उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद के ग्राम दरौंदी में "वृक्षारोपण महायज्ञ-2026" के तहत कार्यक्रम आयोजित कर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्य अतिथि और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने इस महा अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कर इसका शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पौधे लगाए। इस अवसर पर फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के तहत मुख्य रूप से छायादार, औषधीय और फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें नीम, पीपल, बरगद, पाकड़, आंवला, जामुन, बेल, सहजन, अर्जुन, महुआ, शीशम, अमरूद और आम के पेड़ शामिल हैं। पूरे प्रदेश में आज 35 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लिया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पर्यावरण को संतुलित रखने और मानव जीवन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। पेड़ हमें प्राणवायु ऑक्सीजन देते हैं, हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को सोखते हैं, भूमि का कटाव रोकते हैं, भू-जल स्तर बढ़ाते हैं और वन्यजीवों को आश्रय प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव समेत कई लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद के ग्राम दरौंदी में "वृक्षारोपण महायज्ञ-2026" के तहत कार्यक्रम आयोजित कर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्य अतिथि और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने इस महा अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कर इसका शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी
पौधे लगाए। इस अवसर पर फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के तहत मुख्य रूप से छायादार, औषधीय और फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें नीम, पीपल, बरगद, पाकड़, आंवला, जामुन, बेल, सहजन, अर्जुन, महुआ, शीशम, अमरूद और आम के पेड़ शामिल हैं। पूरे प्रदेश में आज 35
करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लिया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पर्यावरण को संतुलित रखने और मानव जीवन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। पेड़ हमें प्राणवायु ऑक्सीजन देते हैं, हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को
सोखते हैं, भूमि का कटाव रोकते हैं, भू-जल स्तर बढ़ाते हैं और वन्यजीवों को आश्रय प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव समेत कई लोग मौजूद रहे।
- कन्नौज जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने 5 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 4 एटीएम कार्ड और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में साइबर क्राइम थाना कन्नौज (मु०अ०सं०-08/2026), कोतवाली छिबरामऊ (मु०अ०सं०-294/26) और थाना सौरिख (मु०अ०सं०-292/26) में बीएनएस तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 3 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर या उनके एटीएम कार्ड का उपयोग कर विभिन्न राज्यों से ठगी गई रकम को कन्नौज के बैंक खातों में मंगवाते थे। इसके बाद आरोपी इस राशि को एटीएम के माध्यम से निकाल लेते थे। अब तक की जांच में 13 शिकायतों से संबंधित ₹3,09,270 की साइबर ठगी की धनराशि को एटीएम के जरिए निकालने की पुष्टि हो चुकी है। गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान उज्जवल दुबे और नितिन दुबे (निवासी उधन्नापुर घिलोई, थाना छिबरामऊ), जितेन्द्र सिंह (निवासी पटेल नगर, तालग्राम रोड, थाना छिबरामऊ), राहुल राजपूत (निवासी ढकापुर्वा, थाना सौरिख) और मनीष (निवासी मलिकपुर नादेमऊ, थाना सौरिख) के रूप में हुई है। इस गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में साइबर क्राइम थाना कन्नौज के प्रभारी निरीक्षक ध्यानेन्द्र प्रताप सिंह, निरीक्षक नीरज कुमार, सर्विलांस सेल के निरीक्षक त्रदीप सिंह, उपनिरीक्षक सुबोध कुमार सहाय (थाना सौरिख), उपनिरीक्षक मनुज कुमार (कोतवाली छिबरामऊ), उपनिरीक्षक इमरान खान सहित सर्विलांस व साइबर थाने के मुख्य आरक्षी व आरक्षी शामिल रहे।1
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुंवरपुर बनवारी में सड़कों पर भीषण जलभराव हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को वहां से निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव की इस गंभीर समस्या से परेशान ग्रामीणों ने मौके पर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिलने पर एडीओ रवी प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। वहां फैली गंदगी और भीषण जलभराव को देखकर उन्होंने तत्काल प्रधान प्रतिनिधि शाहिद मंसूरी को जल निकासी और साफ-सफाई कराने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ आर्मी कैंट के सामने स्थापित सैन्य शस्त्रों के साथ एक युवक द्वारा कथित रूप से अनुचित हरकत करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक नशे की हालत में दिखाई दे रहा है और वह प्रदर्शित सैन्य शस्त्रों के साथ छेड़छाड़ जैसी हरकत करता नजर आ रहा है। भारतीय थल सेना के इन शस्त्रों को देश की सुरक्षा, वीरता और बलिदान का प्रतीक माना जाता है, जिसके कारण इस घटना को लेकर लोगों में काफी गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिन शस्त्रों और सैन्य परंपराओं के सम्मान के लिए देश के अनेक वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके प्रति इस प्रकार का व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। वीडियो सामने आने के बाद अब यह मांग उठ रही है कि यदि यह वीडियो वास्तविक है, तो संबंधित युवक की पहचान कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।1
