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मधेपुरा विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान से पहले बिखेरा गया कागज का टुकड़ा, फिर की गई सफाई मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छता पखवाड़ा के तहत चलाया गया सफाई अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। अभियान की तस्वीरें वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर केवल औपचारिकता निभाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वायरल तस्वीरों में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के सामने पहले से साफ-सुथरी सड़क पर झाड़ू लगाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फोटो से पहले साफ जगह पर कागज के टुकड़े बिखेरे गए और फिर झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों को यदि स्वच्छता अभियान चलाना ही था तो विश्वविद्यालय परिसर के उन स्थानों की सफाई की जाती, जहां लंबे समय से गंदगी और कबाड़ जमा है। इनमें पुराने कैंटीन का परिसर, ऑडिटोरियम के आसपास का क्षेत्र, जिमखाना, गांधी पार्क, कीर्ति पार्क और चुल्हाय पार्क जैसे स्थान शामिल हैं। पूरे परिसर में सफाई कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया। हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

1 hr ago
user_RAMAN KUMAR
RAMAN KUMAR
REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
1 hr ago

मधेपुरा विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान से पहले बिखेरा गया कागज का टुकड़ा, फिर की गई सफाई मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छता पखवाड़ा के तहत चलाया गया सफाई अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। अभियान की तस्वीरें वायरल होने

के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर केवल औपचारिकता निभाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वायरल तस्वीरों में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के सामने पहले से साफ-सुथरी सड़क पर झाड़ू लगाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फोटो से

पहले साफ जगह पर कागज के टुकड़े बिखेरे गए और फिर झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों को यदि स्वच्छता अभियान चलाना ही था तो विश्वविद्यालय परिसर के उन स्थानों की सफाई की जाती, जहां लंबे समय से गंदगी और कबाड़ जमा है। इनमें पुराने कैंटीन का परिसर, ऑडिटोरियम

के आसपास का क्षेत्र, जिमखाना, गांधी पार्क, कीर्ति पार्क और चुल्हाय पार्क जैसे स्थान शामिल हैं। पूरे परिसर में सफाई कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया। हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

More news from बिहार and nearby areas
  • मधेपुरा विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान से पहले बिखेरा गया कागज का टुकड़ा, फिर की गई सफाई मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छता पखवाड़ा के तहत चलाया गया सफाई अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। अभियान की तस्वीरें वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर केवल औपचारिकता निभाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वायरल तस्वीरों में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के सामने पहले से साफ-सुथरी सड़क पर झाड़ू लगाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फोटो से पहले साफ जगह पर कागज के टुकड़े बिखेरे गए और फिर झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों को यदि स्वच्छता अभियान चलाना ही था तो विश्वविद्यालय परिसर के उन स्थानों की सफाई की जाती, जहां लंबे समय से गंदगी और कबाड़ जमा है। इनमें पुराने कैंटीन का परिसर, ऑडिटोरियम के आसपास का क्षेत्र, जिमखाना, गांधी पार्क, कीर्ति पार्क और चुल्हाय पार्क जैसे स्थान शामिल हैं। पूरे परिसर में सफाई कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया। हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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    मधेपुरा विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान से पहले बिखेरा गया कागज का टुकड़ा, फिर की गई सफाई

मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छता पखवाड़ा के तहत चलाया गया सफाई अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। अभियान की तस्वीरें वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर केवल औपचारिकता निभाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
