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एटा में नगर पालिका परिषद द्वारा खुलेआम कूड़ा जलाने की घटनाओं ने पर्यावरण संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब प्रशासन खेतों में पराली और कृषि अवशेष जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता है और उन पर भारी जुर्माना लगाता है। नगरवासियों ने पूछा है कि यदि प्रदूषण फैलाने के लिए किसानों को दंडित किया जाता है, तो नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा कूड़ा जलाने के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होगी? यह मामला कोतवाली नगर क्षेत्र में तहसील सदर के सामने और पशु चिकित्सालय के बराबर स्थित स्थान का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका कर्मचारी पहले सड़क किनारे विभिन्न स्थानों से कूड़ा इकट्ठा करते हैं, फिर उस ढेर में आग लगा देते हैं। इस कूड़े में प्लास्टिक, पॉलीथीन, रबर, कपड़े और अन्य ठोस अपशिष्ट भी शामिल होते हैं। कचरा जलने के बाद घना और जहरीला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बाद में, जले हुए कूड़े को जेसीबी मशीन की सहायता से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर अन्यत्र भेजा जाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक और अन्य ठोस अपशिष्ट जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड, डाइऑक्सिन, फ्यूरान जैसी कई विषैली गैसें वातावरण में घुल जाती हैं। इन गैसों का दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्वास रोगियों पर विशेष रूप से गंभीर हो सकता है, जिससे लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है। नगरवासियों का तर्क है कि यदि नियम सभी नागरिकों पर लागू होते हैं, तो उन्हें स्थानीय निकायों और सरकारी संस्थाओं पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि नगर पालिका द्वारा कूड़ा जलाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। लोगों ने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था करने और खुले में कूड़ा जलाने की प्रथा पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की है। यह मामला अब केवल स्वच्छता व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है, जिसके लिए नागरिकों को प्रशासन से स्पष्ट उत्तर चाहिए कि किसानों और नगर पालिका के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं।

12 hrs ago
user_Amit Gupta Ptrkar Etah
Amit Gupta Ptrkar Etah
Newspaper publisher अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago

एटा में नगर पालिका परिषद द्वारा खुलेआम कूड़ा जलाने की घटनाओं ने पर्यावरण संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब प्रशासन खेतों में पराली और कृषि अवशेष जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता है और उन पर भारी जुर्माना लगाता है। नगरवासियों ने पूछा है कि यदि प्रदूषण फैलाने के लिए किसानों को दंडित किया जाता है, तो नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा कूड़ा जलाने के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होगी? यह मामला कोतवाली नगर क्षेत्र में तहसील सदर के सामने और पशु चिकित्सालय के बराबर स्थित स्थान का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका कर्मचारी पहले सड़क किनारे विभिन्न स्थानों से कूड़ा इकट्ठा करते हैं, फिर उस ढेर में आग लगा देते हैं। इस कूड़े में प्लास्टिक, पॉलीथीन, रबर, कपड़े और अन्य ठोस अपशिष्ट भी शामिल होते हैं। कचरा जलने के बाद घना और जहरीला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बाद में, जले हुए कूड़े को जेसीबी मशीन की सहायता से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर अन्यत्र भेजा जाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक और अन्य ठोस अपशिष्ट जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड, डाइऑक्सिन, फ्यूरान जैसी कई विषैली गैसें वातावरण में घुल जाती हैं। इन गैसों का दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्वास रोगियों पर विशेष रूप से गंभीर हो सकता है, जिससे लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है। नगरवासियों का तर्क है कि यदि नियम सभी नागरिकों पर लागू होते हैं, तो उन्हें स्थानीय निकायों और सरकारी संस्थाओं पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि नगर पालिका द्वारा कूड़ा जलाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। लोगों ने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था करने और खुले में कूड़ा जलाने की प्रथा पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की है। यह मामला अब केवल स्वच्छता व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है, जिसके लिए नागरिकों को प्रशासन से स्पष्ट उत्तर चाहिए कि किसानों और नगर पालिका के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं।

