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bipin kumarjcjdjdkjdmkemxmmmmmcjjdjjfjfjjxdkkfkkjjjfdff

4 hrs ago
user_Bipin kumar
Bipin kumar
सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
4 hrs ago

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More news from बिहार and nearby areas
  • मधेपुरा विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान से पहले बिखेरा गया कागज का टुकड़ा, फिर की गई सफाई मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छता पखवाड़ा के तहत चलाया गया सफाई अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। अभियान की तस्वीरें वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर केवल औपचारिकता निभाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वायरल तस्वीरों में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के सामने पहले से साफ-सुथरी सड़क पर झाड़ू लगाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फोटो से पहले साफ जगह पर कागज के टुकड़े बिखेरे गए और फिर झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों को यदि स्वच्छता अभियान चलाना ही था तो विश्वविद्यालय परिसर के उन स्थानों की सफाई की जाती, जहां लंबे समय से गंदगी और कबाड़ जमा है। इनमें पुराने कैंटीन का परिसर, ऑडिटोरियम के आसपास का क्षेत्र, जिमखाना, गांधी पार्क, कीर्ति पार्क और चुल्हाय पार्क जैसे स्थान शामिल हैं। पूरे परिसर में सफाई कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया। हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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    मधेपुरा विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान से पहले बिखेरा गया कागज का टुकड़ा, फिर की गई सफाई

मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छता पखवाड़ा के तहत चलाया गया सफाई अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। अभियान की तस्वीरें वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर केवल औपचारिकता निभाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
वायरल तस्वीरों में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के सामने पहले से साफ-सुथरी सड़क पर झाड़ू लगाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फोटो से पहले साफ जगह पर कागज के टुकड़े बिखेरे गए और फिर झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों को यदि स्वच्छता अभियान चलाना ही था तो विश्वविद्यालय परिसर के उन स्थानों की सफाई की जाती, जहां लंबे समय से गंदगी और कबाड़ जमा है। इनमें पुराने कैंटीन का परिसर, ऑडिटोरियम के आसपास का क्षेत्र, जिमखाना, गांधी पार्क, कीर्ति पार्क और चुल्हाय पार्क जैसे स्थान शामिल हैं। पूरे परिसर में सफाई कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया। हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    23 hrs ago
  • जनता दरबार में एक मामले का हुआ निपटारा कुमारखंड। अंचल कार्यालय में शनिवार को सीओ विशाल अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े चार मामलों की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान एक मामले का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। जबकि तीन मामलों को जांच के लिए संबंधित राजस्व कर्मचारियों को सौंपा गया। सीओ ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य भूमि विवादों का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान कर आम लोगों को राहत पहुंचाना है। इसके माध्यम से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाजी और कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचा जा सके। फोटो - कुमारखंड में आयोजित जनता दरबार में मामले की सुनवाई करते सीओ
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    जनता दरबार में एक मामले का हुआ निपटारा
कुमारखंड। अंचल कार्यालय में शनिवार को सीओ विशाल अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े चार मामलों की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान एक मामले का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। जबकि तीन मामलों को जांच के लिए संबंधित राजस्व कर्मचारियों को सौंपा गया। सीओ ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य भूमि विवादों का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान कर आम लोगों को राहत पहुंचाना है। इसके माध्यम से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाजी और कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचा जा सके। 
फोटो - कुमारखंड में आयोजित जनता दरबार में मामले की सुनवाई करते सीओ
    user_Ashish Thakur
    Ashish Thakur
    कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार•
    4 hrs ago
  • इतमादी पंचायत के बारुण गांव में निर्माण कार्य पर मजदूरों ने लगाए अनियमितता के आरोप खगड़िया/बेलदौर। खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड अंतर्गत इतमादी पंचायत के बारुण गांव में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर मजदूरों ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है तथा कार्य में गुणवत्ता का अभाव है। मजदूरों का आरोप है कि निर्माण सामग्री का सही ढंग से उपयोग नहीं किया जा रहा है और कार्य जल्दबाजी में कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार निर्माण कार्य चलता रहा तो इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठेंगे और भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने तथा गुणवत्ता की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में ठेकेदार का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। यदि उनका पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    इतमादी पंचायत के बारुण गांव में निर्माण कार्य पर मजदूरों ने लगाए अनियमितता के आरोप