वायरल तस्वीरों में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत विश्वविद्यालय के कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के सामने पहले से साफ-सुथरी सड़क पर झाड़ू लगाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि फोटो से पहले साफ जगह पर कागज के टुकड़े बिखेरे गए और फिर झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की गई। अधिकारियों को यदि स्वच्छता अभियान चलाना ही था तो विश्वविद्यालय परिसर के उन स्थानों की सफाई की जाती, जहां लंबे समय से गंदगी और कबाड़ जमा है। इनमें पुराने कैंटीन का परिसर, ऑडिटोरियम के आसपास का क्षेत्र, जिमखाना, गांधी पार्क, कीर्ति पार्क और चुल्हाय पार्क जैसे स्थान शामिल हैं। पूरे परिसर में सफाई कराने के बजाय केवल फोटो खिंचवाने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया। हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    1 hr ago
  • कचरा प्रबंधन हुआ ध्वस्त लोहिया स्वच्छ मिशन अभियान का उर रहा है मज़ाक सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों में लोहिया स्वच्छ अभियान धरातल पर सही तरह से नहीं चल रहा है। इसका ताजा उदाहरण है प्रखंड क्षेत्र के सहूरिया पश्चिमी पंचायत से जहां कचरा प्रबंधन भवन का ऊपर का चदरा विगत कई महीनों से आंधी तूफान आने के कारण उजड़ा हुआ है जिसका मरम्मत कार्य अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में पंचायत में अगर साफ सफाई का काम होता तो शायद इस प्रकार से भवन उजड़ा हुआ नहीं रहता। इसको लेकर कई लोगों ने बताया की पंचायत के एक भी वार्ड ऐसा नहीं है जहां साफ सफाई का काम हो रहा हो। इसके अलावा स्थानीय वार्ड सदस्य ने ये भी बताया की पंचायत के कई समस्या को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी को अवगत भी करवाया गया है मगर क्या कारण है की अब तक किसी प्रकार का पहल नहीं किया गया है जो भारी चिन्ता का विषय बना हुआ है।
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    कचरा प्रबंधन हुआ ध्वस्त लोहिया स्वच्छ मिशन अभियान का उर रहा है मज़ाक 
सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों में लोहिया स्वच्छ अभियान धरातल पर सही तरह से नहीं चल रहा है। इसका ताजा उदाहरण है प्रखंड क्षेत्र के सहूरिया पश्चिमी पंचायत से जहां कचरा प्रबंधन भवन  का ऊपर का चदरा विगत कई महीनों से आंधी तूफान आने के कारण उजड़ा हुआ है जिसका मरम्मत कार्य अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में पंचायत में अगर साफ सफाई का काम होता तो शायद इस प्रकार से भवन उजड़ा हुआ नहीं रहता। इसको लेकर कई लोगों ने बताया की पंचायत के एक भी वार्ड ऐसा नहीं है जहां साफ सफाई का काम हो रहा हो। इसके अलावा स्थानीय वार्ड सदस्य ने ये भी बताया की पंचायत के कई समस्या  को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी को अवगत भी करवाया गया है मगर क्या कारण है की अब तक किसी प्रकार का पहल नहीं किया गया है जो भारी चिन्ता का विषय बना हुआ है।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    12 hrs ago
  • लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए निर्मली जाने वाली ग्रामीण सड़क की जर्जर स्थिति से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। हल्की बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को निर्मली बाजार एवं अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ती है। प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर, मरीज तथा अन्य लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग मुश्किल बन गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाएगी। इस संबंध में पूछे जाने पर पिपरा प्रखंड के बीपीआरओ मणिकांत कुमार ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन से ग्रामीणों को अब सड़क की मरम्मत होने की उम्मीद जगी है।
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    लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान
पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए
लालपट्टी–मैहचंदा–निर्मली ग्रामीण सड़क जर्जर, गड्ढों से राहगीर परेशान
पिपरा (सुपौल): पिपरा प्रखंड अंतर्गत लालपट्टी पंचायत से मैहचंदा होते हुए निर्मली जाने वाली ग्रामीण सड़क की जर्जर स्थिति से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। हल्की बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को निर्मली बाजार एवं अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ती है। प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, किसान, मजदूर, मरीज तथा अन्य लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग मुश्किल बन गया है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाएगी।
इस संबंध में पूछे जाने पर पिपरा प्रखंड के बीपीआरओ मणिकांत कुमार ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन से ग्रामीणों को अब सड़क की मरम्मत होने की उम्मीद जगी है।
    user_Laxman kumar
    Laxman kumar
    Auto Air-conditioning Service पिपरा, सुपौल, बिहार•
    1 hr ago
  • सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत महुआ उत्तरवारी से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग और भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस धार्मिक आयोजन में उस समय श्रद्धालुओं की आस्था और बढ़ गई, जब प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की चर्चा फैल गई। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर 251 कुंवारी कन्याओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा मंदिर परिसर से सुरसर नदी पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल पर कलश स्थापित किए। पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान के बाद 48 घंटे के अखंड रामधुनी का शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की बात सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर विशेष चर्चा रही। कई श्रद्धालुओं ने इसे नाग देवता का आशीर्वाद मानते हुए अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ा। हालांकि, इस घटना को श्रद्धालु अपनी-अपनी आस्था के अनुसार देख रहे हैं। मंदिर के पुजारी पूज्य बाबा विनोद जी के मार्गदर्शन में युवा कला परिषद एवं आयोजन समिति ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष सोनू सरकार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और युवा कार्यकर्ता इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से गूंजता रहा। आस्था, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।
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    सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत महुआ उत्तरवारी  से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है।
सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड अंतर्गत से आस्था और श्रद्धा से जुड़ी एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग और भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस धार्मिक आयोजन में उस समय श्रद्धालुओं की आस्था और बढ़ गई, जब प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की चर्चा फैल गई। महुआ उत्तरवारी पंचायत स्थित बजरंगबली मंदिर परिसर में बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं भगवान शिव परिवार की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर 251 कुंवारी कन्याओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा मंदिर परिसर से सुरसर नदी पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर यज्ञ स्थल पर कलश स्थापित किए।
पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान के बाद 48 घंटे के अखंड रामधुनी का शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्रतिमा झांकी की पालकी पर एक नाग दिखाई देने की बात सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर विशेष चर्चा रही। कई श्रद्धालुओं ने इसे नाग देवता का आशीर्वाद मानते हुए अपनी धार्मिक आस्था से जोड़ा। हालांकि, इस घटना को श्रद्धालु अपनी-अपनी आस्था के अनुसार देख रहे हैं।
मंदिर के पुजारी पूज्य बाबा विनोद जी के मार्गदर्शन में युवा कला परिषद एवं आयोजन समिति ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष सोनू सरकार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और युवा कार्यकर्ता इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से गूंजता रहा।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।
    user_SANU SAURABH
    SANU SAURABH
    Sonbarsa, Saharsa•
    22 hrs ago
  • तैयार हो जाइए नौहट्टा के ऐतिहासिक बाबा राज-राजेश्वर स्थान में भव्य दो दिवसीय महोत्सव जल्द, समीक्षा बैठक में लिए गए बड़े फैसले! सहरसा जिले के नौहट्टा नगर पंचायत स्थित ऐतिहासिक बाबा राज-राजेश्वर स्थान में आगामी दो दिवसीय महोत्सव की तैयारियों को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य महोत्सव को भव्य और सफल बनाना था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक की अध्यक्षता की गई। इसमें जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रिया भारती, अंचलाधिकारी (CO) मोनी बहन, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार सिंह, नौहट्टा नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि अश्विनी कुमार और नौहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। थाना अध्यक्ष राहुल कुमार ने महोत्सव के दौरान भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती का आश्वासन दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने भव्य सांस्कृतिक संध्या के आयोजन और स्थानीय व आमंत्रित कलाकारों के चयन की योजना प्रस्तुत की। नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार सिंह को मंदिर परिसर में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और उचित लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया। बैठक में रालोमो प्रखंड अध्यक्ष अमित भारद्वाज ने मंदिर के पुजारी को सम्मानित करने का मुद्दा उठाया। इस पर जिला कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने स्पष्ट किया कि इस बार परंपरा के अनुसार मंदिर के मुख्य पुजारी को ही सम्मानित किया जाएगा।
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    तैयार हो जाइए नौहट्टा के ऐतिहासिक बाबा राज-राजेश्वर स्थान में भव्य दो दिवसीय महोत्सव जल्द, समीक्षा बैठक में लिए गए बड़े फैसले!