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  • आजाद भगत सिंह तिवारी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, जिससे उन्होंने एक नई कीर्ति अर्जित की है।
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    आजाद भगत सिंह तिवारी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, जिससे उन्होंने एक नई कीर्ति अर्जित की है।
    user_Vijay Packers & Logistics
    Vijay Packers & Logistics
    Packer and Mover कुरावली, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत यह इस्तीफा मंजूर किया गया है। जॉर्ज कुरियन केरल बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता हैं। कुरियन के इस्तीफे की मुख्य वजह उनका राज्यसभा कार्यकाल है। उनका कार्यकाल मध्य प्रदेश से 24 जून 2026 को समाप्त हो गया था, और बीजेपी ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति संसद का सदस्य बने बिना केवल छह महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है। संसद सदस्य न रहने के कारण ही जॉर्ज कुरियन को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, उनके इस इस्तीफे को लेकर बीजेपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक राजनीतिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या पार्टी उन्हें कोई नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की तैयारी में है, या फिर यह केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा भर है। जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद अब केंद्र सरकार और बीजेपी के आगामी संगठनात्मक फैसलों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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    केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत यह इस्तीफा मंजूर किया गया है। जॉर्ज कुरियन केरल बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता हैं।

कुरियन के इस्तीफे की मुख्य वजह उनका राज्यसभा कार्यकाल है। उनका कार्यकाल मध्य प्रदेश से 24 जून 2026 को समाप्त हो गया था, और बीजेपी ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति संसद का सदस्य बने बिना केवल छह महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है। संसद सदस्य न रहने के कारण ही जॉर्ज कुरियन को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देना पड़ा।

हालांकि, उनके इस इस्तीफे को लेकर बीजेपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक राजनीतिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या पार्टी उन्हें कोई नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की तैयारी में है, या फिर यह केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा भर है। जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद अब केंद्र सरकार और बीजेपी के आगामी संगठनात्मक फैसलों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मैनपुरी जिले के थाना औछा क्षेत्र के ग्राम होलूपुरा में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक बेटे सतीश उर्फ सुनील ने अपने ही माता-पिता रामसिंह और श्यामादेवी पर जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। प्राप्त शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 19 जून 2026 की दोपहर करीब 1:00 बजे हुई, जब पीड़ित रामसिंह और उनकी पत्नी श्यामादेवी अपने घर पर थे। तभी उनका बेटा सतीश उर्फ सुनील अपने साले हिमांशू, पत्नी नीलम, राजीव और कुछ अज्ञात बाहरी लोगों के साथ जबरन घर में घुस आया। आरोप है कि बेटे सतीश ने अपने पिता रामसिंह पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे उनका सिर फट गया और शरीर की पसली भी टूट गई। वहीं, बीच-बचाव करने आईं मां श्यामादेवी पर नीलम ने लाठी से हमला कर उनका हाथ तोड़ दिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग माता-पिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावर घर से माल और जेवरात भी लूट ले गए। स्थानीय थाने में सुनवाई न होने पर, गंभीर रूप से घायल माता-पिता ने मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने बेटे और अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा न्याय की मांग की है।
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    मैनपुरी जिले के थाना औछा क्षेत्र के ग्राम होलूपुरा में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक बेटे सतीश उर्फ सुनील ने अपने ही माता-पिता रामसिंह और श्यामादेवी पर जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।

प्राप्त शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 19 जून 2026 की दोपहर करीब 1:00 बजे हुई, जब पीड़ित रामसिंह और उनकी पत्नी श्यामादेवी अपने घर पर थे। तभी उनका बेटा सतीश उर्फ सुनील अपने साले हिमांशू, पत्नी नीलम, राजीव और कुछ अज्ञात बाहरी लोगों के साथ जबरन घर में घुस आया।

आरोप है कि बेटे सतीश ने अपने पिता रामसिंह पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे उनका सिर फट गया और शरीर की पसली भी टूट गई। वहीं, बीच-बचाव करने आईं मां श्यामादेवी पर नीलम ने लाठी से हमला कर उनका हाथ तोड़ दिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग माता-पिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावर घर से माल और जेवरात भी लूट ले गए। स्थानीय थाने में सुनवाई न होने पर, गंभीर रूप से घायल माता-पिता ने मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने बेटे और अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा न्याय की मांग की है।
    user_अमित राजपूत पत्रकार
    अमित राजपूत पत्रकार
    Photographer मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • लखनऊ में हुई एक घटना के मद्देनजर मैनपुरी पुलिस प्रशासन ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और शहर की सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया है। इसी क्रम में, एएसपी सिटी ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न होटलों और कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान कोचिंग सेंटरों और होटलों की फायर विभाग की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की जाँच की गई, साथ ही अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी बारीकी से मुआयना किया गया। जहाँ कहीं भी कमियाँ पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश जारी किए गए। इस चेकिंग अभियान के दौरान एएसपी सिटी अरुण कुमार सिंह, एसडीएम अभिषेक कुमार और फायर विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही।
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    लखनऊ में हुई एक घटना के मद्देनजर मैनपुरी पुलिस प्रशासन ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और शहर की सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया है। इसी क्रम में, एएसपी सिटी ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न होटलों और कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया।

