शहर से 12 किमी दूर बन रहा कलेक्ट्रेट भवन, फैसले पर उठने लगे सवाल जिले के नए कलेक्ट्रेट भवन को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट भवन कटनी मार्ग पर प्रस्तावित किया गया है, जबकि इसे शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। इसे लेकर आम लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरा शहर होने के बावजूद कलेक्ट्रेट भवन को इतनी दूर बनाए जाने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से अमरपाटन और रामनगर क्षेत्र से आने वाले लोगों के लिए दूरी और अधिक बढ़ जाएगी। वहीं मैहर शहर के निवासियों को भी प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबा सफर तय करना पड़ेगा। चर्चा यह भी है कि कलेक्ट्रेट भवन एशिया के सबसे बड़े मत्स्य विभाग की जमीन पर बनाया जा रहा है। हालांकि इस विषय पर अब तक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक सुविधा के लिए बनाए जाने वाले भवन आम जनता की पहुंच के भीतर होने चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
शहर से 12 किमी दूर बन रहा कलेक्ट्रेट भवन, फैसले पर उठने लगे सवाल जिले के नए कलेक्ट्रेट भवन को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट भवन कटनी मार्ग पर प्रस्तावित किया गया है, जबकि इसे शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। इसे लेकर आम लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरा शहर होने के बावजूद कलेक्ट्रेट भवन को इतनी दूर बनाए जाने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से अमरपाटन और रामनगर क्षेत्र से आने वाले लोगों के लिए दूरी और अधिक बढ़ जाएगी। वहीं मैहर शहर के निवासियों को भी प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबा सफर तय करना पड़ेगा। चर्चा यह भी है कि कलेक्ट्रेट भवन एशिया के सबसे बड़े मत्स्य विभाग की जमीन पर बनाया जा रहा है। हालांकि इस विषय पर अब तक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक सुविधा के लिए बनाए जाने वाले भवन आम जनता की पहुंच के भीतर होने चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- शहर से 12 किमी दूर बन रहा कलेक्ट्रेट भवन, फैसले पर उठने लगे सवाल जिले के नए कलेक्ट्रेट भवन को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट भवन कटनी मार्ग पर प्रस्तावित किया गया है, जबकि इसे शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। इसे लेकर आम लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरा शहर होने के बावजूद कलेक्ट्रेट भवन को इतनी दूर बनाए जाने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से अमरपाटन और रामनगर क्षेत्र से आने वाले लोगों के लिए दूरी और अधिक बढ़ जाएगी। वहीं मैहर शहर के निवासियों को भी प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबा सफर तय करना पड़ेगा। चर्चा यह भी है कि कलेक्ट्रेट भवन एशिया के सबसे बड़े मत्स्य विभाग की जमीन पर बनाया जा रहा है। हालांकि इस विषय पर अब तक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक सुविधा के लिए बनाए जाने वाले भवन आम जनता की पहुंच के भीतर होने चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- सकल गुर्जर समाज महासभा की इंदौर जिला कार्यकारिणी का भव्य गठन, “क्रांति दिवस” पर वीर धनसिंह कोतवाल को दी श्रद्धांजलि सामाजिक एकता, शिक्षा और संगठन विस्तार का लिया संकल्प, युवाओं और मातृशक्ति की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र1
- बिहार के भागलपुर में पुल टूटने के बाद आज हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। चाहे चिलचिलाती धूप हो, मूसलाधार बारिश हो या फिर तेज आंधी—सीमांचल जाने वाले इन लोगों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। एक तरफ देश के रसूखदार अरबों के विमानों में सफर कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ये आम जनता है, जो हर कदम पर मौत से जूझ रही है। क्या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े पुलों और सिस्टम की इस लापरवाही का जवाब कोई देगा? इस वीडियो में देखिए: पुल टूटने के बाद का भयावह जमीनी मंजर। धूप और बारिश के बीच जनता की बेबसी। सिस्टम और सत्ता पर तीखे सवाल। #BhagalpurBridge #SeemanchalNews #BiharPolitics #AmritKaal #RichaUpadhyay #TeekhiBaat #SkynetTVIndia #SystemFailure #BiharDevelopment #GroundReport1
- Dewas Naka lasudiya police chauki bedala post ke samne roj jaam lagta hai 7:00 se 10:00 baje tak paidal chalne wale ko bhi rasta nahin milta WWE chori ke samne bhi gadiyan khadi rahti hai aur vahan per single line Ho jaati Hai apni chhoti Wale Ko gadi andar rakhna chahie lekin unki sab gadiyan bhi road per Park Hoti Hai uski vajah se bahut jaam hota hai yahan per3
- मध्य प्रदेश के उज्जैन में किसान कांग्रेस अध्यक्ष पर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक महेश परमार ने एडिशनल एसपी के पैर पकड़ने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने पर हुई तीखी बहस के बाद विधायक ने यह नाटकीय कदम उठाया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- इंदौर में एक दूध ड्राइवर नशे की हालत में ट्रैक्टर चलाते हुए सड़क पर खतरनाक स्टंट कर रहा था। उसकी हरकतों से राहगीरों में डर और हड़कंप मच गया।1
- प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की, लेकिन इसके तुरंत बाद खुद रोड शो में सैकड़ों गाड़ियों का इस्तेमाल किया। इस विरोधाभास पर जनता सवाल उठा रही है कि जब नेता ही बचत नहीं करेंगे, तो आम लोग कैसे करेंगे। यह मुद्दा कथनी और करनी के अंतर को उजागर कर रहा है।1
- अबेर बस स्टैंड पर परिजनों का हंगामा, शव रखकर लगाया चक्काजाम कोटर थाना क्षेत्र अंतर्गत अबेर बस स्टैंड में सोमवार को उस समय तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब परिजनों ने शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजन किसी मामले को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम लगने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही कोटर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1