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बीकमपुर में बुजुर्ग को घसीटकर ले जाने का वीडियो वायरल, महिला ने पुलिस व सरपंच पर लगाए आरोप बीकानेर के बज्जू क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित रूप से घसीटकर जीप में डालते नजर आ रहे हैं। यह मामला बीकमपुरा गांव का बताया जा रहा है। वीडियो बनाने वाली महिला ने पुलिस और स्थानीय सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बज्जू के बीकमपुरा में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, बुजुर्ग को घसीटने का वीडियो वायरल #Bikaner #Bajju #ViralVideo #PoliceAction #RajasthanNews #BreakingNews #Bikampura #LawAndOrder
SSSO News
बीकमपुर में बुजुर्ग को घसीटकर ले जाने का वीडियो वायरल, महिला ने पुलिस व सरपंच पर लगाए आरोप बीकानेर के बज्जू क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित रूप से घसीटकर जीप में डालते नजर आ रहे हैं। यह मामला बीकमपुरा गांव का बताया जा रहा है। वीडियो बनाने वाली महिला ने पुलिस और स्थानीय सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बज्जू के बीकमपुरा में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, बुजुर्ग को घसीटने का वीडियो वायरल #Bikaner #Bajju #ViralVideo #PoliceAction #RajasthanNews #BreakingNews #Bikampura #LawAndOrder
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- रेलवे का नया नियम, टिकट कैंसिल पर रिफंड में बड़ा बदलाव रेलवे ने बदले टिकट कैंसिलेशन नियम, 8 घंटे पहले रद्द पर नहीं रिफंड, बोर्डिंग नियम भी बदले.केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे टिकटिंग सिस्टम में बड़े बदलावों की घोषणा की है, जिससे यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है. नए नियम के तहत अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा. #news #rail #india1
- Post by SSSO News1
- देश में एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में अस्थायी ढील देते हुए चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) बेचने की अनुमति दे दी है।29 मार्च 2026 को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार यह व्यवस्था 60 दिनों के लिए लागू रहेगी। इसके तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए आम लोगों को केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि गैस की कमी के बीच उन्हें वैकल्पिक ईंधन मिल सके।सरकार के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसिन स्टोरेज और बिक्री की अनुमति दी गई है। हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंप इस योजना के तहत नामित किए जाएंगे, जबकि प्रत्येक पंप पर 5,000 लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा।यह व्यवस्था देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जाएगी, जिनमें गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्य शामिल हैं। जिन राज्यों में पहले केरोसिन बंद कर दिया गया था, वहां भी अब जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम घरेलू उपयोग,खाना पकाने और रोशनी,के लिए उठाया गया है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। पश्चिम एशिया, खासकर ईरान से जुड़े तनाव और हार्मुज में आई बाधाओं के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत में एलपीजी की उपलब्धता पर भी पड़ा है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। यह कदम केवल एहतियात और राहत के तौर पर उठाया गया है। केरोसिन PDS दरों पर ही उपलब्ध रहेगा।सरकार ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन का उपयोग करें।1
- नशा छोड़ो जीवन बचाओ आप घर बैठे ही नशें से छुटकारा पाओ। 75686281431
- बुंदू चाय वाला की चाय का स्वाद लेना तो बनता है! 😊 उनकी चाय की खास बात है कोयले की भट्टी पर बनाना, जो उसे एक अलग ही स्वाद देता है। गैस की तिलक होने के बाद भी वे अपने पारंपरिक तरीके से चाय बनाते हैं, जो उनकी खासियत है।1
- 📍 यह तस्वीर जूनागढ़ किला के पास पेट्रोल पंप के आगे की है। शहर में सीवरेज पाइपलाइन डालने का काम होने के बावजूद यहां बार-बार नाला ओवरफ्लो हो जाता है। #Bikaner #viralnews #rajasthan #bikanernews #bikanercity1
- जयपुर रोड के नाले कचरा डालने के लिए बनाया गया है यहां पर ना तो कोई कचरे की गाड़ी आती है ना कोई ट्रैक्टर आता है एक सप्ताह में एक बार दिखता है तब तक कचरे का ढेर लग जाता है1
- पत्रकार इकबाल खान ,सूरत से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मजदूर सड़क पर बैठकर खाना खाते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य बेहद भावुक और सोचने पर मजबूर करने वाला है। वीडियो में दिख रहा है कि उद्योग वालों ने मिलकर इन मजदूरों के खाने की व्यवस्था की है। इनको ज्यादा कुछ नहीं चाहिए ,बस थोड़ा सा चावल और पतली सी दाल ही इनके लिए काफी है।जब भी मैं इनकी ये हालत देखता हूं, तो मुझे बहुत कष्ट होता है। लेकिन मैं कर भी क्या सकता हूं, ज्यादा से ज्यादा इनके लिए छोटी मोटी खबर ही लिख सकता हूं। कई बार मेरी खबर से प्रशासन गौर कर कार्रवाई कर देता है, लेकिन कई बार मेरे जैसे छोटे पत्रकार की आवाज और खबर को अनसुना भी कर दिया जाता है।,मैं बीकानेर वासियों से कहना चाहता हूं कि आपके आसपास कोई गरीब मजदूर रहता हो तो उसकी जरूर मदद करें। ये पैसे और धन,दौलत यहीं रह जाएंगे, जिंदगी वही है जो किसी के काम आ सके, वरना जैसे तैसे गुजर ही जाती है।1