अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन स्थित नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन (NRMU), UMB डिवीज़न के डिवीज़नल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें A.I. R.F./NRMU के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा और NRMU के सेंट्रल प्रेसिडेंट एस.के. त्यागी ने मीडिया को संबोधित करते हुए 8वें वेतन आयोग से संबंधित अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं और यूनियन की अन्य प्रमुख मांगों के बारे में जानकारी दी। A.I. R.F./ NRMU के महासचिव शिवगोपाल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने 8वें वेतन आयोग को लेकर अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात की है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग का भी जिक्र किया, जिसके लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे: उन रेल कर्मचारियों को पेंशन योजना में शामिल किया जाए जिनकी मृत्यु 2003 से पहले हो गई थी और उन्होंने 2003 में आवेदन किया था, भले ही उनकी नियुक्ति 2003 या 2004 में हुई हो। इस संबंध में रेल मंत्रालय से भी एक पत्र जारी किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि आज अंबाला में उनका आना इसलिए भी खास है क्योंकि अंबाला मंडल सचिव निर्मल सिंह की आज रिटायरमेंट भी है। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि उनका काम अभी समाप्त नहीं हुआ है और वे इसमें लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे एक ऐसा विभाग है जिसमें 12 लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, और कई ऐसी जगहों पर तैनात हैं जहाँ रहना मुश्किल होता है। इन कर्मचारियों की स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए भी आगे बात की जा रही है। उन्होंने 8वें वेतन आयोग पर भी विस्तार से चर्चा की और इसके शीघ्र कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन स्थित नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन (NRMU), UMB डिवीज़न के डिवीज़नल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें A.I. R.F./NRMU के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा और NRMU के सेंट्रल प्रेसिडेंट एस.के. त्यागी ने मीडिया को संबोधित करते हुए 8वें वेतन आयोग से संबंधित अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं और यूनियन की अन्य प्रमुख मांगों के बारे में जानकारी दी। A.I. R.F./ NRMU के महासचिव शिवगोपाल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने 8वें वेतन आयोग को लेकर अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात की है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग का भी जिक्र किया, जिसके लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे: उन रेल कर्मचारियों को पेंशन योजना में शामिल किया जाए जिनकी मृत्यु 2003 से पहले हो गई थी और उन्होंने 2003 में आवेदन किया था, भले ही उनकी नियुक्ति 2003 या 2004 में हुई हो। इस संबंध में रेल मंत्रालय से भी एक पत्र जारी किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि आज अंबाला में उनका आना इसलिए भी खास है क्योंकि अंबाला मंडल सचिव निर्मल सिंह की आज रिटायरमेंट भी है। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि उनका काम अभी समाप्त नहीं हुआ है और वे इसमें लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे एक ऐसा विभाग है जिसमें 12 लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, और कई ऐसी जगहों पर तैनात हैं जहाँ रहना मुश्किल होता है। इन कर्मचारियों की स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए भी आगे बात की जा रही है। उन्होंने 8वें वेतन आयोग पर भी विस्तार से चर्चा की और इसके शीघ्र कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।
- एक नए चलन के तहत, बच्चों के भालू अब किलो के भाव बेचे जा रहे हैं। पानीपत सरप्लस और कोलकाता सरप्लस स्टोर से जुड़े इस कॉन्सेप्ट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है, और यह पोस्ट #viralpost2024 के साथ-साथ एक #tranding विषय भी बन गया है।1
- एक बड़ी दुर्घटना में एक बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच टक्कर हो गई। इस घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस तुरंत मौके पर पहुँच गई।1
- केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शिमला में कहा है कि हनुमान जी के आशीर्वाद से विकसित भारत का संकल्प और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ठाकुर ने आगे बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हिमाचल प्रदेश को अभूतपूर्व विकास परियोजनाएं और हजारों करोड़ रुपये की सौगातें मिली हैं।1
- सहारनपुर के गंगोह रोड स्थित ऐतिहासिक गोगा म्हाड़ी स्वच्छ कुंड को लेकर चला आ रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। सोमवार को हिंदू संगठनों और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर घोषणा की कि यह स्थान अब सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि यह परिसर अब शहरवासियों के लिए एक बेहतर पर्यटन और पिकनिक स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। हिंदू संगठन के प्रांत सह प्रमुख, विशेष संपर्क विभाग के शिवकुमार गौड़ ने बताया कि पहले स्वच्छ कुंड को लेकर विरोध-प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए थे। विवाद का मुख्य कारण रास्ते की आवाजाही को लेकर था, जिसका अब समाधान कर दिया गया है। पहले एक ही रास्ते से सभी लोगों की आवाजाही होती थी, जिस पर आपत्ति जताई गई थी। अब प्रवेश व्यवस्था को अलग-अलग कर दिया गया है, जिससे यह समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है। शिवकुमार गौड़ ने स्पष्ट किया कि हिंदू संगठनों की आपत्ति गोगा म्हाड़ी परिसर की धार्मिक गरिमा को बनाए रखने को लेकर थी, विशेष रूप से म्हाड़ी स्थल पर जूते-चप्पल ले जाने या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली गतिविधियों पर। रास्ता अलग होने से यह मुद्दा भी हल हो गया है। यह भी बताया गया कि गोगा म्हाड़ी स्वच्छ कुंड को 900 वर्ष से अधिक पुराना एक ऐतिहासिक स्थल माना जाता है, जिसके विकास और सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। इस स्थल पर जाहरवीर गोगा जी महाराज, गोरखनाथ और भगवान शिव की प्रतिमाएं स्थापित हैं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसका लोकार्पण और पूजा-अर्चना की है। गौड़ ने कहा कि पहले यहां नियमित पूजा-पाठ की कोई परंपरा नहीं थी और नगर निगम द्वारा सौंदर्यीकरण के बाद इसे किसी नई परंपरा से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्थान अब खेलकूद स्थल और पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो रहा है, जहां किसी भी जाति और धर्म के लोग अपने परिवार के साथ आ सकते हैं, और यह शहर की नई पहचान बन सकता है। हिंदू संगठनों ने लोगों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखें और इसे विवाद के बजाय आपसी भाईचारे तथा शहर के विकास के प्रतीक के रूप में देखें।1
