रफीगंज थाना क्षेत्र के काजीचक गांव में चाकू हमले के मामले में नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज घायल मनाउल्लाह के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस मामले में घायल की पत्नी फरजाना खातून ने वरीय पुलिस अधिकारियों को आवेदन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फरजाना खातून के अनुसार, रफीगंज थाना कांड संख्या 245/2026 में नामजद 11 आरोपी, जिनमें मो. सुहैल, मो. आदिल, मो. कैला, मो. तन्नू, मो. छाठु, मो. जफर आलम और मो. इमरान शामिल हैं, खुलेआम घूम रहे हैं और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। घटना 22 जून 2026 की रात की है, जब मनाउल्लाह मोहर्रम का जुलूस देखने के बाद स्कूल के पीछे गए थे। आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर चाकू और डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उनके शरीर पर 8 से 10 गंभीर जख्म आए। परिजनों ने हमलावरों पर सोने की चेन और 10 हजार रुपये नकद छीनने का भी आरोप लगाया है। मनाउल्लाह को उनके भाई मोहम्मद अब्दुल्लाह और ग्रामीणों ने पहले रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। परिजनों का यह भी कहना है कि वर्ष 2023 में मनाउल्लाह पर हुए एक हमले का मामला (रफीगंज थाना कांड संख्या 156/2023) पहले से ही न्यायालय में लंबित है, जिसमें पुलिस ढिलाई बरत रही है। इस मामले पर रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
रफीगंज थाना क्षेत्र के काजीचक गांव में चाकू हमले के मामले में नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज घायल मनाउल्लाह के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस मामले में घायल की पत्नी फरजाना खातून ने वरीय पुलिस अधिकारियों को आवेदन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फरजाना खातून के अनुसार, रफीगंज थाना कांड संख्या 245/2026 में नामजद 11 आरोपी, जिनमें मो. सुहैल, मो. आदिल, मो. कैला, मो. तन्नू, मो. छाठु, मो. जफर आलम और मो. इमरान शामिल हैं, खुलेआम घूम रहे हैं और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। घटना 22 जून 2026 की रात की है, जब मनाउल्लाह मोहर्रम का जुलूस देखने के बाद स्कूल के पीछे गए थे। आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर चाकू और डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उनके शरीर पर 8 से 10 गंभीर जख्म आए। परिजनों ने हमलावरों पर सोने की चेन और 10 हजार रुपये नकद छीनने का भी आरोप लगाया है। मनाउल्लाह को उनके भाई मोहम्मद अब्दुल्लाह और ग्रामीणों ने पहले रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। परिजनों का यह भी कहना है कि वर्ष 2023 में मनाउल्लाह पर हुए एक हमले का मामला (रफीगंज थाना कांड संख्या 156/2023) पहले से ही न्यायालय में लंबित है, जिसमें पुलिस ढिलाई बरत रही है। इस मामले पर रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
- औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड स्थित टंडवा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने पिपराडीह गांव के समीप वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक कार से 300 लीटर अवैध देशी टनाका शराब बरामद की है। यह शराब कुल 40 पेटियों में लदी हुई थी। थानाध्यक्ष अजय बहादुर सिंह ने बताया कि बीते शाम मिली सूचना के बाद पुलिस सतर्क थी और संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही तस्कर कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार और अवैध शराब को जब्त कर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत अज्ञात तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फरार तस्कर की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है और क्षेत्र में शराब तस्करों पर नकेल कसने के लिए अभियान जारी रखने का दावा किया है।1
- बिहार में पिछले कुछ महीनों के दौरान घटित कई बड़ी घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं में हत्या, लूट और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। इस संबंध में जारी किए गए वीडियो के माध्यम से राज्य के इन चर्चित मामलों की एक झलक पेश की गई है। इस वीडियो का उद्देश्य आम लोगों तक तथ्यात्मक जानकारी पहुँचाना है। इस मुद्दे पर जनता की राय मांगी गई है और इसे व्यापक स्तर पर साझा करने की अपील की जा रही है।1
- गया जिले के डुमरी नाला जंगल क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक सर्च अभियान के दौरान लगभग 4 किलोग्राम वजनी आईईडी बरामद हुआ है। सूचना मिलने के तुरंत बाद सीआरपीएफ की बम निरोधक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इस आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या अन्य नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। सुरक्षा बलों ने अब इस इलाके में सघन तलाशी अभियान को और तेज कर दिया है तथा पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।1
- गया जिले के अक्षयवट मंगला गौरी मार्ग पर जल आपूर्ति पाइपलाइन का एक लीकेज चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा है, जिससे यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। यह मार्ग अक्षयवट वेदी और प्रसिद्ध मंगला गौरी मंदिर तक जाने का मुख्य रास्ता है, जहाँ हर समय श्रद्धालुओं का भारी आवागमन रहता है। खुले चैंबर और पाइपलाइन की इस लापरवाही के कारण राहगीरों और दर्शनार्थियों के लिए यहाँ से गुजरना जोखिम भरा हो गया है।1
- बिहार सहयोग पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे न्याय या केवल एक दिखावा बताया जा रहा है। इस पोर्टल की वास्तविकता और इसकी जमीनी हकीकत को लेकर तीखे सवाल खड़े किए गए हैं। पोर्टल के दावों और असल में लोगों को मिलने वाली राहत के बीच के अंतर को समझने के लिए अब ग्राउंड रियलिटी देखने की मांग उठ रही है।1
- गया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित सिद्धार्थपूरी कॉलोनी में अपराधियों ने घर में घुसकर करोड़ों रुपये के जेवरात लूट लिए। इस घटना के बाद मुफस्सिल थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है, जिसमें लूटे गए जेवरात की बरामदगी सहित घटना के अन्य पहलुओं पर गहनता से पड़ताल की जा रही है।1
- रोहतास जिले के डेहरी क्षेत्र से पुलिसकर्मियों की मनमानी और गुंडागर्दी का एक मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस वालों की हरकतों को देखा जा सकता है। अभिषेक कुमार ईमीडिया द्वारा साझा की गई इस फुटेज में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।1