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आज 23 तारीख को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और कई किसान यूनियनों ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का प्रयास किया। इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन आज़ाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान और युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भारत सरकार के खिलाफ भी जमकर नारे बरसाए गए और 'जय जवान जय किसान' का उद्घोष किया गया।
मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
आज 23 तारीख को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और कई किसान यूनियनों ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का प्रयास किया। इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन आज़ाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान और युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भारत सरकार के खिलाफ भी जमकर नारे बरसाए गए और 'जय जवान जय किसान' का उद्घोष किया गया।
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- होर्मुज स्ट्रेट के खुलने की संभावना बढ़ने के साथ ही भारत के बासमती चावल कारोबार से जुड़े व्यापारियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। उन्हें डर है कि समुद्री व्यापार के सामान्य होते ही पाकिस्तान मध्य पूर्व के बाजारों में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है और भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। भारत के लिए बासमती चावल के सबसे बड़े बाजार सऊदी अरब, ईरान और इराक हैं, जबकि पाकिस्तान के मुख्य बाजार यूएई, सऊदी अरब और ईरान हैं। इससे खाड़ी देशों में दोनों ही देशों के बासमती चावल के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलता है। यूएई के सुपरमार्केट में पाकिस्तानी ब्रांड 'कायनात 1121' के पैकेट आसानी से उपलब्ध होते हैं, वहीं भारतीय ब्रांड 'दावत' और 'इंडिया गेट' भी उन्हीं शेल्फ पर मौजूद रहते हैं। बासमती चावल दशकों से भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक प्रतिस्पर्धा का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा बासमती उत्पादक और निर्यातक है, इसके बावजूद पाकिस्तान की सऊदी अरब, यूएई, ईरान, इराक, कुवैत, कतर, ओमान, ब्रिटेन और यूरोप के कई देशों में मजबूत मौजूदगी है। ऐसे में, यह सवाल उठता है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुल जाता है और व्यापारिक गतिविधियां तेज होती हैं, तो क्या पाकिस्तान भारतीय बासमती के लिए एक बड़ी चुनौती बन पाएगा, या भारतीय ब्रांड अपनी गुणवत्ता और भरोसे के दम पर बाजार में अपना दबदबा बनाए रखेंगे।1
- लखनऊ में हुए एक हादसे के बाद अब मैनपुरी जिले में भी सभी कोचिंग सेंटरों की सघन जाँच की जा रही है। एसपी सिटी अरुण कुमार, एसडीएम अभिषेक कुमार और सीओ सिटी अशोक सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने मिलकर शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए एक दुखद अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसमें कुछ बच्चों की जान चली गई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट की हैं और कहा है कि यह खबर दिल दहला देने वाली है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही, मुख्यमंत्री ने अपनी अलीगढ़ यात्रा को बीच में रोककर तत्काल लखनऊ वापस जाने का निर्णय लिया। उन्होंने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को मौके पर जाकर घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह अग्निकांड लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के कारण हुआ, जिसमें कई बच्चे चपेट में आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी घटनास्थल के लिए प्रस्थान करने की बात कही है, ताकि वे इस पूरे मामले की तह तक जा सकें, दोषियों को उचित सजा दिला सकें और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें।1
- अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए। 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' और 'समाजवादी पार्टी जिंदाबाद' जैसे उद्घोषों के माध्यम से नेताओं और पार्टी के प्रति उत्साह व्यक्त किया गया। पवन यादव ने भी इस समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- ज़की गौहरी को जंतर-मंतर पर आयोजित भारतीय किसान यूनियन आजाद एवं संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक की महापंचायत में शामिल होने से पहले ही उनके घर पर रोक दिया गया। इस कार्रवाई पर गौहरी ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के हर नागरिक के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन बताया और स्पष्ट किया कि किसानों की आवाज़ दबाने से समस्याएँ खत्म नहीं होंगी। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि वे किसानों के हितों की लड़ाई लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी लड़ते रहेंगे। ज़की गौहरी ने ज़ोर देकर कहा कि वे न झुकेंगे और न रुकेंगे, क्योंकि किसानों की आवाज़ हमेशा बुलंद रहेगी।1
- एक वायरल पोस्ट में राजनेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया गया है कि वे राम से नहीं, बल्कि केवल सत्ता की कुर्सी से प्रेम करते हैं। पोस्ट के अनुसार, राजनेताओं को राम की याद केवल चुनाव आने पर आती है, और सत्ता मिलते ही वे जनता के मुद्दों को भुला देते हैं। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि राम केवल एक राजनीतिक नारा नहीं हैं, बल्कि वे मर्यादा, त्याग, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं। इसमें कहा गया है कि जो लोग राम के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें सबसे पहले राम के आदर्शों को अपने जीवन और शासन में उतारना चाहिए। यह पोस्ट किसी एक दल या नेता पर सवाल उठाने के बजाय, उस राजनीति पर प्रश्नचिह्न लगाती है जो आस्था को वोटों में बदलने का प्रयास करती है। अंत में, पोस्ट इस गंभीर विषय पर जनता की राय भी जानना चाहती है।1
- आजाद भगत सिंह तिवारी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, जिससे उन्होंने एक नई कीर्ति अर्जित की है।1
- मैनपुरी की सड़कों पर लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक महा-अभियान चलाया है। सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने मिलकर ईशन नदी पुल पर सुबह से ही ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। ए.आर.टी.ओ. मैनपुरी के नेतृत्व में शुरू किए गए इस संयुक्त अभियान का मुख्य लक्ष्य सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना और जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करना था। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान अधिकारियों ने मुख्य रूप से उन वाहन चालकों को निशाने पर लिया जो विपरीत दिशा से गाड़ी चलाकर, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके, गलत पार्किंग करके या शराब पीकर वाहन चलाकर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे थे। ईशन नदी पुल पर हुई इस अचानक कार्रवाई से रोज़ाना नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहन चालकों को संभलने का मौका नहीं मिला; कुछ तो चेकिंग देखकर अपना रास्ता बदलते और वापस भागते भी नजर आए। अधिकारियों ने मौके पर ही ब्रीथ एनालाइजर मशीन के जरिए चालकों की जांच की और यातायात नियमों के उल्लंघन के अलग-अलग मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए अब तक पच्चीस से अधिक वाहनों के चालान काट दिए। आरटीओ मैनपुरी ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़कों पर चलने वाले हर नागरिक की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया कि यह केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि मैनपुरी की सड़कों को पूरी तरह सुरक्षित और जाम मुक्त बनाने के लिए आने वाले दिनों में भी यह संयुक्त अभियान लगातार और बेहद कड़ाई के साथ जारी रहेगा। प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है, क्योंकि लापरवाही न सिर्फ जेब ढीली करेगी बल्कि परिवार को भी संकट में डाल सकती है।4