मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में शराब पीने का विरोध करना एक युवक को महंगा पड़ गया। जिले के पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में दबंगों ने एक युवक को सरेराह घेरकर बेल्टों से बुरी तरह पीटा और इस मारपीट का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कुछ दिन पहले गांव के ही किशन रैकवार नामक युवक ने बीच रास्ते में शराब पी रहे कुछ दबंगों का विरोध किया था। इसी बात से नाराज दबंगों ने किशन रैकवार को बीते कल देर शाम उस समय घेर लिया, जब वह काम से लौट रहा था। दबंगों ने किशन की पीठ पर गिनती गिनते हुए जमकर बेल्ट बरसाए, और इस दौरान किशन चुपचाप मार खाता रहा, जबकि उनका एक साथी पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाता रहा। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित युवक किशन रैकवार ने पृथ्वीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में शराब पीने का विरोध करना एक युवक को महंगा पड़ गया। जिले के पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में दबंगों ने एक युवक को सरेराह घेरकर बेल्टों से बुरी तरह पीटा और इस मारपीट का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कुछ दिन पहले गांव के ही किशन रैकवार नामक युवक ने बीच रास्ते में शराब पी रहे कुछ दबंगों का विरोध किया था। इसी बात से नाराज दबंगों ने किशन रैकवार को बीते कल देर शाम उस समय घेर लिया, जब वह काम से लौट रहा था। दबंगों ने किशन की पीठ पर गिनती गिनते हुए जमकर बेल्ट बरसाए, और इस दौरान किशन चुपचाप मार खाता रहा, जबकि उनका एक साथी पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाता रहा। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित युवक किशन रैकवार ने पृथ्वीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
- मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में शराब पीने का विरोध करना एक युवक को महंगा पड़ गया। जिले के पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में दबंगों ने एक युवक को सरेराह घेरकर बेल्टों से बुरी तरह पीटा और इस मारपीट का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कुछ दिन पहले गांव के ही किशन रैकवार नामक युवक ने बीच रास्ते में शराब पी रहे कुछ दबंगों का विरोध किया था। इसी बात से नाराज दबंगों ने किशन रैकवार को बीते कल देर शाम उस समय घेर लिया, जब वह काम से लौट रहा था। दबंगों ने किशन की पीठ पर गिनती गिनते हुए जमकर बेल्ट बरसाए, और इस दौरान किशन चुपचाप मार खाता रहा, जबकि उनका एक साथी पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाता रहा। वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित युवक किशन रैकवार ने पृथ्वीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।1
- वैश्य महासम्मेलन मध्यप्रदेश की टीकमगढ़ जिला इकाई द्वारा जतारा में सेवा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उमाशंकर गुप्ता के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया, जहाँ गौमाताओं को हरा चारा खिलाकर उनकी सेवा की गई। इस दौरान यह संदेश दिया गया कि गौ सेवा ही सच्ची सेवा है, और यह भी कहा गया कि सभी धर्मों में गाय को गौ माता का दर्जा दिया गया है।4
- टीकमगढ़ जिले के जतारा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सागरवारा में प्यारेलाल रजक ने एक आदिवासी बच्ची का कन्यादान किया है। इस कार्य को एक बहुत बड़ी मिसाल बताया गया है और इसे अत्यंत सराहनीय प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।1
- राम मंदिर निर्माण से जुड़ा एक नया और बड़ा खुलासा अब विवादों में घिर गया है। यह खुलासा मंदिर के लिए दान की गई 200 किलोग्राम चांदी की ईंट के कथित रूप से गायब होने से संबंधित है। इस घटना के बाद राम मंदिर घोटाला, दान घोटाला और चंदा चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों में अयोध्या भूमि घोटाला भी शामिल है। इसी बीच, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या एक 'गुजरात लॉबी' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बना रही है। इस मामले में चैम्पत राय और संजय सिंह जैसे व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनका उल्लेख विभिन्न हैशटैग में किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, इन सभी आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन की बात भी सामने आ रही है।1
- टीकमगढ़ जिले में जतारा पुलिस के नाम पर अवैध वसूली का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव द्वारा 'ब्रेकिंग न्यूज़' के रूप में रिपोर्ट किए गए इस वीडियो में ट्रकों को रोककर उनसे पैसे वसूलने और रसीद काटने की घटना को दिखाया गया है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ नादिया गाँव के एक सरकारी भवन पर एक कथित झोलाछाप डॉक्टर रोशन सिंह ठाकुर ने कई वर्षों से अवैध रूप से कब्ज़ा कर रखा है। आरोप है कि रोशन सिंह ठाकुर न केवल इस सरकारी भवन में बिना किसी वैध अनुमति के एक क्लीनिक चला रहा है, बल्कि अपने परिवार के साथ इसी भवन में निवास भी कर रहा है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग सहित सरकारी कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, रोशन सिंह ठाकुर के पास कोई मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री नहीं है, फिर भी वह लंबे समय से उल्टी, दस्त, खांसी, बुखार जैसी विभिन्न बीमारियों का इलाज करने का दावा कर रहा है। ग्रामीण सीताराम लोधी और अन्य लोगों ने बताया कि यह डॉक्टर मरीजों को दवाइयाँ देने के साथ-साथ इंजेक्शन भी लगाता है, जिससे किसी भी समय कोई गंभीर हादसा होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह क्लीनिक वर्षों से सरकारी भवन में चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। वे पूछते हैं कि आखिर सरकारी भवन में क्लीनिक चलाने और वहाँ निवास करने की अनुमति किसने दी और यह सब किसके संरक्षण में होता रहा। यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर फल-फूल रहे झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते कारोबार की ओर इशारा करती है, जहाँ मजबूरीवश ग्रामीण ऐसे जोखिम भरे इलाज कराने को विवश हैं। इस पूरे मामले पर जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. अनुरागी से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। डॉ. अनुरागी ने मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद जांच के लिए एक टीम गठित करने और आरोपों के सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने देवरिया दौरे के दौरान मुहर्रम पर्व को लेकर एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुहर्रम के दौरान किसी भी व्यक्ति को अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी और न ही किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी को बर्दाश्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि त्योहार को उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी कि उसकी "सात पीढ़ियां भुगतेंगी"।1
- मिली जानकारी के अनुसार, देश में 30 जून से सभी नोट अमान्य हो जाएंगे। इस तारीख के बाद कोई भी नोट वैध नहीं रहेगा और उन्हें रद्दी घोषित कर दिया जाएगा।1