इस निरीक्षण के दौरान कोचिंग सेंटरों और होटलों की फायर विभाग की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की जाँच की गई, साथ ही अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी बारीकी से मुआयना किया गया। जहाँ कहीं भी कमियाँ पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश जारी किए गए। इस चेकिंग अभियान के दौरान एएसपी सिटी अरुण कुमार सिंह, एसडीएम अभिषेक कुमार और फायर विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही।
    user_Mainpuri explorer
    Mainpuri explorer
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • लखनऊ में हुए एक हादसे के बाद अब मैनपुरी जिले में भी सभी कोचिंग सेंटरों की सघन जाँच की जा रही है। एसपी सिटी अरुण कुमार, एसडीएम अभिषेक कुमार और सीओ सिटी अशोक सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने मिलकर शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया।
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    लखनऊ में हुए एक हादसे के बाद अब मैनपुरी जिले में भी सभी कोचिंग सेंटरों की सघन जाँच की जा रही है। एसपी सिटी अरुण कुमार, एसडीएम अभिषेक कुमार और सीओ सिटी अशोक सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने मिलकर शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया।
    user_Subodh kumar Tiwari
    Subodh kumar Tiwari
    Photographer Mainpuri, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • ज़की गौहरी को जंतर-मंतर पर आयोजित भारतीय किसान यूनियन आजाद एवं संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक की महापंचायत में शामिल होने से पहले ही उनके घर पर रोक दिया गया। इस कार्रवाई पर गौहरी ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के हर नागरिक के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन बताया और स्पष्ट किया कि किसानों की आवाज़ दबाने से समस्याएँ खत्म नहीं होंगी। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि वे किसानों के हितों की लड़ाई लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी लड़ते रहेंगे। ज़की गौहरी ने ज़ोर देकर कहा कि वे न झुकेंगे और न रुकेंगे, क्योंकि किसानों की आवाज़ हमेशा बुलंद रहेगी।
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    ज़की गौहरी को जंतर-मंतर पर आयोजित भारतीय किसान यूनियन आजाद एवं संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक की महापंचायत में शामिल होने से पहले ही उनके घर पर रोक दिया गया। इस कार्रवाई पर गौहरी ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के हर नागरिक के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन बताया और स्पष्ट किया कि किसानों की आवाज़ दबाने से समस्याएँ खत्म नहीं होंगी।

उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि वे किसानों के हितों की लड़ाई लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी लड़ते रहेंगे। ज़की गौहरी ने ज़ोर देकर कहा कि वे न झुकेंगे और न रुकेंगे, क्योंकि किसानों की आवाज़ हमेशा बुलंद रहेगी।
    user_मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    Political party office भोगाँव, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • होर्मुज स्ट्रेट के खुलने की संभावना बढ़ने के साथ ही भारत के बासमती चावल कारोबार से जुड़े व्यापारियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। उन्हें डर है कि समुद्री व्यापार के सामान्य होते ही पाकिस्तान मध्य पूर्व के बाजारों में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है और भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। भारत के लिए बासमती चावल के सबसे बड़े बाजार सऊदी अरब, ईरान और इराक हैं, जबकि पाकिस्तान के मुख्य बाजार यूएई, सऊदी अरब और ईरान हैं। इससे खाड़ी देशों में दोनों ही देशों के बासमती चावल के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलता है। यूएई के सुपरमार्केट में पाकिस्तानी ब्रांड 'कायनात 1121' के पैकेट आसानी से उपलब्ध होते हैं, वहीं भारतीय ब्रांड 'दावत' और 'इंडिया गेट' भी उन्हीं शेल्फ पर मौजूद रहते हैं। बासमती चावल दशकों से भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक प्रतिस्पर्धा का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा बासमती उत्पादक और निर्यातक है, इसके बावजूद पाकिस्तान की सऊदी अरब, यूएई, ईरान, इराक, कुवैत, कतर, ओमान, ब्रिटेन और यूरोप के कई देशों में मजबूत मौजूदगी है। ऐसे में, यह सवाल उठता है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुल जाता है और व्यापारिक गतिविधियां तेज होती हैं, तो क्या पाकिस्तान भारतीय बासमती के लिए एक बड़ी चुनौती बन पाएगा, या भारतीय ब्रांड अपनी गुणवत्ता और भरोसे के दम पर बाजार में अपना दबदबा बनाए रखेंगे।
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    होर्मुज स्ट्रेट के खुलने की संभावना बढ़ने के साथ ही भारत के बासमती चावल कारोबार से जुड़े व्यापारियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। उन्हें डर है कि समुद्री व्यापार के सामान्य होते ही पाकिस्तान मध्य पूर्व के बाजारों में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है और भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर सकता है।

