रविवार दोपहर करीब एक बजे रामपुर की स्वार कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को नौ चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिलों के साथ गिरफ्तार किया। बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी उत्तराखंड क्षेत्र से जुड़े हैं। पुलिस को वाहन चोरी की घटनाओं के संबंध में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद स्वार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुपम शर्मा के नेतृत्व में और मसवासी चौकी प्रभारी की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने संदिग्धों की तलाश में लगातार अभियान चलाया। मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें बरामद कीं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा सकें। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ में वाहन चोरी की अन्य घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। स्वार कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और तीनों आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया गया है।
रविवार दोपहर करीब एक बजे रामपुर की स्वार कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को नौ चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिलों के साथ गिरफ्तार किया। बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी उत्तराखंड क्षेत्र से जुड़े हैं। पुलिस को वाहन चोरी की घटनाओं के संबंध में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद स्वार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुपम शर्मा के नेतृत्व में और मसवासी चौकी प्रभारी की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने संदिग्धों की तलाश में लगातार अभियान चलाया। मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें बरामद कीं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा सकें। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ में वाहन चोरी की अन्य घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। स्वार कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और तीनों आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया गया है।
- बरेली के आंवला थाना क्षेत्र में 3 तारीख को आयोजित एक शादी समारोह में दूल्हा पक्ष के लोगों के बीच खाने में चिकन लेग पीस को लेकर विवाद हो गया। इस घटना के संबंध में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बताया गया है कि यह विवाद बच्चों के झगड़े के कारण हुआ था।1
- दिल्ली में हाल ही में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, छात्रों ने 'कॉकक्रोच जनता पार्टी' के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। इसी प्रदर्शन में एक Zee News पत्रकार भी पहुँच गया, जिसे प्रदर्शनकारी छात्रों ने मौके से भगा दिया।1
- बिलासपुर में रविवार को ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख ने "एक कदम फिट इंडिया मूवमेंट" और "स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)" के अंतर्गत आयोजित "संडे ऑन साइकिल" अभियान में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार, एडीओ पंचायत आलोक सक्सेना, एडीओ पंचायत सलीम हुसैन, कपिल गंगवार, विकास पाठक, रिजवान तथा ब्लॉक के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर साइकिल चलाई और लोगों को स्वास्थ्य तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान, ब्लॉक प्रमुख औलख ने इस बात पर जोर दिया कि नियमित व्यायाम स्वस्थ जीवन का आधार है, और साइकिलिंग एक सरल, सस्ती तथा पर्यावरण-अनुकूल गतिविधि है। उन्होंने लोगों से दैनिक जीवन में साइकिल के अधिक उपयोग की अपील की, जिससे न केवल स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलती है। खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि "संडे ऑन साइकिल" अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ लोगों को फिट रहने के लिए भी प्रेरित करते हैं। अभियान में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने फिट इंडिया और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।2
- जंतर मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने के साथ-साथ इसमें जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों पर माहौल भटकाने और नफरत फैलाने की कोशिश करने के आरोप भी लगे, लेकिन आंदोलन अपने मूल मुद्दों पर ही केंद्रित रहा। इस आंदोलन में 'गोदी मीडिया' के 'आविष्कार' और "गोदी मीडिया हाय हाय" जैसे नारे भी गूँजे, जो मीडिया के प्रति तीखी आलोचना को दर्शाते हैं। पोस्ट में पाठकों से यह सवाल भी किया गया है कि क्या देश के युवाओं की आवाज अब पहले से ज्यादा मजबूत हो रही है।1