खगड़िया/बेलदौर। खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड अंतर्गत इतमादी पंचायत के बारुण गांव में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर मजदूरों ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है तथा कार्य में गुणवत्ता का अभाव है।
मजदूरों का आरोप है कि निर्माण सामग्री का सही ढंग से उपयोग नहीं किया जा रहा है और कार्य जल्दबाजी में कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार निर्माण कार्य चलता रहा तो इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठेंगे और भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने तथा गुणवत्ता की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में ठेकेदार का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। यदि उनका पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_गौतम कुमार चौरसिया
    गौतम कुमार चौरसिया
    चौथाम, खगड़िया, बिहार•
    11 hrs ago
  • अवैध रूप से संचालित अस्पताल के सील की प्रक्रिया होने के 48 घंटे बाद अनुमंडल पदाधिकारी के हस्तक्षेप पर हुई प्राथमिकी दर्ज सुपौल शहर के वार्ड संख्या-26 स्थित अवैध रूप से संचालित रिया पॉली क्लिनिक पर सीलिंग की कार्रवाई के 48 घंटे बाद आखिरकार सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। यह कार्रवाई अनुमंडल पदाधिकारी मनोहर कुमार साहू के हस्तक्षेप के बाद संभव हो सकी। हालांकि, पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। 30 जुलाई को अनुमंडल पदाधिकारी मनोहर कुमार साहू, सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी निशांत कुमार, अंचलाधिकारी मनीष कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने वार्ड संख्या-26 स्थित रिया पॉली क्लिनिक में छापेमारी की थी। जांच के दौरान अस्पताल के दस्तावेजों की गहन पड़ताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, बिना वैध चिकित्सक और आवश्यक अनुमति के नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा था। निरीक्षण के बाद पूरे नर्सिंग होम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इसके बावजूद सीलिंग की कार्रवाई के बाद लगातार 48 घंटे तक सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया। बाद में जब इस मामले की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी को मिली तो उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए संबंधित आवेदन सदर थाना को उपलब्ध कराया, जिसके बाद रिया पॉली क्लिनिक के विरुद्ध अवैध रूप से नर्सिंग होम संचालित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आ चुकी थीं और अस्पताल को सील भी कर दिया गया था, तो एफआईआर दर्ज कराने में 48 घंटे की देरी क्यों हुई? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था? शहर में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर कानूनी कार्रवाई होती तो अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के खिलाफ एक सख्त संदेश जाता। वहीं, बाजार में यह भी चर्चा है कि शहर में कई अवैध नर्सिंग होम लंबे समय से संचालित हो रहे हैं, जिन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे मामले में और किन-किन लोगों की भूमिका रही तथा उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी।
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    अवैध रूप से संचालित अस्पताल के सील की प्रक्रिया होने के 48 घंटे बाद अनुमंडल पदाधिकारी के हस्तक्षेप पर हुई प्राथमिकी दर्ज 
सुपौल शहर के वार्ड संख्या-26 स्थित अवैध रूप से संचालित रिया पॉली क्लिनिक पर सीलिंग की कार्रवाई के 48 घंटे बाद आखिरकार सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। यह कार्रवाई अनुमंडल पदाधिकारी मनोहर कुमार साहू के हस्तक्षेप के बाद संभव हो सकी। हालांकि, पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
30 जुलाई को अनुमंडल पदाधिकारी मनोहर कुमार साहू, सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी निशांत कुमार, अंचलाधिकारी मनीष कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने वार्ड संख्या-26 स्थित रिया पॉली क्लिनिक में छापेमारी की थी। जांच के दौरान अस्पताल के दस्तावेजों की गहन पड़ताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, बिना वैध चिकित्सक और आवश्यक अनुमति के नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा था। निरीक्षण के बाद पूरे नर्सिंग होम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
इसके बावजूद सीलिंग की कार्रवाई के बाद लगातार 48 घंटे तक सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया। बाद में जब इस मामले की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी को मिली तो उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए संबंधित आवेदन सदर थाना को उपलब्ध कराया, जिसके बाद रिया पॉली क्लिनिक के विरुद्ध अवैध रूप से नर्सिंग होम संचालित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आ चुकी थीं और अस्पताल को सील भी कर दिया गया था, तो एफआईआर दर्ज कराने में 48 घंटे की देरी क्यों हुई? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था? शहर में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर कानूनी कार्रवाई होती तो अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के खिलाफ एक सख्त संदेश जाता। वहीं, बाजार में यह भी चर्चा है कि शहर में कई अवैध नर्सिंग होम लंबे समय से संचालित हो रहे हैं, जिन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे मामले में और किन-किन लोगों की भूमिका रही तथा उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी।