सहरसा जिले के नौहट्टा नगर पंचायत स्थित ऐतिहासिक बाबा राज-राजेश्वर स्थान में आगामी दो दिवसीय महोत्सव की तैयारियों को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य महोत्सव को भव्य और सफल बनाना था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक की अध्यक्षता की गई। इसमें जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रिया भारती, अंचलाधिकारी (CO) मोनी बहन, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार सिंह, नौहट्टा नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि अश्विनी कुमार और नौहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। थाना अध्यक्ष राहुल कुमार ने महोत्सव के दौरान भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती का आश्वासन दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने भव्य सांस्कृतिक संध्या के आयोजन और स्थानीय व आमंत्रित कलाकारों के चयन की योजना प्रस्तुत की। नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार सिंह को मंदिर परिसर में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और उचित लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया। बैठक में रालोमो प्रखंड अध्यक्ष अमित भारद्वाज ने मंदिर के पुजारी को सम्मानित करने का मुद्दा उठाया। इस पर जिला कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने स्पष्ट किया कि इस बार परंपरा के अनुसार मंदिर के मुख्य पुजारी को ही सम्मानित किया जाएगा।
    user_पत्रकार सरफराज खान
    पत्रकार सरफराज खान
    Teacher नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    25 min ago
  • बाबा राज-राजेश्वर स्थान साहेडीह बड़गांव में दो दिवसीय महोत्सव की तैयारी तेज, बैठक में पुजारी सम्मान का मुद्दा भी गूंजा
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    बाबा राज-राजेश्वर स्थान साहेडीह बड़गांव में दो दिवसीय महोत्सव की तैयारी तेज, बैठक में पुजारी सम्मान का मुद्दा भी गूंजा
    user_Mukesh kr mandal
    Mukesh kr mandal
    Voice of people Nauhatta, Saharsa•
    2 hrs ago
  • खबर-दरभंगा | बिरौल: उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलिया में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनसे झाड़ू लगवाई जाती है, गंदगी के बीच पढ़ाई कराई जाती है और स्कूल संचालन डीईओ के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। विवाद बढ़ने पर डायल-112 पुलिस को बुलाना पड़ा।
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    खबर-दरभंगा | बिरौल: उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलिया में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनसे झाड़ू लगवाई जाती है, गंदगी के बीच पढ़ाई कराई जाती है और स्कूल संचालन डीईओ के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। विवाद बढ़ने पर डायल-112 पुलिस को बुलाना पड़ा।
    user_Soyal alam DAT/MDE news
    Soyal alam DAT/MDE news
    छातापुर, सुपौल, बिहार•
    5 hrs ago
  • 13 साल का इंतजार खत्म: मधेपुरा में खुला केंद्रीय विद्यालय, नामांकन शुरू; साहूगढ़ में बनेगा 5.5 एकड़ का स्थायी कैंपस मधेपुरा के हजारों छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत हो गई है। अब छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल विद्यालय का संचालन शहर के सुभाष चौक स्थित एसएनपीएम प्लस-टू विद्यालय के अस्थायी परिसर से किया जाएगा। शुरुआती चरण में बालवाटिका-1, बालवाटिका-2, बालवाटिका-3 और कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों का नामांकन लिया जा रहा है। बाइट ---कुमार ठाकुर, केंद्रीय विद्यालय प्रधानाचार्य मधेपुरा विद्यालय प्रशासन के मुताबिक, ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 10 अगस्त तक चलेगी। प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अभिभावक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इधर, केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर को लेकर भी बड़ी प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने मधेपुरा अंचल के मौजा साहूगढ़ में 5 एकड़ 50 डिसमिल 156 वर्ग कड़ी सरकारी जमीन 30 वर्षों की लीज पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को उपलब्ध करा दी है। इसी जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन बनाया जाएगा। आने वाले समय में यहां स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि प्रवेश पूरी तरह केंद्रीय विद्यालय संगठन की प्रवेश मार्गदर्शिका 2026-27 के अनुसार होगा। आवेदन पत्र में गलत