- बरेली के मीरगंज में हुए जाम छज्जा विवाद से जुड़ी हत्या के एक मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस घटना में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर आगे की कार्यवाही के लिए भेजा है।1
- बरेली में एक युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि युवक ने अपनी असली पहचान छिपाकर खुद को हिंदू बताया और उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि युवक युवती पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने इस पूरे मामले में पुलिस से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- एक तीखे बयान में दावा किया गया है कि 1971 से 2005 तक, तथाकथित 'दहशतगर्दों' ने तीन करोड़ से अधिक लोगों की हत्या की है। इन्हें 'फसादी और दहशतगर्द' करार देते हुए, अल्लाह से दुआ की गई है कि वह सभी दहशतगर्दों को तबाह व बर्बाद करे। बयान में वैश्विक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि बड़े बदमाश छोटे बदमाशों का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें अमेरिका को 'आलमी बदमाश' (वैश्विक बदमाश) और देशों के शासकों को 'इलाकाई बदमाश' (क्षेत्रीय बदमाश) बताया गया है। ये इलाकाई बदमाश जनता की कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्हें मूर्ख बनाते हैं, जबकि वास्तव में सभी एक साम्राज्यवादी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। आरोप लगाया गया है कि मुसलमानों को मारने के लिए मुसलमानों की आवाज़ का ही इस्तेमाल किया जाता है, और पूरी दुनिया में अपनी मनमर्ज़ी की सरकारें बिठाकर युद्ध छेड़ा जाता है। इस 'जंग' को कायरों की लड़ाई बताया गया है और खुले मैदान में सामने आकर लड़ने की चुनौती दी गई है। ऐसी लड़ाई पर لعنت भेजी गई है जो सामने नहीं आती और पीछे से वार करती है, और कहा गया है कि इस पर फख्र करना शर्म की बात है। एक ज़हीन व्यक्ति के हवाले से कहा गया है कि अंग्रेज़ बेग़ैरत हैं, और ऐसे लोगों पर सवाल उठाया गया है जिनके माता-पिता का पता नहीं। बयान में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि मुसलमानों को एक लीडर की ज़रूरत है, और अगर उन्हें एक लीडर मिल जाए तो असल बहादुरी का पता चलेगा। बयान के अंत में इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया गया है कि जब हत्यारे ऐसी बातें करते हैं और सुनने वाले तथा देखने वाले कोई प्रतिक्रिया नहीं देते, तो इसका अर्थ है कि शैतान अपना काम पूरी लगन और सच्चाई से कर रहा है और बाकी सभी राष्ट्र 'मुर्दा' हैं। एक बार फिर 1971 से 2005 तक हुई हत्याओं का उल्लेख करते हुए सभी दहशतगर्दों के विनाश की दुआ दोहराई गई है।1
- यह बात स्पष्ट है कि वर्तमान में सरकार से भी अधिक विरोध मीडिया का झेलना पड़ रहा है, खासकर 'गोदी मीडिया' का। एक घटनाक्रम में, 'गोदी मीडिया' के एक रिपोर्टर और कैमरामैन एक टंकी पर चढ़े हुए थे, तभी एक लड़की ने उनके खिलाफ 'गोदी मीडिया वापस जाओ' के नारे लगाए। इस दौरान दोनों की शक्ल देखने लायक हो गई, जिसे पोस्ट में 'घनघोर बेज्जती' बताया गया है। पोस्ट का कहना है कि 'गोदी मीडिया' के कर्म ही ऐसे हो रखे हैं कि जनता उन्हें सम्मान नहीं दे रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक अंतरधार्मिक प्रेम संबंध विवाह में बदल गया है। शीशगढ़ थाना क्षेत्र की 22 वर्षीय मैजवीन ने धर्म परिवर्तन के बाद अपना नाम लक्ष्मी रख लिया और अपने प्रेमी विशाल के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। यह विवाह अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ, जहाँ दोनों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। जानकारी के अनुसार, शीशगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी मैजवीन और दूसरे गांव के विशाल ने आठवीं कक्षा तक एक ही स्कूल में साथ पढ़ाई की थी। इसी दौरान उनकी दोस्ती हुई, जो समय के साथ प्रेम संबंध में बदल गई। लगभग चार साल तक चले इस रिश्ते के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया, लेकिन अलग-अलग धर्मों के कारण उनके परिवारों की सहमति नहीं मिल पाई। प्रेमी युगल का कहना है कि परिवार के विरोध के चलते उन्होंने घर छोड़कर शादी करने का निर्णय लिया। इसके बाद वे बरेली पहुँचे और धर्म परिवर्तन से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन किया। आश्रम के संचालक पंडित के.के. शंखधार ने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद युवती का शुद्धिकरण संस्कार कराया गया और फिर वैदिक विधि-विधान से दोनों का विवाह संपन्न करवाया गया। विवाह समारोह में वरमाला, मंगलसूत्र और सप्तपदी जैसी महत्वपूर्ण रस्में भी निभाई गईं। यह विवाह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। युगल ने अपने इस निर्णय को स्वेच्छा से उठाया गया कदम बताते हुए एक सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की है।1