उन्नाव में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने एक अवैध सॉस निर्माण इकाई पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि इस फैक्ट्री में औद्योगिक रंगों और निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग करके सॉस तैयार किया जा रहा था, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक था। इस छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद लगभग 800 किलोग्राम संदिग्ध सॉस को नष्ट कर दिया गया। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि इस इकाई का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था, इसके बावजूद वहां अवैध रूप से उत्पादन का कार्य जारी था। FSDA की टीम ने सॉस के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सघन अभियान चलाए जाएंगे, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप की स्थिति है।
उन्नाव में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने एक अवैध सॉस निर्माण इकाई पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि इस फैक्ट्री में औद्योगिक रंगों और निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग करके सॉस तैयार किया जा रहा था, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक था। इस छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद लगभग 800 किलोग्राम संदिग्ध सॉस को नष्ट कर दिया गया। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि इस इकाई का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था, इसके बावजूद वहां अवैध रूप से उत्पादन का कार्य जारी था। FSDA की टीम ने सॉस के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सघन अभियान चलाए जाएंगे, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप की स्थिति है।
- सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ में वकीलों ने उपजिलाधिकारी प्रीति जैन पर अभद्रता का गंभीर आरोप लगाया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामसागर पाठक ने बताया कि उपजिलाधिकारी ने अधिवक्ता भएन्द्र जीत यादव के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कोर्ट से बाहर निकल जाने के लिए कहा। इस घटना से आक्रोशित वकीलों ने 'उपजिलाधिकारी लम्भुआ मुर्दाबाद' के नारे लगाए और प्रदर्शन किया। अधिवक्ता सुषमा पाल और अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उपजिलाधिकारी पर उचित कार्यवाही नहीं की जाती, तब तक सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बार एसोसिएशन के सचिव ने यह भी आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी के न्यायालय में आदेश पारित होने के बावजूद महीनों तक कोई कार्यवाही नहीं होती है, जिससे आम जनता को बेवजह परेशान होना पड़ता है। वकीलों ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए न्याय की मांग की है।1
- सुलतानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में 29 जून को आजाद वर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आजाद की मौत किसी हमले या साजिश का परिणाम नहीं, बल्कि एक स्कॉर्पियो में अवैध पिस्टल चलाने के दौरान हुई एक्सीडेंटल फायरिंग के कारण हुई थी। जब युवक गाड़ी में मौजूद नई अवैध पिस्टल का परीक्षण कर रहे थे, तब अचानक चली एक गोली सीट को चीरते हुए आजाद वर्मा की कमर में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद आरोपी उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय इधर-उधर घुमाते रहे और अंततः लखनऊ ले गए। पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने घटना को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और झूठी कहानियां फैलाई थीं। वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक को लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त काली स्कॉर्पियो, अवैध पिस्टल, कारतूस का खोखा और सीट पर मौजूद खून के निशान व गोली के प्रवेश-निकास के साक्ष्य बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि घटना में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। सुलतानपुर पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि वैज्ञानिक जांच के सामने सोशल मीडिया पर रची गई कोई भी झूठी कहानी टिक नहीं सकती।1
- गुरुवार को हुई हल्की बारिश ने सुल्तानपुर के लंभुआ विकास खंड परिसर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कुछ ही देर की वर्षा के बाद पूरा ब्लॉक परिसर पानी से लबालब भर गया और तालाब में तब्दील हो गया। कार्यालय आने वाले कर्मचारियों, फरियादियों और आम नागरिकों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और सरकारी कार्यालयों तक पहुँचना भी मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने और नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण हर साल बरसात में ऐसी ही समस्या उत्पन्न होती है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हल्की बारिश में यह स्थिति है, तो लगातार या मूसलाधार बारिश होने पर हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत नालियों की सफाई कराने और ब्लॉक परिसर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। हल्की बारिश में ही विकास खंड परिसर के जलमग्न होने से लोगों में गहरी नाराजगी है और वे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।1
- सुलतानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में 29 जून को युवक आजाद वर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आजाद की मौत किसी हमले में नहीं हुई थी, बल्कि स्कॉर्पियो में नई अवैध पिस्टल चलाने के दौरान हुई एक्सीडेंटल फायरिंग के कारण हुई थी। गोली स्कॉर्पियो की सीट को चीरते हुए आजाद की कमर में लगी थी, जिससे उनकी जान चली गई। पुलिस के अनुसार, इस घटना के बाद आजाद के तीनों साथी घायल युवक को लेकर इधर-उधर घूमते रहे और बाद में सुलतानपुर होते हुए लखनऊ पहुंचे। इस दौरान, कथित तौर पर घटना को एक दूसरा रूप देने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो भी वायरल कराए गए, जिससे एक झूठी कहानी गढ़ी जा सके। वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक को लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त काली स्कॉर्पियो बरामद हुई, जिसमें अवैध पिस्टल, खोखा कारतूस, खून के निशान और सीट पर गोली के प्रवेश व निकास के स्पष्ट निशान मिले। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल तीसरे फरार आरोपी की तलाश जारी है। इस मामले में आगे की विवेचना और विधिक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।1
- सिविल अस्पताल बड़वाह में 9 जुलाई 2026 को सीबीएमओ डॉ. राजेंद्र मिमरोट की अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में सेक्टर मेडिकल ऑफिसर, सेक्टर सुपरवाइजर, सीएचओ और एएनएम शामिल हुए। बैठक के दौरान सीबीएमओ ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अरविंद वर्मा, वंदना सोलंकी, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण अधिकारी और प्रमोद जी जोशी ने प्रतिभागियों का प्री-टेस्ट लिया, जिसके बाद एचएमआईएस (HMIS) पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया और फिर पोस्ट-टेस्ट लिया गया। बीपीएम दिनेश यादव ने दस्तक अभियान पर जानकारी दी। बैठक में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, एएनसी जांच, हाई रिस्क एएनसी, टीकाकरण, परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, एनसीडी और सिकल सेल जांच जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर जनसंख्या स्तरीकरण पखवाड़ा 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक मनाए जाने की घोषणा की गई, जिसमें परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों के बारे में जानकारी दी जाएगी। बैठक में डॉ. अनिल घोड़ेला, डॉ. आनंद बघेल, समस्त मेडिकल ऑफिसर, बीईई जगदीश खेडेकर, बीसीएम प्रीती पाटील, मलेरिया निरीक्षक उस्मान पठान, और सेक्टर सुपरवाइजर अंतर सिंह चौहान, अखिलेश चतुर्वेदी, अनिल श्रीमाली व महेश चौहान सहित कई सीएचओ और एएनएम उपस्थित रहे।1
- पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देब और प्रकाश चिक बड़ाईक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इन तीनों नेताओं ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की उपस्थिति में पार्टी का दामन थामा। भाजपा ने इस घटनाक्रम को पश्चिम बंगाल में अपने संगठन के विस्तार और अपनी विचारधारा के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत बताया है। भाजपा नेताओं का मानना है कि इन नए सदस्यों के अनुभव से आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूती मिलेगी। दूसरी ओर, टीएमसी के लिए इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका माना जा रहा है और राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस बदलाव से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।1
- सुल्तानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में दिनांक 29-6-26 को वादी बादल वर्मा द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के आधार पर दी गई तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान यह सामने आया कि मृतक आज़ाद वर्मा अपने तीन साथियों—अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा उर्फ कल्लू (लगभग 21 वर्ष), अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा (लगभग 23 वर्ष), और अमन वर्मा पुत्र दिलीप वर्मा—के साथ अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो में एक नई अवैध पिस्टल लेकर आए थे। पिस्टल चलाने के प्रयास में अभिषेक पुत्र विजय बहादुर द्वारा गलती से हुई फायरिंग में एक गोली गाड़ी की सीट से आर-पार होकर आज़ाद वर्मा की कमर में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अमन वर्मा का बाकी तीनों से विवाद हो गया, जिसके बाद उसे गाड़ी से उतार दिया गया। खून तेज़ी से बहता देख, तीनों अभियुक्त आज़ाद को स्कॉर्पियो से सुल्तानपुर ले गए और वहां पुलिस को सूचना देने के बाद लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ में उन्होंने पूर्व प्रचलित क्रॉस अभियोगों से संबंधित अभियुक्त/वादी और गवाहों का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिससे मामले को गुमराह करने का प्रयास किया गया। विश्वसनीय और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर की गई पड़ताल में पता चला कि घटना के बाद तीनों आरोपी गांव से फरार हो गए थे। दिनांक 8-9, 7-26 की रात को मिली विश्वसनीय सूचना पर थाना पीजीआई, लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर 16 से अभिषेक वर्मा पुत्र विजय बहादुर वर्मा और अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर घटना से संबंधित अभिषेक वर्मा पुत्र रामजनक वर्मा की काली स्कॉर्पियो को बाईपास रेलवे ओवरब्रिज पकरौली से बरामद किया गया। फील्ड यूनिट की तलाशी में वाहन से घटना में प्रयुक्त हथियार, खोखा कारतूस और खून के निशान मिले हैं, साथ ही ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट पर गोली के प्रवेश और निकास के छेद भी मौजूद हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।1
- सुल्तानपुर के नया नगर में महाकालेश्वर मंदिर के निकट स्थित नज़ूल भूमि पर विवाद गहरा गया है। वार्ड संख्या 05 लाल डिग्गी के सभासद ने महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और कुछ अध्यापकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सभासद का दावा है कि इन लोगों ने नगर पालिका के धन से लगाई गई तार फेंसिंग और पोल को उखाड़ दिया है। इसके साथ ही, माता मेनका गांधी के करकमलों से स्थापित महाकालेश्वर उपवन के सामने हुए निर्माण को भी क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया गया है। सभासद के अनुसार, जब विद्यालय प्रशासन से निर्माण तोड़ने के दस्तावेज़ी आधार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब देने के बजाय दबंगई दिखाते हुए इस भूमि को नज़ूल के बजाय विद्यालय की संपत्ति बताया। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाए जाने की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने पार्क और वहाँ की हरियाली के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।1