शेखपुरा में प्रशासनिक स्तर पर अनुमंडल कार्यालय, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डीआरडीए, जेल प्रशासन और सभी प्रखंड कार्यालयों के अधिकारियों व कर्मियों ने सामूहिक रूप से "नशा मुक्त भारत" की शपथ ली है। इस पहल को एक सराहनीय कदम बताया गया है, जो समाज में एक सकारात्मक संदेश भेजेगा और नशामुक्ति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह जानकारी डी.पी.आर.ओ., शेखपुरा द्वारा दी गई है। इस पहल के कुछ महत्वपूर्ण प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है। यह संकल्प लेना कि नशामुक्ति केवल एक व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, सभी कार्यालय प्रधानों द्वारा अपने कर्मियों के साथ इस संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित करता है। अभियान का जिले के हर विभाग और प्रखंड स्तर तक पहुँचना यह सुनिश्चित करता है कि नशा मुक्ति का संदेश अंतिम छोर तक के नागरिकों और कर्मियों तक पहुँच सके। इसके अतिरिक्त, अपने कार्यालयों में नशामुक्ति का संकल्प लेने से कार्यस्थल का वातावरण स्वस्थ और सुरक्षित बनता है, जिसका सीधा प्रभाव सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है। जिले में "नशा मुक्त सप्ताह" के अंतर्गत कई कार्यालयों में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। ऐसे अभियान समाज को स्वस्थ और नशामुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम माने जा रहे हैं।
शेखपुरा में प्रशासनिक स्तर पर अनुमंडल कार्यालय, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डीआरडीए, जेल प्रशासन और सभी प्रखंड कार्यालयों के अधिकारियों व कर्मियों ने सामूहिक रूप से "नशा मुक्त भारत" की शपथ ली है। इस पहल को एक सराहनीय कदम बताया गया है, जो समाज में एक सकारात्मक संदेश भेजेगा और नशामुक्ति के प्रति
जन-जागरूकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह जानकारी डी.पी.आर.ओ., शेखपुरा द्वारा दी गई है। इस पहल के कुछ महत्वपूर्ण प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है। यह संकल्प लेना कि नशामुक्ति केवल एक व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, सभी कार्यालय प्रधानों द्वारा अपने कर्मियों के साथ इस संदेश को
प्रभावी ढंग से प्रसारित करता है। अभियान का जिले के हर विभाग और प्रखंड स्तर तक पहुँचना यह सुनिश्चित करता है कि नशा मुक्ति का संदेश अंतिम छोर तक के नागरिकों और कर्मियों तक पहुँच सके। इसके अतिरिक्त, अपने कार्यालयों में नशामुक्ति का संकल्प लेने से कार्यस्थल का वातावरण स्वस्थ और सुरक्षित
बनता है, जिसका सीधा प्रभाव सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है। जिले में "नशा मुक्त सप्ताह" के अंतर्गत कई कार्यालयों में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। ऐसे अभियान समाज को स्वस्थ और नशामुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम माने जा रहे हैं।
- शेखपुरा में प्रशासनिक स्तर पर अनुमंडल कार्यालय, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डीआरडीए, जेल प्रशासन और सभी प्रखंड कार्यालयों के अधिकारियों व कर्मियों ने सामूहिक रूप से "नशा मुक्त भारत" की शपथ ली है। इस पहल को एक सराहनीय कदम बताया गया है, जो समाज में एक सकारात्मक संदेश भेजेगा और नशामुक्ति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह जानकारी डी.पी.आर.ओ., शेखपुरा द्वारा दी गई है। इस पहल के कुछ महत्वपूर्ण प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है। यह संकल्प लेना कि नशामुक्ति केवल एक व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, सभी कार्यालय प्रधानों द्वारा अपने कर्मियों के साथ इस संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित करता है। अभियान का जिले के हर विभाग और प्रखंड स्तर तक पहुँचना यह सुनिश्चित करता है कि नशा मुक्ति का संदेश अंतिम छोर तक के नागरिकों और कर्मियों तक पहुँच सके। इसके अतिरिक्त, अपने कार्यालयों में नशामुक्ति का संकल्प लेने से कार्यस्थल का वातावरण स्वस्थ और सुरक्षित बनता है, जिसका सीधा प्रभाव सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है। जिले में "नशा मुक्त सप्ताह" के अंतर्गत कई कार्यालयों में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। ऐसे अभियान समाज को स्वस्थ और नशामुक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम माने जा रहे हैं।4
- माखन कृष्ण प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड खोवा, छैना, माखन, घी, दही, पनीर और दूध सहित विभिन्न डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराती है। यह कंपनी शादी, जन्मदिन और मरनी जैसे आयोजनों के लिए भी अपने उत्पाद प्रदान करती है। अधिक जानकारी या ऑर्डर के लिए 9241683613 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- बिहार शरीफ में जय बजरंगबली पूजा समिति के तत्वावधान में अखंड कीर्तन का शुभारंभ किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस आयोजन के दौरान भारी संख्या में भक्तगण कीर्तन में शामिल हुए।1
- सोशल मीडिया पर एक 'फन्नी डॉग मिनी शॉर्ट्स वीडियो' तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है और इसे मजेदार बताया जा रहा है।1
- नालंदा जिले के बिहार शरीफ में यह बात सामने आई है कि लोग मेहनत की कमाई मांगकर खाना पसंद नहीं करते, बल्कि खुद कमाकर खाना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि परिश्रम से अर्जित किया गया भोजन ही स्वीकार्य है।1
- शेखपुरा के चेवाड़ा में जिलाधिकारी शेखर आनंद ने बुधवार दोपहर 1:00 बजे प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शेखपुरा और चेवाड़ा प्रखंड में लगे शिविरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न पंचायतों से आए फरियादियों से सीधे बात कर उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त कर्मियों को पहचान पत्र पहनने का आदेश दिया ताकि लोगों को अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करने में आसानी हो। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने राजस्व मामलों की समीक्षा की और भू-लगान, जमाबंदी तथा दाखिल-खारिज से संबंधित लंबित आवेदनों की जानकारी ली। उन्होंने अंचलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित मामलों के निपटारे में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी आवेदनों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए। चेवाड़ा प्रखंड के शिविर में उन्होंने किसानों के बीच उन्नत किस्म के धान बीज का भी वितरण किया, यह कहते हुए कि समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलने से खरीफ मौसम में कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का निर्देश दिया। इसके बाद, जिलाधिकारी ने चेवाड़ा डिग्री महाविद्यालय का निरीक्षण किया और भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई तथा अन्य आवश्यक कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने का आदेश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के लिए 30 जून 2026 तक सभी कार्य पूरे करने की समय-सीमा तय की, ताकि महाविद्यालय में जल्द से जल्द पढ़ाई शुरू हो सके। इस औचक निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, महाविद्यालय के प्राचार्य सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस कदम से प्रशासनिक व्यवस्था में सक्रियता बढ़ी है और आम लोगों में अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद जगी है।1
- शेखपुरा में प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। यह धरना शिक्षकों की कई लंबित समस्याओं और अपेक्षाओं को उजागर करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।1
- बिहारशरीफ में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत एक 'इंडस क्राउन' नामक फैशन बुटीक का उद्घाटन किया गया है। यह बुटीक उन कारीगरों को रोज़गार प्रदान कर रहा है जो कोरोना काल के दौरान महानगरों से वापस अपने गृह क्षेत्र लौट आए थे। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपने कौशल का उपयोग करने का अवसर देना है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।1