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नालंदा जिले के बिहार शरीफ में यह बात सामने आई है कि लोग मेहनत की कमाई मांगकर खाना पसंद नहीं करते, बल्कि खुद कमाकर खाना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि परिश्रम से अर्जित किया गया भोजन ही स्वीकार्य है।
Mohamad Dolly
नालंदा जिले के बिहार शरीफ में यह बात सामने आई है कि लोग मेहनत की कमाई मांगकर खाना पसंद नहीं करते, बल्कि खुद कमाकर खाना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि परिश्रम से अर्जित किया गया भोजन ही स्वीकार्य है।
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- कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि हर युवा भारतीय को बेहतर जिंदगी और सफलता के सपने देखने का हक है, और उन्हें पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि, पार्टी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह पिछले 12 सालों से इन सपनों को तोड़ने की मशीन बनी हुई है। कांग्रेस पार्टी ने इस भ्रष्टाचार और अत्याचार के खिलाफ छात्रों के साथ खड़े होने की बात कही है। पार्टी ने छात्रों से कोटा महारैली में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से जुड़ने का आह्वान किया, और कहा कि वे मिलकर छात्रों की आवाज को बदलाव का यलगार बनाएंगे।1
- कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह पिछले 12 सालों से युवा भारतीयों के बेहतर जीवन और सफलता के सपनों को तोड़ने की मशीन बन चुकी है। कांग्रेस का मानना है कि ऐसे सपने देखना हर युवा का हक है और उन्हें पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। पार्टी ने कहा कि वह और कांग्रेस इस "भ्रष्टाचार और अत्याचार" के खिलाफ छात्रों के साथ खड़े हैं। कांग्रेस ने छात्रों से अपील की कि वे इस लड़ाई में शामिल हों और अपनी आवाज बुलंद करें, जिसे वे "बदलाव का यलगार" बनाएंगे। इस आह्वान के साथ, 'छात्रों की गूंज' नामक एक कोटा महारैली से जुड़ने के लिए कहा गया है।1
- जन सुराज पार्टी के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कुमार विभूति ने "खबर नालंदा" के साथ एक विशेष बातचीत में दावा किया है कि 1990 से लेकर 2026 तक बिहार में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है। इस चर्चा के दौरान, उन्होंने लालू प्रसाद यादव के शासनकाल को 'गुंडाराज' करार दिया, जबकि नीतीश कुमार के शासनकाल को अफसरशाही, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के बढ़ने का दौर बताया। उपेंद्र विभूति ने शराबबंदी की विफलता, नीट पेपर लीक, युवाओं के भविष्य, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के विजन और बिहार के विकास को लेकर पार्टी की सोच पर विस्तार से चर्चा की। यह विशेष बातचीत बिहार की राजनीति और जनसरोकारों से जुड़े कई अहम सवालों को सामने लाती है।1
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