भारत के लिए बासमती चावल के सबसे बड़े बाजार सऊदी अरब, ईरान और इराक हैं, जबकि पाकिस्तान के मुख्य बाजार यूएई, सऊदी अरब और ईरान हैं। इससे खाड़ी देशों में दोनों ही देशों के बासमती चावल के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलता है। यूएई के सुपरमार्केट में पाकिस्तानी ब्रांड 'कायनात 1121' के पैकेट आसानी से उपलब्ध होते हैं, वहीं भारतीय ब्रांड 'दावत' और 'इंडिया गेट' भी उन्हीं शेल्फ पर मौजूद रहते हैं। बासमती चावल दशकों से भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक प्रतिस्पर्धा का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा बासमती उत्पादक और निर्यातक है, इसके बावजूद पाकिस्तान की सऊदी अरब, यूएई, ईरान, इराक, कुवैत, कतर, ओमान, ब्रिटेन और यूरोप के कई देशों में मजबूत मौजूदगी है। ऐसे में, यह सवाल उठता है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुल जाता है और व्यापारिक गतिविधियां तेज होती हैं, तो क्या पाकिस्तान भारतीय बासमती के लिए एक बड़ी चुनौती बन पाएगा, या भारतीय ब्रांड अपनी गुणवत्ता और भरोसे के दम पर बाजार में अपना दबदबा बनाए रखेंगे।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए एक दुखद अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसमें कुछ बच्चों की जान चली गई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट की हैं और कहा है कि यह खबर दिल दहला देने वाली है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही, मुख्यमंत्री ने अपनी अलीगढ़ यात्रा को बीच में रोककर तत्काल लखनऊ वापस जाने का निर्णय लिया। उन्होंने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को मौके पर जाकर घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह अग्निकांड लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के कारण हुआ, जिसमें कई बच्चे चपेट में आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी घटनास्थल के लिए प्रस्थान करने की बात कही है, ताकि वे इस पूरे मामले की तह तक जा सकें, दोषियों को उचित सजा दिला सकें और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें।
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए एक दुखद अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसमें कुछ बच्चों की जान चली गई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट की हैं और कहा है कि यह खबर दिल दहला देने वाली है।

इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही, मुख्यमंत्री ने अपनी अलीगढ़ यात्रा को बीच में रोककर तत्काल लखनऊ वापस जाने का निर्णय लिया। उन्होंने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को मौके पर जाकर घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

यह अग्निकांड लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के कारण हुआ, जिसमें कई बच्चे चपेट में आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी घटनास्थल के लिए प्रस्थान करने की बात कही है, ताकि वे इस पूरे मामले की तह तक जा सकें, दोषियों को उचित सजा दिला सकें और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें।
    user_मोहित गुप्ता
    मोहित गुप्ता
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • यह एक बहुत ही प्यार भरा वीडियो है। दर्शकों से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को पूरा देखें, क्योंकि इसे देखने के बाद उन्हें निश्चित रूप से बहुत मज़ा आएगा।
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    यह एक बहुत ही प्यार भरा वीडियो है। दर्शकों से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को पूरा देखें, क्योंकि इसे देखने के बाद उन्हें निश्चित रूप से बहुत मज़ा आएगा।
    user_मोहन शर्मा मोहन शर्मा
    मोहन शर्मा मोहन शर्मा
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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