बुधवार को शेखपुरा में उप विकास आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की सभी छह परियोजनाओं में चल रही विभिन्न लोक कल्याणकारी और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, शेखपुरा ने बताया कि आभा आईडी वेरिफिकेशन में जिला 85.79% लाभार्थियों के सत्यापन के साथ राज्य में प्रथम स्थान पर है, जबकि राज्य का औसत 61.95% है। आधार फेस मैचिंग के मामले में भी शेखपुरा 96.46% दक्षता के साथ बिहार में पहले पायदान पर काबिज है। मई माह में जिले के शत-प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्र कम से कम 21 दिन खुले रहे, और 99.68% डोर टू डोर गृह भ्रमण के लक्ष्य को पूरा कर जिले ने राज्य रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है। समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। पीएमएमवीवाई के तहत जिले के कुल 718 स्वीकृत केंद्रों के सापेक्ष अब तक 958 पंजीकरण किए गए हैं। इसमें घाटकुसुम्भा प्रखंड 31.32% उपलब्धि के साथ सबसे आगे है, जबकि बरबीघा 14.14% के साथ सबसे पीछे है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत जिले में अब तक 905 पंजीकरण (42.01%) हुए हैं, जिसमें घाटकुसुम्भा ने सर्वाधिक 72.84% का लक्ष्य हासिल किया है। जिले के 718 आंगनवाड़ी केंद्रों में से 207 केंद्र अपने भवन में, 363 गैर-सरकारी भवनों में और शेष अन्य सरकारी स्थलों व विद्यालयों में संचालित हो रहे हैं। शौचालय निर्माण योजना के तहत अब तक 99 केंद्रों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। विभागीय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आंगन ऐप के जरिए किए गए निरीक्षणों में अनियमितता पाए जाने पर शेखपुरा, अरियरी और घाटकुसुम्भा की सेविकाओं के मानदेय से कटौती की दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है। पोषण ट्रैकर पर लगातार बेहतरीन मॉनिटरिंग और शत-प्रतिशत कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए चेवाड़ा प्रखंड की महिला पर्यवेक्षिका सायमी तबस्सुम को जिले की 'बेस्ट परफॉर्मर' चुना गया है। उप विकास आयुक्त ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को लंबित मामलों, विशेषकर सोशली पेंडिंग फॉर्म्स और आधार लिंकिंग, को मिशन मोड में अगले एक सप्ताह के भीतर निपटाने का कड़ा निर्देश दिया, ताकि जिला अपनी शीर्ष रैंकिंग बनाए रख सके। इस बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और अन्य कर्मी उपस्थित थे।
बुधवार को शेखपुरा में उप विकास आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले की सभी छह परियोजनाओं में चल रही विभिन्न लोक कल्याणकारी और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, शेखपुरा ने बताया कि आभा आईडी वेरिफिकेशन में जिला 85.79% लाभार्थियों के सत्यापन के साथ राज्य में प्रथम स्थान पर है, जबकि राज्य का औसत 61.95% है। आधार फेस मैचिंग के मामले में भी शेखपुरा 96.46% दक्षता के साथ बिहार में पहले पायदान पर काबिज है। मई माह में जिले के शत-प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्र कम से कम 21 दिन खुले रहे, और 99.68% डोर टू डोर गृह भ्रमण के लक्ष्य को पूरा कर जिले ने राज्य रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है। समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। पीएमएमवीवाई के तहत जिले के कुल 718 स्वीकृत केंद्रों के सापेक्ष अब तक 958 पंजीकरण किए गए हैं। इसमें घाटकुसुम्भा प्रखंड 31.32% उपलब्धि के साथ सबसे आगे है, जबकि बरबीघा 14.14% के साथ सबसे पीछे है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत जिले में अब तक 905 पंजीकरण (42.01%) हुए हैं, जिसमें घाटकुसुम्भा ने सर्वाधिक 72.84% का लक्ष्य हासिल किया है। जिले के 718 आंगनवाड़ी केंद्रों में से 207 केंद्र अपने भवन में, 363 गैर-सरकारी भवनों में और शेष अन्य सरकारी स्थलों व विद्यालयों में संचालित हो रहे हैं। शौचालय निर्माण योजना के तहत अब तक 99 केंद्रों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। विभागीय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आंगन ऐप के जरिए किए गए निरीक्षणों में अनियमितता पाए जाने पर शेखपुरा, अरियरी और घाटकुसुम्भा की सेविकाओं के मानदेय से कटौती की दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है। पोषण ट्रैकर पर लगातार बेहतरीन मॉनिटरिंग और शत-प्रतिशत कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए चेवाड़ा प्रखंड की महिला पर्यवेक्षिका सायमी तबस्सुम को जिले की 'बेस्ट परफॉर्मर' चुना गया है। उप विकास आयुक्त ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को लंबित मामलों, विशेषकर सोशली पेंडिंग फॉर्म्स और आधार लिंकिंग, को मिशन मोड में अगले एक सप्ताह के भीतर निपटाने का कड़ा निर्देश दिया, ताकि जिला अपनी शीर्ष रैंकिंग बनाए रख सके। इस बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और अन्य कर्मी उपस्थित थे।
