बांदा जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर विधायक प्रकाश द्विवेदी और उनके समर्थकों पर शालिनी सिंह पटेल ने तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या विधायक के जय-जयकार करने वाले 'चमचों' को अस्पताल की बदहाली और मरीजों की दुर्दशा दिखाई नहीं देती। शालिनी सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि बांदा जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीज सुबह 8 बजे से पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें तीन-तीन दिन बाद की जांच की तारीख दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस दौरान किसी मरीज की हालत गंभीर हो जाए या वह जीवित न रहे तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। पटेल ने यह भी बताया कि डॉक्टरों का पक्ष भी गलत नहीं है, क्योंकि अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है, सीएमएस स्वयं एक डॉक्टर हैं, और मंडलीय अस्पताल आज तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका है। इसके परिणामस्वरूप, मरीज स्ट्रेचर और बेड के अभाव में जमीन पर लेटकर इलाज कराने को मजबूर हैं। उन्होंने विधायक और उनके कार्यकर्ताओं के उन दावों पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि बांदा सदर विधानसभा को जापान और अमेरिका बना दिया गया है, जब एक अस्पताल की मूलभूत व्यवस्थाएं भी नहीं संभाली जा पा रही हैं। शालिनी सिंह पटेल ने जोर दिया कि विकास केवल फेसबुक पर दिखाने से नहीं होता, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए और जनता अस्पतालों की बदहाली, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी व मरीजों की पीड़ा को देख रही है। उन्होंने विधायक से जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आग्रह किया और कहा कि वह, शालिनी सिंह पटेल, उनके साथ खड़ी हैं, भले ही उनके खिलाफ लगातार मुकदमे लिखवाए गए हों और उन्हें जेल भिजवाया गया हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मुकदमों और जेल से नहीं डरतीं, और जनता के हित में होने वाले काम में समर्थन करेंगी, लेकिन फर्जी कार्यों, अन्याय और जनविरोधी नीतियों का हमेशा विरोध करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि विधायक सही काम करेंगे तो सब उनके साथ खड़े रहेंगे, लेकिन जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल प्रचार से विकास का प्रमाण नहीं दिया जा सकता।
बांदा जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर विधायक प्रकाश द्विवेदी और उनके समर्थकों पर शालिनी सिंह पटेल ने तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या विधायक के जय-जयकार करने वाले 'चमचों' को अस्पताल की बदहाली और मरीजों की दुर्दशा दिखाई नहीं देती। शालिनी सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि बांदा जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीज सुबह 8 बजे से पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें तीन-तीन दिन बाद की जांच की तारीख दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस
दौरान किसी मरीज की हालत गंभीर हो जाए या वह जीवित न रहे तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। पटेल ने यह भी बताया कि डॉक्टरों का पक्ष भी गलत नहीं है, क्योंकि अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है, सीएमएस स्वयं एक डॉक्टर हैं, और मंडलीय अस्पताल आज तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका है। इसके परिणामस्वरूप, मरीज स्ट्रेचर और बेड के अभाव में जमीन पर लेटकर इलाज कराने को मजबूर हैं। उन्होंने विधायक और उनके कार्यकर्ताओं के उन दावों पर सवाल उठाया जिसमें कहा
गया था कि बांदा सदर विधानसभा को जापान और अमेरिका बना दिया गया है, जब एक अस्पताल की मूलभूत व्यवस्थाएं भी नहीं संभाली जा पा रही हैं। शालिनी सिंह पटेल ने जोर दिया कि विकास केवल फेसबुक पर दिखाने से नहीं होता, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए और जनता अस्पतालों की बदहाली, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी व मरीजों की पीड़ा को देख रही है। उन्होंने विधायक से जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आग्रह किया और कहा कि वह, शालिनी सिंह पटेल, उनके
साथ खड़ी हैं, भले ही उनके खिलाफ लगातार मुकदमे लिखवाए गए हों और उन्हें जेल भिजवाया गया हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मुकदमों और जेल से नहीं डरतीं, और जनता के हित में होने वाले काम में समर्थन करेंगी, लेकिन फर्जी कार्यों, अन्याय और जनविरोधी नीतियों का हमेशा विरोध करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि विधायक सही काम करेंगे तो सब उनके साथ खड़े रहेंगे, लेकिन जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल प्रचार से विकास का प्रमाण नहीं दिया जा सकता।
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- amit Pandey Uttar Pradesh Banaras amit Pandey Uttar Pradesh Banaras4
- आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपनी पत्नी और उसके परिजनों पर घर पर हमला करने, मारपीट करने, जान से मारने की कोशिश करने और मकान पर जबरन कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस आयुक्त, आगरा को एक प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है कि उसकी पत्नी और दर्जनों अन्य लोगों ने मिलकर उसके पूरे परिवार को घर से बाहर निकाल दिया और मकान पर कब्जा कर लिया है। पीड़ित के अनुसार, उसकी शादी 2021 में हुई थी, जिसके कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच, पीड़ित ने भी पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि 8 जून 2026 को पत्नी अपने कई परिजनों और अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडे और सरिया लेकर उसके घर पहुंची और गाली-गलौज व मारपीट करने लगी, जिसके बाद पीड़ित ने 112 नंबर पर कॉल कर अपनी जान बचाई। हमलावरों पर जाते-जाते मकान पर कब्जा करने और परिवार को खत्म करने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित का कहना है कि पहली घटना के बाद भी पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते 14 जून 2026 को कथित तौर पर दोबारा हमला किया गया। इस दौरान पीड़ित, उसके पिता, मां और दादी के साथ मारपीट की गई, उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया और पत्नी को जबरन मकान में बैठा दिया गया। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मकान को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।1
- बांदा जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर विधायक प्रकाश द्विवेदी और उनके समर्थकों पर शालिनी सिंह पटेल ने तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या विधायक के जय-जयकार करने वाले 'चमचों' को अस्पताल की बदहाली और मरीजों की दुर्दशा दिखाई नहीं देती। शालिनी सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि बांदा जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीज सुबह 8 बजे से पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें तीन-तीन दिन बाद की जांच की तारीख दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस दौरान किसी मरीज की हालत गंभीर हो जाए या वह जीवित न रहे तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। पटेल ने यह भी बताया कि डॉक्टरों का पक्ष भी गलत नहीं है, क्योंकि अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है, सीएमएस स्वयं एक डॉक्टर हैं, और मंडलीय अस्पताल आज तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका है। इसके परिणामस्वरूप, मरीज स्ट्रेचर और बेड के अभाव में जमीन पर लेटकर इलाज कराने को मजबूर हैं। उन्होंने विधायक और उनके कार्यकर्ताओं के उन दावों पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि बांदा सदर विधानसभा को जापान और अमेरिका बना दिया गया है, जब एक अस्पताल की मूलभूत व्यवस्थाएं भी नहीं संभाली जा पा रही हैं। शालिनी सिंह पटेल ने जोर दिया कि विकास केवल फेसबुक पर दिखाने से नहीं होता, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए और जनता अस्पतालों की बदहाली, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी व मरीजों की पीड़ा को देख रही है। उन्होंने विधायक से जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आग्रह किया और कहा कि वह, शालिनी सिंह पटेल, उनके साथ खड़ी हैं, भले ही उनके खिलाफ लगातार मुकदमे लिखवाए गए हों और उन्हें जेल भिजवाया गया हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मुकदमों और जेल से नहीं डरतीं, और जनता के हित में होने वाले काम में समर्थन करेंगी, लेकिन फर्जी कार्यों, अन्याय और जनविरोधी नीतियों का हमेशा विरोध करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि विधायक सही काम करेंगे तो सब उनके साथ खड़े रहेंगे, लेकिन जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल प्रचार से विकास का प्रमाण नहीं दिया जा सकता।4
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-प्रथम स्थित चार सैय्यद के पास एक नाले से अधेड़ युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल, शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है और पुलिस मृतक की पहचान कराने के प्रयासों में जुटी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश का पालन करते हुए प्रशासन ने अंगूठी गांव में तालाब की भूमि पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार को हटा दिया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में बुलडोजर अभियान चलाकर की गई। जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाकर तालाब की भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया। इस अभियान के दौरान कई थानों की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात रहे। प्रशासन ने गांव और आसपास के इलाकों में पैदल गश्त कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। प्रशासन के अनुसार, न्यायालय के आदेश के तहत यह अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बताई गई है। यह मामला आगरा तहसील सदर के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र का है।1
- कोटा पहुंचे राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि भारतीय शिक्षा प्रणाली हर छात्र को केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए ही क्यों प्रेरित करती है, इस मौजूदा प्रवृत्ति पर उन्होंने सवाल खड़ा किया। उनका यह बयान शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य को लेकर गहरी चिंता दर्शाता है।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक ट्रेन के कोच में आग लगने की घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में ट्रेन का एक कोच पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। आग लगने के बाद जले हुए कोच को तत्काल ट्रेन से अलग कर दिया गया है। फिलहाल, मौके पर बचाव और राहत कार्य जारी है। घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।1