हिमाचल प्रदेश में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर और मंदिरों में दिए जाने वाले चढ़ावे को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की सनातन विरोधी मानसिकता समय-समय पर उनके बयानों में स्पष्ट दिखाई देती है, और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र श्रीराम मंदिर को बार-बार विवादों में घसीटना तथा उस पर संदेह का वातावरण बनाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राकेश जमवाल ने कहा कि यदि किसी भी मामले में कोई शिकायत या तथ्य सामने आते हैं, तो देश का कानून और संबंधित संस्थाएं उसकी जांच करने के लिए सक्षम हैं, लेकिन बिना किसी निष्कर्ष के राम मंदिर और उससे जुड़े लोगों पर सवाल खड़े करना करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने जोर दिया कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और लंबे संघर्ष का प्रतीक है। जमवाल ने जगत नेगी की इस सलाह की भी आलोचना की कि लोग मंदिरों में दान देने के बजाय अस्पतालों और स्कूलों को दान दें। उन्होंने इसे कांग्रेस की सोच उजागर करने वाला बताया और कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य में योगदान देना निश्चित रूप से एक सराहनीय कार्य है, पर बेहतर अस्पताल और शिक्षण संस्थान उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए प्रदेश की जनता टैक्स देती है। यदि सरकार अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असफल रही है तो इसका दोष धार्मिक आस्था और मंदिरों पर नहीं मढ़ा जा सकता। जमवाल ने नेगी से पहले यह बताने की चुनौती दी कि उन्होंने स्वयं अपने निजी संसाधनों से कितने स्कूलों, अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को सहयोग दिया है। भाजपा नेता ने मंदिरों के पुजारियों और धार्मिक संस्थाओं को लेकर की गई जगत नेगी की टिप्पणियों को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक' बताया, खासकर यह कहना कि "जो लोग कभी चप्पलों में घूमते थे, आज हवाई जहाजों में घूम रहे हैं।" उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों संत, महंत, पुजारी और धर्माचार्य समाज सेवा, संस्कार निर्माण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं, और उनके प्रति इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किसी भी जिम्मेदार मंत्री को शोभा नहीं देता। जमवाल ने कहा कि पुजारियों और सनातन परंपराओं पर टिप्पणी कर नेगी ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, और यदि उनके पास किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कोई प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित एजेंसियों को सौंपना चाहिए, न कि पूरे धार्मिक तंत्र और सनातन समाज को कटघरे में खड़ा करना चाहिए। जमवाल ने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का भी आरोप लगाया, जिसमें अनेक शिक्षण संस्थानों को बंद करना, सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा सीमित करना और पहले से संचालित इंटीग्रेटेड कोर्स बंद करना शामिल है, जिससे हजारों विद्यार्थी प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर हैं। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार के प्रदर्शन को निराशाजनक बताते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद या कमजोर कर दिया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक विषयों पर बयानबाजी कर रहे हैं। अंत में, राकेश जमवाल ने मांग की कि जगत सिंह नेगी अपने बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से सनातन समाज से माफी मांगें। उन्होंने कांग्रेस को चेताया कि धार्मिक आस्था पर राजनीति कर अपनी विफलताओं को नहीं छिपाया जा सकता, और प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के दोहरे चरित्र तथा उसके नेताओं की मानसिकता को भलीभांति समझ चुकी है, जिसका जवाब वह समय आने पर देगी।
हिमाचल प्रदेश में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर और मंदिरों में दिए जाने वाले चढ़ावे को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की सनातन विरोधी मानसिकता समय-समय पर उनके बयानों में स्पष्ट दिखाई देती है, और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र श्रीराम मंदिर को बार-बार विवादों में घसीटना तथा उस पर संदेह का वातावरण बनाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राकेश जमवाल ने कहा कि यदि किसी भी मामले में कोई शिकायत या तथ्य सामने आते हैं, तो देश का कानून और संबंधित संस्थाएं उसकी जांच करने के लिए सक्षम हैं, लेकिन बिना किसी निष्कर्ष के राम मंदिर और उससे जुड़े लोगों पर सवाल खड़े करना करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने जोर दिया कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और लंबे संघर्ष का प्रतीक है। जमवाल ने जगत नेगी की इस सलाह की भी आलोचना की कि लोग मंदिरों में दान देने के बजाय अस्पतालों और स्कूलों को दान दें। उन्होंने इसे कांग्रेस की सोच उजागर करने वाला बताया और कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य में योगदान देना निश्चित रूप से एक सराहनीय कार्य है, पर बेहतर अस्पताल और शिक्षण संस्थान उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए प्रदेश की जनता टैक्स देती है। यदि सरकार अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असफल रही है तो इसका दोष धार्मिक आस्था और मंदिरों पर नहीं मढ़ा जा सकता। जमवाल ने नेगी से पहले यह बताने की चुनौती दी कि उन्होंने स्वयं अपने निजी संसाधनों से कितने स्कूलों, अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को सहयोग दिया है। भाजपा नेता ने मंदिरों के पुजारियों और धार्मिक संस्थाओं को लेकर की गई जगत नेगी की टिप्पणियों