- हिमाचल प्रदेश में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर और मंदिरों में दिए जाने वाले चढ़ावे को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की सनातन विरोधी मानसिकता समय-समय पर उनके बयानों में स्पष्ट दिखाई देती है, और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र श्रीराम मंदिर को बार-बार विवादों में घसीटना तथा उस पर संदेह का वातावरण बनाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राकेश जमवाल ने कहा कि यदि किसी भी मामले में कोई शिकायत या तथ्य सामने आते हैं, तो देश का कानून और संबंधित संस्थाएं उसकी जांच करने के लिए सक्षम हैं, लेकिन बिना किसी निष्कर्ष के राम मंदिर और उससे जुड़े लोगों पर सवाल खड़े करना करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने जोर दिया कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और लंबे संघर्ष का प्रतीक है। जमवाल ने जगत नेगी की इस सलाह की भी आलोचना की कि लोग मंदिरों में दान देने के बजाय अस्पतालों और स्कूलों को दान दें। उन्होंने इसे कांग्रेस की सोच उजागर करने वाला बताया और कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य में योगदान देना निश्चित रूप से एक सराहनीय कार्य है, पर बेहतर अस्पताल और शिक्षण संस्थान उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए प्रदेश की जनता टैक्स देती है। यदि सरकार अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असफल रही है तो इसका दोष धार्मिक आस्था और मंदिरों पर नहीं मढ़ा जा सकता। जमवाल ने नेगी से पहले यह बताने की चुनौती दी कि उन्होंने स्वयं अपने निजी संसाधनों से कितने स्कूलों, अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को सहयोग दिया है। भाजपा नेता ने मंदिरों के पुजारियों और धार्मिक संस्थाओं को लेकर की गई जगत नेगी की टिप्पणियों को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक' बताया, खासकर यह कहना कि "जो लोग कभी चप्पलों में घूमते थे, आज हवाई जहाजों में घूम रहे हैं।" उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों संत, महंत, पुजारी और धर्माचार्य समाज सेवा, संस्कार निर्माण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं, और उनके प्रति इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किसी भी जिम्मेदार मंत्री को शोभा नहीं देता। जमवाल ने कहा कि पुजारियों और सनातन परंपराओं पर टिप्पणी कर नेगी ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, और यदि उनके पास किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कोई प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित एजेंसियों को सौंपना चाहिए, न कि पूरे धार्मिक तंत्र और सनातन समाज को कटघरे में खड़ा करना चाहिए। जमवाल ने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का भी आरोप लगाया, जिसमें अनेक शिक्षण संस्थानों को बंद करना, सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा सीमित करना और पहले से संचालित इंटीग्रेटेड कोर्स बंद करना शामिल है, जिससे हजारों विद्यार्थी प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर हैं। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार के प्रदर्शन को निराशाजनक बताते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद या कमजोर कर दिया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक विषयों पर बयानबाजी कर रहे हैं। अंत में, राकेश जमवाल ने मांग की कि जगत सिंह नेगी अपने बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से सनातन समाज से माफी मांगें। उन्होंने कांग्रेस को चेताया कि धार्मिक आस्था पर राजनीति कर अपनी विफलताओं को नहीं छिपाया जा सकता, और प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के दोहरे चरित्र तथा उसके नेताओं की मानसिकता को भलीभांति समझ चुकी है, जिसका जवाब वह समय आने पर देगी।1
- भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने शिमला स्थित जाखू मंदिर में एक बाइट दी है।1
- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के शिमला पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड में उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने पुष्पगुच्छ और मालाएं पहनाकर उनके प्रति अपना सम्मान एवं स्नेह व्यक्त किया।1
- हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में गुल्लरवाला-करसौली मार्ग पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी (HP12R 6664) सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। डीके न्यूज़ नालागढ़ के अनुसार, इस घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें गाड़ी को अत्यधिक गति से चलते हुए देखा गया। प्रत्यक्षदर्शी शम्मी लंबरदार ने बताया कि यह वाहन गुल्लरवाला की दिशा से तेज रफ्तार में आता हुआ दिखाई दिया था। डीके न्यूज़ नालागढ़ ने इस मामले में जानकारी जुटाने के लिए जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस वाहन या घटना से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो वे कमेंट के माध्यम से या सीधे न्यूज़ चैनल से संपर्क करके साझा कर सकते हैं।1
- मुलाना के दोसड़का में एक डंपर और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई, जिससे डंपर का केबिन पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। इस दुर्घटना के परिणामस्वरूप, डंपर का चालक केबिन में फंस गया। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव दल को तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।2