- शेखपुरा में प्रशासनिक स्तर पर अनुमंडल कार्यालय, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डीआरडीए, जेल प्रशासन और सभी प्रखंड कार्यालयों के अधिकारियों व कर्मियों ने सामूहिक रूप से "नशा मुक्त भारत" की शपथ ली है। इस पहल को एक सराहनीय कदम बताया गया है, जो समाज में एक सकारात्मक संदेश भेजेगा और नशामुक्ति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह जानकारी डी.पी.आर.ओ., शेखपुरा द्वारा दी गई है। इस पहल के कुछ महत्वपूर्ण प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है। यह संकल्प लेना कि नशामुक्ति केवल एक व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, सभी कार्यालय प्रधानों द्वारा अपने कर्मियों के साथ इस संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित करता है। अभियान का जिले के हर विभाग और प्रखंड स्तर तक पहुँचना यह सुनिश्चित करता है कि नशा मुक्ति का संदेश अंतिम छोर तक के नागरिकों और कर्मियों तक पहुँच सके। इसके अतिरिक्त, अपने कार्यालयों में नशामुक्ति का संकल्प लेने से कार्यस्थल का वातावरण स्वस्थ और सुरक्षित बनता है, जिसका सीधा प्रभाव सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है। जिले में "नशा मुक्त सप्ताह" के अंतर्गत कई कार्यालयों में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। ऐसे अभियान समाज को स्वस्थ और नशामुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम माने जा रहे हैं।4
- माखन कृष्ण प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड खोवा, छैना, माखन, घी, दही, पनीर और दूध सहित विभिन्न डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराती है। यह कंपनी शादी, जन्मदिन और मरनी जैसे आयोजनों के लिए भी अपने उत्पाद प्रदान करती है। अधिक जानकारी या ऑर्डर के लिए 9241683613 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- जय बजरंगबली पूजा समिति के तत्वावधान में अखंड कीर्तन का शुभारंभ, उमड़ा जनसैलाब1
- सोशल मीडिया पर एक 'फन्नी डॉग मिनी शॉर्ट्स वीडियो' तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है और इसे मजेदार बताया जा रहा है।1
- नालंदा जिले के बिहार शरीफ में यह बात सामने आई है कि लोग मेहनत की कमाई मांगकर खाना पसंद नहीं करते, बल्कि खुद कमाकर खाना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि परिश्रम से अर्जित किया गया भोजन ही स्वीकार्य है।1
- शेखपुरा के चेवाड़ा में जिलाधिकारी शेखर आनंद ने बुधवार दोपहर 1:00 बजे प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शेखपुरा और चेवाड़ा प्रखंड में लगे शिविरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न पंचायतों से आए फरियादियों से सीधे बात कर उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त कर्मियों को पहचान पत्र पहनने का आदेश दिया ताकि लोगों को अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करने में आसानी हो। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने राजस्व मामलों की समीक्षा की और भू-लगान, जमाबंदी तथा दाखिल-खारिज से संबंधित लंबित आवेदनों की जानकारी ली। उन्होंने अंचलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित मामलों के निपटारे में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी आवेदनों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए। चेवाड़ा प्रखंड के शिविर में उन्होंने किसानों के बीच उन्नत किस्म के धान बीज का भी वितरण किया, यह कहते हुए कि समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलने से खरीफ मौसम में कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का निर्देश दिया। इसके बाद, जिलाधिकारी ने चेवाड़ा डिग्री महाविद्यालय का निरीक्षण किया और भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई तथा अन्य आवश्यक कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने का आदेश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के लिए 30 जून 2026 तक सभी कार्य पूरे करने की समय-सीमा तय की, ताकि महाविद्यालय में जल्द से जल्द पढ़ाई शुरू हो सके। इस औचक निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, महाविद्यालय के प्राचार्य सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस कदम से प्रशासनिक व्यवस्था में सक्रियता बढ़ी है और आम लोगों में अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद जगी है।1
- शेखपुरा में प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। यह धरना शिक्षकों की कई लंबित समस्याओं और अपेक्षाओं को उजागर करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।1
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना: बिहारशरीफ में 'इंडस क्राउन' फैशन बुटीक का शुभारंभ, महानगरों से लौटे कारीगरों को मिला रोजगार।1