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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक गर्भवती महिला की ढालपुर अस्पताल में मौत हो गई है। इस घटना को लेकर परिजनों के साथ-साथ जनता भी आक्रोशित होकर सड़क पर उतर आई है और प्रदर्शन कर रही है।
Dev Raj Thakur
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में एक गर्भवती महिला की ढालपुर अस्पताल में मौत हो गई है। इस घटना को लेकर परिजनों के साथ-साथ जनता भी आक्रोशित होकर सड़क पर उतर आई है और प्रदर्शन कर रही है।
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- अस्सू स्थित भुवनेश्वरी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने शिपकी ला दर्रे तक एक गौरवपूर्ण शैक्षणिक एवं एडवेंचर भ्रमण किया।1
- केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शिमला में कहा है कि हनुमान जी के आशीर्वाद से विकसित भारत का संकल्प और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ठाकुर ने आगे बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हिमाचल प्रदेश को अभूतपूर्व विकास परियोजनाएं और हजारों करोड़ रुपये की सौगातें मिली हैं।1
- हिमाचल प्रदेश में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर और मंदिरों में दिए जाने वाले चढ़ावे को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की सनातन विरोधी मानसिकता समय-समय पर उनके बयानों में स्पष्ट दिखाई देती है, और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र श्रीराम मंदिर को बार-बार विवादों में घसीटना तथा उस पर संदेह का वातावरण बनाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राकेश जमवाल ने कहा कि यदि किसी भी मामले में कोई शिकायत या तथ्य सामने आते हैं, तो देश का कानून और संबंधित संस्थाएं उसकी जांच करने के लिए सक्षम हैं, लेकिन बिना किसी निष्कर्ष के राम मंदिर और उससे जुड़े लोगों पर सवाल खड़े करना करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने जोर दिया कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और लंबे संघर्ष का प्रतीक है। जमवाल ने जगत नेगी की इस सलाह की भी आलोचना की कि लोग मंदिरों में दान देने के बजाय अस्पतालों और स्कूलों को दान दें। उन्होंने इसे कांग्रेस की सोच उजागर करने वाला बताया और कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य में योगदान देना निश्चित रूप से एक सराहनीय कार्य है, पर बेहतर अस्पताल और शिक्षण संस्थान उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए प्रदेश की जनता टैक्स देती है। यदि सरकार अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असफल रही है तो इसका दोष धार्मिक आस्था और मंदिरों पर नहीं मढ़ा जा सकता। जमवाल ने नेगी से पहले यह बताने की चुनौती दी कि उन्होंने स्वयं अपने निजी संसाधनों से कितने स्कूलों, अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को सहयोग दिया है। भाजपा नेता ने मंदिरों के पुजारियों और धार्मिक संस्थाओं को लेकर की गई जगत नेगी की टिप्पणियों को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक' बताया, खासकर यह कहना कि "जो लोग कभी चप्पलों में घूमते थे, आज हवाई जहाजों में घूम रहे हैं।" उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों संत, महंत, पुजारी और धर्माचार्य समाज सेवा, संस्कार निर्माण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं, और उनके प्रति इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किसी भी जिम्मेदार मंत्री को शोभा नहीं देता। जमवाल ने कहा कि पुजारियों और सनातन परंपराओं पर टिप्पणी कर नेगी ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, और यदि उनके पास किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कोई प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित एजेंसियों को सौंपना चाहिए, न कि पूरे धार्मिक तंत्र और सनातन समाज को कटघरे में खड़ा करना चाहिए। जमवाल ने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का भी आरोप लगाया, जिसमें अनेक शिक्षण संस्थानों को बंद करना, सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा सीमित करना और पहले से संचालित इंटीग्रेटेड कोर्स बंद करना शामिल है, जिससे हजारों विद्यार्थी प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर हैं। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार के प्रदर्शन को निराशाजनक बताते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद या कमजोर कर दिया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक विषयों पर बयानबाजी कर रहे हैं। अंत में, राकेश जमवाल ने मांग की कि जगत सिंह नेगी अपने बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से सनातन समाज से माफी मांगें। उन्होंने कांग्रेस को चेताया कि धार्मिक आस्था पर राजनीति कर अपनी विफलताओं को नहीं छिपाया जा सकता, और प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के दोहरे चरित्र तथा उसके नेताओं की मानसिकता को भलीभांति समझ चुकी है, जिसका जवाब वह समय आने पर देगी।1
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- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने ढालपुर अस्पताल में एक धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दो दिन पहले अस्पताल में हुई एक गर्भवती महिला की मौत के मामले को लेकर किया गया।1