    user_Kunal kumar
    Kunal kumar
    Sb news भारत संपादक सुपौल, सुपौल, बिहार•
    20 hrs ago
  • लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए निर्मली जाने वाली ग्रामीण सड़क की जर्जर स्थिति से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। हल्की बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को निर्मली बाजार एवं अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ती है। प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर, मरीज तथा अन्य लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग मुश्किल बन गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाएगी। इस संबंध में पूछे जाने पर पिपरा प्रखंड के बीपीआरओ मणिकांत कुमार ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन से ग्रामीणों को अब सड़क की मरम्मत होने की उम्मीद जगी है।
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    लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान
पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए
लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान
पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए निर्मली जाने वाली ग्रामीण सड़क की जर्जर स्थिति से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। हल्की बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को निर्मली बाजार एवं अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ती है। प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर, मरीज तथा अन्य लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग मुश्किल बन गया है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाएगी।
इस संबंध में पूछे जाने पर पिपरा प्रखंड के बीपीआरओ मणिकांत कुमार ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन से ग्रामीणों को अब सड़क की मरम्मत होने की उम्मीद जगी है।
    user_Laxman kumar
    Laxman kumar
    Auto Air-conditioning Service पिपरा, सुपौल, बिहार•
    23 hrs ago
  • 2026 S N A
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    2026 
S N A
    user_Shamshad Ansari
    Shamshad Ansari
    Farmer मधेपुर, मधुबनी, बिहार•
    7 hrs ago
  • सच्चा प्रेमी सच्चा मित्र इत्र जीवन का सुख दुख में भरे सुगंध। जीवन का संताप मिटावे सच्चा प्रेमी आनन्द कंद।।
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    सच्चा प्रेमी 
सच्चा मित्र इत्र जीवन का 
                           सुख दुख में भरे सुगंध।
जीवन का संताप मिटावे 
                        सच्चा प्रेमी आनन्द कंद।।
    user_Ram Prakash Sharma
    Ram Prakash Sharma
    Speech Therapist बिथान, समस्तीपुर, बिहार•
    7 hrs ago
  • भाई ने भाई व भतीजे को मारपीट कर किया घायल,गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज जारी। गोगरी प्रखंड अंतर्गत महेशखूंट थाना क्षेत्र के छोटी झिटकिया गांव में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आपसी कहासुनी के बाद एक भाई ने अपने परिजनों के साथ मिलकर सहोदर भाई और उसके भतीजे की कथित रूप से जमकर पिटाई कर दी। घटना में दोनों घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई है। घायल छोटी झिटकिया निवासी मो. शमशेर खां ने रविवार की सुबह नौ बजे बताया कि गांव के एक व्यक्ति के पास उसका कुछ रुपये बकाया था। वह उसी व्यक्ति से अपने पैसे की मांग कर रहा था। इसी दौरान उसका सहोदर भाई अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि सभी ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे उसके भतीजे को भी नहीं बख्शा गया और उसकी भी पिटाई कर दी गई। घटना में दोनों को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। पीड़ित परिवार ने घटना की सूचना महेशखूंट थाना पुलिस को देते हुए आरोपितों के विरुद्ध लिखित आवेदन देने की बात कही है। इधर, पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
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    भाई ने भाई व भतीजे को मारपीट कर किया घायल,गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज जारी।
गोगरी प्रखंड अंतर्गत महेशखूंट थाना क्षेत्र के छोटी झिटकिया गांव में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आपसी कहासुनी के बाद एक भाई ने अपने परिजनों के साथ मिलकर सहोदर भाई और उसके भतीजे की कथित रूप से जमकर पिटाई कर दी। घटना में दोनों घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई है।
घायल छोटी झिटकिया निवासी मो. शमशेर खां ने रविवार की सुबह नौ बजे बताया कि गांव के एक व्यक्ति के पास उसका कुछ रुपये बकाया था। वह उसी व्यक्ति से अपने पैसे की मांग कर रहा था। इसी दौरान उसका सहोदर भाई अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि सभी ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे उसके भतीजे को भी नहीं बख्शा गया और उसकी भी पिटाई कर दी गई। घटना में दोनों को गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। पीड़ित परिवार ने घटना की सूचना महेशखूंट थाना पुलिस को देते हुए आरोपितों के विरुद्ध लिखित आवेदन देने की बात कही है।
इधर, पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    3 hrs ago
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