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यह जानकारी दी गई है कि पूरे बिहार राज्य में एक जैसी खराब स्थिति बनी हुई है। पोस्ट में लोगों से विशेष रूप से मधुबनी जिले के मौजूदा हालात पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है, जो इस बदहाली का एक स्पष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

6 hrs ago
user_Pawan Mahto Reporter
Pawan Mahto Reporter
Press advisory जैनागर, मधुबनी, बिहार•
6 hrs ago

यह जानकारी दी गई है कि पूरे बिहार राज्य में एक जैसी खराब स्थिति बनी हुई है। पोस्ट में लोगों से विशेष रूप से मधुबनी जिले के मौजूदा हालात पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है, जो इस बदहाली का एक स्पष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

More news from बिहार and nearby areas
  • आज देवधा थाना अध्यक्ष महोदय ने आगामी मोहर्रम पर्व को देखते हुए एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की पूरी कमान और नेतृत्व बृजेश कुमार ने संभाला।
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    आज देवधा थाना अध्यक्ष महोदय ने आगामी मोहर्रम पर्व को देखते हुए एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की पूरी कमान और नेतृत्व बृजेश कुमार ने संभाला।
    user_Pawan Mahto Reporter
    Pawan Mahto Reporter
    Press advisory जैनागर, मधुबनी, बिहार•
    17 hrs ago
  • मधुबनी जिले के सिमरी गाँव की 'स्मार्ट विलेज' की अवधारणा पर सवाल उठते हैं, जहाँ हल्की सी बारिश होते ही गाँव की सड़क नदी का रूप ले लेती है। यह स्थिति गाँव के निवासियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती है, क्योंकि जल निकासी के लिए कोई नाला उपलब्ध नहीं है। सड़क पर पानी भर जाने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जो इस 'स्मार्ट विलेज' की दयनीय वास्तविकता को उजागर करता है।
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    मधुबनी जिले के सिमरी गाँव की 'स्मार्ट विलेज' की अवधारणा पर सवाल उठते हैं, जहाँ हल्की सी बारिश होते ही गाँव की सड़क नदी का रूप ले लेती है। यह स्थिति गाँव के निवासियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती है, क्योंकि जल निकासी के लिए कोई नाला उपलब्ध नहीं है। सड़क पर पानी भर जाने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जो इस 'स्मार्ट विलेज' की दयनीय वास्तविकता को उजागर करता है।
    user_DC NEWS CHANNEL
    DC NEWS CHANNEL
    लदानिया, मधुबनी, बिहार•
    12 hrs ago
  • महंगाई और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार के प्रति जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। एक राजद (RJD) समर्थक ने सरकार को मंच से जमकर घेरा और इन गंभीर समस्याओं पर अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। वायरल हो रहे एक वीडियो में, समर्थक को सरकार की नीतियों पर तीखे हमले करते हुए देखा गया है।
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    महंगाई और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार के प्रति जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। एक राजद (RJD) समर्थक ने सरकार को मंच से जमकर घेरा और इन गंभीर समस्याओं पर अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। वायरल हो रहे एक वीडियो में, समर्थक को सरकार की नीतियों पर तीखे हमले करते हुए देखा गया है।
    user_Reporter Seraj
    Reporter Seraj
    मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    6 hrs ago
  • बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है। अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई? गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
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    बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है।

अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं।

पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई?

गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
    user_Nitesh Sinha
    Nitesh Sinha
    गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    10 hrs ago
  • दरभंगा के निवासियों के लिए विदेश जाकर रोज़गार पाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। इस अवसर के तहत दुबई सहित कई अन्य स्थानों के लिए आकर्षक वेतन वाले जॉब्स उपलब्ध हैं। इच्छुक उम्मीदवार इन अवसरों के बारे में अधिक जानकारी दरभंगा टेस्ट एंड ट्रेनिंग सेंटर से प्राप्त कर सकते हैं।
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    दरभंगा के निवासियों के लिए विदेश जाकर रोज़गार पाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। इस अवसर के तहत दुबई सहित कई अन्य स्थानों के लिए आकर्षक वेतन वाले जॉब्स उपलब्ध हैं। इच्छुक उम्मीदवार इन अवसरों के बारे में अधिक जानकारी दरभंगा टेस्ट एंड ट्रेनिंग सेंटर से प्राप्त कर सकते हैं।
    user_Darpan24 News
    Darpan24 News
    Local News Reporter लहेरिअसारै, दरभंगा•
    11 hrs ago
  • दरभंगा जिले के बहुअरवा में हुए एक सड़क हादसे में घायल पीड़ित और उनके परिवार से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह जानकारी सामने आई कि इलाज के खर्च के लिए परिवार को लगभग ₹30,000 का कर्ज लेना पड़ा है, और घायल का उपचार अभी भी जारी है। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर वर्षों से खराब पड़ी सड़क के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाओं, जिसमें लोग घायल हो रहे हैं और अपनी जान गँवा रहे हैं, की जिम्मेदारी किसकी है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान सड़क की इस बदहाली पर कब जाएगा, यह एक गंभीर चिंता का विषय है। यदि सड़क की मरम्मत समय पर नहीं हो सकती, तो कम से कम दुर्घटना पीड़ितों के लिए उचित मुआवजा और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से न जूझना पड़े। लोगों से अपील की गई है कि वे इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों की आवाज बनें। एक एकजुट आवाज प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक उनकी पीड़ा पहुंचा सकती है और न्याय की मांग को मजबूत कर सकती है। पीड़ित परिवार का एक विस्तृत इंटरव्यू वीडियो जल्द ही जारी किया जाएगा, जिसमें उनकी पूरी आपबीती साझा की जाएगी।
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    दरभंगा जिले के बहुअरवा में हुए एक सड़क हादसे में घायल पीड़ित और उनके परिवार से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह जानकारी सामने आई कि इलाज के खर्च के लिए परिवार को लगभग ₹30,000 का कर्ज लेना पड़ा है, और घायल का उपचार अभी भी जारी है।

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर वर्षों से खराब पड़ी सड़क के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाओं, जिसमें लोग घायल हो रहे हैं और अपनी जान गँवा रहे हैं, की जिम्मेदारी किसकी है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान सड़क की इस बदहाली पर कब जाएगा, यह एक गंभीर चिंता का विषय है। यदि सड़क की मरम्मत समय पर नहीं हो सकती, तो कम से कम दुर्घटना पीड़ितों के लिए उचित मुआवजा और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से न जूझना पड़े।

लोगों से अपील की गई है कि वे इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों की आवाज बनें। एक एकजुट आवाज प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक उनकी पीड़ा पहुंचा सकती है और न्याय की मांग को मजबूत कर सकती है। पीड़ित परिवार का एक विस्तृत इंटरव्यू वीडियो जल्द ही जारी किया जाएगा, जिसमें उनकी पूरी आपबीती साझा की जाएगी।
    user_Kishore Mahendra Paswan
    Kishore Mahendra Paswan
    Social Media Manager तरडीह, दरभंगा, बिहार•
    15 hrs ago
  • दरभंगा में नगर अध्यक्ष मोहम्मद अफसर की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मोहम्मद अफसर ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने 22 लाख बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया है, जिसका मुख्य कारण नीट परीक्षा का बार-बार पेपर लीक होना है। उन्होंने बताया कि छात्र कड़ी मेहनत और लगन से एक साल पढ़ाई करने के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पेपर लीक होने की खबर मिलती है। इस निराशा के कारण कई छात्र हताश होकर ज़हर खा लेते हैं, फांसी लगा लेते हैं या रेल की पटरी पर अपनी जान दे देते हैं। मोहम्मद अफसर ने एक दर्दनाक उदाहरण देते हुए बताया कि नागपुर का एक बच्चा पिछले एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसका सेंटर अबू धाबी निकला। बच्चे के पास न तो पासपोर्ट था, न ही उसके परिवार के पास उसे विदेश भेजने के लिए पैसे थे, और न ही अब कोई समय बचा था। उन्होंने कहा कि वह बच्चा रात भर रोता रहा और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है, जिसके तनाव की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मोहम्मद अफसर ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी शिक्षा मंत्री को जल्द से जल्द उनके पद से हटाया जाना चाहिए, और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो आंदोलन जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय अध्यक्ष भाई नसरुल्ला, जिला अध्यक्ष दिलखुश कुमार, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश, जिला उपाध्यक्ष ताल्हा ताबिश, जिला महासचिव तिरुपति नाथ चौधरी, नगर उपाध्यक्ष मोहम्मद आकिब, नगर महासचिव मोहम्मद सद्दाम, नगर महासचिव नूरुल कमर, नगर सचिव नदीम अहमद और अन्य लोग उपस्थित थे।
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    दरभंगा में नगर अध्यक्ष मोहम्मद अफसर की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मोहम्मद अफसर ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने 22 लाख बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया है, जिसका मुख्य कारण नीट परीक्षा का बार-बार पेपर लीक होना है। उन्होंने बताया कि छात्र कड़ी मेहनत और लगन से एक साल पढ़ाई करने के बाद परीक्षा देते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पेपर लीक होने की खबर मिलती है। इस निराशा के कारण कई छात्र हताश होकर ज़हर खा लेते हैं, फांसी लगा लेते हैं या रेल की पटरी पर अपनी जान दे देते हैं।

मोहम्मद अफसर ने एक दर्दनाक उदाहरण देते हुए बताया कि नागपुर का एक बच्चा पिछले एक महीने से नीट री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसका सेंटर अबू धाबी निकला। बच्चे के पास न तो पासपोर्ट था, न ही उसके परिवार के पास उसे विदेश भेजने के लिए पैसे थे, और न ही अब कोई समय बचा था। उन्होंने कहा कि वह बच्चा रात भर रोता रहा और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है, जिसके तनाव की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

मोहम्मद अफसर ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी शिक्षा मंत्री को जल्द से जल्द उनके पद से हटाया जाना चाहिए, और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो आंदोलन जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय अध्यक्ष भाई नसरुल्ला, जिला अध्यक्ष दिलखुश कुमार, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश, जिला उपाध्यक्ष ताल्हा ताबिश, जिला महासचिव तिरुपति नाथ चौधरी, नगर उपाध्यक्ष मोहम्मद आकिब, नगर महासचिव मोहम्मद सद्दाम, नगर महासचिव नूरुल कमर, नगर सचिव नदीम अहमद और अन्य लोग उपस्थित थे।
    user_LIVE CITY DARBHANGA
    LIVE CITY DARBHANGA
    Media and information sciences faculty Jale, Darbhanga•
    5 hrs ago
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