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समाजसेवी कमलप्रीत के समर्थन में इलाका वासियों ने नंगल थाने के सामने एक धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से स्थानीय लोगों ने कमलप्रीत के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
Himachal Punjab News
समाजसेवी कमलप्रीत के समर्थन में इलाका वासियों ने नंगल थाने के सामने एक धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से स्थानीय लोगों ने कमलप्रीत के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
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- हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में गुल्लरवाला-करसौली मार्ग पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी (HP12R 6664) सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। डीके न्यूज़ नालागढ़ के अनुसार, इस घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें गाड़ी को अत्यधिक गति से चलते हुए देखा गया। प्रत्यक्षदर्शी शम्मी लंबरदार ने बताया कि यह वाहन गुल्लरवाला की दिशा से तेज रफ्तार में आता हुआ दिखाई दिया था। डीके न्यूज़ नालागढ़ ने इस मामले में जानकारी जुटाने के लिए जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस वाहन या घटना से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो वे कमेंट के माध्यम से या सीधे न्यूज़ चैनल से संपर्क करके साझा कर सकते हैं।1
- नाचन जन कल्याण फाउंडेशन द्वारा 19 जुलाई को महादेव ज़ोन में एक निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन डॉ. संजय कुमार की उपस्थिति में फाउंडेशन की एक विशेष बैठक भी निर्धारित की गई है।1
- भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने शिमला स्थित जाखू मंदिर में एक बाइट दी है।1
- हिमाचल प्रदेश में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर और मंदिरों में दिए जाने वाले चढ़ावे को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की सनातन विरोधी मानसिकता समय-समय पर उनके बयानों में स्पष्ट दिखाई देती है, और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र श्रीराम मंदिर को बार-बार विवादों में घसीटना तथा उस पर संदेह का वातावरण बनाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राकेश जमवाल ने कहा कि यदि किसी भी मामले में कोई शिकायत या तथ्य सामने आते हैं, तो देश का कानून और संबंधित संस्थाएं उसकी जांच करने के लिए सक्षम हैं, लेकिन बिना किसी निष्कर्ष के राम मंदिर और उससे जुड़े लोगों पर सवाल खड़े करना करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने जोर दिया कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और लंबे संघर्ष का प्रतीक है। जमवाल ने जगत नेगी की इस सलाह की भी आलोचना की कि लोग मंदिरों में दान देने के बजाय अस्पतालों और स्कूलों को दान दें। उन्होंने इसे कांग्रेस की सोच उजागर करने वाला बताया और कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य में योगदान देना निश्चित रूप से एक सराहनीय कार्य है, पर बेहतर अस्पताल और शिक्षण संस्थान उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके लिए प्रदेश की जनता टैक्स देती है। यदि सरकार अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असफल रही है तो इसका दोष धार्मिक आस्था और मंदिरों पर नहीं मढ़ा जा सकता। जमवाल ने नेगी से पहले यह बताने की चुनौती दी कि उन्होंने स्वयं अपने निजी संसाधनों से कितने स्कूलों, अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को सहयोग दिया है। भाजपा नेता ने मंदिरों के पुजारियों और धार्मिक संस्थाओं को लेकर की गई जगत नेगी की टिप्पणियों को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक' बताया, खासकर यह कहना कि "जो लोग कभी चप्पलों में घूमते थे, आज हवाई जहाजों में घूम रहे हैं।" उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों संत, महंत, पुजारी और धर्माचार्य समाज सेवा, संस्कार निर्माण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं, और उनके प्रति इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किसी भी जिम्मेदार मंत्री को शोभा नहीं देता। जमवाल ने कहा कि पुजारियों और सनातन परंपराओं पर टिप्पणी कर नेगी ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, और यदि उनके पास किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कोई प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित एजेंसियों को सौंपना चाहिए, न कि पूरे धार्मिक तंत्र और सनातन समाज को कटघरे में खड़ा करना चाहिए। जमवाल ने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का भी आरोप लगाया, जिसमें अनेक शिक्षण संस्थानों को बंद करना, सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा सीमित करना और पहले से संचालित इंटीग्रेटेड कोर्स बंद करना शामिल है, जिससे हजारों विद्यार्थी प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर हैं। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार के प्रदर्शन को निराशाजनक बताते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद या कमजोर कर दिया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक विषयों पर बयानबाजी कर रहे हैं। अंत में, राकेश जमवाल ने मांग की कि जगत सिंह नेगी अपने बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से सनातन समाज से माफी मांगें। उन्होंने कांग्रेस को चेताया कि धार्मिक आस्था पर राजनीति कर अपनी विफलताओं को नहीं छिपाया जा सकता, और प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के दोहरे चरित्र तथा उसके नेताओं की मानसिकता को भलीभांति समझ चुकी है, जिसका जवाब वह समय आने पर देगी।1
- आज, 29 जून सोमवार को, ऊना जिले के अखबारों की मुख्य सुर्खियां प्रकाशित की गईं।1
- हमीरपुर जिले के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के भलाणा गांव में एक स्कूटी सवार बुजुर्ग को अज्ञात टिप्पर द्वारा टक्कर मारकर घायल करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर इस दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता पंकज कुमार, जो वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल में जम्मू में तैनात हैं, ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक शिकायत पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने बताया कि उनके पिता प्यार चंद अपनी स्कूटी पर सवार होकर जा रहे थे, तभी भलाणा गांव के पास एक अज्ञात टिप्पर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। इस हादसे में प्यार चंद घायल हो गए। शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर अज्ञात टिप्पर चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों और चालक की पहचान को लेकर भी गहनता से जांच कर रही है।1
- मंडी नगर निगम को अपनी नई महापौर मिल गई हैं। सुमन ठाकुर को निर्विरोध महापौर चुना गया है, जबकि जितेंद्र शर्मा ने उपमहापौर का पदभार संभाला है।1
- हमीरपुर के नादौन शहर में नगर परिषद (एमसी) ने रविवार को बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के उद्देश्य से मुख्य बाजार स्थित कुमार मार्केट के नाले की विशेष सफाई करवाई थी। सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक चले इस अभियान के दौरान लगभग एक ट्रैक्टर गाद, मिट्टी और अन्य कचरा निकालने का दावा किया गया। नगर परिषद ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर अभियान की तस्वीरें और जानकारी साझा करते हुए बताया था कि वर्षा जल की सुचारु निकासी सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर नालियों और नालों की सफाई की जा रही है। लेकिन, इस अभियान के अगले ही दिन, रविवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह तेज होते ही शहर के कई हिस्सों में अलग ही तस्वीर सामने आई। कई स्थानों पर वर्षा का पानी नालियों में बहने के बजाय सड़कों और पैदल आवाजाही वाले रास्तों के बीचों-बीच बहता नजर आया, जिससे लोगों को पैदल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहली ही बारिश में सामने आए इन हालात ने नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाकर नालियों से गाद और कचरा निकाल दिया गया था, तो महज एक दिन बाद ही पानी नालियों में जाने के बजाय सड़कों और पैदल मार्गों पर कैसे बहने लगा। उनका मानना है कि नालियों का इतनी जल्दी अवरुद्ध होना समझ से परे है, और केवल सफाई अभियान चलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे ड्रेनेज सिस्टम की कार्यप्रणाली और जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाना आवश्यक है। नगर परिषद ने अभियान के दौरान नागरिकों से नालियों में कचरा न डालने और शहर को स्वच्छ रखने की अपील भी की थी। वहीं, पहली ही बारिश के बाद सामने आए हालात को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पूरे शहर की जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी समीक्षा कर उसमें आवश्यक सुधार करने की मांग की है, ताकि आगामी बारिश के दौरान सड़कों और पैदल आवाजाही वाले मार्गों पर जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।1