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लखनऊ में हुई एक घटना के मद्देनजर मैनपुरी पुलिस प्रशासन ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और शहर की सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया है। इसी क्रम में, एएसपी सिटी ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न होटलों और कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान कोचिंग सेंटरों और होटलों की फायर विभाग की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की जाँच की गई, साथ ही अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी बारीकी से मुआयना किया गया। जहाँ कहीं भी कमियाँ पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश जारी किए गए। इस चेकिंग अभियान के दौरान एएसपी सिटी अरुण कुमार सिंह, एसडीएम अभिषेक कुमार और फायर विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही।

9 hrs ago
user_Mainpuri explorer
Mainpuri explorer
मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

लखनऊ में हुई एक घटना के मद्देनजर मैनपुरी पुलिस प्रशासन ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और शहर की सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया है। इसी क्रम में, एएसपी सिटी ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न होटलों और कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान कोचिंग सेंटरों और होटलों की फायर विभाग की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की जाँच की गई, साथ ही अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी बारीकी से मुआयना किया गया। जहाँ कहीं भी कमियाँ पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश जारी किए गए। इस चेकिंग अभियान के दौरान एएसपी सिटी अरुण कुमार सिंह, एसडीएम अभिषेक कुमार और फायर विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • जनपद मैनपुरी के कस्बा बेवर में मंगलवार, 23 जून 2026 की रात मोहर्रम की उर्दू माह की 7 तारीख पर अलम का जुलूस श्रद्धा, अकीदत और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में गुजरा। मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेवर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट और मुस्तैद रहा। थाना अध्यक्ष बेवर अनिल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी भोगांव रामकृष्ण द्विवेदी और सिटी इंचार्ज शैलेश निगम ने पुलिस बल के साथ जुलूस मार्ग का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखते हुए अलम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। पुलिस प्रशासन द्वारा आगामी शुक्रवार, 26 जून तक तथा उर्दू माह की 10 तारीख को निकलने वाले ताजिया एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से आपसी भाईचारा, सौहार्द एवं शांति बनाए रखने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
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    जनपद मैनपुरी के कस्बा बेवर में मंगलवार, 23 जून 2026 की रात मोहर्रम की उर्दू माह की 7 तारीख पर अलम का जुलूस श्रद्धा, अकीदत और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में गुजरा।

मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेवर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट और मुस्तैद रहा। थाना अध्यक्ष बेवर अनिल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी भोगांव रामकृष्ण द्विवेदी और सिटी इंचार्ज शैलेश निगम ने पुलिस बल के साथ जुलूस मार्ग का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखते हुए अलम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।

पुलिस प्रशासन द्वारा आगामी शुक्रवार, 26 जून तक तथा उर्दू माह की 10 तारीख को निकलने वाले ताजिया एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से आपसी भाईचारा, सौहार्द एवं शांति बनाए रखने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
    user_Akhalesh Kumar
    Akhalesh Kumar
    Indian Grocery Shop भोगाँव, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    48 min ago
  • मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र के ग्राम जरामई छोटी में भूमि पैमाइश से जुड़ा एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता बीना देवी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर अपनी पैतृक जमीन को अवैध कब्जे से बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के एक प्रभावशाली व्यक्ति ने साजिश रचकर उनकी जमीन पर अवैध कब्जे का जाल बुना है। शिकायतकर्ता बीना देवी के अनुसार, वह लंबे समय से गाटा संख्या 466 पर शांतिपूर्वक काबिज हैं। लेकिन उनके पड़ोसी, जो गाटा संख्या 468 के मालिक हैं, ने कथित तौर पर उन्हें धोखे में रखकर उनके हस्ताक्षर ले लिए। अब इन्हीं कागजी हेरफेर का सहारा लेकर प्रशासनिक टीम को गुमराह किया जा रहा है और गलत तरीके से पैमाइश कराई जा रही है, ताकि उनकी कीमती जमीन पर कब्जा किया जा सके। पीड़िता ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने निवेदन किया है कि गाटा संख्या 466 पर चल रही किसी भी अवैध पैमाइश या कब्जे की कार्रवाई को तत्काल रोका जाए, और आरोपी को उसकी वास्तविक भूमि गाटा संख्या 468 तक ही सीमित रहने का निर्देश दिया जाए। इस मामले में जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
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    मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र के ग्राम जरामई छोटी में भूमि पैमाइश से जुड़ा एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता बीना देवी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर अपनी पैतृक जमीन को अवैध कब्जे से बचाने की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि गांव के एक प्रभावशाली व्यक्ति ने साजिश रचकर उनकी जमीन पर अवैध कब्जे का जाल बुना है।

