Shuru
Apke Nagar Ki App…
देश का दुभगिय क्या बोला मैंने कहा ठीक है लेकिन शायद यही कारण है
Sheylesh mehta Boss
देश का दुभगिय क्या बोला मैंने कहा ठीक है लेकिन शायद यही कारण है
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Sheylesh mehta Boss1
- *गैस सिलेंडर बुकिंग और वितरण को लेकर मनोरमा गैस एजेंसी संचालक की अपील,1
- भारत % नयुजीलेड1
- बड़वानी।राजपुर/अंजड़। खरगोन से बड़वानी की ओर सवारियां लेकर आ रही मा शक्ति बस (क्रमांक MP 37 P 1711) बुधवार को हादसे का शिकार हो गई। अंजड़ थाना क्षेत्र के राजू गांधी नगर के पास बस का हैंडल लॉक टूटने से वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे बने गड्ढे से होते हुए खेत में जा उतरा। हादसे के दौरान बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बस पलटने से बच गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। दुर्घटना में प्यारसिंह निवासी चितावल, दिनेश निवासी सुन्दरेल, बबिता मोरे निवासी जोबट, बस चालक रवि निवासी खरगोन तथा विकास निवासी खरगोन सहित कुछ यात्रियों को चोटें आई हैं। इनमें दो यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि दिनेश बाबूलाल की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के समय ड्यूटी पर जा रहे पुलिसकर्मी गजेंद्र ठाकुर ने मानवीयता दिखाते हुए तुरंत घायलों की मदद की। उन्होंने घायलों को तत्काल अंजड़ अस्पताल भिजवाया, वहीं पांच घायलों को अपने साथ राजपुर अस्पताल पहुंचाकर उनका प्राथमिक उपचार करवाया गया। डॉक्टरों ने घायल दिनेश बाबूलाल की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- kachara gadi nhi aati hai1
- बड़वानी, 10 मार्च 2026 बड़वानी जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक हृदयविदारक तस्वीर आज चकेरी-ठीकरी हाइवे पर देखने को मिली। जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किए गए एक गंभीर किडनी मरीज को ले जा रही 108 एम्बुलेंस बीच सड़क पर खराब हो गई। इसके बाद करीब दो घंटे तक मरीज भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच अपनी जिंदगी के लिए जद्दोजहद करता रहा। तेज धूप में बेबस रहा मरीज और परिवार धार जिले के कलवानी निवासी छगनलाल नरगेश को किडनी की समस्या के चलते डायलिसिस हेतु इंदौर रेफर किया गया था। दोपहर करीब 12:30 बजे एम्बुलेंस (CG 04 MR 7743) उन्हें लेकर रवाना हुई, लेकिन चकेरी-ठीकरी मार्ग पर इंजन गर्म होने के कारण गाड़ी बंद हो गई। तपती दुपहरी में एम्बुलेंस के अंदर और बाहर मरीज की हालत बिगड़ती रही, जबकि साथ मौजूद पत्नी कला बाई असहाय होकर मदद की गुहार लगाती रही। ग्रामीणों की इंसानियत, विभाग की लापरवाही जब काफी देर तक एम्बुलेंस चालू नहीं हुई और कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिली, तो वहां मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला। लोगों ने मिलकर खटारा एम्बुलेंस को धक्का मारकर सड़क किनारे छांव में खड़ा करवाया ताकि मरीज को थोड़ी राहत मिल सके। स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लापरवाही के चलते मरीज घंटों तक घबराहट और पीड़ा से जूझता रहा। 3:40 बजे पहुंची दूसरी एम्बुलेंस सूचना मिलने के काफी समय बाद, दोपहर लगभग 3 बजकर 40 मिनट पर दूसरी एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। इसके बाद ही मरीज छगनलाल को इंदौर के लिए रवाना किया जा सका। इस घटना ने एक बार फिर 108 एम्बुलेंस सेवाओं के रखरखाव और आपातकालीन स्थिति में विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।3
- बड़वानी, 10 मार्च 2026 (निमाड़ दस्तक न्यूज़ ब्यूरो) बड़वानी जिले में आज मानवता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई, जहाँ स्वास्थ्य विभाग की खस्ताहाल एम्बुलेंस के कारण एक गंभीर मरीज की जान जोखिम में पड़ गई। जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किए गए एक किडनी मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई, जिसके चलते मरीज घंटों तपती धूप में सड़क पर खड़ा तड़पता रहा। तेज धूप और बीच सड़क पर बेबसी जानकारी के अनुसार, धार जिले के कलवानी निवासी छगनलाल नरगेश को किडनी की गंभीर समस्या के कारण बड़वानी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार दोपहर डॉक्टरों ने उन्हें डायलिसिस के लिए इंदौर रेफर किया। मरीज को लेकर रवाना हुई 108 एम्बुलेंस (क्रमांक CG 04 MR 7743) चकेरी-ठीकरी हाइवे पर अचानक गर्म होकर बंद हो गई। दो घंटे तक तड़पता रहा मरीज, अटेंडर का बुरा हाल मरीज की पत्नी कला बाई नरगेश ने रुंधे गले से बताया कि उन्हें दोपहर करीब 12:30 बजे अस्पताल से रवाना किया गया था। चकेरी के पास एम्बुलेंस खराब होने के बाद लगभग दो घंटे तक वे बीच सड़क पर तेज धूप में खड़े रहे। गर्मी और बीमारी की वजह से छगनलाल की हालत बिगड़ने लगी और वे एम्बुलेंस के भीतर ही घबराहट से तड़पते देखे गए। अपनी बेबसी पर मरीज की पत्नी भी बिलखती नजर आई। ग्रामीणों ने दिया धक्का, घंटों बाद आई दूसरी गाड़ी एम्बुलेंस खराब होने के बाद वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए खराब वाहन को धक्का देकर सड़क किनारे छांव में खड़ा करवाया। 108 के कर्मचारियों ने दूसरी एम्बुलेंस की मांग की, लेकिन उसे पहुंचने में काफी समय लगा। आखिरकार, दोपहर लगभग 3:40 बजे दूसरी एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, जिसके बाद मरीज को इंदौर के लिए रवाना किया गया। उठ रहे हैं गंभीर सवाल स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही ने जिला प्रशासन और एम्बुलेंस सेवाओं के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या रेफरल सेवाओं के लिए उपयोग होने वाले वाहनों की फिटनेस जांच नहीं की जाती? गर्मी के इस मौसम में इमरजेंसी केस के लिए बैकअप व्यवस्था इतनी सुस्त क्यों है?1
- *भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, लू से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी* *राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा जागरूकता अभियान* जिला ब्यूरो मुस्तकीम मुगल आलीराजपुर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2026 के गर्मी के मौसम में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव और समय पर उपचार के बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अत्यधिक तापमान के कारण लू (हीट स्ट्रोक), डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, बुखार, थकान और त्वचा संबंधी समस्याएं होने की आशंका बढ़ जाती है। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं तथा लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोग इसके अधिक शिकार हो सकते हैं। गर्मी से बचाव के उपाय स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में जाने से परहेज करें। अधिक मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और ओआरएस का सेवन करें। हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़े पहनें तथा बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत करें यह कार्य यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक पसीना आना, तेज बुखार, चक्कर आना, बेहोशी या उल्टी जैसी समस्या हो तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। उसे पानी या ओआरएस दें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत उपचार कराएं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अतुलकर ने आम नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में सावधानी बरतें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक दवाइयों और उपचार की व्यवस्था की गई है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।1