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आजाद भगत सिंह तिवारी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, जिससे उन्होंने एक नई कीर्ति अर्जित की है।

11 hrs ago
user_Vijay Packers & Logistics
Vijay Packers & Logistics
Packer and Mover कुरावली, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

आजाद भगत सिंह तिवारी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, जिससे उन्होंने एक नई कीर्ति अर्जित की है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए एक दुखद अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसमें कुछ बच्चों की जान चली गई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट की हैं और कहा है कि यह खबर दिल दहला देने वाली है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही, मुख्यमंत्री ने अपनी अलीगढ़ यात्रा को बीच में रोककर तत्काल लखनऊ वापस जाने का निर्णय लिया। उन्होंने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को मौके पर जाकर घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह अग्निकांड लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के कारण हुआ, जिसमें कई बच्चे चपेट में आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी घटनास्थल के लिए प्रस्थान करने की बात कही है, ताकि वे इस पूरे मामले की तह तक जा सकें, दोषियों को उचित सजा दिला सकें और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें।
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए एक दुखद अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसमें कुछ बच्चों की जान चली गई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट की हैं और कहा है कि यह खबर दिल दहला देने वाली है।

इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही, मुख्यमंत्री ने अपनी अलीगढ़ यात्रा को बीच में रोककर तत्काल लखनऊ वापस जाने का निर्णय लिया। उन्होंने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को मौके पर जाकर घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

यह अग्निकांड लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के कारण हुआ, जिसमें कई बच्चे चपेट में आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी घटनास्थल के लिए प्रस्थान करने की बात कही है, ताकि वे इस पूरे मामले की तह तक जा सकें, दोषियों को उचित सजा दिला सकें और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें।
    user_मोहित गुप्ता
    मोहित गुप्ता
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए। 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' और 'समाजवादी पार्टी जिंदाबाद' जैसे उद्घोषों के माध्यम से नेताओं और पार्टी के प्रति उत्साह व्यक्त किया गया। पवन यादव ने भी इस समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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    अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए। 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' और 'समाजवादी पार्टी जिंदाबाद' जैसे उद्घोषों के माध्यम से नेताओं और पार्टी के प्रति उत्साह व्यक्त किया गया। पवन यादव ने भी इस समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
    user_𝐏𝐚𝐰𝐚𝐧 𝐘𝐨𝐮𝐓𝐮𝐛𝐞 𝐂𝐫
    𝐏𝐚𝐰𝐚𝐧 𝐘𝐨𝐮𝐓𝐮𝐛𝐞 𝐂𝐫
    अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • आज 23 तारीख को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और कई किसान यूनियनों ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का प्रयास किया। इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन आज़ाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान और युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भारत सरकार के खिलाफ भी जमकर नारे बरसाए गए और 'जय जवान जय किसान' का उद्घोष किया गया।
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    आज 23 तारीख को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और कई किसान यूनियनों ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का प्रयास किया। इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन आज़ाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान और युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भारत सरकार के खिलाफ भी जमकर नारे बरसाए गए और 'जय जवान जय किसान' का उद्घोष किया गया।
    user_मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    Political party office भोगाँव, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • एक वायरल पोस्ट में राजनेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया गया है कि वे राम से नहीं, बल्कि केवल सत्ता की कुर्सी से प्रेम करते हैं। पोस्ट के अनुसार, राजनेताओं को राम की याद केवल चुनाव आने पर आती है, और सत्ता मिलते ही वे जनता के मुद्दों को भुला देते हैं। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि राम केवल एक राजनीतिक नारा नहीं हैं, बल्कि वे मर्यादा, त्याग, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं। इसमें कहा गया है कि जो लोग राम के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें सबसे पहले राम के आदर्शों को अपने जीवन और शासन में उतारना चाहिए। यह पोस्ट किसी एक दल या नेता पर सवाल उठाने के बजाय, उस राजनीति पर प्रश्नचिह्न लगाती है जो आस्था को वोटों में बदलने का प्रयास करती है। अंत में, पोस्ट इस गंभीर विषय पर जनता की राय भी जानना चाहती है।
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    एक वायरल पोस्ट में राजनेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया गया है कि वे राम से नहीं, बल्कि केवल सत्ता की कुर्सी से प्रेम करते हैं। पोस्ट के अनुसार, राजनेताओं को राम की याद केवल चुनाव आने पर आती है, और सत्ता मिलते ही वे जनता के मुद्दों को भुला देते हैं।

पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि राम केवल एक राजनीतिक नारा नहीं हैं, बल्कि वे मर्यादा, त्याग, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं। इसमें कहा गया है कि जो लोग राम के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें सबसे पहले राम के आदर्शों को अपने जीवन और शासन में उतारना चाहिए।

