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पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म दिवस पर 7 साल की बच्ची का देश के नाम संदेश | VIDEO VIRAL पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म दिवस पर 7 साल की बच्ची का देश के नाम संदेश | VIDEO VIRAl

1 day ago
user_VS NEWS 48 Delhi
VS NEWS 48 Delhi
Journalist करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
1 day ago

पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म दिवस पर 7 साल की बच्ची का देश के नाम संदेश | VIDEO VIRAL पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म दिवस पर 7 साल की बच्ची का देश के नाम संदेश | VIDEO VIRAl

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  • * भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - विशाल शर्मा फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं। आपदा के ताजा हालात और ग्राउंड ज़ीरो की स्थिति * नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं। * चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है। * भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें * नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है। * भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है। * चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है। राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात? यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है। आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9 लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है। विशाल शर्मा, इंडिया न्यूज़ 9लाइव
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    * भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - 
विशाल शर्मा  फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, 
हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत
तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं।
आपदा के ताजा हालात और ग्राउंड ज़ीरो की स्थिति
* नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं।
* चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है।
* भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें
* नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है।
* भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है।
* चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है।
राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण
भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है।
राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात?
यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है।
आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9 लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है।
विशाल शर्मा, इंडिया न्यूज़ 9लाइव
    user_INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
    INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
    Media company Chanakya Puri, New Delhi•
    5 hrs ago
  • हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या पर अब नया मोड़ सामने आया हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या पर नया मोड़ सामने आया और वही इस पर अब राजनीति भी शुरू हो गई देखिए पूरा वीडियो
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    हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या पर अब नया मोड़ सामने आया
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या पर नया मोड़ सामने आया और वही इस पर अब राजनीति भी शुरू हो गई देखिए पूरा वीडियो
    user_Vinod Rastogi
    Vinod Rastogi
    चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 58.839 किलो गांजा और 85.85 ग्राम स्मैक बरामद दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 58.839 किलो गांजा और 85.85 ग्राम स्मैक बरामद दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिमी जिले की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 58.839 किलोग्राम गांजा, 85.85 ग्राम स्मैक/हेरोइन और ₹10,226 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आदतन अपराधी मोहन मेहतो (43) और महिला ड्रग पेडलर विमला उर्फ पलक वाली (50) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मोहन मेहतो ने टिकरी बॉर्डर के पास एक खाली प्लॉट में प्लास्टिक टैंक के भीतर जमीन के नीचे 58.839 किलो गांजा छिपा रखा था। वहीं, जहांगीर पुरी में छापेमारी के दौरान विमला के कब्जे और निशानदेही से 85.85 ग्राम स्मैक/हेरोइन तथा नकदी बरामद हुई। पुलिस के अनुसार मोहन पहले से बलात्कार, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तीन मामलों में शामिल रहा है। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर ड्रग सप्लाई नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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    दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 58.839 किलो गांजा और 85.85 ग्राम स्मैक बरामद
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 58.839 किलो गांजा और 85.85 ग्राम स्मैक बरामद
दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिमी जिले की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 58.839 किलोग्राम गांजा, 85.85 ग्राम स्मैक/हेरोइन और ₹10,226 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आदतन अपराधी मोहन मेहतो (43) और महिला ड्रग पेडलर विमला उर्फ पलक वाली (50) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मोहन मेहतो ने टिकरी बॉर्डर के पास एक खाली प्लॉट में प्लास्टिक टैंक के भीतर जमीन के नीचे 58.839 किलो गांजा छिपा रखा था। वहीं, जहांगीर पुरी में छापेमारी के दौरान विमला के कब्जे और निशानदेही से 85.85 ग्राम स्मैक/हेरोइन तथा नकदी बरामद हुई। पुलिस के अनुसार मोहन पहले से बलात्कार, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तीन मामलों में शामिल रहा है। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर ड्रग सप्लाई नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
    user_Viral News Delhi
    Viral News Delhi
    Salesperson Saraswati Vihar, North West Delhi•
    9 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज उज्बेकिस्तान दौरे से पहले ताशकंद के दृश्य
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज उज्बेकिस्तान दौरे से पहले ताशकंद के दृश्य
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    10 hrs ago
  • 🚩🚩जय श्री राम🚩🚩 🚩🚩जय श्री राम🚩🚩 🚩🚩जय श्री राम🚩🚩
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    🚩🚩जय श्री राम🚩🚩
🚩🚩जय श्री राम🚩🚩
🚩🚩जय श्री राम🚩🚩
    user_राष्ट्रीय स्वयं सेवक
    राष्ट्रीय स्वयं सेवक
    Farmer सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    10 hrs ago
  • nice video my friend video ko share jarur Karen Ram bhaiya Bhagat ji Ghaziabad
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    nice video my friend video ko share jarur Karen Ram bhaiya Bhagat ji Ghaziabad
    user_रामअवतार कश्यप गाजियाबाद
    रामअवतार कश्यप गाजियाबाद
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    10 hrs ago
  • ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - विशाल शर्मा फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं। आपदा के ताजा हालात और ग्राउंड ज़ीरो की स्थिति * नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं। * चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है। * भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें * नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है। * भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है। * चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है। राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात? यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है। आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है। विशाल शर्मा, इंडिया न्यूज़ 9लाइव
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    ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है।
इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - 
विशाल शर्मा  फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, 
हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत
तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं।
आपदा के ताजा हालात और ग्राउंड ज़ीरो की स्थिति
* नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं।
* चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है।
* भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें
* नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है।
* भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है।
* चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है।
राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण
भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है।
राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात?
यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है।
आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है।
विशाल शर्मा, इंडिया न्यूज़ 9लाइव
    user_INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
    INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
    Media company Chanakya Puri, New Delhi•
    5 hrs ago
  • दलितो के प्रति छुआछूत की नफरत पर भड़के राहुल गांधी- प्रेस के माध्यम से कानूनी कार्रवाई की मांग की। उत्तराखंड में एक सभा को संबोधित करने पहुंचे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिका अर्जुन खड़गे जी जिन्होंने जनहित के मुद्दों पर आवाजउठाई। सभा के दो दिन पश्चात मनुस्मृति के सिद्धांतों पर काम करने वाली भाजपा नेता ने सभा स्थल का शुद्धिकरण करते हुए पोस्ट साझा किया। जिस देश भर के डाल्टन की भावनाओं को ठेस पहुंची। जिसका उल्लेख सदन में श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने जिक्र किया। उसके बाद भी भाजपा द्वारा कोई लीगल एक्शन नहीं दिया गया। 20 दिन हो गए घटना को किंतु भाजपा सरकार ने कोई एक्शन नहीं दिया इसके संबंध में सदन पर पक्ष नेता राहुल गांधी ने आज प्रेस वार्ता कर सरकार को कानूनी कार्रवाई करने की मांग। इस दौरान भीम आर्मी के मुखिया विजय कुमार आजाद ने कहा कि - आजादी के 80 वर्षों के बाद भी जातिवादी मानसिकता के लोगों से दलित समुदाय को आजादी नहीं मिली। सदन प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने दलितों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाले जातिवादी लोगों/नेताओं के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत दर्ज कराने और उन पर कार्रवाई की मांग की।
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    दलितो के प्रति छुआछूत की नफरत पर भड़के राहुल गांधी- प्रेस के माध्यम से कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उत्तराखंड में एक सभा को संबोधित करने पहुंचे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिका अर्जुन खड़गे जी जिन्होंने जनहित के मुद्दों पर आवाजउठाई। सभा के दो दिन पश्चात मनुस्मृति के सिद्धांतों पर काम करने वाली भाजपा नेता ने सभा स्थल का शुद्धिकरण करते हुए पोस्ट साझा किया। जिस देश भर के डाल्टन की भावनाओं को ठेस पहुंची। जिसका उल्लेख सदन में श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने जिक्र किया। उसके बाद भी भाजपा द्वारा कोई लीगल एक्शन नहीं दिया गया। 20 दिन हो गए घटना को किंतु भाजपा सरकार ने कोई एक्शन नहीं दिया इसके संबंध में सदन पर पक्ष नेता राहुल गांधी ने आज प्रेस वार्ता कर सरकार को कानूनी कार्रवाई करने की मांग। इस दौरान भीम आर्मी के मुखिया विजय कुमार आजाद ने कहा कि - आजादी के 80 वर्षों के बाद भी जातिवादी मानसिकता के लोगों से दलित समुदाय को आजादी नहीं मिली। 
सदन प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने दलितों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाले जातिवादी लोगों/नेताओं के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत दर्ज कराने और उन पर कार्रवाई की मांग की।
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    Bhim Army Update News
    Newspaper publisher करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    10 hrs ago
  • बिलासपुर में सोशल मीडिया कमेंट को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, जमकर पथराव; पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर की गई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया। खपरगंज और मसानगंज इलाके में दो पक्ष आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर गाय को लेकर की गई कथित टिप्पणी के विरोध से हुई थी। कुछ लोग इस टिप्पणी की शिकायत करने सिटी कोतवाली पहुंचे थे। पुलिस मामले में यह भी जांच कर रही है कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट से टिप्पणी वास्तव में किसने की थी। इसी दौरान विवाद बढ़कर पथराव में बदल गया। कुछ रिपोर्टों में भीड़ की ओर से जलते हुए पटाखे फेंके जाने की बात भी कही गई है। हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। घटना में कुछ लोगों के साथ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है और CCTV फुटेज के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।
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    बिलासपुर में सोशल मीडिया कमेंट को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, जमकर पथराव; पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर की गई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया। खपरगंज और मसानगंज इलाके में दो पक्ष आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर गाय को लेकर की गई कथित टिप्पणी के विरोध से हुई थी। कुछ लोग इस टिप्पणी की शिकायत करने सिटी कोतवाली पहुंचे थे। पुलिस मामले में यह भी जांच कर रही है कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट से टिप्पणी वास्तव में किसने की थी। इसी दौरान विवाद बढ़कर पथराव में बदल गया। कुछ रिपोर्टों में भीड़ की ओर से जलते हुए पटाखे फेंके जाने की बात भी कही गई है। हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। घटना में कुछ लोगों के साथ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है और CCTV फुटेज के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।
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    AIB Hindi
    Media house Chanakya Puri, New Delhi•
    11 hrs ago
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