इटारसी के वार्ड क्रमांक 19 के नागरिक सड़कों की बदहाली को लेकर भारी गुस्से में हैं। पिछले तीन सालों से यहाँ के रहवासी कीचड़ और जलजमाव भरे रास्तों से निकलने को मजबूर हैं, और बारिश में यह स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि पानी उनके घरों में घुस जाता है। नागरिकों ने 'पार्षद जी' को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि उन्हें केवल झूठे आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक विकास चाहिए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार 'पार्षद जी' को अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल 'झूठा आश्वासन' ही मिला। अब उनका सब्र टूट गया है, और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में माँग की है कि, "पार्षद जी, अगर आपसे अपने वार्ड का काम नहीं संभलता, तो अपने पद से इस्तीफा दे दीजिए। सिर्फ नाम का जनप्रतिनिधि बने रहने से काम नहीं चलेगा!" यह गुस्सा और माँग #JantaKiAwaz और #DevelopmentNeeded के रूप में सामने आई है। नागरिकों ने यह वीडियो किसी मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि सोए हुए प्रशासन को जगाने और अपनी समस्याओं को सबके सामने लाने के उद्देश्य से खुद बनाया है। उन्होंने इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की है ताकि उनकी यह आवाज़ जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुँच सके।
इटारसी के वार्ड क्रमांक 19 के नागरिक सड़कों की बदहाली को लेकर भारी गुस्से में हैं। पिछले तीन सालों से यहाँ के रहवासी कीचड़ और जलजमाव भरे रास्तों से निकलने को मजबूर हैं, और बारिश में यह स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि पानी उनके घरों में घुस जाता है। नागरिकों ने 'पार्षद जी' को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि उन्हें केवल झूठे आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक विकास चाहिए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार 'पार्षद जी' को अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल 'झूठा आश्वासन' ही मिला। अब उनका सब्र टूट गया है, और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में माँग की है कि, "पार्षद जी, अगर आपसे अपने वार्ड का काम नहीं संभलता, तो अपने पद से इस्तीफा दे दीजिए। सिर्फ नाम का जनप्रतिनिधि बने रहने से काम नहीं चलेगा!" यह गुस्सा और माँग #JantaKiAwaz और #DevelopmentNeeded के रूप में सामने आई है। नागरिकों ने यह वीडियो किसी मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि सोए हुए प्रशासन को जगाने और अपनी समस्याओं को सबके सामने लाने के उद्देश्य से खुद बनाया है। उन्होंने इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की है ताकि उनकी यह आवाज़ जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुँच सके।
- नर्मदापुरम की अंजुमन कमेटी ने रविवार को खोजनपुर कब्रिस्तान में पौधरोपण किया। यह आयोजन मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल के निर्देश पर चलाए जा रहे 'एक पौधा बुजुर्गो के नाम' अभियान के तहत किया गया। पर्यावरण संरक्षण और परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह अभियान एक प्रेरणादायक पहल है। इस कार्यक्रम में शहर क़ाज़ी अशफ़ाक़ अली, नायब काज़ी अलीम साहब, अंजुमन कमेटी अध्यक्ष जब्बार खान, डा. मुबीन, नवीद कुरैशी, आज़ाद खान, गुलफाम बेग, अफ़ज़ल सिद्दीक़ी, मोहम्मद आक़ीब, चांद खान, शाकिर खा, शेख यूनुस, फैजान खान, दिलावर बेग, अरमान बेग सहित कई अन्य सदस्य प्रमुख रूप से मौजूद रहे।4
- संतोष भाई की स्मृति में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। इस अवसर पर 'संतोष भाई अमर रहे' के उद्घोष के साथ उनकी याद को सम्मान दिया गया। यह श्रद्धांजलि 'जय हिंद, जय भारत' के नारे के साथ समाप्त हुई।1