- साइबर क्राइम पर आधारित एक नई फिल्म सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर की हर छोटी-बड़ी खबर को लगातार देखते रहने के लिए शुरू ऐप पर बने रहें।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की किशनी तहसील के सतियाहार (मौजा फरेंजी, थाना किशनी) गांव में प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी यहां सड़कों और गलियों में कीचड़ भरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देने के बावजूद तहसील में बैठे अधिकारियों और बाबूओं ने गांव के विकास का पैसा आपस में बंदरबाँट कर लिया। अधिकारियों ने फाइलों में तो पक्की सड़क दिखा दी, लेकिन धरातल पर सारा पैसा खुद डकार गए और गांव में कोई विकास नहीं हुआ। इस भ्रष्टाचार और बदहाली का खामियाजा सीधे तौर पर गांव के बच्चों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। रास्ते में कीचड़ होने के कारण बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं जा पाते हैं और जाते समय कीचड़ में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क को बनवाने के लिए ग्रामीण कई सालों से प्रयास कर रहे हैं। बरसात के समय हालात इतने गंभीर हो जाते हैं कि बीमार लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और सड़क न होने की वजह से एम्बुलेंस तक नहीं आ पाती, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं और मरीजों की मौत तक हो जाती है। ग्रामीणों ने इस बदहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए गांव में एक बार आकर जमीनी हकीकत देखने की अपील की है, ताकि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और सरकार की नाकामियों की पूरी पोल खुल सके।1
- फर्रुखाबाद के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक केंद्र, चौक चौराहे पर बीच सड़क पर नाली के ऊपर लगा लोहे का भारी जाल अचानक तेज आवाज के साथ टूटकर धंस गया। दिन भर हजारों वाहनों, ई-रिक्शों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जाल के टूटने से एक खतरनाक और जानलेवा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि दिन का समय होने की वजह से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और वहां से गुजरने वाले वाहनों को सावधान करना शुरू कर दिया, जिससे एक भीषण दुर्घटना होते-होते टल गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह घटना रात के अंधेरे में या बारिश के वक्त हुई होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। इस जानलेवा स्थिति के बाद भी नगर पालिका प्रशासन का रवैया बेहद उदासीन और शर्मनाक रहा। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर पालिका चेयरमैन का पुराना निवास स्थान घटनास्थल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर है, लेकिन इसके बावजूद न तो किसी अधिकारी ने सुध ली और न ही कोई कर्मचारी इसे ठीक करने पहुंचा। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। जनता का सीधा आरोप है कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पूरी तरह दिशाहीन और भ्रष्टाचार से प्रेरित है, जहां करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए नहीं हो रहा है। प्रशासन की इस घोर अनदेखी के बीच, पड़ोस के एक जागरूक स्थानीय दुकानदार ने इंसानियत का परिचय देते हुए खुद ही आगे कदम बढ़ाया। उसने अपनी दुकान का काम छोड़कर फावड़े और तसले की मदद से गड्ढे में मिट्टी, ईंटें और मलबा डालकर उसे भरने व सुरक्षित करने का प्रयास किया। दुकानदार की इस सजगता ने उस सरकारी तंत्र के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ा है, जिसके काम को मजबूरी में एक आम नागरिक को खुद करना पड़ा।2
- कानपुर के मालरोड सिविल लाइन स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की बेशकीमती भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के सहारे लीज पर देने वालों के खिलाफ लखनऊ डायसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (LDTA) ने सख्त कार्रवाई की है। संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉनसन टी जॉन ने प्लॉट संख्या 26 B, मोहल्ला संख्या 37 की इस बेशकीमती भूमि के फर्जीवाड़े में शामिल अनिल डेविड और पॉल जिनिया के साथ-साथ उनके सहयोगियों रोबिनसेन जॉन व सरफ़राज़ मसी को डायरेक्टर के पद से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई को मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेशन और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने ऑन रिकॉर्ड ले लिया है। वहीं, इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड शातिर अखिलेश सिंह और डी के सिंह पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कानपुर के एडीडीपी पूर्वी शिवा सिंह ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- फर्रुखाबाद में ट्रेन की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। ट्रेन से टकराने के बाद महिला की हालत काफी गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।1