शिकायतकर्ता बीना देवी के अनुसार, वह लंबे समय से गाटा संख्या 466 पर शांतिपूर्वक काबिज हैं। लेकिन उनके पड़ोसी, जो गाटा संख्या 468 के मालिक हैं, ने कथित तौर पर उन्हें धोखे में रखकर उनके हस्ताक्षर ले लिए। अब इन्हीं कागजी हेरफेर का सहारा लेकर प्रशासनिक टीम को गुमराह किया जा रहा है और गलत तरीके से पैमाइश कराई जा रही है, ताकि उनकी कीमती जमीन पर कब्जा किया जा सके।

पीड़िता ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने निवेदन किया है कि गाटा संख्या 466 पर चल रही किसी भी अवैध पैमाइश या कब्जे की कार्रवाई को तत्काल रोका जाए, और आरोपी को उसकी वास्तविक भूमि गाटा संख्या 468 तक ही सीमित रहने का निर्देश दिया जाए। इस मामले में जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
    user_Mohit Tiwari
    Mohit Tiwari
    Local News Reporter भोगाँव, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • आज 23 तारीख को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और कई किसान यूनियनों ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का प्रयास किया। इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन आज़ाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान और युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भारत सरकार के खिलाफ भी जमकर नारे बरसाए गए और 'जय जवान जय किसान' का उद्घोष किया गया।
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    आज 23 तारीख को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और कई किसान यूनियनों ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की, अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का प्रयास किया। इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन आज़ाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान और युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भारत सरकार के खिलाफ भी जमकर नारे बरसाए गए और 'जय जवान जय किसान' का उद्घोष किया गया।
    user_मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    Political party office भोगाँव, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • आजाद भगत सिंह तिवारी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, जिससे उन्होंने एक नई कीर्ति अर्जित की है।
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    आजाद भगत सिंह तिवारी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, जिससे उन्होंने एक नई कीर्ति अर्जित की है।
    user_Vijay Packers & Logistics
    Vijay Packers & Logistics
    Packer and Mover कुरावली, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए। 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' और 'समाजवादी पार्टी जिंदाबाद' जैसे उद्घोषों के माध्यम से नेताओं और पार्टी के प्रति उत्साह व्यक्त किया गया। पवन यादव ने भी इस समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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    अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए। 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' और 'समाजवादी पार्टी जिंदाबाद' जैसे उद्घोषों के माध्यम से नेताओं और पार्टी के प्रति उत्साह व्यक्त किया गया। पवन यादव ने भी इस समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
    user_𝐏𝐚𝐰𝐚𝐧 𝐘𝐨𝐮𝐓𝐮𝐛𝐞 𝐂𝐫
    𝐏𝐚𝐰𝐚𝐧 𝐘𝐨𝐮𝐓𝐮𝐛𝐞 𝐂𝐫
    अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • एक वायरल पोस्ट में राजनेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया गया है कि वे राम से नहीं, बल्कि केवल सत्ता की कुर्सी से प्रेम करते हैं। पोस्ट के अनुसार, राजनेताओं को राम की याद केवल चुनाव आने पर आती है, और सत्ता मिलते ही वे जनता के मुद्दों को भुला देते हैं। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि राम केवल एक राजनीतिक नारा नहीं हैं, बल्कि वे मर्यादा, त्याग, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं। इसमें कहा गया है कि जो लोग राम के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें सबसे पहले राम के आदर्शों को अपने जीवन और शासन में उतारना चाहिए। यह पोस्ट किसी एक दल या नेता पर सवाल उठाने के बजाय, उस राजनीति पर प्रश्नचिह्न लगाती है जो आस्था को वोटों में बदलने का प्रयास करती है। अंत में, पोस्ट इस गंभीर विषय पर जनता की राय भी जानना चाहती है।
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    एक वायरल पोस्ट में राजनेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया गया है कि वे राम से नहीं, बल्कि केवल सत्ता की कुर्सी से प्रेम करते हैं। पोस्ट के अनुसार, राजनेताओं को राम की याद केवल चुनाव आने पर आती है, और सत्ता मिलते ही वे जनता के मुद्दों को भुला देते हैं।

पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि राम केवल एक राजनीतिक नारा नहीं हैं, बल्कि वे मर्यादा, त्याग, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं। इसमें कहा गया है कि जो लोग राम के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें सबसे पहले राम के आदर्शों को अपने जीवन और शासन में उतारना चाहिए।