- मध्य प्रदेश में वक्फ कानून 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और सियासत तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने इस कानून के संबंध में केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वक्फ बोर्ड और मंदिर समितियों की संरचना को लेकर अपनी बात रखी है। शमशुल हसन ने मध्य प्रदेश में वक्फ कानून 2026 लागू होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला मुस्लिम समाज की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार से सवाल किया कि देश में कई बड़े मंदिरों की समितियाँ हैं, लेकिन क्या कभी किसी समिति में किसी मुस्लिम सदस्य को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है? यदि मंदिर समितियों में ऐसा नहीं किया जाता, तो फिर वक्फ से जुड़े मामलों में इस तरह का हस्तक्षेप क्यों किया जा रहा है? शमशुल हसन ने कहा कि यदि सरकार समानता की बात करती है, तो उसे मुसलमानों को भी मंदिर प्रबंधन समितियों में प्रतिनिधित्व देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने सरकार से सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करने और किसी भी समुदाय की धार्मिक संस्थाओं के मामलों में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने का आग्रह किया। फिलहाल, वक्फ कानून 2026 को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ लगातार सामने आ रही हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार इन उठाए गए सवालों पर क्या जवाब देती है।1
- एक कड़े बयान में, 'लोकतंत्र के हत्यारों' को सबक सिखाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया गया है। साथ ही, यह भी घोषणा की गई है कि दतिया में एक बार फिर जीत हासिल कर सबको दिखाया जाएगा, जैसा कि पहले भी दतिया में एक बार जीत दर्ज की गई थी।1
- भोपाल में नगर निगम के जल विभाग ने पानी की टंकी के निर्माण के लिए एक बड़ा गड्ढा खोदा था, लेकिन निजी जमीन होने का पता चलने पर यह काम बीच में ही रोक दिया गया। बताया गया कि विभाग ने उक्त जमीन को सरकारी समझकर कार्य प्रारंभ कर दिया था। बिना किसी उचित जांच-पड़ताल के ही काम शुरू करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके बाद अब कार्य बंद कर दिया गया है। भोपाल से एस.के. मालवीय की एक खास रिपोर्ट के अनुसार यह मामला सामने आया है।1
- झागरिया खुर्द पंचायत के अंतर्गत आने वाला मंगल भवन अब शराबियों का अड्डा बन गया है, जो कि पंचायत निवासियों के मांगलिक कार्यों के लिए बनाया गया था। पंचायत के लोगों से लगातार मिल रही जानकारी के आधार पर, आज एक टीम ने स्वयं झागरिया खुर्द पंचायत का दौरा किया, जहाँ प्राप्त जानकारी सत्य पाई गई। टीम ने मौके पर पाया कि मंगल भवन के चारों ओर और उसके अंदर बने कमरों में भारी मात्रा में शराब और बियर की बोतलें बिखरी हुई थीं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर मौन साधे हुए हैं, और उनकी इसी चुप्पी के कारण असामाजिक तत्व खुलेआम मंगल भवन में बैठकर शराब का सेवन कर रहे हैं।1
- बीजेपी नेता नितिन नवीन की रैली में हनुमान वेशधारी शख्स के नृत्य का वीडियो वायरल होने के बाद लोकगायिका नेहा सिंह राठौर ने कहा है कि " हिन्दुत्व का अपमान... तो वही पत्रकार सौरभ यादव ने कहा कि नितिन नबीन के स्वागत में हनुमान जी को BJP का झंडा पकड़ा कर गाड़ी के आगे नचाया जा रहा है और किसी की भावनाएं आहत नहीं हो रहीं. Neha singh Radaur#informativepos#trendingreels #facebookchallenge #foryou #viralreels #nonfollwers #engagement #trendingreels#IndianPolitics #trendingnow#trending#trendingpost🌹🔥🔥🔥 #1
- इटारसी के पास गुर्रा रेलवे स्टेशन पर किसान कांग्रेस और स्थानीय किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों का गुस्सा शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर फूटा है, जिसके चलते केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला दहन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी और किसान नेता पुष्पराज पटेल के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान किसानों ने अपनी मांग को लेकर सरकार के प्रति तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। किसान नेताओं ने साफ किया है कि यह आंदोलन थमने वाला नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर आज से गांव-गांव में पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए गए हैं।1