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बिहार में एक घटना सामने आई है जिसमें सम्राट चौधरी पर पुलिसकर्मियों पर पिस्तौल तानने का आरोप लगा है। यह घटना कथित तौर पर राज्य के 'सुशासन राज' पर सवाल उठा रही है।
अजीत राज
बिहार में एक घटना सामने आई है जिसमें सम्राट चौधरी पर पुलिसकर्मियों पर पिस्तौल तानने का आरोप लगा है। यह घटना कथित तौर पर राज्य के 'सुशासन राज' पर सवाल उठा रही है।
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- नालंदा जिले में एक ट्रैक्टर शोरूम संचालक के साथ गुंडागर्दी के मामले में नीतीश कुमार का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में गुंडागर्दी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।1
- जन सुराज पार्टी के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कुमार विभूति ने "खबर नालंदा" के साथ एक विशेष बातचीत में दावा किया है कि 1990 से लेकर 2026 तक बिहार में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है। इस चर्चा के दौरान, उन्होंने लालू प्रसाद यादव के शासनकाल को 'गुंडाराज' करार दिया, जबकि नीतीश कुमार के शासनकाल को अफसरशाही, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के बढ़ने का दौर बताया। उपेंद्र विभूति ने शराबबंदी की विफलता, नीट पेपर लीक, युवाओं के भविष्य, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के विजन और बिहार के विकास को लेकर पार्टी की सोच पर विस्तार से चर्चा की। यह विशेष बातचीत बिहार की राजनीति और जनसरोकारों से जुड़े कई अहम सवालों को सामने लाती है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक सनसनीखेज दावा किया जा रहा है। इस वीडियो में कहा गया है कि पेट्रोल में केवल 20% पेट्रोल और 80% गन्ने का जूस मिलाया जा रहा है। इस दावे को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं, जिससे काफी हलचल मची हुई है। हालांकि, ऐसे वायरल दावों की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि करना बेहद आवश्यक है। किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की सलाह दी गई है। BST – बिहार शरीफ टाइम्स ने इस खबर को 'बिहार से भारत तक सिर्फ सच' दिखाने की अपनी प्रतिबद्धता के साथ साझा किया है।1
- शेखपुरा में 17 जून, 2026 को उप विकास आयुक्त श्री संजय कुमार की अध्यक्षता में एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की सभी 6 परियोजनाओं के तहत चल रही विभिन्न लोक कल्याणकारी और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया। बैठक के दौरान, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, शेखपुरा ने बताया कि जिला राष्ट्रीय मानकों के आधार पर कई क्षेत्रों में अग्रणी है। आभा आईडी वेरिफिकेशन में शेखपुरा 85.79% लाभार्थियों के सत्यापन के साथ राज्य में पहले स्थान पर है, जबकि राज्य का औसत 61.95% है। इसी तरह, आधार फेस मैचिंग में भी शेखपुरा 96.46% दक्षता के साथ बिहार में शीर्ष पर है। मई माह में जिले के शत-प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्र कम से कम 21 दिन खुले रहे, और 99.68% डोर-टू-डोर गृह भ्रमण का लक्ष्य पूरा कर जिले ने राज्य रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जिले के 718 स्वीकृत केंद्रों के सापेक्ष 958 कुल पंजीकरण किए गए हैं, जिसमें घाटकुसुम्भा प्रखंड 31.32% उपलब्धि के साथ सबसे आगे है, जबकि बरबीघा 14.14% के साथ सबसे पीछे है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत अब तक 905 पंजीकरण (42.01%) किए गए हैं, जिसमें घाटकुसुम्भा ने सर्वाधिक 72.84% का लक्ष्य हासिल किया है। जिले के कुल 718 आंगनवाड़ी केंद्रों में से 207 अपने भवन में, 363 गैर-सरकारी भवनों में, और शेष अन्य सरकारी स्थलों व विद्यालयों में संचालित हो रहे हैं। शौचालय निर्माण योजना के तहत 99 केंद्रों पर कार्य पूरा हो चुका है। विभागीय पारदर्शिता बनाए रखने हेतु आंगन ऐप के माध्यम से किए गए निरीक्षणों में अनियमितता पाए जाने पर शेखपुरा, अरियरी और घाटकुसुम्भा की सेविकाओं के मानदेय में कटौती की दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है। पोषण ट्रैकर पर लगातार बेहतरीन मॉनिटरिंग और शत-प्रतिशत कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए चेवाड़ा प्रखंड की महिला पर्यवेक्षिका सायमी तबस्सुम को जिले की 'बेस्ट परफॉर्मर' के रूप में चुना गया है। उप विकास आयुक्त महोदय ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को लंबित मामलों, विशेषकर सोशली पेंडिंग फॉर्म्स और आधार लिंकिंग को अगले एक सप्ताह के भीतर मिशन मोड में निपटाने का कड़ा निर्देश दिया है, ताकि जिला अपनी शीर्ष रैंकिंग बनाए रख सके। उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिका को सही प्रतिवेदनों से अवगत कराने का भी निर्देश दिया। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ अन्य कर्मी भी उपस्थित थे।3
