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User3213
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- Post by User32131
- Post by Sarad Athiya5
- केला खा रहे हैं दोस्तों सब्जी मंडी गए थे सब्जी लेने टमाटर पालक गोभी भिंडी और सब लाए हैं और बच्चों के लिए केला ले थे जो कि वह खा रहे हैं🙏🥰😍🤩😂1
- लोकल न्यूज़ बीना *हाईकोर्ट में बोलीं बीना विधायक निर्मला सप्रे—“मैं कांग्रेस में हूं”, सिंघार से मांगे गए सबूत* *दल-बदल मामले में सुनवाई • 20 अप्रैल को अगली तारीख • सोशल मीडिया पोस्ट को कोर्ट ने नहीं माना पुख्ता आधार* सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे से जुड़े दल-बदल मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान विधायक ने कोर्ट के समक्ष स्पष्ट कहा कि वे अब भी कांग्रेस पार्टी में हैं। इस पर कोर्ट ने बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए याचिकाकर्ता एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को तय की गई है। क्या है मामला दरअसल, बीना से विधायक निर्मला सप्रे ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। आरोप है कि 5 मई 2024 को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इसको लेकर उमंग सिंघार ने विधानसभा स्पीकर के समक्ष याचिका दायर कर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। जब इस पर निर्णय नहीं हुआ, तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट में क्या हुआ 31 मार्च 2026 को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान विधायक पक्ष के वकील ने दावा किया कि निर्मला सप्रे अभी भी कांग्रेस की सदस्य हैं, इसलिए उनकी सदस्यता समाप्त करने का प्रश्न ही नहीं उठता। वहीं, शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि सोशल मीडिया पर मौजूद सामग्री को पुख्ता साक्ष्य नहीं माना जा सकता। कोर्ट की अहम टिप्पणी: हाईकोर्ट ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट या दावों के आधार पर किसी व्यक्ति की राजनीतिक स्थिति तय नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता को ठोस और प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। कोर्ट ने उमंग सिंघार को 9 अप्रैल तक पार्टी व्हिप सहित अन्य दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसी दिन विधानसभा स्पीकर के समक्ष भी मामले में अहम सुनवाई प्रस्तावित है। यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण हो गया है। अगली सुनवाई में पेश किए जाने वाले साक्ष्य पर ही विधायक की सदस्यता का भविष्य निर्भर करेगा।1
- बीना रिफाइनरी में कार्यरत प्राइवेट कंपनियों के मजदूरों ने आज सुबह एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे जबरन 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार 8 घंटे की ड्यूटी निर्धारित है।1
- जनसंवाद से समाधान तक — दर्द सुना, भरोसा जीता पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशील सुनवाई से दिया इंसाफ का भरोसा विदिशा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, विदिशा में मंगलवार को आयोजित जन सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने 22 से अधिक आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक आवेदक से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याओं को गहराई से समझा। जन सुनवाई में प्राप्त अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया। वहीं जिन प्रकरणों में विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, उनमें संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा निर्धारित करते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जन सुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद, भूमि संबंधी मामले एवं आपसी मारपीट जैसी समस्याएँ प्रमुख रूप से सामने आईं। पुलिस अधीक्षक श्री काशवानी ने सभी शिकायतों पर निष्पक्षता से संज्ञान लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जन सुनवाई आमजन की समस्याओं को सीधे समझने और उनके समाधान का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि विदिशा पुलिस आमजन की सेवा, सुरक्षा एवं विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील पुलिसिंग के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों के निराकरण में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पीड़ितों को समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान प्रदान किया जाए, जिससे पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।7
- Post by नीलेश विश्वकर्मा1
- Post by User32134