या भ्रामक जानकारी मिलने पर किसी भी स्तर पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकरण करा देने से प्रवेश की गारंटी नहीं होगी। अंतिम चयन उपलब्ध सीटों और केंद्रीय विद्यालय संगठन के निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत मधेपुरा जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब जिले और आसपास के हजारों बच्चों को सीबीएसई पैटर्न की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही शहर में मिल सकेगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा, क्योंकि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या बड़े शहरों में भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से जिले में शैक्षणिक माहौल और प्रतिस्पर्धा दोनों मजबूत होंगे। साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, बेहतर अनुशासन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। कुल मिलाकर, केंद्रीय विद्यालय का आगाज मधेपुरा के लिए सिर्फ एक नए स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद और नए अध्याय की शुरुआत है। अब निगाहें साहूगढ़ में बनने वाले स्थायी परिसर पर टिकी हैं, जहां आने वाले वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित केंद्रीय विद्यालय जिले की नई पहचान बन सकता है।
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    13 साल का इंतजार खत्म: मधेपुरा में खुला केंद्रीय विद्यालय, नामांकन शुरू; साहूगढ़ में बनेगा 5.5 एकड़ का स्थायी कैंपस
मधेपुरा के हजारों छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत हो गई है। अब छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सीबीएसई शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
फिलहाल विद्यालय का संचालन शहर के सुभाष चौक स्थित एसएनपीएम प्लस-टू विद्यालय के अस्थायी परिसर से किया जाएगा। शुरुआती चरण में बालवाटिका-1, बालवाटिका-2, बालवाटिका-3 और कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों का नामांकन लिया जा रहा है।
बाइट ---कुमार ठाकुर, केंद्रीय विद्यालय प्रधानाचार्य मधेपुरा
विद्यालय प्रशासन के मुताबिक, ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 10 अगस्त तक चलेगी। प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अभिभावक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।
इधर, केंद्रीय विद्यालय के स्थायी परिसर को लेकर भी बड़ी प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने मधेपुरा अंचल के मौजा साहूगढ़ में 5 एकड़ 50 डिसमिल 156 वर्ग कड़ी सरकारी जमीन 30 वर्षों की लीज पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को उपलब्ध करा दी है। इसी जमीन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन बनाया जाएगा। आने वाले समय में यहां स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
विद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि प्रवेश पूरी तरह केंद्रीय विद्यालय संगठन की प्रवेश मार्गदर्शिका 2026-27 के अनुसार होगा। आवेदन पत्र में गलत या भ्रामक जानकारी मिलने पर किसी भी स्तर पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकरण करा देने से प्रवेश की गारंटी नहीं होगी। अंतिम चयन उपलब्ध सीटों और केंद्रीय विद्यालय संगठन के निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत मधेपुरा जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब जिले और आसपास के हजारों बच्चों को सीबीएसई पैटर्न की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही शहर में मिल सकेगी। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा, क्योंकि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या बड़े शहरों में भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म होगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से जिले में शैक्षणिक माहौल और प्रतिस्पर्धा दोनों मजबूत होंगे। साथ ही छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, बेहतर अनुशासन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा।
कुल मिलाकर, केंद्रीय विद्यालय का आगाज मधेपुरा के लिए सिर्फ एक नए स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद और नए अध्याय की शुरुआत है। अब निगाहें साहूगढ़ में बनने वाले स्थायी परिसर पर टिकी हैं, जहां आने वाले वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित केंद्रीय विद्यालय जिले की नई पहचान बन सकता है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    23 hrs ago
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