- बुधवार को शेखपुरा में उप विकास आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की सभी छह परियोजनाओं में चल रही विभिन्न लोक कल्याणकारी और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, शेखपुरा ने बताया कि आभा आईडी वेरिफिकेशन में जिला 85.79% लाभार्थियों के सत्यापन के साथ राज्य में प्रथम स्थान पर है, जबकि राज्य का औसत 61.95% है। आधार फेस मैचिंग के मामले में भी शेखपुरा 96.46% दक्षता के साथ बिहार में पहले पायदान पर काबिज है। मई माह में जिले के शत-प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्र कम से कम 21 दिन खुले रहे, और 99.68% डोर टू डोर गृह भ्रमण के लक्ष्य को पूरा कर जिले ने राज्य रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है। समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। पीएमएमवीवाई के तहत जिले के कुल 718 स्वीकृत केंद्रों के सापेक्ष अब तक 958 पंजीकरण किए गए हैं। इसमें घाटकुसुम्भा प्रखंड 31.32% उपलब्धि के साथ सबसे आगे है, जबकि बरबीघा 14.14% के साथ सबसे पीछे है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत जिले में अब तक 905 पंजीकरण (42.01%) हुए हैं, जिसमें घाटकुसुम्भा ने सर्वाधिक 72.84% का लक्ष्य हासिल किया है। जिले के 718 आंगनवाड़ी केंद्रों में से 207 केंद्र अपने भवन में, 363 गैर-सरकारी भवनों में और शेष अन्य सरकारी स्थलों व विद्यालयों में संचालित हो रहे हैं। शौचालय निर्माण योजना के तहत अब तक 99 केंद्रों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। विभागीय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आंगन ऐप के जरिए किए गए निरीक्षणों में अनियमितता पाए जाने पर शेखपुरा, अरियरी और घाटकुसुम्भा की सेविकाओं के मानदेय से कटौती की दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है। पोषण ट्रैकर पर लगातार बेहतरीन मॉनिटरिंग और शत-प्रतिशत कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए चेवाड़ा प्रखंड की महिला पर्यवेक्षिका सायमी तबस्सुम को जिले की 'बेस्ट परफॉर्मर' चुना गया है। उप विकास आयुक्त ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को लंबित मामलों, विशेषकर सोशली पेंडिंग फॉर्म्स और आधार लिंकिंग, को मिशन मोड में अगले एक सप्ताह के भीतर निपटाने का कड़ा निर्देश दिया, ताकि जिला अपनी शीर्ष रैंकिंग बनाए रख सके। इस बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और अन्य कर्मी उपस्थित थे।1
- सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट में कहा गया है कि किसी की अदालत में कोई वकील नहीं होता। यह पोस्ट दिल और रिश्तों से जुड़े विचारों को व्यक्त करती है।1
- अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवयित्री और लेखिका अंकिता सिन्हा ने बिहारशरीफ पहुँचकर 'खबर नालंदा' के साथ एक विशेष बातचीत की। इस चर्चा में उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा, अपनी चर्चित पुस्तकों 'आकांक्षा' और 'कोरोनाकाल', तथा समाज में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनकी रचनाओं का मुख्य केंद्र हमेशा मानवीय संवेदनाएं, सामाजिक सरोकार, राष्ट्रप्रेम और आम लोगों के संघर्ष रहे हैं। साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए अंकिता सिन्हा को देश के विभिन्न राज्यों में कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वह आकाशवाणी और दूरदर्शन पर भी कविता पाठ कर चुकी हैं। अपनी बातचीत के दौरान, अंकिता सिन्हा ने युवाओं से साहित्य से जुड़ने और समाज के प्रति अधिक संवेदनशील बनने का आह्वान किया। उनकी प्रेरणादायक साहित्यिक यात्रा को आज की युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।1
- Post by Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar1