रसड़ा प्रधानपुर निवासी असम में 1907 मीडियम रेजिमेंट में हवलदार बार्डर पर ड्यूटी के दौरान गश्त आने पर गिर गए थे। हसेना के जवानों ने ही कलकत्ता में भर्ती कराया था। बीस दिन पूर्व ही अनिल कुमार गुप्ता का हार्ट का आपरेशन हुआ था। रसड़ा प्रधानपुर निवासी असम में 1907 मीडियम रेजिमेंट में हवलदार पद पर कार्यरत जवान अनिल कुमार गुप्ता 35 पुत्र स्व जी नारायन गुप्ता का पार्थिव शरीर पैतृक गांव आने पर लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। सेना जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी। जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।आने दो माह पूर्व अनिल कुमार गुप्ता असम अरुणाचल प्रदेश के बार्डर पर ड्यूटी के दौरान गश्त आने पर गिर गए थे। हसेना के जवानों ने ही कलकत्ता में भर्ती कराया था। बीस दिन पूर्व ही अनिल कुमार गुप्ता का हार्ट का आपरेशन हुआ था। अनिल दो भाइयों सात बहनों में सातवें नंबर पर थे। 2012 में नासिक मुंबई में भर्ती हुए थे। सेना में 14 वर्ष से कार्यरत थे। इस समय हवलदार के पद पर कार्यरत थे। इनकी शादी 2016 में गाजीपुर जनपद में मोहम्दाबाद थाना के मनिया मिर्जाबाद सलोनी से हुई थी। इनका सात वर्षीय अरेयांश एकलौता पुत्र था। बड़ा भाई श्री निवास गुप्ता भी सेना से रिटायर हो चुके है। सेना के जवानों की देख रेख में अंतिम संस्कार प्रधानपुर टोंस नदी के किनारे की गईं। #BalliaNews #सपा #आप #भाजपा #यूपी #फॉलो #farward #rasra #बलिया #hilight
रसड़ा प्रधानपुर निवासी असम में 1907 मीडियम रेजिमेंट में हवलदार बार्डर पर ड्यूटी के दौरान गश्त आने पर गिर गए थे। हसेना के जवानों ने ही कलकत्ता में भर्ती कराया था। बीस दिन पूर्व ही अनिल कुमार गुप्ता का हार्ट का आपरेशन हुआ था। रसड़ा प्रधानपुर निवासी असम में 1907 मीडियम रेजिमेंट में हवलदार पद पर कार्यरत जवान अनिल कुमार गुप्ता 35 पुत्र स्व जी नारायन गुप्ता का पार्थिव शरीर पैतृक गांव आने पर लोगों ने नम आंखों से विदाई
दी। सेना जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी। जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।आने दो माह पूर्व अनिल कुमार गुप्ता असम अरुणाचल प्रदेश के बार्डर पर ड्यूटी के दौरान गश्त आने पर गिर गए थे। हसेना के जवानों ने ही कलकत्ता में भर्ती कराया था। बीस दिन पूर्व ही अनिल कुमार गुप्ता का हार्ट का आपरेशन हुआ था। अनिल दो भाइयों सात बहनों में सातवें नंबर पर थे। 2012 में नासिक मुंबई
में भर्ती हुए थे। सेना में 14 वर्ष से कार्यरत थे। इस समय हवलदार के पद पर कार्यरत थे। इनकी शादी 2016 में गाजीपुर जनपद में मोहम्दाबाद थाना के मनिया मिर्जाबाद सलोनी से हुई थी। इनका सात वर्षीय अरेयांश एकलौता पुत्र था। बड़ा भाई श्री निवास गुप्ता भी सेना से रिटायर हो चुके है। सेना के जवानों की देख रेख में अंतिम संस्कार प्रधानपुर टोंस नदी के किनारे की गईं। #BalliaNews #सपा #आप #भाजपा #यूपी #फॉलो #farward #rasra #बलिया #hilight
- फारबिसगंज में हुई घटना समाज को झकझोरने वाली है। ऐसा प्रतीत होता है कि युवक नशे की लत का शिकार था। आए दिन शहर में चोरी या लूट की वारदातों में शामिल अपराधियों का संबंध नशे से जुड़ा पाया जाता है। प्रशासन भी समय-समय पर नशे के अड्डों को ध्वस्त करती रहती है, लेकिन अब जरूरत है कि इन अड्डों पर ठोस और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके और शहर में शांति व सुरक्षा बनी रहे। #फारबिसगंज #नशामुक्त_समाज #biharnews1
- मऊ: मोबाइल की दुकान में हुए चोरी की घटना का एसपी ने किया खुलासा...! मऊ में अली बिल्डिंग के सामने बालाजी टेलीकॉम में हुई मोबाइल की चोरी का हुआ खुलासा। चार लोग गिरफ्तार...!, भेजा गया जेल...!1
- बलिया जिले के सुखपुरा क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रेम प्रसंग के चलते एक युवती ने खतरनाक कदम उठा लिया। मिली जानकारी के अनुसार, युवती का एक युवक से काफी समय से प्रेम संबंध चल रहा था। जब युवती ने शादी की बात की, तो युवक ने विवाह से इंकार कर दिया। इस बात से आहत होकर युवती गांव के पास लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और आत्महत्या की धमकी देने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत पहुंची और काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस के अनुसार, युवती को सुरक्षित बचा लिया गया है और उसके परिवार वालों को सूचित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। 👉 यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि भावनात्मक तनाव में लोग किस हद तक कदम उठा सकते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में परिवार और समाज का सहयोग बेहद जरूरी होता है।1
- MURASO BHAGALPUR ROAD DEORIA UP521
- मऊ, ब्यूरो । पुलिस अधीक्षक जनपद मऊ कमलेश बहादुर के द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2026 को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के अली बिल्डींग स्थित बालाजी टेलीकाम नामक मोबाइल की दुकान में सैकड़ों मोबाइल फोन की चोरी के घटना में शामिल अभियुक्तगण की शीघ्र गिरफ्तारी तथा चोरी गये मोबाइलों की बरामदगी करते हुए घटना का त्वरित एवं सफल अनावरण सुनिश्चित करने हेतु अभियान चलाया जा रहा था । इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक जनपद मऊ अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर जनपद मऊ श्री कृश राजपूत के सहयोग व निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस , स्वाट / एसओजी व सर्विलांस टीम की कुल तीन टीमें गठित कर सतत सुरागरसी पतारसी किया जा रहा था । उक्त के क्रम में गठित टीम से प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह थाना कोतवाली नगर मऊ द्वारा स्वाट / एसओजी एवम् सर्विलांस टीम के सहयोग से लगातार सक्रिय रूप से संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग, संभावित स्थानों पर निगरानी तथा मुखबिर तंत्र के माध्यम से चोरी की घटनाओं में संलिप्त अभियुक्तगण की तलाश की जा रही थी। अभियान में विभिन्न स्थानों के करीब 103 सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन व परीक्षण करने के पश्चात अभियुक्त की पहचान होने पर मुखबिर खास मामूर किया गया था । 08 अप्रैल 2026 को प्राप्त मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर रेलवे स्टेशन के पास कार पार्किंग के पीछे सूनसान स्थान पर खड़े तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ लिया गया , पूछताछ में अभियुक्तगण ने अपना नाम क्रमशः 1. गौरीशंकर राजभर पुत्र स्व0 केदार राजभर निवासी ग्राम कठउत पोस्ट गौसपुर थाना मोहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर उम्र करीब 47 वर्ष, 2. अब्दुल हाय पुत्र अबुजार शेख निवासी बोलटोला पोस्ट पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज (झारखण्ड) उम्र करीब 24 वर्ष , 3. समीम अख्तर उर्फ राकेश पुत्र रईसुद्दीन शेख निवासी रामरामपुर थाना फरक्का जनपद मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) उम्र करीब 28 वर्ष बताया जिनकी जामा तलाशी में बालाजी टेलीकाम से चोरी किये गये कुल तीन अदद रेडमी कम्पनी के मोबाइल फोन व चोरी किये मोबाइलों के बिक्री किये हुए कुल एक लाख दस हजार रूपये नगद व चोरी गये मोबाइल फोन के 8 अदद खाली डिब्बे जो इन्होंने चोरी के बाद रेलवे स्टेशन के बाहर चाय की दुकान के पीछे झाड़ियों में फेंक दिये थे उनकी निशानदेही पर बरामद हुए । गिरफ्तार अभियुक्तगण के विरूद्ध थाना कोतवाली नगर पर मु0अ0सं0 98/2026 धारा 331(4)/305(a)/317(2)/111(2) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं। अपराध का तरीका गिरफ्तार अभियुक्तगण से एक साथ व अलग अलग पूछताछ की गयी तो पाया गया कि – अभियुक्त (1) आलम शेख पुत्र मन्टू शेख निवासी अजरुद्दीन टोला पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज झारखण्ड, (2) लिली बीबी पत्नी आलम शेख निवासी अजरुद्दीन टोला पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज झारखण्ड, (3) अब्दुल हाय पुत्र अबुजार शेख निवासी बोलटोला पोस्ट पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज झारखण्ड, (4) मासूमा खातून पत्नी ब्दुल हाय निवासी बोलटोला पोस्ट पीयरपुर थाना राधानगर, साहिबगंज (झारखण्ड) , (5) शमीम अख्तर उर्फ राकेश पुत्र रईसुद्दीन शेख निवासी रामरामपुर थाना फरक्का, मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) , तथा (6) गौरीशंकर राजभर पुत्र स्व0 केदार राजभर निवासी ग्राम कठउत पोस्ट गौसपुर थाना मोहम्मदाबाद, गाजीपुर ये सभी एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हैं, जिसका सरगना आलम शेख पुत्र मन्टू शेख निवासी अजरुद्दीन टोला पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज (झारखण्ड) है। ये लोग सुनियोजित तरीके से पहले लक्ष्य स्थल की रेकी करते हैं, फिर किराये के कमरों/सार्वजनिक स्थानों पर रुककर योजना बनाते हैं तथा अवसर पाकर चोरी/सेंधमारी की घटना को अंजाम देते हैं। अभियुक्त गौरीशंकर राजभर की बहन बीमार थी, जिसका इलाज वह मऊ स्थित मंगलम हॉस्पिटल में करा रहा था, जिसमें काफी धन खर्च हुआ था। पूर्व में वह एक अन्य मुकदमे में गाजीपुर जेल में बन्द था, जहां उसकी मुलाकात पहले से बन्द आलम शेख से हुई और वहीं दोनों में मित्रता हो गयी। जेल से छूटने के बाद गौरीशंकर, आलम शेख के सम्पर्क में आकर उसके गिरोह में शामिल हो गया तथा अन्य पुराने साथियों से भी जुड़कर लगातार छिप-छिपकर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने लगा। आलम शेख द्वारा बड़े काम के बदले अधिक हिस्सेदारी का लालच दिया गया, जिस पर गौरीशंकर द्वारा मऊ में रेकी कर अली बिल्डिंग के सामने स्थित बालाजी टेलीकाम दुकान को चिन्हित किया गया, क्योंकि उसके पीछे खाली व सुनसान स्थान था। 30 मार्च 2026 को पूर्व योजना के अनुसार गिरोह के सभी सदस्य (पुरुष व महिलाएं) ट्रेन / बस से मऊ आये और दिन में उक्त दुकान की पुनः रेकी की। उसी रात सभी लोग स्टेशन के बाहर ही अलग-अलग स्थानों पर रुककर पूरी योजना को अंतिम रूप दिया। दिनांक 31मार्च 2026 की रात्रि में अभियुक्त आलम शेख, शमीम अख्तर व अब्दुल हाय द्वारा अपने साथ लाये कटर, ग्राइंडर व रम्मा से दुकान की पिछली दीवार में सेंधमारी की गयी, जबकि गौरीशंकर राजभर व महिलाएं लिली बीबी व मासूमा खातून बाहर निगरानी करते रहे। कार्य पूर्ण न होने पर दीवार को बैनर/साइनबोर्ड से ढक दिया गया तथा सभी लोग यात्रियों के रूप में स्टेशन के पास अलग-अलग बैठ गये। दिनांक 01 अप्रैल 2026 की सुबह अभियुक्तगण में से पुरुष सदस्यगण रोडवेज के पास स्थित विजय प्लाजा होटल में ठहरे, जबकि महिलाओं को पुनः रेकी व निगरानी के लिए लगा दिया गया। उसी रात पुनः योजना के अनुसार आलम शेख, शमीम अख्तर व अब्दुल हाय द्वारा दीवार को पूरी तरह काटकर दुकान में प्रवेश किया गया, सीसीटीवी केबिल काट दी गयी तथा दुकान में रखे नये मोबाइल फोन चोरी कर तीन बैगों में भर लिये गये। इस दौरान गौरीशंकर राजभर व महिलाएं लिली बीबी व मासूमा खातून बाहर निगरानी करने के बाद पूर्व निर्धारित स्थान पर स्टेशन के पास एकत्र हुए। घटना के पश्चात सभी अभियुक्तगण स्टेशन के पास मिले, जहां कुछ मोबाइल जो जल्दीबाजी में डिब्बे के साथ आ गये थे के डिब्बे हटाकर झाड़ियों में फेंक दिये गये व मोबाइलों को बैग में डाल दिया गया था। इसके बाद सभी लोग बस द्वारा मऊ से जमनिया होते हुए दिलदारनगर रेलवे स्टेशन पहुंचे जहां पर ब्रह्मपुत्र मेल से बरहरवा जाना था पर पुलिस चेकिंग के दौरान घबराहट में गौरीशंकर राजभर और अब्दुल हाय अपने अपने बैग छोड़कर भाग गये, जिसमें से एक बैग आलम शेख उठाकर ट्रेन में चढ़ गया और दूसरा अभियुक्त शमीम अख्तर उर्फ राकेश अपने बैग जिसमें मोबाइल था के साथ ट्रेन में चढ़ गया था महिलायें खाली हाथ गईं । चोरी के मोबाइलों से भरा एक बैग प्लेटफार्म पर ही छूट गया। पूछताछ में अभियुक्तगण द्वारा यह भी बताया गया कि चोरी किये गये मोबाइलों का एक हिस्सा पश्चिम बंगाल में औने-पौने दाम पर बेच दिया गया, जिससे प्राप्त धनराशि लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये हुई, जिसे आपस में बांट लिया गया तथा कुछ खर्च कर दिया गया। शेष दो बैग मोबाइल को सरगना आलम शेख द्वारा मालदा पश्चिम बंगाल निवासी एक दलाल शमीम के माध्यम से बांग्लादेश भेजकर बिकवाये जाते हैं। प्राप्त धनराशि सीधे आलम शेख द्वारा अपने खातों में न लेकर विभिन्न माध्यमों से अपने गिरोह के सदस्यों के खाते विशेषकर गौरीशंकर राजभर के खाते में पहुंचायी जाती है।2
- Post by Arjun Gupta ji1
- यात्रियों की सुविधा के लिए तीन प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग बेल्थरा रोड, बलिया। आदर्श नगर पंचायत बेल्थरा रोड के वार्ड नंबर 5 के सभासद मो. सद्दाम ने उत्तर पूर्वी रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने बताया कि यह स्टेशन भटनी-वाराणसी रेलखंड के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण ‘ए’ ग्रेड स्टेशन है, जहां प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं और रेलवे को लाखों रुपये की आय भी होती है। इसके बावजूद कई प्रमुख ट्रेनों का ठहराव यहां नहीं होने से यात्रियों को मऊ, देवरिया जैसे अन्य स्टेशनों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। सभासद ने विशेष रूप से गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस (19489/19490), लोकमान्य तिलक गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12165/12166) और गोरखपुर-बांद्रा हमसफर एक्सप्रेस (19091/19092) का बेल्थरा रोड स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि स्थानीय यात्रियों को राहत मिल सके।4
- फारबिसगंज में हत्या के बाद भड़का ग्रामीणों का गुस्सा, बदले में एक और हत्या से हड़कंप ! इस वायरल विडियो की पुष्टि तत्काल न्यूज़ बिहार 24 नहीं करता है1
- मऊ : मोबाइल दुकान से मोबाइल की चोरी का कोतवाल अनिल सिंह ने किया खुलासा। मऊ में अली बिल्डिंग के सामने बालाजी टेलीकॉम में हुई मोबाइल की चोरी का हुआ खुलासा। चार लोग गिरफ्तार...!, भेजा गया जेल...!1