यह पोस्ट किसी एक दल या नेता पर सवाल उठाने के बजाय, उस राजनीति पर प्रश्नचिह्न लगाती है जो आस्था को वोटों में बदलने का प्रयास करती है। अंत में, पोस्ट इस गंभीर विषय पर जनता की राय भी जानना चाहती है।
    user_Hind News
    Hind News
    Classified ads newspaper publisher मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • संयुक्त किसान मोर्चा, जिसे एक गैर-राजनीतिक संगठन बताया गया है, ने जंतर-मंतर से भारत-अमेरिका को रोकने के विषय पर अपनी बात रखी है। संगठन इस संबंध में पहले ही सवाल पूछ चुका है।
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    संयुक्त किसान मोर्चा, जिसे एक गैर-राजनीतिक संगठन बताया गया है, ने जंतर-मंतर से भारत-अमेरिका को रोकने के विषय पर अपनी बात रखी है। संगठन इस संबंध में पहले ही सवाल पूछ चुका है।
    user_मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    मोहम्मद नदीम सिद्दीकी
    Political party office भोगाँव, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • एटा में नगर पालिका परिषद द्वारा खुलेआम कूड़ा जलाने की घटनाओं ने पर्यावरण संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब प्रशासन खेतों में पराली और कृषि अवशेष जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता है और उन पर भारी जुर्माना लगाता है। नगरवासियों ने पूछा है कि यदि प्रदूषण फैलाने के लिए किसानों को दंडित किया जाता है, तो नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा कूड़ा जलाने के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होगी? यह मामला कोतवाली नगर क्षेत्र में तहसील सदर के सामने और पशु चिकित्सालय के बराबर स्थित स्थान का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका कर्मचारी पहले सड़क किनारे विभिन्न स्थानों से कूड़ा इकट्ठा करते हैं, फिर उस ढेर में आग लगा देते हैं। इस कूड़े में प्लास्टिक, पॉलीथीन, रबर, कपड़े और अन्य ठोस अपशिष्ट भी शामिल होते हैं। कचरा जलने के बाद घना और जहरीला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बाद में, जले हुए कूड़े को जेसीबी मशीन की सहायता से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर अन्यत्र भेजा जाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक और अन्य ठोस अपशिष्ट जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड, डाइऑक्सिन, फ्यूरान जैसी कई विषैली गैसें वातावरण में घुल जाती हैं। इन गैसों का दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्वास रोगियों पर विशेष रूप से गंभीर हो सकता है, जिससे लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है। नगरवासियों का तर्क है कि यदि नियम सभी नागरिकों पर लागू होते हैं, तो उन्हें स्थानीय निकायों और सरकारी संस्थाओं पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि नगर पालिका द्वारा कूड़ा जलाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। लोगों ने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था करने और खुले में कूड़ा जलाने की प्रथा पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की है। यह मामला अब केवल स्वच्छता व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है, जिसके लिए नागरिकों को प्रशासन से स्पष्ट उत्तर चाहिए कि किसानों और नगर पालिका के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं।
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    एटा में नगर पालिका परिषद द्वारा खुलेआम कूड़ा जलाने की घटनाओं ने पर्यावरण संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब प्रशासन खेतों में पराली और कृषि अवशेष जलाने वाले किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता है और उन पर भारी जुर्माना लगाता है। नगरवासियों ने पूछा है कि यदि प्रदूषण फैलाने के लिए किसानों को दंडित किया जाता है, तो नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा कूड़ा जलाने के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होगी?

यह मामला कोतवाली नगर क्षेत्र में तहसील सदर के सामने और पशु चिकित्सालय के बराबर स्थित स्थान का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका कर्मचारी पहले सड़क किनारे विभिन्न स्थानों से कूड़ा इकट्ठा करते हैं, फिर उस ढेर में आग लगा देते हैं। इस कूड़े में प्लास्टिक, पॉलीथीन, रबर, कपड़े और अन्य ठोस अपशिष्ट भी शामिल होते हैं। कचरा जलने के बाद घना और जहरीला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बाद में, जले हुए कूड़े को जेसीबी मशीन की सहायता से उठवाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर अन्यत्र भेजा जाता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक और अन्य ठोस अपशिष्ट जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड, डाइऑक्सिन, फ्यूरान जैसी कई विषैली गैसें वातावरण में घुल जाती हैं। इन गैसों का दुष्प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्वास रोगियों पर विशेष रूप से गंभीर हो सकता है, जिससे लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है। नगरवासियों का तर्क है कि यदि नियम सभी नागरिकों पर लागू होते हैं, तो उन्हें स्थानीय निकायों और सरकारी संस्थाओं पर भी समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि नगर पालिका द्वारा कूड़ा जलाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। लोगों ने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था करने और खुले में कूड़ा जलाने की प्रथा पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की है। यह मामला अब केवल स्वच्छता व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है, जिसके लिए नागरिकों को प्रशासन से स्पष्ट उत्तर चाहिए कि किसानों और नगर पालिका के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं।
    user_Amit Gupta Ptrkar Etah
    Amit Gupta Ptrkar Etah
    Newspaper publisher अलीगंज, एटा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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