को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक' बताया, खासकर यह कहना कि "जो लोग कभी चप्पलों में घूमते थे, आज हवाई जहाजों में घूम रहे हैं।" उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों संत, महंत, पुजारी और धर्माचार्य समाज सेवा, संस्कार निर्माण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं, और उनके प्रति इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किसी भी जिम्मेदार मंत्री को शोभा नहीं देता। जमवाल ने कहा कि पुजारियों और सनातन परंपराओं पर टिप्पणी कर नेगी ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, और यदि उनके पास किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कोई प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित एजेंसियों को सौंपना चाहिए, न कि पूरे धार्मिक तंत्र और सनातन समाज को कटघरे में खड़ा करना चाहिए। जमवाल ने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का भी आरोप लगाया, जिसमें अनेक शिक्षण संस्थानों को बंद करना, सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा सीमित करना और पहले से संचालित इंटीग्रेटेड कोर्स बंद करना शामिल है, जिससे हजारों विद्यार्थी प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर हैं। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार के प्रदर्शन को निराशाजनक बताते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद या कमजोर कर दिया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक विषयों पर बयानबाजी कर रहे हैं। अंत में, राकेश जमवाल ने मांग की कि जगत सिंह नेगी अपने बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से सनातन समाज से माफी मांगें। उन्होंने कांग्रेस को चेताया कि धार्मिक आस्था पर राजनीति कर अपनी विफलताओं को नहीं छिपाया जा सकता, और प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के दोहरे चरित्र तथा उसके नेताओं की मानसिकता को भलीभांति समझ चुकी है, जिसका जवाब वह समय आने पर देगी।
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के सीर खड्ड में एक 39 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।1
- नाचन जन कल्याण फाउंडेशन द्वारा 19 जुलाई को महादेव ज़ोन में एक निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन डॉ. संजय कुमार की उपस्थिति में फाउंडेशन की एक विशेष बैठक भी निर्धारित की गई है।1
- अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन स्थित नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन (NRMU), UMB डिवीज़न के डिवीज़नल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें A.I. R.F./NRMU के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा और NRMU के सेंट्रल प्रेसिडेंट एस.के. त्यागी ने मीडिया को संबोधित करते हुए 8वें वेतन आयोग से संबंधित अधिकारियों के साथ हुई चर्चाओं और यूनियन की अन्य प्रमुख मांगों के बारे में जानकारी दी। A.I. R.F./ NRMU के महासचिव शिवगोपाल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने 8वें वेतन आयोग को लेकर अधिकारियों और मंत्रियों से मुलाकात की है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग का भी जिक्र किया, जिसके लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे: उन रेल कर्मचारियों को पेंशन योजना में शामिल किया जाए जिनकी मृत्यु 2003 से पहले हो गई थी और उन्होंने 2003 में आवेदन किया था, भले ही उनकी नियुक्ति 2003 या 2004 में हुई हो। इस संबंध में रेल मंत्रालय से भी एक पत्र जारी किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि आज अंबाला में उनका आना इसलिए भी खास है क्योंकि अंबाला मंडल सचिव निर्मल सिंह की आज रिटायरमेंट भी है। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि उनका काम अभी समाप्त नहीं हुआ है और वे इसमें लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे एक ऐसा विभाग है जिसमें 12 लाख से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, और कई ऐसी जगहों पर तैनात हैं जहाँ रहना मुश्किल होता है। इन कर्मचारियों की स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए भी आगे बात की जा रही है। उन्होंने 8वें वेतन आयोग पर भी विस्तार से चर्चा की और इसके शीघ्र कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।1
- समाजसेवी कमलप्रीत के समर्थन में इलाका वासियों ने नंगल थाने के सामने एक धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से स्थानीय लोगों ने कमलप्रीत के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।1
- एक कपड़ा कारोबारी ने फांसी लगाने से पहले अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए एक दर्दनाक आरोप लगाया है। कारोबारी के अनुसार, उससे झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ करवाए जाते थे।1
- झंडूता और नंदनगराव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क की इस खराब हालत के चलते इस मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोगों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है।1
- मंडी नगर निगम को अपनी नई महापौर मिल गई हैं। सुमन ठाकुर को निर्विरोध महापौर चुना गया है, जबकि जितेंद्र शर्मा ने उपमहापौर का पदभार संभाला है।1
- किसी भी स्थिति में पूरी बात जाने बिना या मात्र किसी के कहने पर उतावलेपन में कोई कार्रवाई करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, कोई भी कदम उठाने से पहले पूरी सच्चाई की गहन जांच करना आवश्यक है।1
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक गर्भवती महिला की ढालपुर अस्पताल में मौत हो गई है। इस घटना को लेकर परिजनों के साथ-साथ जनता भी आक्रोशित होकर सड़क पर उतर आई है और प्रदर्शन कर रही है।1