गए। इन व्यापक व्यवस्थाओं के चलते लगभग 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने सुगमतापूर्वक दर्शन लाभ प्राप्त किया। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि इस अवधि में अकेले पावन गोवर्धन क्षेत्र में लगभग 2.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर दर्शन किए। इसके अतिरिक्त, लगभग 3 करोड़ श्रद्धालुओं ने 84 कोसी परिक्रमा को अत्यंत सुगम और सुखद अनुभूति के साथ पूर्ण किया। वहीं, बरसाना में भी लगभग 1 करोड़ श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर लाडली जी मंदिर में दर्शन किए। इन सभी श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए मथुरा पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया, जिसमें लगभग 25 इंस्पेक्टर, 60 उपनिरीक्षक और 350 से अधिक पुलिसकर्मी परिक्रमा मार्गों पर तैनात थे। सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में 88 बैरियर और पर्याप्त पार्किंग स्थल भी बनाए गए थे। भविष्य में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, पुलिस प्रशासन परिक्रमा मार्गों पर नई पुलिस चौकियां और 'पुलिस सहायता केंद्र' स्थापित करने की योजना पर भी विचार कर रहा है।1
- वृंदावन में करंट लगने से एक युवक की दुःखद मौत हो गई है, जिसका एक लाइव वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में श्रद्धालुओं की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि इन हादसों की ज़िम्मेदारी किसकी है और कौन इसका जवाब देगा। इस तरह की घटनाएँ लगातार हो रही हैं जिनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। सामने आ रहे बयानों के अनुसार, कभी गाड़ियाँ लोगों को रौंद देती हैं, कभी करंट लगने से जान चली जाती है, तो कभी भीड़ में श्रद्धालु दम तोड़ देते हैं। इसके अतिरिक्त, भगदड़ जैसी घटनाओं के साथ-साथ मकान ढहने के मामले भी सामने आते रहे हैं। इन सभी घटनाओं को देखते हुए, हर तरफ एक ही सवाल गूँज रहा है कि आखिर यह सब क्या हो रहा है।1
- गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में आए तेज आंधी-तूफान के कारण श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस घटना ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की कमी को उजागर कर दिया, क्योंकि मौके पर पुलिस प्रशासन और नगर निगम की ओर से यात्रियों के लिए कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं थी। तेज आंधी से हुई परेशानियों ने गोवर्धन में बुनियादी और आपातकालीन सुविधाओं के अभाव को स्पष्ट कर दिया।1
- मथुरा की धर्मनगरी वृंदावन में इन दिनों बंदरों का आतंक अपने चरम पर पहुँच गया है। दूर-दूर से दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को बंदरों की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि यहाँ वानर पलक झपकते ही उनके मोबाइल फोन और चश्मे छीनकर ले जाते हैं। एक बार सामान छीनने के बाद, भले ही श्रद्धालु कितना भी खाना डालें, बंदरों द्वारा उसे वापस करना उनके मूड पर निर्भर करता है। इस गंभीर समस्या पर नगर निगम का भी कोई ध्यान नहीं है, जिससे श्रद्धालुओं की दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।1
- एक पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाया है कि तय रकम से कई गुना अधिक भुगतान करने के बावजूद उन्हें अपनी जमीन का कब्जा नहीं मिल रहा है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने यह जमीन तीन लाख रुपये में खरीदी थी, जिसके एवज में पैंतीस लाख रुपये की रकम लौटाई जा चुकी है। इसके बावजूद, उन्हें अभी तक अपनी जमीन पर कब्जेदारी नहीं मिली है और जमीन खाली करने से इनकार किया जा रहा है।1
- मथुरा में मंडी चौराहा अब शराबियों के अड्डे में तब्दील हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस स्थिति के चलते बहन-बेटियों का उस रास्ते से गुजरना अत्यंत मुश्किल हो गया है। नागरिक प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि यह गंभीर समस्या कब तक ऐसे ही बनी रहेगी और प्रशासन इस पर कब संज्ञान लेगा।1
- मथुरा के थाना सुरीर इलाके के नगला नाहरिया गाँव में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें करीब चार लोग घायल हुए। इस दौरान दोनों तरफ से जमकर पथराव किया गया, जिससे ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए अपने-अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए। यह घटना मल्हा समाज के दो पक्षों के बीच हुई, जो इंस्टाग्राम पर बने एक समाज के ग्रुप से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार, इंस्टाग्राम ग्रुप पर एक-दूसरे के खिलाफ की गई टिप्पणियों के बाद शुरू हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। इस मारपीट, पथराव और फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद पुलिस ने एक पक्ष के दो लोगों को हिरासत में लिया है।2