यह पोस्ट किसी एक दल या नेता पर सवाल उठाने के बजाय, उस राजनीति पर प्रश्नचिह्न लगाती है जो आस्था को वोटों में बदलने का प्रयास करती है। अंत में, पोस्ट इस गंभीर विषय पर जनता की राय भी जानना चाहती है।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • संयुक्त किसान मोर्चा, जिसे एक गैर-राजनीतिक संगठन बताया गया है, ने जंतर-मंतर से भारत-अमेरिका को रोकने के विषय पर अपनी बात रखी है। संगठन इस संबंध में पहले ही सवाल पूछ चुका है।
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    संयुक्त किसान मोर्चा, जिसे एक गैर-राजनीतिक संगठन बताया गया है, ने जंतर-मंतर से भारत-अमेरिका को रोकने के विषय पर अपनी बात रखी है। संगठन इस संबंध में पहले ही सवाल पूछ चुका है।
    user_मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    Political party office भोगाँव, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • औछा थाना क्षेत्र में एक DCM चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घायल बाइक सवार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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    औछा थाना क्षेत्र में एक DCM चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घायल बाइक सवार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
    user_संजीव मिश्रा पत्रकार
    संजीव मिश्रा पत्रकार
    Reporter घिरोर, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • एटा में नगर पालिका परिषद द्वारा खुलेआम कूड़ा जलाने की घटनाओं ने पर्यावरण संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब प्रशासन खेतों में पराली और कृषि अवशेष जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता है और उन पर भारी जुर्माना लगाता है। नगरवासियों ने पूछा है कि यदि प्रदूषण फैलाने के लिए किसानों को दंडित किया जाता है, तो नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा कूड़ा जलाने के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होगी? यह मामला कोतवाली नगर क्षेत्र में तहसील सदर के सामने और पशु चिकित्सालय के बराबर स्थित स्थान का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका कर्मचारी पहले सड़क किनारे विभिन्न स्थानों से कूड़ा इकट्ठा करते हैं, फिर उस ढेर में आग लगा देते हैं। इस कूड़े में प्लास्टिक, पॉलीथीन, रबर, कपड़े और अन्य ठोस अपशिष्ट भी शामिल होते हैं। कचरा जलने के बाद घना और जहरीला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बाद में, जले हुए कूड़े को जेसीबी मशीन की सहायता से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर अन्यत्र भेजा जाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक और अन्य ठोस अपशिष्ट जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड, डाइऑक्सिन, फ्यूरान जैसी कई विषैली गैसें वातावरण में घुल जाती हैं। इन गैसों का दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्वास रोगियों पर विशेष रूप से गंभीर हो सकता है, जिससे लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है। नगरवासियों का तर्क है कि यदि नियम सभी नागरिकों पर लागू होते हैं, तो उन्हें स्थानीय निकायों और सरकारी संस्थाओं पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि नगर पालिका द्वारा कूड़ा जलाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। लोगों ने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था करने और खुले में कूड़ा जलाने की प्रथा पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की है। यह मामला अब केवल स्वच्छता व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है, जिसके लिए नागरिकों को प्रशासन से स्पष्ट उत्तर चाहिए कि किसानों और नगर पालिका के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं।
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    एटा में नगर पालिका परिषद द्वारा खुलेआम कूड़ा जलाने की घटनाओं ने पर्यावरण संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब प्रशासन खेतों में पराली और कृषि अवशेष जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता है और उन पर भारी जुर्माना लगाता है। नगरवासियों ने पूछा है कि यदि प्रदूषण फैलाने के लिए किसानों को दंडित किया जाता है, तो नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा कूड़ा जलाने के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होगी?

यह मामला कोतवाली नगर क्षेत्र में तहसील सदर के सामने और पशु चिकित्सालय के बराबर स्थित स्थान का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका कर्मचारी पहले सड़क किनारे विभिन्न स्थानों से कूड़ा इकट्ठा करते हैं, फिर उस ढेर में आग लगा देते हैं। इस कूड़े में प्लास्टिक, पॉलीथीन, रबर, कपड़े और अन्य ठोस अपशिष्ट भी शामिल होते हैं। कचरा जलने के बाद घना और जहरीला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बाद में, जले हुए कूड़े को जेसीबी मशीन की सहायता से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर अन्यत्र भेजा जाता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक और अन्य ठोस अपशिष्ट जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड, डाइऑक्सिन, फ्यूरान जैसी कई विषैली गैसें वातावरण में घुल जाती हैं। इन गैसों का दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्वास रोगियों पर विशेष रूप से गंभीर हो सकता है, जिससे लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है। नगरवासियों का तर्क है कि यदि नियम सभी नागरिकों पर लागू होते हैं, तो उन्हें स्थानीय निकायों और सरकारी संस्थाओं पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि नगर पालिका द्वारा कूड़ा जलाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। लोगों ने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था करने और खुले में कूड़ा जलाने की प्रथा पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की है। यह मामला अब केवल स्वच्छता व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है, जिसके लिए नागरिकों को प्रशासन से स्पष्ट उत्तर चाहिए कि किसानों और नगर पालिका के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं।
    user_Amit Gupta Ptrkar Etah
    Amit Gupta Ptrkar Etah
    Newspaper publisher अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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