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लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड की एक पीड़ित, जो मौत से जंग जीतकर लौटी है, उसने अपनी पूरी कहानी बताई है।
Dharmendra Kasaudhan
लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड की एक पीड़ित, जो मौत से जंग जीतकर लौटी है, उसने अपनी पूरी कहानी बताई है।
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- पडरौना नगर में गरीब, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा उन्हें आधुनिक तकनीकी संसाधनों से जोड़ने के उद्देश्य से "राजेशशि पाठशाला" का शुभारंभ किया गया है। महिला थाना के समीप स्थित इस पाठशाला में बच्चों को निःशुल्क आधुनिक शिक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पाठशाला के डायरेक्टर नितीश सिंह शुभम ने उद्घाटन अवसर पर बताया कि इस पहल का उद्देश्य उन बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना है जो आर्थिक अभाव के कारण बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं, ताकि वे प्रतियोगी और आधुनिक शिक्षा के लिए तैयार हो सकें। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पाठशाला में इंटरनेट, लैपटॉप, मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था, अध्ययन सामग्री तथा बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। नितीश सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत माध्यम है, और यदि जरूरतमंद बच्चों को सही मार्गदर्शन व संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं तो वे भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। इस अवसर पर राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त राजेश्वर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का यह प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने का माध्यम बनेगा। पाठशाला प्रबंधन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस मुहिम में सहयोग करें तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को "राजेशशि पाठशाला" से जोड़ने में मदद करें, ताकि शिक्षा का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों तक पहुंच सके। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र के बच्चों के लिए एक नई उम्मीद साबित होगी और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त राजेश्वर सिंह, भाजपा नेता युवा नीरज सिंह, निरंजन सिंह, शुभम सिंह, मारकंडे खरवार, कृष्णा तिवारी, श्याम सिंह, कनिष्ठ सिंह, भवन जायसवाल, राजन सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता और कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।4
- महराजगंज में एक नीट छात्रा ने आत्महत्या कर ली, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दुखद घटना से पहले छात्रा ने अपने पिता से कहा कि, "पापा अब हमसे नहीं हो पाएगा री एग्जाम"। यह मामला सदर थाना क्षेत्र के चौपरिया कंचनपुर इलाके का है।1
- कुशीनगर एयरपोर्ट को चालू कराने की मांग को लेकर 30 जून को एक 'उड़ान अधिकार पदयात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस पदयात्रा का नेतृत्व अजय कुमार लल्लू करेंगे, जिसमें शामिल होकर लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया गया है। यह पदयात्रा सुबह 9 बजे कसया कचहरी से शुरू होगी और एयरपोर्ट तक जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के संचालन के लिए दबाव बनाना है।1
- कुशीनगर एयरपोर्ट को जल्द से जल्द चालू करने की मांग को लेकर 30 जून को एक 'उड़ान अधिकार पदयात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस पदयात्रा का नेतृत्व अजय कुमार लल्लू करेंगे। यह यात्रा सुबह 9 बजे कसया कचहरी से शुरू होकर एयरपोर्ट तक जाएगी, जिसमें लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने और शामिल होने का आह्वान किया गया है।1
- महाराजगंज के चौक थाना परिसर में आबकारी अधिनियम के 29 मामलों से संबंधित कुल 236 लीटर अवैध कच्ची शराब को न्यायालय के आदेश पर नष्ट कर दिया गया। पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग की मौजूदगी में यह पूरी कार्रवाई अत्यंत पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। प्रशासन ने इस अवसर पर यह बात दोहराई कि अवैध शराब के खिलाफ भविष्य में भी सख्त अभियान जारी रखा जाएगा।1
- कुशीनगर के पडरौना में डॉ. कमलेश वर्मा ने एक बयान जारी कर कहा है कि “मीडिया का ही नहीं, हमारी भी सुन लीजिए।” उनके इस कथन पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि पूर्व में उन्हें एक अच्छे चिकित्सक के रूप में जाना जाता रहा है, जिनकी बातों को लोग गंभीरता से सुनते आए हैं। इस संदर्भ में, यह पूछा जा रहा है कि आखिर ऐसी क्या आवश्यकता आ पड़ी है कि उन्हें अब यह कहना पड़ रहा है कि लोग उनकी बात सुनें। यह स्वीकार करते हुए कि लोग उनकी बात अवश्य सुनेंगे और सुननी भी चाहिए, इस बात पर जोर दिया गया है कि डॉ. वर्मा को समझना होगा कि कंधे पर आला, हाथ में कलम और टेबल पर रखा कोरा कागज़ का उद्देश्य केवल किसी “किलकारी” (जीवन) के संघर्ष और सेवा की कहानी लिखना होना चाहिए। लेख में डॉ. वर्मा को स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि यदि उनकी बातें उनके मन की हैं, तो समाज उन्हें भी सुनेगा। हालांकि, पिस्टल की नोक पर या किसी प्रकार का दबाव बनाकर “किलकारी की कीमत” तय करने का प्रयास अनुचित है। यह रेखांकित किया गया है कि सेवा, संवेदना और विश्वास की कोई कीमत नहीं होती, इन्हें केवल अच्छे कर्मों और आचरण से ही अर्जित किया जा सकता है। अंत में, इस बात पर बल दिया गया है कि कलम की असली ताकत संवाद में निहित है, न कि दबाव बनाने में।1
- महराजगंज के बृजमनगंज नगर में सोमवार शाम आए तेज आंधी-तूफान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें वार्ड नंबर 2 में एक बाउंड्री वॉल गिरने से एक 10 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दर्दनाक घटना के बाद, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश जायसवाल ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए बच्चे को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। नगर अध्यक्ष ने बच्चे के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा कर मानवता की एक मिसाल पेश की है।1