गंगेश्वर मंदिर में छप्पन भोग का आयोजन किया गया बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए तथा भक्ति में संगीत का आयोजन रखा गया लोकेशन. बलौदाबाजार रिपोर्टर. प्रदीप माहेश्वरी स्लग...गंगेश्वर मंदिर में छप्पन भोग का आयोजन एंकर, गंगेश्वर मारवाड़ी मंदिर में आज 56 भोग का आयोजन किया गया भगवान श्री कृष्ण जी की सुबह पूजा अर्चना की गई सुबह दूध अभिषेक, तथा विधि विधान से पूजा की गई उसके बाद भक्तों के द्वारा 56 प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया गया.. ऐसी मान्यता है कि मथुरा में भगवान इंद्र के द्वारा वज्रपात प्राप्त किया गया था.. लगातार सात दिन तक बारिश हो रही थी तब भगवान श्री कृष्णा गोवर्धन पर्वत को अपनी चींटी उंगली में 7 दिन तक उठ कर रखे थे.. भगवान श्री कृष्ण ने बृजवासियों की सुरक्षा की थी.. बृजवासियों ने भगवान श्री कृष्ण को प्रतिदिन आठ प्रकार के व्यंजन से उन्हें भोग लगाया करते थे... तभी से मान्यता चली आ रही है भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए 56 व्यंजनों का भोग लगाया जाता है भोग लगाने के बाद भक्तों के द्वारा भक्तिमय भजन संगीत का का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासी ने भजन में भाग लिया.. उसके बाद महा आरती की गई.. भगवान श्री कृष्ण का भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया.. I बाइट..सोमा भट्टर अध्यक्ष महिला माहेश्वरी समाज बलोदाबाजार
गंगेश्वर मंदिर में छप्पन भोग का आयोजन किया गया बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए तथा भक्ति में संगीत का आयोजन रखा गया लोकेशन. बलौदाबाजार रिपोर्टर. प्रदीप माहेश्वरी स्लग...गंगेश्वर मंदिर में छप्पन भोग का आयोजन एंकर, गंगेश्वर मारवाड़ी मंदिर में आज 56 भोग का आयोजन किया गया भगवान श्री कृष्ण जी की सुबह पूजा अर्चना की गई
सुबह दूध अभिषेक, तथा विधि विधान से पूजा की गई उसके बाद भक्तों के द्वारा 56 प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया गया.. ऐसी मान्यता है कि मथुरा में भगवान इंद्र के द्वारा वज्रपात प्राप्त किया गया था.. लगातार सात दिन तक बारिश हो रही थी तब भगवान श्री कृष्णा गोवर्धन पर्वत को अपनी
चींटी उंगली में 7 दिन तक उठ कर रखे थे.. भगवान श्री कृष्ण ने बृजवासियों की सुरक्षा की थी.. बृजवासियों ने भगवान श्री कृष्ण को प्रतिदिन आठ प्रकार के व्यंजन से उन्हें भोग लगाया करते थे... तभी से मान्यता चली आ रही है भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए 56 व्यंजनों का
भोग लगाया जाता है भोग लगाने के बाद भक्तों के द्वारा भक्तिमय भजन संगीत का का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासी ने भजन में भाग लिया.. उसके बाद महा आरती की गई.. भगवान श्री कृष्ण का भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया.. I बाइट..सोमा भट्टर अध्यक्ष महिला माहेश्वरी समाज बलोदाबाजार
- लोकेशन. बलौदाबाजार रिपोर्टर. प्रदीप माहेश्वरी स्लग...गंगेश्वर मंदिर में छप्पन भोग का आयोजन एंकर, गंगेश्वर मारवाड़ी मंदिर में आज 56 भोग का आयोजन किया गया भगवान श्री कृष्ण जी की सुबह पूजा अर्चना की गई सुबह दूध अभिषेक, तथा विधि विधान से पूजा की गई उसके बाद भक्तों के द्वारा 56 प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया गया.. ऐसी मान्यता है कि मथुरा में भगवान इंद्र के द्वारा वज्रपात प्राप्त किया गया था.. लगातार सात दिन तक बारिश हो रही थी तब भगवान श्री कृष्णा गोवर्धन पर्वत को अपनी चींटी उंगली में 7 दिन तक उठ कर रखे थे.. भगवान श्री कृष्ण ने बृजवासियों की सुरक्षा की थी.. बृजवासियों ने भगवान श्री कृष्ण को प्रतिदिन आठ प्रकार के व्यंजन से उन्हें भोग लगाया करते थे... तभी से मान्यता चली आ रही है भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए 56 व्यंजनों का भोग लगाया जाता है भोग लगाने के बाद भक्तों के द्वारा भक्तिमय भजन संगीत का का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासी ने भजन में भाग लिया.. उसके बाद महा आरती की गई.. भगवान श्री कृष्ण का भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया.. I बाइट..सोमा भट्टर अध्यक्ष महिला माहेश्वरी समाज बलोदाबाजार4
- Post by पत्रकार1
- Post by गोविंद राम 92947315371
- *ग्राम ढोरकट्टा के जंगल में जाल से भालू को फंसाकर करते थे शिकार ।* *भालू के खाल को बेचने की फिराक में थे आरोपी ।* *खाल की कीमत लगभग एक लाख रुपये बतायी जा रही हैं ।* *मुखबिर की सुचना पर गोण्डाहूर पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को किया गिरफ्तार ।* *गोण्डाहूर थाना क्षेत्र का मामला* राकेश कुर्रे (अडीशनल SP ) ने दी मीडिया को जानकारी4
- दुर्ग के व्यक्ति की चकरभाठा थाने के पास मिली लाश, हत्या या आत्महत्या? पुलिस जांच जारी #chaktbhatha #BilaspurCity #crimenews #ChhattisgarhCrime #bilaspurcrimenews1
- तिल्दा नेवरा क्षेत्र में अग्रवाल समाज भवन की बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद अब और गहराता जा रहा है। मामला सिर्फ अवैध कब्जे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पहले ग्राम पंचायत के उपसरपंच और पंचों द्वारा इस मामले में दबाव बनाए जाने की बात कही गई थी और इस संबंध में एसडीएम तथा तहसील कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया गया था। लेकिन इसके बाद जब दस्तावेज सामने आए, तो पता चला कि उसी एनओसी दस्तावेज पर सरपंच, उपसरपंच और कुछ पंचों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। जब इस विषय पर पत्रकारों ने सरपंच से सवाल किया, तो सरपंच ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि बाउंड्री वॉल अवैध है तो उसे तोड़ा जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कुछ पंचों द्वारा इस पूरे मामले में लिखित रूप से विरोध भी दर्ज कराया गया है। पंचों का कहना है कि इस विषय में शासन-प्रशासन को सही तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एक ओर एनओसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हैं और दूसरी ओर उसी विषय में विरोध का लिखित आवेदन भी दिया गया है, तो आखिर शासन-प्रशासन किसे मान्य मानेगा? क्या एनओसी के हस्ताक्षर को वैध माना जाएगा, या फिर विरोध में दिए गए आवेदन को आधार बनाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी? अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेता है और विवादित बाउंड्री वॉल के संबंध में आगे क्या कार्रवाई होती है। संवाददाता – धीरेंद्र कुमार जायसवाल जय जोहार सीजी न्यूज़1
- मुंगेली कलेक्टोरेट में कलेक्टर कुंदन कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कानून-व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों को प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत पंजीयन कराने, बोर और कुओं को सुरक्षित ढकने, अवैध शराब और नारकोटिक्स दवाइयों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया। अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।1
- Post by पत्रकार1