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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने ढालपुर अस्पताल में एक धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दो दिन पहले अस्पताल में हुई एक गर्भवती महिला की मौत के मामले को लेकर किया गया।
Dev Raj Thakur
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने ढालपुर अस्पताल में एक धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दो दिन पहले अस्पताल में हुई एक गर्भवती महिला की मौत के मामले को लेकर किया गया।
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- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के शिमला पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड में उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने पुष्पगुच्छ और मालाएं पहनाकर उनके प्रति अपना सम्मान एवं स्नेह व्यक्त किया।1
- मंडी नगर निगम को अपनी नई महापौर मिल गई हैं। सुमन ठाकुर को निर्विरोध महापौर चुना गया है, जबकि जितेंद्र शर्मा ने उपमहापौर का पदभार संभाला है।1
- कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में एक प्रसूता महिला की डिलीवरी के 24 घंटे बाद हुई मौत के मामले में जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों और अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।1
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के सीर खड्ड में एक 39 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।1
- हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में गुल्लरवाला-करसौली मार्ग पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी (HP12R 6664) सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। डीके न्यूज़ नालागढ़ के अनुसार, इस घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें गाड़ी को अत्यधिक गति से चलते हुए देखा गया। प्रत्यक्षदर्शी शम्मी लंबरदार ने बताया कि यह वाहन गुल्लरवाला की दिशा से तेज रफ्तार में आता हुआ दिखाई दिया था। डीके न्यूज़ नालागढ़ ने इस मामले में जानकारी जुटाने के लिए जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस वाहन या घटना से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो वे कमेंट के माध्यम से या सीधे न्यूज़ चैनल से संपर्क करके साझा कर सकते हैं।1
- कुल्लू के अस्पताल परिसर में आक्रोश भरा माहौल देखने को मिला, जहाँ जोरदार विरोध प्रदर्शन के दौरान नारे गूंज उठे। प्रदर्शनकारियों ने "सीएमओ कुल्लू बाहर आओ" के नारे लगाए और साथ ही "अनु हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल जिंदा" जैसे भावनात्मक और तीखे नारे लगाकर अपना गुस्सा व्यक्त किया। इन नारों के ज़रिए किसी "अनु" से संबंधित मामले में अपराधियों के अभी भी आज़ाद होने पर शर्मिंदगी और जवाबदेही की मांग स्पष्ट रूप से दिखाई दी।1
- झंडूता और नंदनगराव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क की इस खराब हालत के चलते इस मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोगों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है।1
- देहरादून के विकास नगर क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों से उत्पन्न गंभीर खतरों के खिलाफ ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को एक प्रार्थना-पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनके गांव में लंबे समय से अवैध खनन चरम पर है, जहां खनन सामग्री से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन-रात आबादी के बीच से तेज रफ्तार और लापरवाही से गुजरते हैं। इन वाहनों के चालक अक्सर नशे की धुत में रहते हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। प्रार्थना-पत्र में बताया गया है कि 28 जून 2026 को स्थानीय युवक तरुण सिंह के साथ भी एक गंभीर दुर्घटना होते-होते बची थी। जब उन्होंने वाहन चालकों की लापरवाही का विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया और उनके साथ गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि ये वाहन प्रभावशाली खनन माफियाओं और क्रेशर संचालकों से जुड़े हैं, जिस कारण इनके चालक किसी भी ग्रामीण या कानून का भय नहीं रखते। ओवरलोड वाहनों के निरंतर आवागमन से गांव की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उनमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, साथ ही पुल भी जर्जर हो चुका है। इससे आवागमन बाधित होता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी होती है। सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि क्रेशर के पास स्थित एक इंटर कॉलेज 1 जुलाई से फिर से खुलने वाला है, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं इसी खतरनाक मार्ग से आते-जाते हैं। भारी वाहनों और गड्ढों में भरे पानी से बच्चों की सुरक्षा और जीवन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें अवैध खनन पर रोक, ओवरलोड वाहनों और नशे में गाड़ी चलाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, क्षतिग्रस्त सड़क व जर्जर पुल की मरम्मत, छात्रों की सुरक्षा हेतु प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना और खनन माफियाओं को गांव की आबादी से हटकर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के स्पष्ट निर्देश देना शामिल है। उन्होंने इंटर कॉलेज और विद्यालय मार्ग से खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में होने वाली किसी भी जनहानि की पूरी जिम्मेदारी खनन माफियाओं, वाहन संचालकों और संबंधित विभागों की होगी।3
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल के अंतर्गत करयालग गांव के समीप लगातार बारिश के बाद एक बार फिर जमीन धंसने की घटना सामने आई है। बीती रात हुई बारिश के कारण सोहनी देवी मंदिर को जाने वाली सड़क के पास जमीन बैठ गई है, जिससे सोहनी देवी मार्ग पर खतरा बढ़ गया है। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है।1